I Steel Love You in Hindi Love Stories by Vartika reena books and stories PDF | आई स्टिल लव यू - 5

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आई स्टिल लव यू - 5




































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रूद्रिका अपने कमरे मे चहल कदमी कर रही थी। उसका चेहरा तमतमाया हुआ था।

अचानक वो.झटके से शीशे सामने आकर रूकी और अपना चेहरा.देखते हुए बोली , " मुझे..मुझे रूद्रिका सोमवंशी को बच्ची कहा है.ना आपने खडुस रायदित। अब देखना ये बच्ची क्या क्या बचकानी हरकते करती है। " 


उसने अपना फोन निकाला और युनिवर्सिटी के ऑफिशयल ऐप पर रौक्षिण का शेड्यूल चैक करने लगी। रौक्षिण के लेक्चर हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को होने थे। रूद्रिका ने ये देखा और शैतानी खुराफात उसके जहन मे कौंध गई। 


अगला पुरा दिन उसने युनिवर्सिटी मे रौक्षिण के बारे मे जानने मे लगा दिया। मगर उसे कुछ खास पता नही.लगा। उसने इंटर्नेट पर रौक्षिण के बारे मे पता लगाया तो उसे वही बाते पता चली जो वो पहले से जानती थी। अंत मु थक हार कर रूद्रिका अपने बेड पर रोल होने लगी। 



" कोई बात नही ! अगर उनके बारे मे पता कही और से नही चला.तो अब वो ही.सब खुद के बारे मे बताएंगे। " 

रूद्रिका ने मन ही मन सोचा और चादर तान कर सो.गई ।



अगला दिन बुधवार का था। रूद्रिका जल्दी उठकर रेडी हो गई  थी। उसने आज एक रेड हुड्डी और काली जींस पहनी थी। बालो को कल्चर सु बांध लिया था। होंठो पर लिपबाल्म.लगा , स्किन केयर कर वो.रेडी थी। उसने अपना बैग पैक निकाला और एक टॉफीयो को पैकेट अपने बैग मे डाल दिया। 


इसके बाद वो नीचे आ गई।  उसके नीचे आते ही खाने की टेबल सेट करवा रही बडी मां की नजरे उसपर चली गई।  रेड हुड्डी और जींस मे वो किसी लाल पांडा की तरह लग रही थी। बडी मां की दिल ममता से भर गया। 


उच्छल कूदते हुए रूद्रिका बडी मां के पास आई और उनके गले से लटक गई।  


" ऐ..सोहम सोमवंशी की लुगाई! ", वो अपनी बडी मां के गाल पर किस करते हुए बोली। 

बडी मां की आंखे बडी हो गई।  उन्होने रूद्रिका की बांह पर चपत लगा दी तो रूद्रिका हँसने लगी। इसके बाद रूद्रिका ने खाना खाया और युनिवर्सिटी के लिए निकलने लगी जब उसकी मजर सीढिया उतरते अपने पापा विक्रम सोमवंशी पर चली गई। 


वो.मुस्कुराकर अपने पापा के पास गई औल उसने गले लटक गई।  विक्रम जी एक बार को सकपका गए।  फिर जब उन्होने देखा की रूद्रिका उनके गले से लटके हुई है तो उन्होने झटके से उसे अलग कर दिया। उन्होने रूद्रिका को घूरा और चले गए।  


रूद्रिका ऐसे झटके से अलग होने के कारण लढखडा कर सीढियो पर ही बैठ गई।  उहकी आंखे नम पड गई । मगर खुद को सभांल वो खडी हुई और कॉलेज के लिए निकल गई। 





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अवासा यूनिवर्सिटी के पार्किंग लॉट में धुंध की एक पतली चादर तैर रही थी। पहाड़ी हवाओं में आज कुछ ज़्यादा ही सिहरन थी, लेकिन रेड हुड्डी पहने रुद्रिका के अंदर एक अलग ही तूफान चल रहा था। सीढ़ियों पर पिता से मिले उस झटके का दर्द अभी भी उसके सीने में सुलग रहा था। उसने अपने बैग की बेल्ट को कसकर पकड़ा और गहरी सांस ली।


"रोना नहीं है रुद्री... आज पापा ने दूर किया है, कल वही तुम्हें खुद से लगाएंगे। बस उस टेंडर की इंफॉर्मेशन हाथ लग जाए," उसने खुद को ढांढस बंधाया।


​तभी गेट से एक चिर-परिचित रैटलिंग सायरन और सुरक्षा गाड़ियों के काफिले के बीच ब्लैक रोल्स रॉयस अंदर दाखिल हुई। गाड़ी ठीक उसी वीआईपी स्पॉट पर आकर रुकी, जहाँ रौक्षिण की गाड़ी हमेशा पार्क होती थी।


​ड्राइवर ने फौरन उतरकर पिछला दरवाज़ा खोला। चारकोल थ्री-पीस सूट में रौक्षिण रायदित बाहर निकला। आज उसकी आँखों पर एविएटर ग्लेयर्स नहीं थे। उसकी गहरी भूरी आँखें सीधे सामने की तरफ देख रही थीं, जिनमें वही परमानेंट गंभीरता और डोमिनेटिंग औरा था। उसके आते ही आसपास से गुज़र रहे जूनियर्स और स्टाफ ने अदब से सिर झुका लिया।

​रौक्षिण ने एक बार अपनी कलाई घड़ी देखी और अपनी संजीदा चाल से आगे बढ़ने लगा कि तभी...


​"गुड मॉर्निंग, मिस्टर लेक्चरर!"


​एक चहकती हुई, थोड़ी तीखी आवाज़ हवा में गूंजी। रौक्षिण के कदम वहीं के वहीं ठिठक गए। उसने अपनी भौंहें सिकोड़ीं और सामने देखा। रेड हुड्डी का हुड सिर पर डाले, हाथों को पीछे बांधे रुद्रिका सोमवंशी ठीक उसके रास्ते के बीचों-बीच खड़ी थी। हुडी के लाल रंग में वह सचमुच किसी गुस्से वाले 'लाल पांडा' जैसी लग रही थी, लेकिन उसकी आँखों में शरारत का पूरा समंदर कुलांचे मार रहा था।


​"मिस सोमवंशी? आप यहाँ क्या कर रही हैं? क्लास का वक्त होने वाला है, अंदर जाइए," रौक्षिण ने अपनी भारी, रोबीली आवाज़ में कहा। वह स्वभाव से लड़कियों के मामले में जितना शर्मीला था, रुद्रिका के इस तरह अचानक सामने आ जाने से उसका दिल एक पल को अजीब तरह धड़का।


​"अरे सर, क्लास में तो जाना ही है। पर सोचा क्लास से पहले आपका वो कर्ज उतार दूँ जो परसों मुझ पर चढ़ गया था," रुद्रिका ने बड़े भोलेपन से कहा।


​"कर्ज? कैसा कर्ज?" रौक्षिण ने अचरज से पूछा।


आगे रूद्रिका ने जो किया और.कहा उससे रौक्षिण हैरत मे चला गया। 



क्रमशः 



आगे क्यक हुआ जानने के लिए पढते रहिए आई स्टिल लव यू । कहानी पर कमेंट औब रेटिंग कर दे।