ghost reality or deception - 3 in Hindi Horror Stories by Sonu Rj books and stories PDF | भूत हकीकत या छलावा - 3

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भूत हकीकत या छलावा - 3

दुनिया के सबसे विश्वसनीय भूतिया अनुभव


द गुर्डोन लाइट
गुर्डोन लाइट की कहानी उभरी है अरकंसास की राजधानी लिटिल रॉक से करीबन ८५ मील दूर स्थित एक छोटे से शहर से | अभी तक की सबसे विश्वसनीय कहानी द गुर्डोन लाइट हर रोज़ नज़र आती हैं और ये अस्पष्टीकृत घटना अभी तक काफी पर्यटकों का ध्यान आकर्षित कर चुकी है | ऐसा कहा जाता है की लोग जब भी लाइट देखने आते हैं तो वह कभी निराश नहीं होते खास तौर से हेलोवीन के समय पर | इस कहानी ने इतना तूल पकड़ लिया है की १९९० के शुरुआती दशक में लोकप्रिय टेलीविज़न प्रोग्राम “उन्सोल्वड मिस्ट्रीज” ने भी इस कहानी को प्रदर्शित किया |
जिन्होनें भी द गुर्डोन लाइट को देखा है वह उसे एक प्रकाश के पुंज की तरह रेल ट्रैक्स के पास स्थित जंगल में तैरता हुआ बताते हैं |कई लोगों ने उस रौशनी पुंज से संपर्क साधने के उद्देश्य से उसके नज़दीक जाने की कोशिश की है लेकिन ऐसा करने पर वह गायब हो जाती है | ये कहानी शुरू होती है ग्रेट डिप्रेशन के समय से , जब कहा जाता है की शाम को अकेले काम करते वक़्त एक रेल कार्यकर्त्ता की अचानक रेल के नीचे आकर मौत हो गयी | इस दुर्घटना में उसका सर धड से अलग हो गया और ये रौशनी उसकी लालटेन की है क्यूंकि उसका बिना सर का शरीर आज भी अपने खोये अंग की तलाश कर रहा है |
एक और कहानी के मुताबिक एक रेलवे का फोरमैन विलियम म्क्लैन , जिसकी अपने कर्मचारियों के साथ उनके समयसारणी के मुद्दे पर झड़प हो गयी और उसे एक असंतुष्ट मजदूर ने एक भारी हथोड़े से मौत के घाट उतार दिया | १९३१ में घटित हुई इस घटना के ठीक कुछ दिनों बाद ही गुर्डोन लाइट दिखाई पड़ने लगी तो ऐसा लगता है की ये उसकी ही लालटेन की चमक है |
कई लोगों ने इस घटना को पास के राजमार्ग से आती हुई गाड़ियों की लाइट का प्रतिबिम्ब बताने की कोशिश की है लेकिन राजमार्ग १९७० के मध्य दशक में शुरू हुआ था , गुर्डोन लाइट के पहले दर्शन के ठीक ४० साल बाद | ये लाइट आज भी नियमित रूप से दिखती है |
बोरले रेक्टोरी
द बोरले रेक्टोरी एसेक्स इंग्लैंड में स्तौर नदी के पास स्थित घर का नाम है जिसको पूरे देश में १८६३ से १९३९(जब वह जल कर ख़तम हो गया) तक सबसे भूतिया घर माना जाता था | ये बात अलग है की इन घटनाओं की कोई वजह समझ नहीं आती , और इतने सालों में घटित हुई कई घटनाओं के चलते बोरली रेक्टोरी को बहुत बदनामी झेलनी पड़ी | १९३० से १९३५ तक भूतिया गतिविधि के करीब 2000 घटनाएं सामने आयीं जिनमें शामिल था दीवारों पर अजीब सी लिखावट उभरना से लेकर घर के बगीचे में भूतों के दर्शन होना |
