Social media impact in Hindi Moral Stories by Shrikar Dixit books and stories PDF | सोशल मीडिया इम्पैक्ट...

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सोशल मीडिया इम्पैक्ट...

कितना बेहतर था ना पुराने लोग,पुरानी परंपराएं,पुरानी लाइफ,हर रिश्ते में एक मिठास हुआ करती थी,यदि आप किसी से कुछ बात करते थे तो उसका संपूर्ण ध्यान आपकी बात पर केंद्रित होता था,मगर आज आप किसी से कुछ बात करते हैं तो उसका संपूर्ण ध्यान सोशल मीडिया में केंद्रित रहता है,और कई बार इस सोशल मीडिया की वजह से रिश्तों में दरार पैदा हो सकती है..और हाँ कई बार यदि आपने बहुत ज्यादा जोर दिया उस चीज को छोड़ने के लिए तो रिश्ता टूट भी सकता है और आप उस इंसान के दुश्मन भी बन सकते हैं.... आज की ये कहानी उसी सोशल मीडिया से पनपे रिश्तों में ज़हर के बारे में बताती है...
आदित्य सुलझा हुआ इंसान था अपने काम से काम रखना और ज्यादा दोस्त बनाना उसे पसंद था,आदित्य ने बालों की इच्छा के विपरीत जाकर काजल से शादी की थी,कुछ दिनों तक दोनों के घर बालों ने उन्हें कॉल किया
और उन दोनों को समझाने की कोशिश की मगर दोनों अपनी बात पर अडिग रहे और दोनों ने कोर्ट marriage कर ली,आदित्य ने एक छोटा मोटा बिजनेस डाल लिया था जिससे दोनों का गुजारा होता था,अब उनके घर बालों ने धीरे धीरे सुध लेना भी बंद कर दिया था,काजल की एक फ्रेंड बन थी Nancy,दिन भर आदित्य शॉप पर रहता था और काजल घर पर रहती थी तो अकेले बोर ना हो इसलिए Nancy को घर पर बुला लेती थी,घर के काम करते करते थक जाने के बाद दोनों करते थे,धीरे धीरे Nancy ने काजल को सोशल साइट के बारे में बताया था जोकि काजल को लगा और उसने Nancy से अकाउंट बनवा लिया,धीरे धीरे काजल ने सोशल साइट्स पर ऐक्टिव रहना अच्छा लगने लगा,लोगों की पोस्ट देखना,chat करना,ये उसे पसंद आने लगा था नए नए फ्रेंड से जुड़ना उसे अच्छा लगता था धीरे धीरे आदित्य को थोड़ा सा बदला हुआ स्वभाव का एहसास हुआ,और हो भी कैसे ना,रात के 1-1 बजे तक जागना फोन पर लगे रहना,किसे समझ नहीं आएगा..,आदित्य कई बार पूछता क्या कर रहे हो तो काजल ऐसे ही बात में टाल देती थी... कई बार उसने मना किया कि ये सोशल मीडिया पर ज्यादा ऐक्टिव रहना अच्छा नहीं होता है... मगर काजल पूरी तरह से उसमे डूब चुकी थी,काजल की दोस्ती एक वैभव नाम के लड़के से हो गई थी जिससे वो रात रात भर chat से बात करती रहती थी,आदित्य ने कई बार पूछा तो वो Nancy का नाम लेकर टाल देती थी,आदित्य को लेकर उसका स्वभाव दिन प्रति दिन चिड़चिड़ा होता जा रहा है,और हो भी क्यूँ ना वैभव से उसकी जो नजदीकियां बढ़ चुकी थी काजल आदित्य और आदित्य काजल को पिक्स सेंड करते थे,कब इन नजदीकियों ने सोशल साइट्स से उतरकर जिंदगी में दखल दिया,उसे एहसास भी नहीं हो पा रहा था काजल ने वैभव को नंबर शेयर कर दिया था,और अब बातें कॉल पर और मैसेज से होती थीं,वो भूल गई थी कि वो एक शादीशुदा औरत है,ऐसा नहीं था कि आदित्य को इसकी भनक