Four More shots Please in English Film Reviews by Heena_Pathan books and stories PDF | Four More shots Please

Featured Books
  • Safar e Raigah - 10

     منظر ۔ سلطان مرزا کے اس ایک فیصلے نے گھر کی فضا کو جیسے ہمی...

  • Safar e Raigah - 9

     باب ۔کشمیر کی برفیلی اور سرد شام تھی۔ باہر چنار کے درختوں س...

  • قلم کا قیدی

                     انتساب اُن کے نام...میرے 'استادِ محترم&...

  • صبح ہو گئی چچا

    خفیہ میں نے اپنے دل میں کیا راز چھپا رکھا ہے؟ میں نے تعلق کو...

  • لفافہ

    تصویر آج پھر میرا دل ملاقات کے لیے تڑپ رہا ہے۔ ایک بار پھر،...

Categories
Share

Four More shots Please

हैलो पाठक मित्रो कैसे हो आप सब आज हम रिव्यू देगे फोर मोर शॉर्ट्स प्लीज के गुस्ताकी माफ !


डिजिटल रिव्यू: फोर मोर शॉट्स, प्लीज! सीजन 2 (वेब सीरीज)
कलाकार: सयानी गुप्ता, बानी जे, कीर्ति कुल्हाड़ी, मानवी गगरू, लीजा रे, मिलिंद सोमन, नील भूपलम, प्रतीक बब्बर, सिमोन सिंह, अमृता पुरी, सपना पब्बी..आदि।
सृजनकर्ता: रंगीता प्रीतीश नंदी
निर्देशक: नूपुर अस्थाना
ओटीटी: प्राइम वीडियो
रेटिंग: ⭐⭐⭐






जब से वेब-सीरीज का क्रेज बढ़ा है, जो भी नई सीरीज बनाई जाती है, प्लानिंग होती है कि दूर तक जाएगी। 'फोर मोर शॉट्स प्लीज ' तो उस समय की आई थी, जब भारत में वेब-सीरीज अपने पैर पसार रही थी और ऐसी कहानी लोगो के सामने परोसी गई जिसको खींचने का पूरा भार महिला किरदारों पर था।


महत्वकांक्षी, कपटी , नारीवादी , फूहड़ यह वॉइस से को वेब सीरीज शुरू होती है एक लडक यह सब हो सकती हैैैै।
हम उसे एक दिन मैंं जान नही सकते ना
एक लड़की यह सब एक दिन में हो सकती है इन में से कोई भी शब्द हमे शर्मीदा नही करता ! यही से शुरू होती है यह वेब सीरीज फोर मोर शॉट प्लीज . यह वेब सीरीज आप अमेजन पर देख सकते है 10 एपीसोड की यह सीरीज है!

यह कहानी है मुंबई में रहने वाली 4 लड़कियों की
पहली है दामिनी ( शायोनी गुप्ता) जो की जर्नलिस्ट है वह परेशान है जिस न्यूज नेटवर्क की वह फाउंडर है वह न चाहते हुई भी पेपर में बने जा रहा है । दूसरी है अंजना ( कीर्ति कुलहारी) जो एक वकील है डायवोसी है उसकी एक 3 /४ साल की बेटी है एक सिंगल वर्किंग वुमन एक लड़की के साथ जितनी दिकट हो सकती है वोह सब उसके साथ है ! तीसरी है उमंग ( गुरुबाणी) जो लुधीयाना से आई है ऑलमोस्ट भाग कर वह बाय सेक्सुअल है ! चौथी है सिद्धि पटेल ( मानवी गगरू) जो की आम लड़की है उसकी एक ही परेशानी है मां स्नेहा पटेल . पांचवा किरदार है जय वालिया जो बार का मालिक और इन लड़कियों का दोस्त ! यह कैरेक्टर आपको रियल लाइफ में देखने ना मिले लेकिन जिन परिस्थिती से यह महिलाए गुजरती है यह कही से भी अविश्वानिय नही लगता ! सीरीज की सबसे अच्छी बात यह है की यह पुरुष को विलीन ना दिखा कर न ही नारी वादी बने की कोशिश करती ना यह दिखाती के स्त्री ही स्त्री की दुश्मन है भले ही यह कैरेक्टर के फ्लैश बैक बचपन के दिखा कर आगे बढ़ती है ! यह सीरीज बस कुछ मुद्दो को छू कर चली जाती है ! फिर चाहे प्री पत्र कारिका हो , एलजी बीटू क्रू या वर्जनिटी लेकिन इन मुद्दों को ज्यादा नहीं दर्शाती इश्का कारण शायद एंटरट्रमेंट में इन मुद्दो को भारी बने पर रोकती है ! यह सीरीज आपको इमोस्नल करेगी ।



सीरीज के सीन की बात करे तो सीन मुंबई और गोवा के बीच और यह सीरीज वी रे दी वेडिंग नामक मूवी की तरह शुरुआत में दिखाती है वह भी 4 दोस्तो की कहानी और यह भी दोनो सीरीज महिला दोस्तो बताए है परन्तु जैसे आगे बढ़ती है यह अपनी कुशलता का प्रभाव दिखाती है ! बात करे सीन की तो इसमें बेशक सेक्स सीन सामान्य से अधिक है पर अश्लीलता की परिभाषा में भी फिट नहीं बैठती गालियों से भरी यह सीरीज वीकेंड में देख सकते है एंटरटमेंट के लिए वन टाइम वॉच में इसे दूगी ⭐⭐⭐ .

Keep smiling 😃😃 stay happy please rate my work thank you so much for reading 😊