दृश्य वहीं से शुरू होता है... 🌙❤️
जुशेंग हल्का-सा मुस्कुराते हुए एक बार फिर युई को देखने लगा।
उसके चेहरे पर अब भी वही सुकून भरी मुस्कान थी, जिसने जुशेंग के दिल को छू लिया।
वह धीरे से झुका...
और युई के माथे पर प्यार भरा एक नर्म-सा चुंबन रख दिया। ❤️😘
अगले ही पल उसकी आँखों के कोने फिर से भीग गए।
उसने देखा कि युई अब भी ठंड से हल्का-सा सिकुड़कर सो रही थी।
यह देखकर उसने बहुत सावधानी से उसे अपनी बाँहों में उठा लिया... 🤍
युई भी जैसे उसकी बाँहों में आते ही और भी आराम से उसके सीने से लग गई और हल्का-सा चेहरा हिलाकर फिर से गहरी नींद में खो गई। 😴
जुशेंग उसे धीरे से कमरे के अंदर लाया...
बहुत प्यार से बिस्तर पर लिटाया...
और उसके ऊपर कंबल ओढ़ा दिया।
फिर वह वॉशरूम की ओर चला गया।
कुछ देर बाद...
जुशेंग नाइट सूट पहनकर वापस आया।
वह युई के पास बिस्तर पर लेट गया और उसे अपनी बाँहों में भरकर उसके सोते हुए मासूम चेहरे को निहारने लगा।
बहुत धीमी आवाज़ में बोला—
"मैंने इस पल को बहुत ज़्यादा मिस किया है, वाइफी... ❤️
जब तुम मेरी बाँहों में यूँ सुकून से सोती हो...
तो मुझे भी दुनिया का सबसे बड़ा सुकून मिल जाता है।"
वह देर तक बस उसे देखता रहा...
और कब उसकी भी आँख लग गई, उसे पता ही नहीं चला। 🌙
•••••
अगली सुबह... ☀️
सुबह के लगभग 9 बजे...
जुशेंग की आँख अचानक खुली।
उठते ही उसने सबसे पहले अपने बगल में देखा...
लेकिन वहाँ युई नहीं थी।
उसे तुरंत समझ आ गया...
कि उसकी वाइफी अब भी उससे नाराज़ है। 😅
वह धीरे से उठकर सामने देखने लगा।
वहाँ युई नीली साड़ी पहने...
बालों की चोटी बनाए...
चेहरे पर नाराज़गी और हल्की-सी शिकायत लिए खड़ी थी।
लग रहा था जैसे आज वह उसे अच्छी तरह डाँटने वाली है। 😤❤️
जुशेंग हल्का मुस्कुराया।
"गुड मॉर्निंग, वाइफी..." 😊
बस...
इतना सुनते ही युई फूट पड़ी।
वह उसकी तरफ बढ़ी और उंगली दिखाते हुए बोली—
"हाँ, बताइए...
आप इतने दिनों से कहाँ थे?
हाँ, शायद आप बहुत बिज़ी होंगे...
लेकिन क्या एक कॉल भी नहीं कर सकते थे मुझे?
आपको पता है...
मुझे कितना दुख हुआ था?
मुझे तो लगा था...
कि आप मुझसे... हमारे बच्चे से नाराज़ हैं..." 🥹
कुछ पल रुककर उसने अपने पेट पर हाथ रखा।
"लेकिन सुन लीजिए...
जो भी हो...
मुझे यह बच्चा चाहिए... समझे आप?
क्योंकि मुझे हमारी एक प्यारी-सी फैमिली चाहिए... ❤️👶
और आपको पता है...
मैंने आपको कितना मिस किया है, हबी..."
इतना कहते-कहते उसकी साँसें तेज़ हो गईं।
जुशेंग तुरंत उसके पास आया और प्यार से उसकी पीठ सहलाने लगा।
"आराम से, वाइफी...
खुद को तकलीफ़ मत दो।
जो कहना है...
आराम से कहो।
मैं सब सुनूँगा।"
युई ने जैसे ही उसकी आँखों में देखा...
वह खुद को रोक नहीं पाई।
उसकी आँखों से आँसू बह निकले। 😭
जुशेंग समझ गया...
अब वह कुछ बोल नहीं पाएगी।
उसने बिना कुछ कहे उसे अपनी बाँहों में भर लिया। 🤍
"मैं तुमसे नाराज़ हो सकता हूँ क्या, वाइफी?
और रही बात हमारे बच्चे की...
तो तुमसे जुड़ी कोई भी चीज़ मुझे नापसंद कैसे हो सकती है?
वह भी मेरे लिए उतनी ही बड़ी खुशी है...