रेक्टोरी को उस समय काफी तीव्र मीडिया जांच का सामना करना पड़ा , जिसमें शामिल था डेली मिरर की जांच और प्रसिद्द जांचकर्ता हैरी प्राइस, जिन्होनें उस पूरे क्षेत्र में कई क्षोध किये , की जांच | प्राइस ने रेक्टोरी को १९३७ में किराये पर उठाया और कुछ लोगों को वहां रह किसी भी आलोकिक अनुभव को रिकॉर्ड करने के लिए नियुक्त किया | उसकी जांचकर्ताओं का दल निराश नहीं हुआ | घर में से कई किस्से सामने आये जिसमें से एक था एक नन का घर में घूमना और नौकरों की घंटियों की रस्सी(जो की कई सालों पहले काट दी गयी थी) को बजाना |
एक बार बोरली रेक्टोरी १९३९ में नष्ट हो गयी तो भी कहानियां ख़तम नहीं हुईं | कई लोगों का मानना है की इनमें से कई आत्माएं सामने स्थित बोरली चर्च में जा अपनी भयानक गतिविधियाँ आज भी कर रही हैं |
ब्राउन लेडी ऑफ़ रायन्हम हॉल
भूतिया गतिविधियों की सबसे प्रचलित और लोकप्रिय तस्वीर है नोर्फ्लोक इंग्लैंड में स्थित लेडी डोरोथी टाउनशेन्ड के पैत्रिक घर रायन्हम हॉल में उनके भूत की जिसे ब्राउन लेडी का नाम भी दिया गया है |
१८३५ के समय से रायन्हम हॉल से भूतों के दर्शन की खबरें आ रही है | ऐसी ही एक कहानी में कप्तान फ्रेडरिक मर्र्यत ने लार्ड चार्ल्स टाउनशेन्ड के दो भतीजों के साथ, एक भूत के दर्शन किये | वह तीनों एक कोरिडोर से निकल रहे थे जब उनके बिलकुल नज़दीक से एक औरत का भूत निकला | कप्तान मर्र्यत ने मौके का फायदा उठा उस छवि पर गोली चलायी पर कुछ फायदा नहीं हुआ | गोली औरत को पार कर चली गयी और जहाँ वह औरत खड़ी थी उसके पीछे के दरवाज़े में जाकर समा गयी |
१९३६ में एक पेशेवर फोटोग्राफर को घर के भीतर की तसवीरें लेने का काम सौंपा गया | वह फोटोग्राफर इंद्रा शिरा घर के मुख्य सीड़ियों में से एक की तस्वीर ले रहा था जब उसने सीड़ियों के ऊपर भाप जैसी आकृति देखी | उसने अपने शिष्य को , जो वह आकृति नहीं देखा पा रहा था , उस दिशा में तस्वीर लेने को कहा क्यूंकि वह आकृति सीडी से नीचे आती प्रतीत हो रही था | मिलने वाली तस्वीर इतिहास में भूतों की सबसे विश्वसनीय तस्वीरों में से एक है |
मोस बीच डिस्टिलरी – मोस बीच कैलिफ़ोर्निया
मोस बीच कैलिफ़ोर्निया में स्थित मोस बीच डिस्टिलरी कैलिफ़ोर्निया तट पर काफी प्रसिद्द है , न सिर्फ अपने खाने और दार्शनिक स्थलों के लिए – अपितु उसके भूतों के लिए भी !मोस बीच डिस्टिलरी शुरुआत में १९२७ में “फ्रंक्स पैलेस” के नाम से शुरू की गयी थी - निषेध युग के दौरान एक अत्यधिक सफल विचार प्रकट करने की जगह | वह मूवी स्टार्स , सन फ्रांसिस्को के नेताओं और नामी गुंडों की पसंदीदा जगह थी | ऐसा भी कहा जाता है की ये एक समय पर एक कोठा हुआ करता था , ये एक ऐसी जगह थी जहाँ गलत लेन देन किये जाते थे और बहुत से गलत चीज़ें भी होती थीं |
