Ishq - 12 in Hindi Short Stories by om prakash Jain books and stories PDF | इश्क. - 12

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इश्क. - 12

इश्क की कहानी पढकों की पसंद के हिसाब से
बिलकुल सही बैठ रहा है।
राज वेदान्त को बॉम्बे आने का बारबार ऑफर देता है ।वेदान्त, राज सर का इज्जत करता है ।परंतु बॉम्बे जाने को सोचता है।होम प्रोडक्सन का काम शेखर के जिम्मेेेदारी में सोप देना चाहता है।फिर विचार में डूब जाता है ।सिम्मी का ख्याल कौन रखेगा।
सिम्मी ,वेदान्त की यादें में डूबी हुई है ।सावन की फुवार में मोरनी बन कर जंगलो में बहुत नाचने का मन होता है।मीठी मीठी सपने ।उस सपने में जो आंनद है उसकी कल्पना करना भी मुश्किल है।
शेखर ,पाव भाजी लेने मार्केट गया है।उसे बासी पावभाजी मिलता है।शेखर कहता है -पावभाजी बेचने वाले आज कल सब बहिय्या गए है।शेखर अपने मस्ती में है ,आज उसका मन सिगरेट पीने का होता है।उसी समय उसे मिर्ची लेते हुए डॉली दिखाई देती है ।मस्ती के मूड में हेलो डॉली।डाली कहती है।आई एम फाइन ।इतनें में काका शेखर को ढूंढने निकलता है।वेदान्त झल्ला कर चिल्लाता है -शेखर ,कोई नहीं सुनता।काका कोई नही।पागल हो जाता है ।भूख लगी है ।कमीना शेखर पावभाजी अभी तक ले कर नहीं लौटा ।काका भी कहाँ मर गया है।
डाली ,शेखर को ले कर सुरंग वाली केंटीन में जाती है।बाहर से कोई नहीं देख सकता है।एक सेपरेट केबिन में बैठ कर गप्पे मार रहें है ।काका शेखर को पावभाजी के दुकान में देखता है।नही मिलता जल्दी ताजा पावभाजी ले कर वेदान्त को खिलता है।वेदान्त ,काका से पूछता है -शेखर कहाँ है।मर तो नहीं गया।काका तुम परेशान मत होइए आजायेगा।बच्चा नहीं है।बाजार गया है कबड्डी खेलने में भूल गया होगा ।
शेखर, डाली से तुम मनोज को बहुत इम्प्रेस करने में जुटी रहती हो।अरे! इसमें नई क्या बात है।आप को भी खुश कर दूंगा।वेदान्त को यही बात अच्छी नहीं लगी।मै उसे समज नहीं सकी हूं की वेदान्त सर मुझे डोरे डालने क्यों नहीं ।अरे यार इस लाइन में मौज मस्ती करने की जरूरत है।तुम मोनिका के जगह मुझे फीट कर देते मैं तुम्हारा पूरी गर्मी उतार दूंगा।एक बार मोनिका का जगह दिला दजिये बस।उससे अच्छी डांस करती हूं ।तुम्हें मालूम है बॉम्बे से ट्रेनिंग कर आई हूं ।
शेखर डार्लिंग ठीक है तुम मनोज और वेदांता के पीछे क्यो पड़ी है।दोनों लालू नंबर वन है।दोनों नामर्द हैं ।डाली- तुम्हें कैसे मालूम ।मनोज साइको है।डॉली यही कई बहाना बना कर मुझे टाल देता है।चिकन,और ड्रिंक करने में माहीर है।
शेखर सिगरेट का धुआं उड़ा रहा है।डाली भी भूरे रंग की लंबी सिगरेट मेड इन uk की कस le रही है।दोनों की पहेली दोस्ती सुरु हक जाता है।शेखर ,डाली को नई फिल्म की हिरोइन की घोषणा कर देता है ।मोनिका की सादी होने वाली है।उसका मंगेतर मिला था।वही तो सिम्मी की स्कूटी को ठोक दिया था। डाली-सिम्मी कौन।अरे मेरी भाभी मलाइका।सिम्मी का नाम लिए।अरे वेदान्त का लाइव पार्टनर।डाली-कहाँ की हिरोइन है।ओ तो पेरिस की है।फैसन डिजाइनिंग हाउस है।उनकी तो चार बंगले है।पट कैसे गई।वेदान्त भी जुगाड़ु है तुम्हारी जैसे।मैं ही जुगाड़ लगा दिया। वेदान्त से नफरत करता हूँ ।सिम्मी भाभी की चिंता है।तो ठीक है।
फिर दोनों को केबिन से एक गुप्त कमरे की ओर जाते देखा। पता नहीं वहां धंटे भर क्या हो रहा था मुझे नही मालूम ।वेटर ने बताया दोनों मिर्ची भजिया खा रहे थे।सिम्मी का फोन आता है।शेखर ,भैया तुम मेरे घर आ जाओ और अमेरिका वाली तुम्हारी बहन को भी लेते आना।अमेरिका वाली सहेली से मेरे माता,पिता मिलना चाहते है।शेखर-मुझे कुछ पल्ले नहीं पड़ रहा है ।क्या कहा रही हो।आप आज साम को जंगल सफारी में मिलना भैय्या अकेले में बताऊंगा।ok।
वेदान्त मनोज को प्रोडक्शन कंपनी से हटा देता है ।मोनिका के केस में परेशान रहता था।मनोज मायूस हो जाता है ।अपने आप से कहता है ये डाली के कारण हुआ है।शेखर धीरे से डाली को साइड हेरोइन बना देता है।वेदान्त को पता ही नही चलता।
फ़िल्म हीट हो जाता है।डाली की एक्टिंग को दर्शकों की पसंद बन जाती है।मोनिका ने कई हिट,सुपर हिट,सीजी मूवी दी है।मोनिका को वेदान्त लक्की समझता है।