दृश्य वहीं से शुरू होता है...
मालिक जैसे ही उस विशाल भवन के अंदर गया, उसने चारों तरफ नज़र दौड़ाई।
चारों ओर गहरा अंधेरा था...
मानो पूरे महल में सिर्फ़ सन्नाटा और खालीपन ही बसता हो।
वह धीरे-धीरे लिफ्ट की ओर बढ़ा और उसके अंदर खड़ा हो गया।
कुछ ही देर बाद लिफ्ट एक विशाल कमरे के सामने जाकर रुकी।
मालिक बाहर निकला और कमरे के अंदर चला गया।
वहाँ भी चारों तरफ अंधेरा ही था।
उसने धीरे से स्विच ऑन किया।
अचानक पूरा कमरा रोशनी से जगमगा उठा। ✨
कमरा बेहद आलीशान था।
हर तरफ महँगी और खूबसूरत चीज़ें सजी हुई थीं।
मालिक ने उन सब पर बस एक बेरुखी भरी नज़र डाली...
फिर धीरे-धीरे अपनी शर्ट उतार दी।
उसका चेहरा शांत था, लेकिन आँखों में अनकहा दर्द साफ दिखाई दे रहा था।
कमरे की सबसे बड़ी दीवार पर एक विशाल तस्वीर लगी थी...
एक खुशहाल कपल की तस्वीर। ❤️
लड़की मुस्कुराते हुए लड़के के गाल खींच रही थी...
और लड़का गुस्से का नाटक करते हुए उसे घूर रहा था।
कमरे की बाकी दीवारों पर भी उसी कपल की अनगिनत तस्वीरें थीं।
कहीं दोनों साथ घूम रहे थे...
कहीं लड़की हँसते हुए उसे गले लगा रही थी...
कहीं दोनों एक-दूसरे को चिढ़ा रहे थे...
हर तस्वीर में लड़की की हँसी पूरे कमरे को ज़िंदा कर रही थी।
मालिक धीरे-धीरे उन तस्वीरों के पास गया।
उसने एक फ्रेम उठाया...
और बेड पर बैठ गया।
काफी देर तक वह बस उस तस्वीर को देखता रहा।
फिर बहुत धीमी आवाज़ में बोला—
"मुझे तुम्हारी बहुत याद आती है... बेबी गर्ल।"
"क्या..."
"क्या तुम भी मुझे याद करती हो...?" 💔
इतना कहते ही उसकी आँखों के कोने से आँसू की एक बूँद धीरे से नीचे गिर पड़ी।
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अगला दृश्य...
पुलिस स्टेशन...
रेहान ने अंदर आते ही देखा कि पूरा थाना असामान्य रूप से शांत था।
वह मुस्कुराकर बोला—
"क्या हुआ?"
"आज सब इतने शांत क्यों हो?"
एक कॉन्स्टेबल हँसते हुए बोला—
"क्योंकि सर..."
"आपकी ड्यूटी खत्म होने वाली है।"
"और अब हमारे खड़ूस सर आने वाले हैं।" 😂
रेहान भी हँस पड़ा।
"अच्छा..."
"चलो, मैं निकलता हूँ।"
"मुझे थोड़ा ज़रूरी काम है।"
इतना कहकर वह अपने कमरे में गया।
कुछ देर बाद...
वह वर्दी बदलकर साधारण शर्ट और पैंट में बाहर निकला।
अपनी बाइक पर बैठते हुए उसने मुस्कुराकर खुद से कहा—
"जैसे भी हो..."
"आज तुम्हें ढूँढ़ ही लूँगा..."
"स्वीटहार्ट।" 😊
इतना कहकर वह बाइक स्टार्ट कर वहाँ से निकल गया।
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अगला दृश्य...
शाम के 6 बजे...
युई की आँख धीरे-धीरे खुली।
वह अंगड़ाई लेते हुए उठी।
"आह..."
"मैं इतनी देर तक कैसे सो गई?" 😅
वह जल्दी से वॉशरूम में चली गई।
कुछ देर बाद फ्रेश होकर बाहर आई।
आईने में खुद को देखते हुए हल्का मुस्कुराई।
"जब से हसबैंड गए हैं..."
"तब से मेरा ज़्यादातर समय सोने में ही निकल जाता है।"
फिर खुद ही हँस पड़ी।
"वैसे भी..."
"मुझे तो सोना बहुत पसंद है।" 🤭
कुछ पल बाद उसके चेहरे की मुस्कान हल्की पड़ गई।
"पहले तो हसबैंड को परेशान करने के लिए ज़्यादा सोती थी..."
"अब वो ही नहीं हैं..."
"खैर..."
"कोई बात नहीं।"
"चलो नीचे चलते हैं।"
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कुछ देर बाद...
हॉल...
रामू काका ने उसे देखते ही कहा—
"अरे बिटिया..."
"आप अभी उठीं?"
युई मुस्कुराकर बोली—
"हाँ रामू काका..."
"आज थोड़ा ज़्यादा सो गई।"
रामू काका भी मुस्कुरा दिए।
"कोई बात नहीं बिटिया।"
"आप बैठिए..."
"मैं आपके लिए एक गिलास दूध लेकर आता हूँ।"
युई ने सिर हिलाया।
"ठीक है।"
रामू काका अंदर चले गए।
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अगला दृश्य...
