Sirf Tumhara - 6 in Hindi Love Stories by InkImagination books and stories PDF | Sirf Tumhara - 6

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Sirf Tumhara - 6

**Sirf Tumhara**  
**Part 6**

रुद्र की मुट्ठियाँ इतनी जोर से भींची हुई थीं कि उसके हाथों की नसें उभर आई थीं। कॉलेज के गेट पर खड़े वो दो लड़के अब भी मुस्कुरा रहे थे, जैसे जानबूझकर उकसा रहे हों। अंश ने रुद्र का हाथ पकड़ लिया, उसकी उँगलियाँ ठंडी पड़ गई थीं।

"रुद्र... शांत हो जाओ," अंश ने धीमी लेकिन दृढ़ आवाज़ में कहा। "यहाँ कॉलेज है। सीन मत क्रिएट करो।"

रुद्र ने गहरी साँस ली। उसकी आँखें उन लड़कों पर जमी हुई थीं। "तुम दोनों यहाँ क्या कर रहे हो? अंश से दूर रहो।"

पहला लड़का, जिसका नाम बाद में पता चला कि विक्रम था, हँसा। "अरे रुद्र सिंह, हम तो बस बात करने आए थे। तुम्हारे पिता की कंपनी में जो डील फँसी है, उसके बारे में। अंश शायद कुछ जानता हो।"

दूसरा लड़का बोला, "या फिर... तुम्हारी कमज़ोरी के बारे में। अंश मालhotra। सुना है तुम दोनों की रिलेशनशिप तीन साल पुरानी है।"

अंश का चेहरा लाल हो गया। वो शर्म और गुस्से के मिश्रण में फंस गया था। रुद्र ने एक कदम आगे बढ़ाया, लेकिन अंश ने उसे रोका। "रुद्र प्लीज।"

तभी कबीर, विहान, अयान और रेयांश भी वहाँ पहुँच गए। पूरा ग्रुप अब एक साथ था। कबीर ने आगे बढ़कर कहा, "अब तुम लोग यहाँ से निकलो। वरना सिक्योरिटी को बुला लूँगा।"

विहान ने विडंबना भरे स्वर में कहा, "हाँ, और अगर ज़रूरत पड़ी तो मेरे जीजू का पूरा गुस्सा देख लो।"

दोनों लड़के हँसे, लेकिन पीछे हट गए। जाते वक्त विक्रम ने कहा, "सोच लो रुद्र। तुम्हारी कमज़ोरी तुम्हें महंगी पड़ सकती है।"

वे चले गए। रुद्र ने अंश को अपनी बाहों में खींच लिया, जैसे कोई उसे छीन लेगा। "तुम ठीक हो ना?"

अंश ने हाँ में सिर हिलाया, लेकिन उसकी आँखों में आँसू थे। "मुझे तुम पर बोझ नहीं बनना रुद्र। अगर मेरी वजह से तुम्हें प्रॉब्लम हो रही है तो..."

"चुप," रुद्र ने उसे और कसकर गले लगा लिया। "तुम बोझ नहीं, मेरी जान हो। बिना तुम्हारे मैं कुछ नहीं हूँ।"

कबीर ने माहौल हल्का करने की कोशिश की। "चलो, क्लास में चलते हैं। बाद में प्लान करेंगे।"

पूरी क्लास के दौरान अंश का ध्यान कहीं नहीं लग रहा था। रुद्र उसके बगल में बैठा था, उसका हाथ मेज़ के नीचे थामे हुए। हर पाँच मिनट में वो पूछ रहा था, "ठीक हो? पानी पियोगे?"

ब्रेक के समय पूरा ग्रुप लॉन में बैठ गया। अयान ने चाय के कप बाँटे। रेयांश उसके कंधे पर सिर रखे बैठा था। उनकी शांत मौजूदगी पूरे ग्रुप को सुकून दे रही थी।

विहान ने कहा, "ये लोग रुद्र अंकल की राइवल कंपनी के हैं। मैंने थोड़ा पता किया। नाम है 'सिंहानिया ग्रुप'। पुरानी दुश्मनी है।"

रुद्र ने सिर हिलाया। "पापा ने मुझे बताया। उन्होंने कुछ पुरानी फाइलें लीक कर दी हैं। अब लीगल केस चल रहा है। लेकिन ये लोग अंश को टारगेट करके मुझे कमज़ोर करना चाहते हैं।"

अंश ने रुद्र का हाथ मज़बूती से पकड़ा। "मैं सावधानी बरतूँगा। लेकिन तुम अकेले मत लड़ना। हम सब हैं।"

कबीर ने विहान की तरफ़ देखा। "तुम दोनों भी साथ रहना। विहान, तू अंश का कज़िन है, ज़िम्मेदारी समझ।"

विहान ने कबीर को घूरा। "तुम मुझे समझा रहे हो? खुद अपनी हरकतें देखो। रोज़ मेरे पीछे पड़े रहते हो।"

"क्योंकि तुम चिढ़ जाते हो, वो देखना अच्छा लगता है," कबीर ने मुस्कुराते हुए कहा।

दोनों की इस बहस से माहौल थोड़ा हल्का हुआ। अयान हँसा, "तुम दोनों की दुश्मनी अब धीरे-धीरे प्यार में बदल रही है, मान लो।"

"कभी नहीं!" विहान और कबीर ने एक साथ कहा, लेकिन दोनों के चेहरे पर हल्की लाली थी।

शाम को रुद्र ने अंश को अपने फार्महाउस ले जाने का फैसला किया। घर पर उसके पिता का मूड ठीक नहीं था। रास्ते में रुद्र गाड़ी चला रहा था, अंश उसके कंधे पर सिर रखे बैठा था।