नहीं थी उसे लग रहा था लेकिन वो रिश्तों की अहमियत को समझता था और बिना किसी सबूत के कोई बात नहीं कह सकता था,कई बार इन बातों को लेकर झगड़ा भी हुआ था, लेकिन काजल को कोई फर्क़ नहीं पड़ रहा था,जब रिश्तों से ज्यादा अहमियत सोशल साइट्स को मिलने लगे तो लोग रिश्तों की अहमियत नहीं समझते हैं वही यहाँ हो रहा था,अचानक से एक दिन आदित्य की तबीयत खराब होने की वजह से आदित्य शॉप पर नहीं गया,काजल गलती से फोन घर पर भूल कर मार्केट गई हुई थी अचानक से एक मैसेज काजल के फोन पर पॉपup हुआ,वैभव का मैसेज था क्या कर रहा है मेरा baby,i love you बच्चे,आदित्य जैसे अंदर ही अंदर टूट सा गया था ये देखते हुए,मन ही मन सोच रहा था कि जिस इंसान के लिए मैंने घर छोड़ दिया अपनों को छोड़ दिया,आज उसने ही मुझे cheat किया,आँखों से आंसूओं की धारा बह रही थी वो दीवार से सटकर इस तरह से बैठा हुआ था जैसे किसी इंसान के अंदर से जान निकल गयी हो,अचानक से काजल ने दरबाजा खोला,उसने थैले को रखते हुए आदित्य की तरफ देखा,आदित्य के हाँथ मे काजल का फोन था आँखों से आंसूओं की धारा बह रही थी,और किसी मृत शरीर की तरह ज़मीन पर बैठा हुआ था,ये सब देखकर काजल उसकी तरफ बढ़ी हाथ से फोन लेते हुए बोली,क्या हुआ आपको,और ज्यों ही फोन का लॉक खोलकर देखा तो messages पड़े हुए थे,ये सब देखकर काजल आदित्य को देखते हुए बोली जैसा आप समझ रहे हो वैसा कुछ भी नहीं है..., आदित्य ने रोते हुए जवाब दिया,आखिर क्या.... क्या वजह रही जो तुमने ऐसा किया मेरे साथ.... तुम.... तुम्हारे लिए तो मैंने अपनों को छोड़ दिया और आज तुमने मुझे cheat किया.... नहीं... नहीं... मैंने तुम्हें cheat नहीं किया, तुमने खुद तुम्हें cheat किया है और हाँ मैं प्यार करती हूं वैभव से,तुम तलाक ले सकते हो... मैं जा रही हूँ... इतना बोलते हुए अपने कुछ कपड़ों को बैग में डालते हुए... काजल गेट को जल्दी से खोलते हुए निकल जाती है आदित्य उसे रोते हुए देखता रहता है.... आदित्य रोते हुए अपने कीपैड फोन से एक नंबर मिलाता है...... उधर से हैलो की आवाज आती है...... रोते हुए सिसकारी के साथ आदित्य कहता है माँ..... माँ.....
बेटा क्या हुआ? आदित्य मेरे बच्चे..क्या हुआ.....
आदित्य सिसकारी के साथ मे... वो चली गई माँ.....
तो रो क्यूँ रहा है पागल तू घर आजा मैं सब सम्भाल लूँगी.... कोई कुछ नहीं कहेगा तुझे.... नहीं माँ जीने की इच्छा खत्म हो चुकी है आदित्य ने कहा.... देख देख बेटा तू ऐसे क्यूँ बोल रहा है... तू बता कहाँ है मैं पापा को भेज रही हूँ....
रोती हुई सिसकारी के साथ आदित्य कहता है... I am sorry maa.... और एक बीप के साथ कॉल cut हो जाता है..........
रिश्तों से ज्यादा अहमियत कभी किसी चीज को मत दीजिए,क्यूँकी रिश्ते ही हर मुश्किल में आपका साथ निभाते हैं ये सोशल मीडिया पे जितने भी रिश्ते दिखते हैं ये सिर्फ दिखावे के हैं जिस रोज़ आपको जरूरत होगी उस रोज़ आपके अपने ही काम आएँगे,ना कि आपके सोशल अकाउंट के रिश्ते..........