Sath Zindgi Bhar ka - 27 in Hindi Love Stories by Khushbu Pal books and stories PDF | साथ जिंदगी भर का - भाग 27

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साथ जिंदगी भर का - भाग 27

हां सच में रूद्र वाकई में बहुत जिम्मेदार हो गए हैं लेकिन लेकिन शरारतें करना बिल्कुल भी नहीं छोड़ा उन्होंने मिथिलेश जीने रूद्र गया

उसको और देखते हुए कहा बाकी सब भी तैयार होने के लिए चले गए कुछ देर बाद कर्ण और उसकी फैमिली उतरा को देखने आ चुके थे करण के मां पापा के साथ उसकी छोटी बहन रेवा और भाई कुणाल भी आए हुए थे

रेवा और कुणाल में बहुत एटीट्यूट था रॉयल फैमिली का हिस्सा और मिनिस्टर के बच्चे होने की वजह से वह दोनों बहुत ही बिगड़े हुए थे

ऊपर से रेवा दिखने में खूबसूरत थी यही एक रीजन भी उसके घमंड को बढ़ावा देता था एकांश भी अपने कमरे से आ चुका था आस्था की गैरमौजूदगी उसे बहुत बुरा लग रहा था

लेकिन अब वह उसकी बात टाल भी तो नहीं सकता था और ना ही अपनी बहन उतरा और अपनी फैमिली को नाराज कर सकता था ब्लैक शर्ट और ग्रे ट्राउजर में बहुत हैंडसम दिख रहा था

और बस रेवा की नजर उस पर जो थम गई वह हटाने का नाम ही नहीं ले रही थी बिजनेस मैगजीन में न्यूज़ में उस उसने एकांश पहले भी देखा हुआ था

लेकिन आमने सामने वह पहली बार ही देख रही थी रिश्ते की बात पक्की होने के बाद सभी लंच करने के लिए बैठ गए हमेशा की तरह आस्था ने आज भी बहुत टेस्टी खाना बनाया हुआ था

जिसके दीवाने करण की फैमिली भी हो गई थी डेजर्ट में आस्था ने खीर बनाई थी तो करना सभी को आकर सर्व की जो सभी को बहुत पसंद आई

आस्था ने एकांश के खेल के बाउल में उसके पसंदीदा किशमिश की तरह से डाले थे

जिससे एक स्माइल फेस तैयार हो गया था जिसे देखकर एकांश के चेहरे पर बेहद दिलकश स्माइल आ गई

और उसकी नजर आस्था को ढूंढने लग गई आस्था किचन के दरवाजे में खड़े रहकर उसे ही देख रही थी जैसे ही उन दोनों की नजरें मिली

आस्था ने उसे स्माइल करने का इशारा किया और बस एकांश की स्माइल और बढ़ गई

आस्था और एकांश के इशारों से अनजान रीव बस एकांश की स्माइल में खो गई एकांश के लुक और सक्सेस की वजह से रेवा पहले ही उससे बहुत इंप्रेस हो चुकी थी

लेकिन अब उसके स्माइल देख कर वह उसकी और दीवानी हो गई

आई वांट टू यू आई वांट यू एकांश आपने वह बात है जो हमें हमारे हमसफर में चाहिए थी

और वैसे भी हर बेहतरीन चीज पर हमारा सिर्फ हमारा हक होता है और आप तो बेहतरीन से भी बेहतरीन है तो आप पर हक सिर्फ रेवा राजपूत का है

सिर्फ रेवा का रेवा एकांश को देखते हुए दिल ही दिल में उसे अपना बनाने का ख्वाब देख रही थी

इस बात से बेखबर एकांश अपनी आस्था की बनाई हुई खीर खाने में बिजी था

तो आस्था उसकी खुशी देखने में लंच के बाद सभी फिर एक बार बातों में बिजी हो गए कुंवर सा रेवा ने बहुत प्यार से उसे आवाज दी जी एकांश को थोड़ा अजीब लगा लेकिन उसने इग्नोर कर दिया

हमें आपका पैलेस देखना है तो आप हमें दिखाएंगे प्लीज रेवा ने इस तरह कहा कि

एकांश उसे मना नहीं कर सका और मना कैसे करें इस सोच में पड़ गया

क्यों नहीं मिस रेवा इन फैक्ट बड़ों को उनकी बातों में बोर होने दीजिए

हम सब यंगस्टर्स पैलेस देख कर आते हैं

क्यों करण जीजू सा रूद्र ने बात संभाली लेकिन रेवा सबके साथ जाने से नाराज हो गए उसे सिर्फ एकांश का साथ ही चाहिए था

एकांश रूद्र उतरा करण स्वपन हर्ष ऐश्वर्या कुणाल और रेवा सभी पैलेस देखने लगे और वैसे ही गार्डन में आ गए

वाओ कुंवर सा कितना खूबसूरत गार्डन है

आपका रेवा ने वहां की खूबसूरती अपने नजरों में समाते हुए कहा यह तो कुछ भी नहीं है

यही आर्टिफिशियल लेक है वहां का नजारा तो इससे भी खूबसूरत है चलिए आपको दिखाते हैं

रूद्र सभी को ले जाने लगा जैसे ही वह नजदीक पहुंचे उनके कानों पर आस्था की हंसी की गूंज पहुंची

ब्यूटीफुल यह इतना प्यारा कौन हंस रहा है कुणाल ने एक्साइटिड होते हुए कहा और आगे बढ़ गया

आस्था पेड़ से बंधे बड़े झूले पर बैठे हुए थे उसकी पीठ इन सब की और थी इसलिए उसके जमीन तक आने वाले खुले बाल ही सब को देख रहे थे और सुनाई दे रहे थे

