Begusarai The Dark Syndicate in Hindi Thriller by RAAHULL SHARMA books and stories PDF | बेगूसराय द डार्क सिंडिकेट - 5

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बेगूसराय द डार्क सिंडिकेट - 5

संध्या की बात सुनकर अभिमन्यु की  आँखें फटी की फटी रह गईं।
संध्या: "अभिमन्यु, ईशान खन्ना! जिसके बारे में रिकॉर्ड्स कहते हैं कि वह 5 साल पहले लंदन पढ़ने गया था और वहीं सेटल हो  गया। लेकिन क्या हमने कभी उसे वापस आते देखा? या क्या किसी ने उसकी कोई हालिया तस्वीर देखी है?"
अभिमन्यु: "मैडम, आप कह रही हैं कि 'ज़ोरान' दरअसल ईशान खन्ना है? और आर्यन उसे कवर दे रहा है?"
मिशन 'मुखौटा'
संध्या: "अभिमन्यु, अगर हमें यह साबित करना है कि ईशान ही 'ज़ोरान' है, तो हमें उस घर या ऑफिस के अंदर कदम रखना होगा। आर्यन ने हमें अपनी शर्ट उतारकर जो दिखाया, वह एक सोची-समझी चाल थी। लेकिन ईशान कहाँ है? वह या तो खन्ना मैंशन के किसी गुप्त हिस्से में है, या फिर उनके हेड ऑफिस के उस 'प्राइवेट विंग' में जहाँ किसी को जाने की इजाजत नहीं है।"
अभिमन्यु: "मैडम, लेकिन वहां जाना मतलब मौत को दावत देना है। डॉ. खन्ना की प्राइवेट सिक्योरिटी किसी भी पुलिस फोर्स से कम नहीं है।"
संध्या: "हमें पुलिस बनकर नहीं, बल्कि उनकी 'कमजोरी' बनकर जाना होगा। डॉ. अद्वैत खन्ना को अपनी छवि बहुत प्यारी है। वे कल रात अपने चैरिटी फाउंडेशन के लिए एक बड़ी 'गाला नाइट' (जश्न) होस्ट कर रहे हैं। शहर के सभी बड़े लोग वहां होंगे।"
खन्ना मैंशन - एक गुप्त सुराग
संध्या और अभिमन्यु वेश बदलकर उस भव्य पार्टी में शामिल होते हैं। संध्या एक बिजनेस टाइकून की पत्नी के रूप में और अभिमन्यु एक वेटर के वेश में।
संध्या का ध्यान डॉ. अद्वैत खन्ना की बातों पर नहीं, बल्कि घर की वास्तुकला पर था। उसने गौर किया कि घर की  पुरानी लाइब्रेरी की ओर जाने वाला गलियारा पूरी तरह से डिजिटल लॉक और बायोमेट्रिक से सुरक्षित है।
अभिमन्यु (कान में लगे माइक्रोफोन से): "मैडम, मैंने अभी-अभी आर्यन को ऊपर जाते देखा है। वह अकेले नहीं  था, उसके साथ कोई है जो बिल्कुल उसके जैसा दिख रहा है, लेकिन उसने हुडी पहनी हुई है।"
संध्या: "वहीं ईशान है। अभिमन्यु, तुम्हें बस 2 मिनट के लिए मेन पावर सप्लाई काटनी होगी। जैसे ही बैकअप जनरेटर शुरू होगा, सिस्टम रीबूट होगा। वही 10 सेकंड होंगे जब डिजिटल लॉक खुल सकते हैं।"
फाइलों का जाल और एक नई पहेली
जैसे ही वह गुप्त दरवाजा खुला, संध्या और अभिमन्यु को उम्मीद थी कि वहां हथियारों का जखीरा या ड्रग्स के पैकेट मिलेंगे। लेकिन कमरे के अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
वहां चारों तरफ अलमारियों में खन्ना ग्रुप की बिजनेस फाइलें, टैक्स के कागजात और भारी मात्रा में चैरिटी का सामान भरा पड़ा था। जैसे कि गरीब बच्चों के लिए खिलौने खाने पीने का सामान कपड़े कॉफी चाय नमकीन की पैकेट नोटबुक पेन अनाज की पैकेट आदि।
एक-एक इंच की तलाशी
डॉ. अद्वैत खन्ना के उस गुप्त कमरे के अंदर, संध्या और अभिमन्यु ने हार नहीं मानी थी। संध्या ने अपनी टॉर्च जलाई और दीवार के एक-एक पत्थर को ठोकना शुरू किया।
