Feature Film ka Screen Play in Hindi Fiction Stories by Yashvant Kothari books and stories PDF | फीचर फिल्म का स्क्रीन प्ले

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फीचर फिल्म का स्क्रीन प्ले

 

 

 

 

फीचर फिल्म का Screenplay part one

Angles and triangles –novel- yashwant kothari

Paisa hai to shahr ,nahi to jahar (if have money than metro otherwise poison –

पैसा है तो शहर,नहीं तो जहर

Make love but no children

No war only love and love
 

This is a story that takes the reader on a journey through India, Indian culture, and Indian lives. It is written in “Hindi-English” which retains its cultural authenticity. The story is told through the eyes of the author, born into a poverty-stricken family in rural India. Through his mother’s endeavors and personal sacrifices, the author is educated, enabling him to become a journalist. In so doing, the author meets many people in different parts of India, whose touching and often shocking but not hopeless life stories are told within the intertwined love story of this novel. Amongst these life stories, the reader is taken on a journey that is truly about the current and past political and historical arena and its ramifications, the contrasts with rural and urban life, traditional culture and globalization, and the harsh realities that have to be confronted and accepted, especially if you are poor.1971 war described.
 

 

 

 

 

सीन -1

1971 भारत पाक युद्ध, पश्चिमी राजस्थान का कोई गाँव, युद्ध जारी ब्लैक आउट रेडियो से समाचारों का प्रसारण)

एक घर में एक कमरा 5 बच्चे सो रहे टापरी में अंधकार )

बड़ा बेटा –सब सो जाओ

बम फट रहे हैं गाँव कभी भी खाली करना पड सकता है

लड़की –फिर हम कहा जायेंगे

जहाँ  किस्मत ले जाये बड़े लोग समझोता कर लेंगे हम भुगतेंगे.

बम टेंकों की आवाज़े .......

युद्ध -- संगीत

रेडियो –भारत कि सैना के सामने पाकिस्थान  ने सरेंडर कर दिया है भारत ने एक तरफ़ा युद्ध विराम घोषित कर दिया है

बंगला - देश बन गया है

लेकिन जो युद्ध में शहीद हुए और घर नहीं आये उनका क्या

बेकग्राउंड  संगीत  के साथ आवाज़-

पूछो उन महिलाओं से जो विधवा हुई पूछो उन मासूम बच्चों से जो अनाथ हुए पूछों उन बुड्ढे  माँ बापों से जिनकी बुढापे की लाठी छीन गयी युद्ध से किसी को क्या मिला दुनिया को युद्ध नहीं प्यार चाहिए जीने का हक़ चाहिए ,मौत का मुआवजा नहीं .

सत युग हो या कलयुग युद्ध में जीता हुआ भी हारता है और हारा हुआ तो हारता ही है .(कोई उदासी का गीत संगीत  बजाये )एक गाना भी दिया जा सकता है
सीन -२

फ्लेश बेक में फिल्म का नायक एंट्री मारता है

एक कालेज का सीन ,लड़के लडकिया घूम रहे हैं,एक क्लास में नायक हीरो केमिस्ट्री पढ़ा रहा है ,बाहर शोर होता है

बरामदे में एक लम्बा चौड़ा जवान लड़का एक महिला –लड़की हिरोइन को बाँहों में उठा कर कक्षा के दरवाज़े पर आजाता है ,

 हीरो-ये  क्या बदतमीज़ी है

विलेन सर – ये मेरी गर्ल फ्रेंड है

हीरोइन –शट अप मैं इस कालेज में hindi की नयी प्रोफेसर बन कर आई हूँ तुम कालेज के गेट से ही मुझे उठा लाये ,मैं तुम्हे कालेज से निकवा दूंगी तुम्हे शर्म आणि चाहिए

विलेन –सॉरी मदम मैंने समझातुम कोई नयी लड़की पढने आई हो  माफ़ी डे दीजिये

हीरो –कान पकड़ कर माफ़ी मांगो.

हीरो अपना लेक्चर ख़त्म करता है ,विलेन कन्तींमे चला जाता है

स्टाफ रूम

हीरो –हीरोइन मिलते हैं

हीरो-तो आप hindi पढ़ाएंगी

 हेरोइन जी कोई शक

हीरो -लेकिन आज तो आप की ही hindi हो गयी

हीरोइन-यू शूट अप

हीरो –यू आर वेलकम

चलिए काफी पीते हैं  

हीरोइन –मैं क्लास में जाउंगी

हीरो –क्या पढ़ाएंगी

हीरोइन –एक ऐसा  नाटक जो युद्ध नहीं शांति और प्रेम की बात करता है .

हमारी किस्मत में तो प्यार की  ओक्शिजन है .चलिये मिलते है ब्रेक के बाद .

सीन -३

हीरो अपने गाँव की टापरी में है

उसका भाई उसे चिढ़ा रहा है

 

 भाई - साले राना टिग्रिना  मेरा क्या मुकाबला करेगा

 हीरो-और तू फेरेटीमा पोस्थुमा मिलिट्री में जायेगा शकल देखि है कभी आईने में

 भाई-और तू बनेगा प्रोफेसर जा पोस्ट आफिस के बाहर तार लिख .

दोनों भूखे सौ जातें हैं .

सुबह का संगीत

गाँव में कुम्हार टेराकोटा के बर्तन बना रहे हैं  सुन्दर सजीव द्रश्य हीरों गाँव के बाहर चाय की घुमती पर बैठा है .

गाँव का एक युवा

कहो मासाब कहाँ तक पहुंचे

मुझे मासाब मत बुलाओं में प्रोफेसर

यह मुह और मसूर की दल बी एस सी के बाद बेरोजगारी यही है तुम्हारा भविष्य देते रहो परीक्षा पेपर आउट होते रहेंगा तुम रोते रहो गे

और तेरा क्या होगा रे अग्नि वीर चार साल के बाद खेरी या राजनीती

बस यार  बहुत हो गया ....

उदास हीरो शून्य में ताकता है

शहर जाने वाली बस में चढ़ जाता है

शहर का कालेज हीरो पढता है पास होता है औरकालेज में  पढ़ाने आता है .

जारी ...

 

 

 

 
अंतिम सीन

 बुड्ढा हीरो दुनिया छोड़ कर उदास मन से हिमालय की और चल देता है उदास आद्ध्यात्मिक संगीत के साथ फिल्म पूरी होती है

या ......

अंतिम सीन में हीरो हेरोइन को गाते बजाते भी दिखाया जा सकता है.

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