"रुद्र, तुम्हें कितना स्ट्रेस हो रहा होगा," अंश ने धीरे से कहा। "फैमिली बिजनेस, दुश्मन, और मेरी सुरक्षा।"

रुद्र ने गाड़ी को साइड लगाया और अंश का चेहरा अपने हाथों में लिया। "तुम्हारी सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। बाकी सब बाद में।" उसने अंश के होंठों पर गहरा किस किया। अंश ने आँखें बंद कर लीं। रुद्र की उँगलियाँ उसके बालों में घूम रही थीं।

फार्महाउस पहुँचकर दोनों छत पर बैठ गए। सूरज ढल रहा था। रुद्र ने अंश को अपनी गोद में बिठा लिया। "तीन साल पहले जब हम मिले थे, तब सोचा भी नहीं था कि इतना प्यार हो जाएगा।"

अंश मुस्कुराया। "मुझे याद है पहला दिन। तुम लाइब्रेरी में झगड़ रहे थे किसी से। मैंने बीच-बचाव किया।"

रुद्र हँसा। "और तुम इतने क्यूट लग रहे थे कि मैं गुस्सा भूल गया। उसी दिन से तुम मेरी कमज़ोरी बन गए।"

दोनों देर तक पुरानी यादें शेयर करते रहे। रुद्र ने अंश को खाना खिलाया, उसके बाल सहलाए, गाने सुनाए। रात को बेडरूम में रुद्र ने अंश को अपनी बाहों में ले लिया।

"सो जाओ। कल कॉलेज है," रुद्र ने उसके माथे पर किस किया।

अंश ने उसकी छाती से चिपकते हुए कहा, "तुम भी सो जाओ। थक गए होगे।"

लेकिन रुद्र सो नहीं पा रहा था। उसका मन उन लड़कों और पिता की समस्या में उलझा हुआ था। उसने अंश को और कसकर पकड़ लिया, जैसे कोई छीन लेगा।

अगली सुबह दोनों कॉलेज गए। लेकिन आज माहौल अलग था। कैंटीन में एक नया लड़का आया — लंबा, डार्क लुक, खतरनाक मुस्कान। उसका नाम था देव। उसके साथ एक और लड़का था — अरमान। दोनों का लुक माफिया टाइप था।

देव ने ग्रुप को देखा और मुस्कुराया। "नया जॉइन किया हूँ। तुम लोग कौन हो?"

रुद्र ने उसे घूरा। "रुद्र सिंह।"

देव की आँखों में चमक आई। "सिंह... अच्छा नाम है।"

अरमान चुपचाप खड़ा सब देख रहा था। उसकी नज़र अंश पर पड़ी और फिर देव की तरफ़ मुड़ गई। दोनों के बीच एक अनकही केमिस्ट्री थी जो सबको अजीब लग रही थी।

कबीर ने फुसफुसाया, "ये लोग कौन हैं? नया खतरा?"

विहान ने कहा, "पता नहीं, लेकिन लग रहे हैं खतरनाक।"

अयान और रेयांश चुप थे, लेकिन दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए थे।

दिन भर देव और अरमान ग्रुप के आस-पास मंडराते रहे। देव ने रुद्र से कुछ बिजनेस की बात की, लेकिन रुद्र को उस पर भरोसा नहीं हुआ।

शाम को जब रुद्र अंश को घर छोड़ने जा रहा था, तो देव ने रुद्र को अलग से बुलाया। "सिंह, सावधान रहना। शहर में तूफान आने वाला है।"

रुद्र ने पूछा, "तुम कौन हो?"

देव मुस्कुराया, "दोस्त या दुश्मन... समय बताएगा।"

रुद्र वापस आया तो अंश ने पूछा, "क्या बात हुई?"

"कुछ नहीं।" रुद्र ने उसे गले लगा लिया। "बस तुम मेरे साथ रहो।"

लेकिन अंश को अहसास हो गया था कि अब कहानी सिर्फ़ उनकी नहीं रह गई थी। फ्रेंड ग्रुप, परिवार, दुश्मन और नए लोग — सब कुछ बदलने वाला था।

रात को अंश के घर विहान ने कहा, "अंश, जीजू बहुत टेंशन में है। लेकिन हम सब हैं ना।"

अंश मुस्कुराया, लेकिन मन में डर था।

**To Be Continued...**

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💙 Aaj ka part yahin khatam hota hai...
Agar aap yahan tak padh chuke hain, to dil se thank you.
❤️ Ab aap batayiye, aaj ka part aapko kaisa laga? Kis character ne sabse zyada impress kiya? Rudra, Ansh ya kisi aur ki entry ne aapka dhyan khincha? Apni har feeling comment me zarur share kariye, kyunki aapke comments hi mujhe aur achha likhne ki motivation dete hain.
Agar aap chahte hain ki "Sirf Tumhara" ke naye parts sabse pehle aap tak pahunchte rahein, to is novel ko Follow zarur karein aur apni Library me add karna na bhulein. Agar story pasand aa rahi ho, to ise apne doston ke saath bhi share kariye. Ho sakta hai unhe bhi ye journey utni hi pasand aaye jitni aapko aa rahi hai.
Milte hain agle part me... jahan emotions aur drama dono pehle se bhi zyada badhne wale hain. ❤️✨
– Inkimagination