तो उसकी प्यारी सी हंसी सबका लांच होने के बाद आस्था वहां चली आई थी और बहुत बुरा लग रहा था

लेकिन उसने ही सबको समझाया था इसलिए वह नॉर्मल बिहेव कर रही थी यहां आकर आस्था ने अपनी दोनों सहेलियों को कॉल किया और

बस उन दोनों ने आस्था की उदासी भाप ली इसीलिए वह उसे हंसाने में लगे हुए थे और आस्था के खिलाकर हंस रहे थे

यह ब्यूटीफुल है कौन और उसके बाल सच में इतने लंबे हैं कुणाल ने अजीब से नजरों से आस्था की ओर देखा और एकांश के साथ-साथ रूद्र और स्वप्न को गुस्सा आ गया

जो भी है आपकी पहुंच से बहुत दूर है कुणाल तो बेहतर होगा आप उनसे दूर रहिए स्वप्न ने कहा जो कि कुणाल का बिहेवियर अच्छे से जानता था

एकांश के चेहरे पर स्माइल आ गई रूद्र के अलावा स्वप्न को भी उसकी फिक्र करता देख उसे अच्छा लगा

फिर से आस्था की हंसी की गूंज से एकांश का ध्यान उसकी ओर चला गया और वह उसकी तरफ देखने लगा रूद्र नहीं उसके नजरों को पढ़ लिया

और सब को आगे चलने को कहा भाई साहब आकाश भाई आपको बुला रहे हैं शायद आपका फोन नहीं लग रहा है और उसने अपने मोबाइल में देखते हुए एकांश से कहा और उसे मैसेज करके आस्था के पास जाने को बोला हम जाते हैं

एकांश ठीक है आप जाकर आइए हम सब अंदर जाते हैं स्वप्न को भी रुद्र का प्लान समझ आया

और उसकी एकांश की तरफ देखकर इस्माइल की एकांश हल्का सा शरमाया और आस्था की और बढ़ गया

आस्था गुनगुनाते हुए धीरे-धीरे झूला खेल रही थी एकांश उसके पीछे आया और उसे झूला देने लगा

आह।!!!!!!! कुंवर जी हम डर गए ना ऐसे अचानक क्यों आते हैं आप आस्था ने मुंह फूल आते हुए कहा सॉरी एकांश ने उसकी नाक खींचा

दिस इज नॉट डन कुंवर जी आप हमेशा हमारी नाक खींचते हैं आस्था और नाराज होकर मुंह फुला कर बैठ गए एकांश ने झूला रुकाया

और पीछे से ही उसके करीब आकर उसका चेहरा अपनी और किया आस्था ने फिर से अपना चेहरा घुमाया

एकांश अब उसके बाजू में बैठ गया दोनों के चेहरे अलग-अलग डायरेक्शन में थे

आस्था अब देखिए ना हमारी और एकांश ना आप हमारी नाक खींचते हैं आस्था अब नहीं करेंगे

चलिए दिखाइए इधर एकांश नहीं आप हमेशा ऐसे ही बोलते हैं लेकिन वही करते हैं

आस्था एकांश ने झट से उसे अपनी और खींच लिया आस्था उसके सीने से जाकर टकरा गई

और उसका चेहरा एकांश के चेहरे के बेहद करीब आ गया एकांश को तो अंदाजा भी नहीं था कि ऐसा कुछ होगा उसी उधेड़बुन में कब उसके हाथ आस्था की कमर पर जा पहुंचे उसे समझ ही नहीं आया आस्था के हाथ में एकांश के सीने पर थे

और नजरे कब की उसकी नजरों में खो चुकी थी ठंडी हवाएं और एक दूसरे के करीबी से तैयार हुई

गर्मी माहौल को बहुत रोमांटिक बना रहा था ना जाने कितनी देर वह एक दूसरे को महसूस कर रहे थे

हवा के झोंके से आस्था के बाल उसके चेहरे पर आ गए एकांश ने बड़ी नजाकत से उन्हें उसके कान के पीछे डाल दिया एकांश के छूवन से आस्था सिहर उठी उसके और करीब चली गई

कान में धीरे से अपना हाथ उसके चेहरे पर घुमाया अपने अंगूठे से उसके गाल को हल्के से रब किया आस्था की आंखें बंद हो गई

एकांश का अंगूठा आस्था के होठों को नाप रहा था उसकी नजर वहां से हट ही नहीं रही थी उसका दिल सिर्फ आस्था के होठों का रस पीने को बेकरार हो रहा था

आस्था का भी यही हाल था बड़ी शिद्दत से एकांश ने अपने आप को काबू किया और वहां से चला गया अगर और एक पल भी वह रुकता तो अपने आप को नहीं रोक पाता

आस्था को प्यार करने से आस्था आप भी आंखें बंद किए बैठी हुई थी काफी देर जब उसे कुछ भी हलचल महसूस नहीं हुई

तो उसने आंखें खोल कर देखा क्या हुआ क्या हम ख्वाब देख रहे हैं थे या फिर सच में कुंवर जी यह क्या सोचने लगे हम आस्था ने एक हाथ से अपना चेहरा छुपा लिया

एकांश के छुवन को महसूस करते हुए वह वही झूला खेलते हुए बैठी रहे

एकांश और आस्था की जिंदगी में उनके सबसे बड़ी दुश्मन रेवा ने एंट्री कर ली है

एकांश की शादी के राज से अनजान वह उसे अपना बनाने का ख्वाब देखने लगी है अब आगे क्या होगा यह जानने के लिए पढ़ते रहिए तेरा मेरा साथ हमेशा

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Love ek pyar bhara safar h meri dusri story ka app sb log es story ko b itna hi pyar dijiiye plzz plz