Khaam Raat - 10 in Hindi Classic Stories by Prabodh Kumar Govil books and stories PDF | ख़ाम रात - 10

Featured Books
Categories
Share

ख़ाम रात - 10

रात का खाना खाते ही मैं होटल के मुख्य द्वार से निकल कर थोड़ा टहलने के इरादे से सड़क पर आ गया। मेरी उत्तेजना अभी तक कम नहीं हुई थी। बल्कि मैं तो खाना खाते समय भी यही सोच रहा था कि आज रात को अपने मिशन के बारे में ज्यादा से ज्यादा प्रामाणिक जानकारी इकट्ठी कर सकूं।
मेरा मन कहता था कि मैडम एक तो किसी रॉयल फ़ैमिली से हैं और दूसरे वो पॉलिटिकल एस्पायरेन्ट भी हैं तो उन पर की गई मेरी स्टोरी तहलका मचाने वाली होगी। मज़ा आ जाएगा।
मैंने जेब से एक सिगरेट निकाली ही थी कि मुझे सहसा वो मलेशियन लड़का सामने से आता हुआ दिखाई दिया जिससे मुझे मैडम के बारे में जानकारी मिली थी।
मैंने लड़के को रोक कर बात की तो मुझे पता चला कि लड़के की शाम पांच बजे से रात के बारह बजे तक फ़्री शिफ्ट है उसके बाद वो अगली सुबह तक ड्यूटी पर रहेगा।
उसने मुझे ये भी बताया कि वो खाना खा चुका है और अब रात बारह बजे तक बिल्कुल फ़्री ही है।
मैं उसे अपने साथ अपने कमरे में ले आया। लड़का पहले तो कुछ सकुचाया और मेरे साथ आने में आनाकानी करने लगा पर मेरे थोड़ा लालच देते ही वो कुछ सोचता हुआ मेरे साथ चला आया।
कमरे पर आकर मुझे याद आया कि मेरे पास कुछ मलेशियन रिंगित भी पड़े हैं। मैंने ये एक बेहद खूबसूरत और महंगा चैसबोर्ड खरीदने पर उसके साथ मिले ईनाम के तौर पर पाए थे।
मैंने लड़के को वो निकाल कर दिखाए और फिर उसकी ललचाई नज़रों को भांप कर उसे दे भी दिए। लड़का ख़ुश हो गया। उसका चेहरा देख कर मुझे आभास हुआ कि अब वो मेरे लिए कोई भी जोखिम भरा काम करने को भी शायद तैयार हो जाएगा।
मैंने लड़के को अपना एक बेहद छोटा ख़ुफ़िया कैमरा भी दिखाया। लड़का कौतूहल से उसे उलट पलट कर देखने लगा। ये कैमरा किसी ब्रॉच की तरह अपने बटन के साथ लगाया जा सकता था। इसका डिजाइन ऐसा था कि ये शर्ट पर किसी सजावट की तरह ही दिखाई देता था।
मैंने लड़के से कहा कि वो कमरे से बाहर जाए और इस कैमरे की मदद से दरवाज़े के की - होल में से भीतर झांक कर मुझे देखे।
लड़का कमरे से बाहर निकल कर लॉबी में खड़ा होने में कुछ डरा।
यद्यपि इस समय लॉबी में कोई नहीं था पर वो कॉमन जगह थी, वहां किसी भी क्षण कोई भी आ सकता था।
कुछ देर इंतजार करने पर भी वहां किसी को न आता देख लड़के की हिम्मत बढ़ी। वह बाहर निकल कर जाने को सहमत हो गया।
मैंने उससे बाहर की-होल से कमरे के भीतर का मेरा एक फोटो लेने को कहा।
जब लड़का इसकी कोशिश करने के लिए बाहर निकल गया तो मैं भीतर अपने कमरे के बैड पर लेट गया।
दो मिनट बाद ही लड़का मेरा फोटो निकाल लाया। फ़ोटो काफ़ी स्पष्ट था।
अब मैंने उसे समझाया कि उसे इसी तरह रात को अपनी ड्यूटी के दौरान मैडम के कमरे में उनके बैड की फ़ोटो उस समय लेनी है जब मैडम और वो आदमी जो रात को उनके पास आता है, दोनों साथ में हों।
लड़का हंसा। उसका चेहरा खिल कर हल्की गुलाबी रंगत से गहरा लाल हो गया। लेकिन इसके साथ ही उसने न जाने कौन सी भाषा में बड़बड़ाते हुए मेरा कैमरा मुझे वापस लौटा दिया। लड़के ने क्या कहा, ये तो मैं समझ नहीं पाया पर ये ज़रूर समझ गया कि लड़के को ये काम करने में ऐतराज है। वो ये जोखिम भरा काम नहीं करना चाहता।
मैं सिर खुजाता हुआ खड़ा हो गया। मैं सोच रहा था कि मैं अब लड़के को दिए गए रिंगित उससे वापस भी नहीं मांग सकता था।
मैं मायूस हो गया। लड़का चला गया।