WHAT A LOVE in Hindi Love Stories by Abhishek Joshi books and stories PDF | WHAT A LOVE

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WHAT A LOVE

रात के  २  बजने  वाले थे |

अब  सारा  माहोल  शांत  हो  चुका  था  |

ट्रेन  की  मुसाफ़री  भी  रुकने  पर थी  |

लेकिन  फिर भी  एक  युवान  प्लेटफ़ॉर्म  पर  किसिकी  राह  देख  रहा  था  |

 

रात्री  के  अंधकार  मे  सिर्फ  हवा  की  लहेर  ही  महेसुस  हो  रही  थी  |

उन  दिनों  सर्दी  बहुत  थी  |

लेकिन  वो  युवान उठने  का  नाम  नहीं  ले  रहा  था  |

 

इतने  मे  एनाउंसमेंट  होता  है  की  ,

" यात्रीगण  कृपया  ध्यान  दे  मुंबई  के  लिए  आखरी  ट्रेन  रवाना  होने  के  लिए  प्लेटफ़ॉर्म  पर  तैयार  है  "

 

तभी  वहा  वरुण  आता  है  और  अनंत  को  कहेता  है  की  |

" चल  अब  कितनी  देर तक  उसकी  राह  देखेगा  "

इस  प्रश्न  के  उत्तर  मे  अनंत  सिर्फ  इतना  ही  कहेता  है  की  |

" MAY  SHE  COME  "

 

वरुण  ने  उसे  समजाने  की  बहुत  कोशिश  की   लेकिन  वो  टस  से  मस  ना  हुआ  |

आखिरकार  अनंत  की  जिद  के  कारण  उसे  भी  जाना  पड़ा  |

वो  तो  जाना  नहीं  चाहता  था  पर  अनंत की  जिद  के  आगे  उसकी  एक  ना  चली  |

 

वो  पूरी  रात  प्रिया  का  इंतेजार  करता  रहा  पर  प्रिया  नहीं  आई  |

वो  आएगी  या  नहीं  आएगी  इस  बात को  लेकर  बहुत  परेशान  था |

 

हालाकी  डॉक्टर  ने  उसे  किसी भी  बात को  लेकर  तनाव  ना  लेने  को  कहा  था  |

क्योंकि  वो  हार्ट  का  पेशंट  था |

अभी  कुछ  ही  दिनों  पहले  उसने  चेकप  करवाया  था  |

 

प्रिया  भी  कई  दिनों  से  बीमार थी  |

हालाकी  ये  बात  उसने  अनंत  से  छुपाके  रखी  थी  |

जब  रिपोर्ट  आई  तो  उसे  पता  चला  की  उसे  लास्ट  स्टेज  केन्सर  है |

अभी तक  जो  उसे  छोटी - मोटी  बीमारी  लग  रही थी  वो  केन्सर  निकली |

 

आज  वो  दोनों  आखरी  बार  मिलकर  अपने  प्यार  का  इजहार  करने  वाले  थे  |

पर  शायद  ये  नियति  को  मंजूर  नहीं  था  |

 

प्रिया  के  केन्सर  की  पीड़ा  इतनी  बढ़  गई  की  उसे  रातों - रात  अस्पताल  ले  जाना  पड़ा  |

और  इधर  उसकी  राह  देखे  हुए  अनंत  को  तनाव के  कारण  दिल  का  दोरा  पड़ा  |

 

अनंत  और  प्रिया  एक  ही  कॉलेज  मे  पढ़ते  थे  |

और  एक  ही  सेमेस्टर  मे  |

कॉलेज  के  पहले  दिन  से  ही  वो  दोनों  एक  दूसरे  को  देखने  लगे  थे  |

 

हा  कभी - कबार  बात  कर  लिया  करते  थे  |

ऐसे  ही  देखते  - देखते  पूरा  सेमेस्टर  निकाल  गया  |

आज  सेमेस्टर  का  आखरी  दिन  था   और  कल  से  छूटिया  सुरू  होने  वाली  थी |

 

आज  वो  दोनों  मिलकर  अपने  प्यार  और  बीमारी  दोनों  का  इजहार  करने  वाले  थे |

वैसे  तो  उन  दोनों  को  छोड़कर  पूरे  कॉलेज  को  पता  लग  गया  था  |

की  वो  दोनों  एक - दूसरे  से  प्यार  करते  है |

 

इधर  अस्पताल  मे  भी  प्रिया  यही  सोच  रही  थी  की  अनंत  उसकी  राह  देख  रहा  होगा  |

आखिरकार  दोनों  बीमारी  से  लड़ते  हुए  |

मौत  की  आगोस  मे  सो  गए  |

 

जब  कॉलेज  वालों  को  पता  चला  तो  उन्होंने  इन  दोनों  का  अग्नि-संस्कार  एक  साथ  एक  ही  समसान  मे  करने  का  फैसला  लिया  |

ताकि  जो  प्यार  जीते  जी  पूरा  ना  हो  सका  वो  मरने  के  बाद  पूरा  हो  जाए  |

 

सभी  ने  मिलकर  अनंत  के  मम्मी - पापा  को  इन्फॉर्म  किया  और  शहर  बुलाया  |

दोनों  की  चिता  पास - पास  मे  लगाई  और  अग्नि- संस्कार  किए  |

 

ये  द्रश्य  देखकर  सब  के  मुह  से  एक  ही  वाक्य  निकला  |

" WHAT A  LOVE ? "