This is how Sawan rained - 28 in Hindi Love Stories by Devaki Singh books and stories PDF | ऐसे बरसे सावन - 28

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ऐसे बरसे सावन - 28

स्वस्तिक को तो मीरा के फोन का इंतजार था पर जब उसका फोन नहीं आता तो वह शाम के समय मीरा को फोन लगा देता है l

स्वास्तिक  - आपने मेरी कॉफी का जबाब नहीं दिया 

मीरा - कहा तो था , सोच कर बताऊंगी 

स्वास्तिक  - कहीं आपके सोचने के चक्कर में देर न हो जाये और हमारा उँगली का इन्फेक्शन दिल तक न फैल जाये l

मीरा  - तो हम किसलिए है,,, आपके इन्फेक्शन इलाज तुरंत कर देंगे (मीरा को लगा वह कुछ ज्यादा ही बोल गयी तुरंत बात बदलते हुए) अभी हम बहुत बिजी हैं बाद में बात करते हैं,,, बोलकर फोन काट देती है l

इधर स्वास्तिक को सब्र नहीं होता तो अभिराम को कॉल कर देते हैं l

स्वास्तिक  - क्या यार कैसा दोस्त हैं तुझे मुझपर जरा भी तरस नहीं आता l

अभिराम  - क्यों अब क्या हो गया ,,,मैंने क्या कर दिया ?

स्वास्तिक  - पहले तो तूने मीरा का नंबर नहीं दिया दूसरी अब मेरी इश्क़ की गाड़ी जरा सी आगे बढ़ी तो उससे दुबारा मिलाने का कोई उपाय नहीं कर रहा है l

अभिराम  -  अच्छा  ये बात हैं 

स्वास्तिक  - हाँ यही बात हैं 

अभिराम  - ऐसा कर मकर संक्रांति को तू मेरे घर आ जाना वहीं खाना खाना और फिर पतंगबाजी भी करेंगे और त्यौहार हैं तो मीरा को भी बुला लेता हूँ l

स्वास्तिक  - अरे वाह,,,यह तो बहुत अच्छा आइडिया हैं,,,,लव यू दोस्त l

अभिराम  - अपना लव यू बचा कर रख मीरा के लिए l

अभी इस बारे में उससे कुछ मत बताना ,,,मैं मौका देखकर उससे बात कर लूंगा 

स्वास्तिक -  ठीक हैं यार उसे कुछ नहीं बताऊँगा 
अगले दिन ऑफिस में स्वरा के कॉलेज से प्रिन्सिपल का फोन आता हैं वह बताते हैं की उनके कॉलेज में 26 जनवरी का प्रोग्राम हैं और बाहर से गेस्ट के रूप में जिला कलेक्टर आ रहे हैं जिसके लिए उनके कॉलेज  प्रांगण में एनसीसी कैडेट्स का ड्रिल होना हैं इसलिए आप से रिक्वेस्ट हैं हमारे छात्रों के ड्रिल प्रशिक्षण के लिए ड्रिल इन्सट्क्टर भेज देते तो आपकी बहुत मेहरबानी होती l

अभिराम  - इस में मेहरबानी की कोई बात नहीं है मैं इस कार्य के लिए आपके पास 2 लोगों की डिटेल्स भेज दूँगा आप उन्हें टाइमिंग बता दीजिएगा तो वे आप लोगों के पास समय से पहुंच जाएंगे,, लेकिन मैं उन्हें सिर्फ 2 घंटे के लिए ही भेज सकता हूँ l

प्रिन्सिपल - ठीक है  सर , सिर्फ 25 जनवरी तक की बात है,,,टाइमिंग मैं आपको वाटसैप कर दूंगा,,,धन्यवाद 
कहकर कॉल डिस्कनेक्ट हो जाता है l

प्रिन्सिपल का कॉल आने से अभिराम के मन में फिर से स्वरा से मिलने की इच्छा को पंख लगने लगते हैं l

शाम के समय में प्रिन्सिपल का मैसेज आता है जिसमें उन्होंने सुबह 10 से 12 बजे का टाइम दिया था l उसने 2 इन्सट्क्टर पहले ही सिलेक्ट कर लिए थे और उन्हें सारी बातें भी समझा दी थी l जब प्रिन्सिपल का मैसेज आता है तो वह उन्हें फॉरवर्ड कर देता है l

कॉलेज के नाम से ही अभिराम के मन में लड्डू फूटने लगते हैं l रात के समय वह स्वरा की फोटो से बात करता है,,, मेरी जान तुम्हें नहीं पता मै तुमसे मिलने बातें करने के लिए कितना बेकरार हूँ पर कोई ऐसा मौका ही नहीं मिल रहा है की तुमसे बात भी हो पाए ,,,,उस पर कुछ दायित्व और मर्यादाएं,,,,और मैं तुम्हारी ना नहीं सुनना चाहता हूं बस इसलिए चाहता हूं कि पहले हम एक-दूसरे को समझे जाने फिर कोई फैसला ले,,,,चाहता तो मैं भी आम लड़कों की तरह पहली बार जब तुम्हें देखा था तभी "आई लव यू " बोल देता,,,पर जबाब तुम्हारा ना ही होता,,,,मैं तुम्हें दिल से चाहता हूँ बस इसलिए उस समय का इंतजार कर रहा हूं,,,"लव यू मेरी जान " फिर वह उसकी तस्वीर को चूमता हैं और उसे "गुड नाइट जान" बोलकर सो जाता है l

अगले दिन उसे स्वरा को  देखने का बहुत मन कर रहा था वह सोच रहा था की वह उसके कॉलेज कैसे जाये स्वरा की एक झलक कैसे देखे और ड्यूटी पर रहते हुये बिना कारण वह बाहर जा भी नहीं सकता था l यही सोचते हुए उसे 9: 30 हो गए फिर वह ऑफिस में बहाना  बनाकर बाहर निकलता है तभी उसे उसके  दोनों हवलदार दिखाई देते हैं जिन्हें उसने डिटेल किया था 

उसे देखते ही दोनों हवलदार   - जय हिंद साहब 

अभिराम  - जय हिंद,,,आप दोनों कॉलेज जाने वाले थे अभी तक गए नहीं 

हवलदार  - साहब,  उधर के लिए ही निकल रहे हैं 

अभिराम  - ओके,,ठीक है,,,,मैं उसी तरफ जा रहा हूँ ,,,ऐसा करिए आप दोनों भी इसी गाड़ी में बैठ जाइए 

हवलदार  - जी साहब जी 

अभिराम  - पांडे (ड्राइवर) ,जिप्सी को पहले रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की तरफ ले चलिए फिर वहीं से xyz बटालियन की तरफ गाड़ी ले चलना l

ड्राइवर  - जी साहब जी 

आगे जानने  के लिए पढ़ते रहिए 
"ऐसे बरसे सावन "
ll जय श्री राधे कृष्ण ll