डिस्टिलरी की सबसे प्रसिद्द भूत है “ द लेडी इन ब्लू” | इसे एक खूबसूरत युवा औरत मैरी एलेन , जिसे नीले कपडे पहनना बहुत अच्छा लगता था , का भूत माना जाता है |द लेडी इन ब्लू की एक जवान पियानो वादक जॉन कोन्तिना से मुलाकात हुई | शादीशुदा होने के बावजूद मैरी एलन को श्रीमान कोन्तिना पसंद आ गए और दोनों को एक दुसरे से प्रेम हो गया |
दोनों प्रेमी अक्सर बीच पर चांदनी रात में घूमने और मरीन व्यू होटल में प्यार करने के लिए मिलते- जो की डिस्टिलरी के ठीक सामने खाई के पास स्थित था | इस प्रेम का दुखद अंत हुआ जब एक तूफानी नवम्बर की रात मैरी एलन बय्शोरे हाईवे के पास एक भयानक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गयी | किस्मत से उसी समय कोन्तिना के एक स्थानीय औरत अन्ना फिल्ब्रिक के साथ भी प्रेम सम्बन्ध थे | अन्ना को जॉन के धोखे का पता चल गया और उसने भी डिस्टिलरी के पास की खाई से कूद पानी में डूब कर जान दे दी | कोन्तिना भी बाद में एक भयानक मौत को प्राप्त हुआ जब उसका सर कटा शव डिस्टिलरी के पास पानी में मिला | ऐसा कहा जाता है की एक ईर्ष्यालु पति ने बदला लेने का फैसला लिया , लेकिन कोन्तिना की मौत आज भी एक अन्सुल्झा रहस्य है
लेडी इन ब्लू के दर्शन कई लोगों ने किये है , ख़ास तौर से खायी के आस पास और बच्चों और मेहमानों को ये हिदायत दी जाती है की वह खायी के पास न जाएँ | कई भूतिया अनुभव भी सामने आये हैं जैसे : बार बार फ़ोन का बजना , और दुसरे तरफ किसी का न होना ; वाइन केस का बार बार बिना किसी वजह के जगह बदलना; इधर उधर चीज़ों का फेंका जाना ; और दरवाज़ों का रहस्यमयी तरीकों से बंद हो जाना |
विंचेस्टर मिस्ट्री हाउस – सन होसे कैलिफ़ोर्निया

शायद ही कोई भूतिया स्थान इतना भव्य और खूबसूरत होगा जितना की विंचेस्टर मिस्ट्री हाउस है – १८४४ में विंचेस्टर राइफल की वंशज साराह विंचेस्टर द्वारा शुरू किया गया , ये महल पहले एक 6 कमरे का घर था | अब इस महल में १६० से ज्यादा कमरे हैं और ये एक साजिश और रहस्य के भूल भुलैय्या जैसा है |
अपने पति के राइफल कारोबार से हुई मौतों का जिम्मेदार अपने को मानते हुए श्रीमती विंचेस्टर भूतों के डर से ४० साल तक मकान का निर्माण करती रहीं |
ऐसी मान्यता है की भूतों ने श्रीमती विंचेस्टर को इस मकान को बनाते रहने के लिए प्रेरित किया ... एक ऐसा मकान जो कभो भी ख़त्म नहीं होता | ऐसा भी अनुमान लगाया गया है की साराह ने इस घर को ऐसे बनवाया था की भूत उससे भ्रमित हो जाएँ या उसमें कैद हो जाये और साराह को परेशान न करें | अपनी ज़िंदगी के बाद के सालों में वह हर रात अलग कमरे में सोती थी , ताकि उसे भूतों के दर्शन न हों |
आज ये मकान एक पर्यटक स्थल है | सभी आधुनिक सुविधाओं से लेस विंचेस्टर मिस्ट्री हाउस में बटन स्वचालित बिजली , करीब ५० चिमनी , लकड़ी के फर्श और भव्य शांडलियीर हैं | हर खिड़की पर १३ शीशे हैं , हर माले पर १३ भाग और एक को छोड़कर सभी सीडियां १३ कदम की हैं | और क्या मैने आपको बताया की घर में कई ऐसी सीडियां हैं जो कहीं नहीं पहुँचती हैं ?
