Garib ki Dosti - 4 in Hindi Love Stories by Harsh Parmar books and stories PDF | गरीब की दोस्ती - 4

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गरीब की दोस्ती - 4

राजू संजय को देखकर बहुत खुश हुआ और संजय को मिला | एक दूसरे ने अपने हाल चाल पूछे फिर दोनों ने बहुत देर तक बाते की | संजय ने राजू को बोला की आप मेरे पास आ जाओ मे आपको वहा पर कोई जॉब दिला दूंगा | राजू ने कहा की मे कैसे आ सकता हु वहा पर अगर मे वहा पर आ जाऊ तो मेरे मा पापा का यहा कोई ध्यान रखने वाला नही है | संजय ने कहा की आपके मुझ पर बहुत उपकार बाकी है मे आपके लिए इतना तो कर सकता हु | राजू ने कहा मे आपको कोई प्रोब्लम नही देना चाहता आप रहने दीजिये | संजय ने कहा की इस मे प्रोब्लम की क्या बात हो गई | आप चलो मेरे साथ मे सब
इंतजाम कर दूंगा | राजू ने बोला ठीक है पर मे आपको कोई प्रोब्लम नही देना चाहता हु.

संजय ने राजू को बोला कुछ सामान लेलो अपना और गाड़ी मे बैठो | सब लोग गाड़ी मे बैठ गए और संजय ने गाड़ी को स्टार्ट किया और अपने घर के गेट के पास गाड़ी को रुका | सब लोग नीचे उतर गए राजू ने अपने हाथो मे सामान लेकर संजय के पीछे पीछे चलने लगे सब लोग | सब लोग संजय के घर पर आ गए घर के अंदर दाखिल हुए तो संजय की फैमिली राजू और उनके मा पापा को देखकर चौक गए की ये सब यहा पर | तब संजय ने बोला की पापा ये लोग अब यहा पर रहेंगे जो दूसरा रूम खाली पड़ा है वहा पर रहेंगे | संजय के पापा ने संजय की हाँ मे हाँ मिला दी सिला राजू और उनके घरवाले को देखकर बहुत खुश हुई.

संजय ने राजू को बोला की आप लोग इधर सोफे (तकिये) पर बैठिये तब राजू ने कहा की हम यहा पर कैसे बैठ सकते है हम नीचे ही बैठ जायेंगे | संजय ने बोला ऐसा नही चलेगा आपको सोफे पर बैठना पड़ेगा | बहुत बार समजाने राजू ने मना कर दिया की हम गरीब लोग है सोफे पर नही बैठ सकते फिर संजय ने बोला मे गरीब अमीर को नही मानता मे सबको एक जैसा मानता हु आप बैठ जाइये इधर फिर संजय के पापा ने बोला तब राजू और उनके मा पापा सोफे पर बैठ गए | संजय ने सिला को बोला की अच्छी चाय बनाओ सबके लिए आज सब लोग साथ मे चाय पियेंगे सिला ने बोला ठीक है भैया मे अभी चाय बनाके लाती हु | सिला चाय लेकर आई और सबको देने लगी राजू को चाय दे रही थी तब राजू ने बोला हम लोग चाय कैसे पी सकते है आप बड़े लोग हो | तब संजय ने बोला की मे अमीर गरीब को एक जैसा मानता हु फिर सबने साथ मे चाय पी.
चाय पि लेने के बाद सबने एक दूसरे बहुत बाते की फिर संजय ने राजू को अपना रूम दिखाया | राजू रूम को देखके खुश हो गया था क्यु की उसने कभी ऐसा रूम नही देखा था | फिर राजू और उनकी माँ ने रूम की सफाई की कुछ सामान लाये थे लो सामान लगा दिये | संजय ने अपनी मोम को बोला की मोम हमारे घर मे सामान ज्यादा हो वो उनको देदो कुछ बर्तन वगेरे मोम ने कहा ठीक है मे भेजवा देती हु सिला के साथ | सिला कुछ सामान लेकर राजू को देने गई | रूम के अंदर आकर राजू को देखने लगी और राजू को बोला ये सामान आपके लिए मोम ने भेजवाया है | राजू ने सिला को बोला इसकी क्या जरूरत है सिला ने कहा रखलो आपके लिए बहुत जरूरी है फिर राजू ने सामान रख लिया | सिला सामान देकर वहा से अपने रूम मे आ गई.
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आगे के पार्ट के लिए कृपया थोड़ा इंतजार कीजिये 🙏🙏

दोस्तो स्टोरी अच्छी लगी हो तो स्टोरी पे रेटिंग कोमेन्ट् और अपनी पर्तिकिया जरूर दीजियेगा 🙏🙏🙏🙏