संध्या: "अभिमन्यु, कोई भी अपराधी इतना बेवकूफ नहीं होता कि वह अपनी सबसे बड़ी कमजोरी को सिर्फ एक लकड़ी के दरवाजे के पीछे छोड़ दे । अगर यहाँ कुछ नहीं है, तो इसका मतलब है कि असली सुराग हमारी आँखों के सामने है और हम उसे देख नहीं पा रहे।"
अभिमन्यु ने अलमारी से सारी फाइलें नीचे गिरा दीं। उसने एक-एक कागज को रोशनी के सामने रखकर देखा कि कहीं कोई 'वॉटरमार्क' या 'अदृश्य स्याही' (Invisible Ink) तो नहीं। उसने फर्श के कारपेट को उखाड़ दिया, यह सोचकर कि शायद नीचे कोई तहखाना हो।
नाकामयाबी का अहसास
करीब दो घंटे बीत चुके थे। कमरे का कोना-कोना छान मारा गया था।
सीलिंग (छत): अभिमन्यु ने फाल्स सीलिंग के पैनल हटाकर देखे, पर वहां सिर्फ धूल और मकड़ी के जाले थे।
दस्तावेज: संध्या ने बिजनेस की बैलेंस शीट पढ़ी, पर वे इतनी  कानूनी सटीकता से बनाई गई थीं  कि उनमें एक रुपये की हेराफेरी पकड़ना नामुमकिन था।
अभिमन्यु: (पसीने से लथपथ होकर) "मैडम, कुछ भी नहीं है। यहाँ तक कि धूल जमी हुई है, जिसका मतलब है कि यहाँ महीनों से कोई नहीं आया। हमने  सोचा था कि यहाँ 'ज़ोरान' का कोई सुराग मिलेगा, पर यहाँ तो सिर्फ रद्दी और पुराने कपड़े हैं। डॉ. खन्ना ने हमें पूरी तरह मात दे दी है।"
संध्या ने गुस्से में अपनी मुट्ठी दीवार पर मारी। उसे अपनी अंतरात्मा पर पूरा भरोसा था, लेकिन हकीकत उसके खिलाफ खड़ी थी। खन्ना ने कानून के हर छेद को बंद कर दिया था।
जाल का घेरा
जैसे ही वे उस कमरे से बाहर निकलने के लिए मुड़े, अचानक पूरे कॉरिडोर में लाल रंग की इमरजेंसी लाइट्स जलने लगीं और अलार्म बज उठा।
डॉ. अद्वैत खन्ना की आवाज (इंटरकॉम पर): "आईपीएस संध्या, क्या आपको लगा  था कि मेरे घर में घुसना इतना आसान होगा? आपने न केवल मर्यादा लांघी है, बल्कि कानून की नजर में आप अब एक 'घुसपैठिया' हैं। बाहर मीडिया और मेरी लीगल टीम आपका इंतजार कर रही है
अपमान की अग्निपरीक्षा
जैसे ही संध्या और अभिमन्यु खन्ना मैंशन के भारी लोहे के दरवाजों से बाहर निकले, उन्हें अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ। बाहर सिर्फ मीडिया नहीं, बल्कि शहर का पूरा रसूखदार तबका जमा था। कमिश्नर राकेश , स्थानीय विधायक और शहर के जाने-माने उद्योगपति वहां मौजूद थे।
सबकी आंखों में नफरत और तिरस्कार था। 
कमिश्नर : (दहाड़ते हुए) "स्टॉप राइट देयर, संध्या सिंह! यह क्या बदतमीजी है? क्या पुलिस ट्रेनिंग में आपको यही सिखाया गया है कि बिना वारंट, बिना सबूत के एक सम्मानित नागरिक के घर में डकैतों की तरह घुस जाओ?"
संध्या: "सर, मेरे पास पुख्ता जानकारी थी कि..."
कमिश्नर राकेश: (बीच में टोकते हुए) "चुप रहो! तुम्हारी 'जानकारी' ने आज पूरी बेगूसराय पुलिस का सिर शर्म से झुका दिया है। डॉ. अद्वैत खन्ना वह शख्स हैं जिन्होंने इस शहर के लिए अपना खून-पसीना एक किया है। और तुमने? तुमने उनके बेडरूम और स्टोर-रूम तक को नहीं बख्शा!"
वर्दी का अपमान
भीड़ में एक-एक नेता आगे आया और संध्या की तरफ इशारा करते हुए चिल्लाया। 
नेता: "तुम्हें शर्म आनी चाहिए! वर्दी पहनकर गुंडागर्दी करती हो? तुम्हें लगता है तुम कानून से ऊपर हो?"
कमिश्नर राकेश संध्या के बिल्कुल करीब आए और धीमी लेकिन बेहद सख्त आवाज में बोले।