साराह विंचेस्टर अपने समय की अमेरिका की सबसे अमीर और रसूखदार औरतों में से एक थीं |और वो मानती थी की उन्हें विंचेस्टर राइफल्स से मरे कई लोगों की आत्माएं सताती हैं | इसके इलावा घर और उसके आस पास के क्षेत्र में कई बार भूतों के दर्शन हुए हैं और मेहमानों ने अज्ञात आवाजों , पैरों की आहट और दरवाज़ों के बंद होने (जब कमरे में कोई नहीं था )की आवाजें भी सुनी हैं | ठन्डे स्थान और प्रकाश्ग्रह देखे जाने की भी खबरें आई हैं |
क्रेइस्चेर मेन्शन –स्टेटन आइलैंड न्यू यॉर्क
न्यू यॉर्क का क्रेइस्चेर परिवार १८०० में एक बड़ी ईंट का कारखाने का मालिक था जो पूरे स्टेटन आइलैंड क्षेत्र में इंटों को उपलब्ध कराता था | इस धंदे से मिले मुनाफे से उन्होंने दो बड़े मकानों का निर्माण कराया – एक मूल परिवार के सदस्यों के लिए और दूसरा उनके बेटे और उसकी नयी बीवी के लिए |
बाप और बेटे में समय के साथ लड़ाईयां शुरू हो गयी और वह रिश्ता ऐसा बन गया जिसमें दोबारा मेल मिलाप न हो सके | एक शाम रहस्यमयी तरीके से दुसरे घर में आग लग गयी और वह पूरा जल गया – जिससे दोनों बेटा और उसकी बीवी की मौत हो गयी | घर को दोबारा से बनाया गया और एक रेस्टोरेंट में तब्दील कर दिया गया | ऐसा कहा जाता है की इस मकान में आज भी बेटे और उसकी बीवी का , और एक रसोइये ( जिसने यहाँ पर १९०० के शुरुआती सालों में ख़ुदकुशी कर ली थी )का भूत देखा जाता है |मकान में भूतों के दर्शन और उनकी आवाज़ को नियमित रूप से सुना जा सकता है |
रेस्टोरेंट और मकान के कई मेहमान और कर्मचारियों ने अजीब भूतों के दर्शन करने का दावा किया है | साथ ही साथ घटनाएं जैसे दरवाज़ों का बंद होना , वस्तुओं का हवा में उड़ना इत्यादि की भी खबरें आई हैं | इस मकान के नए मालिकों ने रोज़ के भूतिया अनुभव देखने की बात मानी है |
लेम्प मेन्शन एंड ब्रेवरी –संत लुइस मिस्सौरी
बदनाम लेम्प मेन्शन १८६० में बनाया गया था और – संत लुइस , मिसौरी के एक मशहूर परिवार जो दुनिया की सबसे बड़ी ब्रेव्रीस के मालिक , लेम्प्स परिवार का घर था | लेकिन नशेबंदी तक ही क्यूंकि उसके बाद परिवार के बुरे दिन शुरू हो गए |
ऐसा बताया जाता है की नशाबंदी १९२० के दशक में लागू हुआ और जल्दी हे लेम्प परिवार छल और कपट के जाल में फंस गया – जिसमें रहस्यमयी हालातों में एक सदस्य की मौत हो गयी – ४ ने ख़ुदकुशी कर ली और एक दिल के दौरे से ख़तम हो गया – और सब इस एक मकान के अन्दर |
मकान के बगल में पुरानी लेम्प ब्रेवरी स्थित है | ब्रेवरी एक प्राकृतिक गुफा के ऊपर स्थित हैं जहाँ बियर रखी जाती थी और जहाँ पुराने समय में मिसिस्सिपी नदी के माध्यम से घुलामों की आवाजाही चलती थी | आज लेम्प मकान और ब्रेवरी से बढ़कर कोई भयानक भूतिया अनुभव नहीं है |