जितनी तुम्हारे लिए।"
युई उसकी बाँहों में ही नाक रगड़ते हुए बोली—
"हूँ... हूँ...
ऐसे ही बोलते हो।
हर बार गुस्सा आया और मुझे छोड़कर चले गए..." 😒
फिर हल्का-सा मुँह फुलाकर बोली—
"अब मैं आपकी बात तभी मानूँगी...
जब आप मुझे बाहर घुमाने ले जाएँगे।
वरना बिल्कुल नहीं...
समझे?" 😤❤️
उसकी मासूम हरकत देखकर जुशेंग मुस्कुरा दिया।
"हाँ, बिल्कुल...
वह तो कब का तैयार है, वाइफी।"
युई तुरंत उसकी बाँहों से अलग हुई।
"सच में?" ✨
जुशेंग मुस्कुराया।
"हाँ...
और तुम्हारे लिए एक गिफ्ट भी है।"
युई की आँखें खुशी से चमक उठीं।
"ओह माय हबी!
तो आपने सब पहले से ही प्लान कर रखा था!" 🤩🎁
एक ही पल में उसकी सारी नाराज़गी जैसे हवा हो गई।
जुशेंग उसे देखकर मुस्कुरा दिया।
"हाँ... बिल्कुल।" ❤️
•••••
अगला दृश्य...
समर का घर।
समर आईने के सामने खड़ा खुद से बोला—
"ये लड़की मुझे बार-बार क्यों परेशान कर रही है?
देखना पड़ेगा...
आख़िर इसकी चाल क्या है।"
इतना कहकर वह तैयार हुआ...
घर से बाहर निकला...
और कार में बैठकर गुनगुनाते हुए अपनी मंज़िल की ओर निकल गया। 🚗🎶
दृश्य वहीं से शुरू होता है... 🌤️❤️
कार में...
युई मुस्कुराते हुए बोली—
"हबी... मुझे वो आइसक्रीम खानी है। 🍦"
उसने सामने खड़ी आइसक्रीम की दुकान की ओर इशारा किया।
"प्लीज़... मेरे लिए लेकर आइए ना।"
जुशेंग ने कुछ पल उसे देखा...
फिर हल्की मुस्कान के साथ बोला—
"ठीक है, वाइफी।"
यह कहकर वह कार से उतर गया और आइसक्रीम लेने चला गया।
उधर...
युई ने एक नज़र जुशेंग की ओर देखा...
फिर धीरे से कार से उतरकर सामने बने शिव मंदिर की ओर बढ़ गई। ⛩️
कुछ देर बाद...
जुशेंग हाथ में आइसक्रीम लेकर वापस लौटा।
लेकिन जैसे ही उसकी नज़र कार पर पड़ी...
उसका चेहरा एक पल में बदल गया।
"वाइफी...?" 😨
कार खाली थी।
उसकी आँखों में घबराहट साफ़ उतर आई।
अगले ही पल गुस्से और डर से उसका चेहरा लाल हो गया।
"वाइफी... ये तुमने बिल्कुल ठीक नहीं किया..." 💔
वह बेचैनी से इधर-उधर देखने लगा।
तभी उसकी नज़र दूर मंदिर की सीढ़ियों पर खड़ी युई पर पड़ी।
उसने बिना एक पल गंवाए उसकी ओर दौड़ लगा दी।
लेकिन...
जितना जुशेंग उसके करीब आने की कोशिश करता...
युई उतना ही उससे दूर हटने लगती।
जुशेंग की साँसें तेज़ हो गईं।
"ये क्या बचपना है, वाइफी?
प्लीज़... ऐसा मत करो।"
युई की आँखें भर आईं।
वह गुस्से और दर्द से काँपती आवाज़ में बोली—
"ये सवाल तो मैं भी आपसे पूछ सकती हूँ!
उस दिन आखिर ऐसा क्या हो गया था...
जो आप मुझे...
और हमारे होने वाले बच्चे को छोड़कर चले गए?" 😭
उसकी आवाज़ मंदिर के आँगन में गूँज उठी।
यह सुनते ही...
जुशेंग की मुट्ठियाँ कस गईं।
उसने गहरी साँस लेकर खुद को शांत करने की कोशिश की।
फिर काँपती आवाज़ में बोला—
"वाइफी...
प्लीज़...
मुझसे दूर मत जाओ।
तुम्हें पता भी है...
अभी तुम्हें कार में न देखकर मैं कितना डर गया था।
मुझे लगा...
मैंने तुम्हें फिर से खो दिया..." 🥺
युई उसकी आँखों में झलकता डर देखती रह गई...
और कुछ पल के लिए बिल्कुल खामोश हो गई। 🤍
✍️ A.Shadow 🖤
All Rights Reserved ©