chahat - 2 in Hindi Moral Stories by p books and stories PDF | चाहत - 2

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चाहत - 2

इसके पहले हिस्से मे हमने देखा की रोशनी अपने आप मे खोयी हुई कही जा रही है ।और गिर जाती है तो आइये अब जानते है की आगे क्या होता है रोशनी की लाइफ मे ।
           अरे ।रोशनी ने आंखे खोली तो ज़मीन पर गिरि पडी थी ।उसकी मम्मी किचन मे से आयी और खुब हसी ।रोशनी कब बड़ी होगी तु ।अभी भी बिस्तर से गिरती रह्ती हो ।क्या आज अपनी मंजिल पर पहुची या आज भी कोई रुकावट आ गयी ।
           हा मम्मी आज भी मंजिल तक पहुचते पहुचते रह गयी ।न जाने कब मेरा सपना पुरा होगा ? होगा भी या नही ? 
           पागल है तू बद्धू है सपने देख सकती है तो उसपर यकिन भी किया कर रोशनी की मम्मी ने उसके सर को सहलाते हुये कहा ।रोशनी उनकी गोदी मे सर रखकर सो गयी और बोली हर सपना सच हो ज़रूरी तो नही है ना मा ? 
           उन दोनो की आंखो मे यादो की जलक आंशु बंकर बह रही थी ।अचानक से रोशनी उठी मा का हाथ थामा और गुनगुनाने लगी ,
           जिना जीना रे उडे गुलाल 
            माई तेरी चुनरिया लहेराई 
            जब जब मुजपे है उठा सवाल 
             माई तेरी चुनरिया लहेरयि ।

          अब रोशनी की मम्मी भी थोडी स्वस्थ होते हुये बोली चल पागल कही की खुद तो रोती है साथ मे मजे भी रुलाती है ।फ्रेश होजा जल्दी फिर किराने की दुकान जा और राशन ले के आ ।
          राशन लेने मै जाऊ ? उसकी आंखे चौडी हो गयी ।
           और नही तो क्या पुरा दिन ऐसे ही घुमाती फिरेगी क्या सबको ।कुछ कामधाम सिखने का इरादा भी है की नही ।हमारी नाक कटवाएगी बिरादरी में रोशनी मुह लटकाये बोली ठीक है लाओ सब कुछ सिख लुंगी अगर मेरी वजह से आपकी नाक कट ती है तो ।
         मा ने हाथ से थैला वापिस खीचते हुये कहा चल रेहने दे ज्यादा नाटक मत कर  वैसे भी सूरज तेरी जिम्मेदारी मुजे सौप कर गया है ।
          रोशनी मम्मी को गले लगाते हुये बोली मेरी मनपसंद चॉकलेट लाना मत भुलना और हा मेरी फ़ेवरिट जलेबी वापिस लौट ते वक़्त ले अना ना मेरी प्यारी मम्मी , अच्छी मम्मी , ।।।।
          अरे हा बाबा ले आउन्गी पहले जाने तो दो ।नास्ता किचन मे टेबल पर रख्खा है खा लेना ।और खबर दार अगर किसी को बुलाया है घर पर समज गयी ?
          अरे हा हा अच्छी तरह से समज गयी अब आप जाओ भी ।
          जैसे ही मा बाहर गयी रोशनी ने फोन उठाया किसी को कॉल किया बस फिर क्या कुछ ही देर मे शैतानो की पूरी टोली घर पर थी ।
          रोशनी दीदी आज क्या बनाया है आंटी ने ? राज ने बडे ही दिलचस्पी के साथ पुछा ।
           हा हा दीदी जल्दी बताओ बहोत भूख लगी है ।मीत ने भी पुछा ।
          रोशनी ने कहा ये तो मुजे भी पता नही चलो देखते है । किचन मे जाकर रोशनी देखती है की उपमा , थेपला , वेजिटेब्ल सेंडविच देख कर रोशनी ने मीत और राज को बुलाया ।
        
         अटेक, बोल कर मीत और राज टूट पडे नास्ते पर ।




अब क्या होगा रोशनी का ।कौन है ये मीत और राज ।देखेंगे अगले हिस्से मे ।अपना प्रतिभाव देना मत भूलना ।