रेहान की बाइक एक छोटे से घर के सामने आकर रुकी।
वह बाइक से उतरा और धीरे-धीरे घर के अंदर चला गया।
कुछ देर बाद...
घर के अंदर...
एक बुज़ुर्ग व्यक्ति ने उदास आवाज़ में कहा—
"माफ़ करना बेटा..."
"हम तुम्हें ये बात नहीं बता सकते।"
रेहान ने गंभीर स्वर में कहा—
"देखिए..."
"ये किसी की ज़िंदगी और मौत का सवाल है।"
"कृपया सच बताइए..."
"आख़िर उस कारखाने में हुआ क्या था...?" 🤨
कमरे में फिर से गहरा सन्नाटा छा गया...
दृश्य वहीं से शुरू होता है...
बूढ़े आदमी ने एक लंबी साँस ली।
"बेटा..."
"इस बात को कई साल हो चुके हैं।"
"उस कारखाने में आखिर आग लगी कैसे थी... ये आज तक एक राज बना हुआ है।"
रेहान ध्यान से उनकी तरफ देखने लगा।
"काका..."
"अगर आपको कुछ भी याद हो तो बताइए।"
"क्योंकि इस केस में बहुत सारे राज छुपे हुए हैं..."
"और उनका सामने आना बहुत ज़रूरी है।"
बूढ़े काका कुछ पल सोचने लगे।
फिर धीमी आवाज़ में बोले—
"जहाँ तक मुझे याद है बेटा..."
"उस समय मैं जवान था।"
"और काम के सिलसिले में वहाँ गया था।"
"मैंने वहाँ के बॉस से बात की..."
"फिर मैं वापस चला आया।"
"उस समय कुछ भी अजीब नहीं लगा था।"
रेहान ने तुरंत पूछा—
"आपके वहाँ से आने के कितनी देर बाद आग लगी थी?"
काका ने आँखें बंद करके याद करने की कोशिश की।
"सच बोलूँ बेटा..."
"लगभग आधे घंटे बाद।"
"जब तक मैं अपने घर पहुँच चुका था।"
रेहान कुछ पल शांत रहा।
फिर बोला—
"धन्यवाद काका।"
"अगर आगे कभी आपकी जरूरत पड़ी..."
"तो कृपया हमारी मदद जरूर कीजिएगा।"
काका ने सिर हिलाया।
"बिल्कुल बेटा।"
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कुछ देर बाद...
रेहान घर से बाहर आ गया।
वह अपनी बाइक के पास खड़ा होकर गहरी सोच में डूब गया।
उसके चेहरे पर उलझन साफ दिखाई दे रही थी।
"ये कैसे हो सकता है...?" 🤔
वह खुद से बोला—
"जहाँ तक आग लगने की बात है..."
"सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक..."
"काका के वहाँ से निकलने के सिर्फ़ 10 मिनट बाद ही आग लगी थी।"
"तो फिर..."
"वो झूठ क्यों बोल रहे हैं?"
रेहान की आँखों में शक और गहरा हो गया।
"कुछ तो जरूर है..."
"जो इतने सालों से इस केस को रहस्य बनाकर बैठा है।"
"आखिर उस रात हुआ क्या था?"
इतना कहकर उसने एक बार फिर उस पुराने घर की तरफ देखा।
मानो उस घर की दीवारों के पीछे छुपे सच को पढ़ने की कोशिश कर रहा हो।
"ये केस अब और भी ज्यादा दिलचस्प हो गया है..." 🔍
दृश्य वहीं से शुरू होता है...
रेहान अचानक कुछ सोचकर रुक गया।
उसके चेहरे पर हैरानी और शक दोनों दिखाई दे रहे थे।
फिर अचानक वह तेजी से घर की तरफ भागा।
"नहीं..."
"ऐसा नहीं हो सकता..." 😨
वह दौड़ते हुए दरवाज़े तक पहुँचा और जैसे ही दरवाज़ा खोला—
"ओह माय गॉड..." 😱
उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
काका जमीन पर पड़े थे।
उनके सीने में गोली लगी थी और चारों तरफ खून फैला हुआ था।
रेहान तुरंत उनके पास गया।
"काका..."
"काका, आँखें खोलिए..."
लेकिन तभी उसकी नज़र कमरे के बाहर गई।
उसे एक आदमी तेजी से भागता हुआ दिखाई दिया।
रेहान तुरंत खड़ा हुआ और उसके पीछे दौड़ा।
"ए... रुको!"
"कहाँ जा रहे हो?"
"रुको!"
लेकिन वह आदमी काफी दूर निकल चुका था।
रेहान ने पूरी कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ नहीं पाया।
तभी अचानक...
धाँय! 🔫
गोली चलने की आवाज़ गूँजी।
वह आदमी वहीं गिर पड़ा।
रेहान हैरान रह गया।
"क्या...?"
कुछ ही पल बाद एक काली गाड़ी वहाँ आई और उस आदमी को लेकर अंधेरे रास्ते में गायब हो गई।
रेहान वहीं खड़ा रह गया।
उसके चेहरे पर उलझन साफ दिखाई दे रही थी।
"ओह शिट..."
"सो शिट..."
"डैम इट!" 😡
उसने गुस्से और बेबसी में चिल्लाते हुए कहा—
"आखिर चल क्या रहा है यहाँ...?"
"इतने सालों से छुपा ये राज आखिर है क्या?" 🔍
✍️ A.Shadow 🖤
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