बेटियाँ.. in Hindi Poems by Pari Boricha books and stories PDF | बेटियाँ..

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बेटियाँ..

घर की लक्ष्मी होती हैं बेटियाँ
घर-आँगन की रंगोली होती है बेटियाँ
परिवार के चेहरे की मुस्कान होती हैं बेटियाँ
बेटियों से ही घर की रोनक होती है
क्योकि,
घर का उजाला होती है बेटियाँ ...


घर की दौलत होती है बेटियाँ
अपने परिवार की इज्जत होती है बेटियाँ
भाई की अच्छी दोस्त,
माँ की पेहली सहेली और
पापा का प्यार होती है बेटियाँ...


छोटी सी मुस्कान है बेटियाँ
ये सच है कि, मेहमान है बेटियाँ
उस घर की पहचान बनाने चली,
जिस घर से अनजान हैं बेटियाँ...


माँ का सहारा होती हैं बेटियाँ
पापा को अच्छे से समझतीं है बेटियाँ
सबसे गरीब घर वही है,
जिस घर नहीं है बेटियाँ ...


माँ बाप की दौलत में नहीं
उसके सुख दुःख में
भागीदार हैं बेटियाँ ...


अपनी प्यारी-प्यारी बातों से
सबका मन हर लेती है,
चाहे धूप हो
चाहे हो छाँव,
हर हाल में मुस्कुराती है बेटियाँ...


कहते हैं लोग
बेटियाँ होती हैं कमजोर,
उसे शायद अंदाजा नहीं होगा
बेटी की ताकत का;
जबकि,
एक जीव को दूनियाँ में
लाने का काम करके
उसने ये साबित तो किया है !
सबसे शक्तिशाली होती है बेटियाँ ...


बटियों से ही तो आबाद है
सबके घर- परिवार
अगर, न होती बेटियाँ
थम जाता संसार ...
अब सोचो,
कितनी बड़ी हस्तियाँ
है ! ये बेटियाँ ...


चाहे वो " KG " में पढ़ती हो ,
या फिर, चाहे "College " में
पापा की गुड़िया ही रहती हैं बेटियाँ ...


पापा के सिर का ताज
पापा की इज्जत
पापा की बदौलत ,
पापा का प्राण होती हैं बेटियाँ ...


आंखो के आँसू को छूपाकर
होठों पे मुस्कुराहट रखकर
गमों को निगलने में
माहिर होती है बेटियाँ ...


पापा हर ज़िद पूरी कर देते है
इसीलिए तो,
हर ज़िद पै अड़ी रहती हैं बेटियाँ
हर सुबह की ताज़गी और
हर शाम-सी शान्ति है बेटियाँ ...


वैसे तो गुलाब-सी मासूम होती है
लेकिन, कभी-कभी
पत्थर- सी कठोर हो जाती है बेटियाँ ...


अपने स्वाभिमान के लिए
अपनी इज्जत के लिए
मौत से भी टकरा जाती हैं बेटियाँ ...


अपने घर की शान
परिवार का मान है बेटियाँ
अगर, लगाएँ कोई उसके चरित्र पे डाघ
तो, अग्नि-सी विकराल है बेटियाँ ...


भोली-सी होती है
पर, कभी-कभी
तांडव करना भी जानती हैं बेटियाँ ...


वो नारी की हर भूमिका अदा करती है
कभी माँ, कभी बहन,
तो, कभी बहू है बेटियाँ ...


चाहे कैसी भी हो परिस्थितियाँ
मगर, हर हाल में ढलना जानती है बेटियाँ
सिर्फ कलम हीं नहीं ;
तलवार भी चलाना जानती है बेटियाँ ...


जब वो होती है घर में
तब घर का कोना- कोना मुसकुराता है
अगर, न दिखे उसकी परछाई
तो, घर भी अकेले में रोता है
उतना गहरा लगाव लगा जाती है बेटियाँ ...


चहकती चिड़िया है बेटियाँ
माँ के गुनगुनाने की,
पापा के मुस्कुराने की
भाई के खूश होने की वज़ह है बेटियाँ ...

धरती का सहारा
आसमां का सितारा
नदी का किनारा है बेटियाँ
ब्रहमांड की अनंत ऊर्जा है बेटियाँ ...


कोई कहे बोझ है
कोई करे अफसोस
उसे कैसे समझाए ,
मानव सृष्टि की नींव है बेटियाँ ...


जिसका कोई मूल्य न हो
वैसी अमूल्य है बेटियाँ
जिसका कोई मोल न हो
वैसी अनमोल है बेटियाँ ...


अगर बेटा घर की शान है
तो, बेटी दो घरों की इज्जत और मान है,
वो बेटे को भी जन्म देती हैं
अब सोचो,
कितनी महान हैं बेटियाँ
कितनी बलवान है बेटियाँ...

~PARI ❤😊❤ BORICHA