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ब्लैक मून हॉन्टेड हाउस

भूतपूर्व मकबरे के पास एक अतीत से भरी वैशाली गली में एक काले चाँद का आभास था। वहां स्थित ब्लैक मून हॉंटेड हाउस अपनी भयानक कथा के लिए मशहूर था। इसे देखकर न सिर्फ बच्चे, बल्कि वयस्क भी घबरा जाते थे। ऐसा माना जाता था कि यहां भूतों की बस्ती है, जहां वे अपनी विधवा आत्माओं के साथ रहते हैं।

बहुत साल पहले, ब्लैक मून हॉंटेड हाउस एक राजमहल था, जहां महाराजा और महारानी रहते थे। वे धनी और बहुत बड़े होते थे, लेकिन लोगों में उनकी दया के बारे में कोई ज्ञान नहीं था। एक दिन, अचानक से एक अभिशाप के कारण महाराजा और महारानी मर गए। इसके बाद से यहां आत्माएं रहने लगीं और इसे भूतबाजी का सबसे भयानक स्थान माना जाने लगा।

एक रात, जब चाँदनी नहीं थी और हवा दरारें चूना रही थी, तब एक बहुत वीरान आवारा आदमी, विक्रम नामक युवक, वहां आया। विक्रम अपने दोस्तों के साथ ब्लैक मून हॉंटेड हाउस का अनुसंधान करने के लिए आया था। उन्होंने यहां जाने की बहुत कोशिश की थी, लेकिन किसी को इस वातावरण की वजह से अंदेशा नहीं था।

जब विक्रम और उसके दोस्त ब्लैक मून हॉंटेड हाउस में प्रवेश करने के लिए तैयार हो गए, तो उन्होंने एक घने काले बादल के नीचे अनुभव किया। उन्होंने एक ठंडी वातावरण में अपने आप को घेरा हुआ महसूस किया और वहां से भयभीत होकर वापसी करने का निर्णय लिया। लेकिन जब वे बाहर निकलने के लिए चले, तो वे इंद्रधनुष के निचले भाग के पास खड़े हो गए।

यह दृश्य विक्रम को चौंका देने वाला था। वह देखा कि इंद्रधनुष के नीचे कई सदियों से जले हुए लाशें थीं, जो कि ब्लैक मून हॉंटेड हाउस के पूर्व रहे लोगों की थीं। विक्रम और उसके दोस्त डर से कांपने लगे और उन्होंने जल्दी से वहां से भागने का निर्णय लिया।

वापस घर आने के बाद, विक्रम ने अपने दोस्तों के साथ वहां देखा जहां उन्होंने वह बहुत बड़ा भयानक अनुभव किया था। उन्होंने एक पुरानी पुस्तक में ब्लैक मून हॉंटेड हाउस के इतिहास के बारे में पढ़ा।

इतिहास में लिखा था कि महाराजा और महारानी की मृत्यु के बाद, भूतों ने उनके घर को अपना घर बना लिया था। वे अपनी आत्मा को शांत करने के लिए वहां रह रहे थे और किसी भी व्यक्ति को उनके आसपास नहीं आने देते थे।

विक्रम और उसके दोस्तों ने यह जानने के लिए निश्चय किया कि क्या उन्हें ब्लैक मून हॉंटेड हाउस में फिर से जाना चाहिए। इस बार वे धैर्यपूर्वक और सावधानी से तैयार हुए।

जब वे वहां पहुंचे, तो उन्होंने एक महसूस किया कि भूतों की आत्माएं उनकी उपस्थिति से प्रभावित नहीं हो रही हैं। वे यह देखकर चौंक गए।

विक्रम ने यकीन किया कि भूतों की आत्माएं उन्हें कुछ नहीं करेंगी। उन्होंने वहां घूमते हुए ब्लैक मून हॉंटेड हाउस के विभिन्न कमरों में जाँच की। वे देखा कि भूतों की आत्माएं ताजगी और चैन के साथ उस स्थान में रह रही थीं।

विक्रम और उसके दोस्त बड़े ही हैरान हुए। यह उनके लिए एक अद्भुत अनुभव था कि कैसे एक स्थान जो पहले भयानक और भयानक दिखता था, अब शांतिपूर्ण और प्रेमपूर्ण था।

विक्रम और उसके दोस्तों ने खुशी के साथ ब्लैक मून हॉंटेड हाउस से बाहर निकलते हुए आत्मों को आदा भगवान के आगे श्रद्धांजलि दी। वे यह अनुभव करने के बाद जीवन में और सतर्क बने और इंसानियत के साथ समझौता करने की महत्वपूर्णता को समझा।

इस दिन से विक्रम और उसके दोस्तों ने दूसरों के साथ महसूस करने वाले भूतों के बारे में नए तथ्यों को साझा करना शुरू किया और उनकी कहानियों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया। यह कहानी आज भी लोगों को भयभीत करती है, लेकिन वहां जाने वाले लोग अब भूतों को समझते हैं और उनका सम्मान करते हैं।

समाप्त
Comment जरूर करना जीवन की पहली हॉरर story लिखी हैं