The Author Neerja Pandey Follow Current Read पिशाच..! - 9 - मास्क के पीछे का खौफनाक चेहरा By Neerja Pandey Hindi Horror Stories Share Facebook Twitter Whatsapp Featured Books THE EMPTY THRONE In this mansion,silence was the loudest guest. I'd trade... Endless Love - 20 Dharma's Past – The Awakening of Hanuman (Flashback)"Let... The Proposal - The Golden Heir - 5 Morning arrived far too soon.Sunlight slipped through the sh... BACKROOMS : THE ORIGIN - 4 Backrooms : The originEpisode 4 (Abducted?)Original by MUFFI... When silence learned my Name - 11 Chapter 11 – The Weight of ChoicesThe evening arrived in Mum... Categories Short Stories Spiritual Stories Fiction Stories Motivational Stories Classic Stories Children Stories Comedy stories Magazine Poems Travel stories Women Focused Drama Love Stories Detective stories Moral Stories Adventure Stories Human Science Philosophy Health Biography Cooking Recipe Letter Horror Stories Film Reviews Mythological Stories Book Reviews Thriller Science-Fiction Business Sports Animals Astrology Science Anything Crime Stories Novel by Neerja Pandey in Hindi Horror Stories Total Episodes : 12 Share पिशाच..! - 9 - मास्क के पीछे का खौफनाक चेहरा (11.2k) 4k 15.3k मास्क के पीछे का खौफनाक चेहरा😷👿कभी कभी जिंदगी में कुछ ऐसा घटित हो जाता है की हमारा उस घटना पर यकीन कर पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो जाता है ।और उस घटना से उबर पाना असम्भव सा लगता है। हम जितना उस दूर जाने की कोशिश करते हैं न जाने क्यों हमको ऐसा लगता है की हम उसके और करीब चले गए हैं। ऐसी ही कुछ घटना मेरे साथ हुई थी। यह कहानी मेरे दोस्त विराट की है। उसे हमेशा डर लगा रहता था की एक दिन एक जोकर आकर उसको मार डालेगा। मैं हमेशा उससे इस बात का कारण पूछती थी। वो हमेशा मेरी बात टाल देता था। एक दिन जब मैं उसके बहुत पीछे पड़ी तो उसने कहा "ठीक है अगर तुम जानना चाहती हो तो चलो मैं तुमको बताता हूं। लेकिन इसमें मेरी गलती नहीं है। तुम मुझे गलत मत समझना।"मैंने उससे कहा "पहले बताओ तो क्या बात है?"उसने कहा "यह बात करीब तीन साल पहले की है। मैं एक सर्कस देखने गया था। वहां पर एक जोकर से मेरी अच्छी दोस्ती ही गई थी। उसके अंदर एक आदत बहुत बुरी थी। वो हमेशा शराब पीकर दूसरों से लड़ता रहता था। उसके चलते मुझे भी शराब पीने की आदत पड़ गई थी। एक दिन हम दोनों साथ बैठकर शराब पी रहे थे। उसने बहुत शराब पी ली थी। वो अचानक से उठा और मुझे अपशब्द कहने लगा। मैने उससे शांत होने को कहा तो वो मुझे पीटने लगा। मैने भी अपने बचाव के लिए उसे खुद से दूर ढकेल दिया लेकिन मैं भूल गया था की हम लोग एक बड़े से नाले के किनारे बैठे थे। वो लड़खड़ाते हुए सीधे नीचे गिर गया और नाली के अंदर पड़ी टूटी बोतलों से उसका चेहरा बुरी तरह कट गया। मुझे अभी तक उसका खौफनाक चेहरा याद है।"उसके चुप होने के बाद मैंने कहा "लेकिन यह तो तीन साल पुरानी बात है न और वो मर गया है तो फिर तुम क्यों डर रहे हो?"उसने कहा "मरते मरते उसने कहा था की वो मुझसे बदला लेने जरूर आएगा चाहे उसे आने में पांच साल ही क्यों न लग जाएं।"हम लोग एक दूसरे से बात करते हुए आगे बढ़ ही रहे थे की एक लंबा सा आदमी पूरे चेहरे को ढकने वाला मास्क पहनकर हमारे बगल से गुजरा और उसने विराट के कान में कहा "मैं वापस आ गया हूं।" इससे पहले विराट कुछ कह या कर पाता उसने अपनी कोट के अंदर से एक टूटी हुई बोतल निकाली और विराट पर हमला करने लगा। विराट भी उसे खुद से दूर धकेलने लगा। इसी धक्कामुक्की में उस आदमी का मास्क गिर गया और मैंने उसका चेहरा देखा। उस आदमी ने एक आखिरी बार किया विराट पर और विराट वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा। मैं अभी तक सुन्न अपनी जगह पर खड़ी थी लेकिन उसने मुझसे कुछ नहीं कहा। मैंने विराट के पास जाकर देखा की वो मर चुका है। अब तक वो जोकर मुड़कर वापस जाने लगा था। थोड़ी दूर जाने के बाद पता नहीं वो कहां गायब हो गया। उफ्फ! कितना खौफनाक था उसका चेहरा। आगे क्या हुआ जानने के लिए अगला भाग पढ़े🙏 ‹ Previous Chapterपिशाच..! - 8 - भानगढ़ का राज.. › Next Chapter पिशाच..! - 10 - पहाड़ी राक्षस ... Download Our App