लेम्प परिवार के सदस्यों की मौत के बात ब्रेवरी का धंदा नशेबंदी की वजह से चौपट हो गया और मकान भी जर्जर हो गया | कई सालों बाद जब मकान को ठीक करने के लिए ठेकेदार को बुलाया गया – अजीब सी घटनाएं शुरू हो गयीं |कारीगरों को डर का अनुभव होने लगा और ऐसा लगता था जैसे कोई उन्हें देख रहा है |औज़ार गायब होने लगे , वस्तुएं अपने आप जगह बदल लेती या फिर फ़ेंक दी जाती , इसीलिए उन्होनें डर से काम छोड़ दिया | बाद में रेस्टोरेंट की तरह इस्तेमाल होते वक़्त कर्मचारियों और मेहमानों ने बार से सामान को उड़ते देखा , बिना वजह की आवाजें , पियानो का खुद से बजना , और भूतों के दर्शन किये | और लाइफ पत्रिका ने इस घर को अमेरिका के सबसे भूतिया घर का नाम दिया है |
बुलक होटल – डेड वुड साउथ डकोटा
कोई भी अमेरिकी इतिहास का शौक़ीन ( या जिसने एच बी ओ की श्रृंखला डेडवुड देखी है ) ये बता सकता है की शेर्रिफ सेठ बुलक अपने समय का सबसे प्रसिद्द और सफल कानून का रक्षक था | शेर्रिफ बुलक उस समय का बहुत ही खतरनाक आदमी था और बस उसकी नज़र ही एक गुनेह्गार को रोकने के लिए काफी होती थी !
बुलक और उनके साथी, सोल स्टार, ने अपने हार्डवेयर व्यापार को हेलेना, मोंटाना में १८७६ में स्थानान्तरित कर दिया | उनका धंधा वहां जल्द ही सफल हो गया और उन्होनें मैन और वाल स्ट्रीट के बीच की संपत्ति खरीद ली – बुलक होटल का आज का स्थान |
मोंटाना में लेविस और क्लार्क काउंटी के शेर्रिफ होने के कारण अगस्त १८७६ में वाइल्ड बिल हिच्कोच्क की असामयिक मौत (हत्या) के बाद बुलक को डेड वुड का शेर्रोफ़ नियुक्त कर दिया गया | शेर्रिफ बुलक ने अपने दल में कई बहादुर अफसरों को शामिल किया जिनका काम था शहर से बुराइयों को हटाना | जल्द ही इस गुनाहों से भरी जगह में कानून व्यवस्था बहाल हो गयी |
हार्डवेयर स्टोर १८७९ की डेड वुड आग से एक बार तो बच गया लेकिन १८९४ में दुबारा लगी आग में पूर्ण नष्ट हो गया | अपने हार्डवेयर के धंदे को दुबारा शुरू करने के बजाय बुलक और स्टार ने वहां डेड वुड का सबसे खूबसूरत होटल बनाने का फैसला किया |
सेठ बुलक २३ सितम्बर १९१९ को साउथ डकोटा में बेले फौर्चे के अपने राँच में कैंसर का शिकार हो गया | उसको माउंट मोरीह कब्रिस्तान से ऊपर वाइट रॉक्स को जाते हुए रस्ते पर दफनाया गया | पर कई लोगों को लगता है की , आगे बढ़ने के बजाय , बुलक की आत्मा आज भी अपने होटल में बस्ती है |
अभी तक के पश्चिमी शहरों में से सबसे हिंसक शहर होने के कारण डेड वुड में कई लोगों की बन्दूक और चाकू की लडाई , हत्या और पिटाई से मौत हुई थी | दर्जनों लोगों ने बुलक होटल में अजीब आलोकिक दृश्य अनुभव किये हैं | कई कमरों में किसी के होने की अनुभूति होने से, बिना किसी की मोजूदगी आवाजें सुनना और भूतों के दर्शन इत्यादि का अनुभव किया गया है | बुलक होटल एक पूर्ण रूप से भूतिया इलाका है |

तो बताइए ये सब पढने के बाद भी क्या आप कहेंगे की भूत नहीं होते हैं |