Humsafar (I love you) in Hindi Anything by DINESH KUMAR KEER books and stories PDF | हमसफ़र (तुमसे प्यार है)

Featured Books
  • एक राजा ऐसा भी

    ---### *एक राजा ऐसा भी*  #### _मनकापुर रियासत का संक्षिप्त इ...

  • तुम और मैं - 7

    21 जनवरी की वो सुबह कुछ अलग थी। कान्हा बाइक लेकर आए थे और उन...

  • Bayaan - Part 18

    Part 18  डायरी का आखिरी पन्ना...मेरे हाथ अब काँपने लगे थे। प...

  • मंदिर में तुम - 7

    रात का समय था…कोरिया में लाइट्स चमक रही थीं…और सुनामी अपने क...

  • Sirf Tumhara - 6

    **Sirf Tumhara**  **Part 6**रुद्र की मुट्ठियाँ इतनी जोर से भ...

Categories
Share

हमसफ़र (तुमसे प्यार है)

1.
दुनिया की बेफिक्री से फुरसत मिले
और कोई पूछे कि कौन हूँ मैं आपका...!
तो बताना उसे,
कि आपकी किसी कहानी का अनकहा किस्सा हूँ मैं...!
आपसे मिलकर भी जो कभी ना मिल सका,
आपकी जिंदगी का वो हिस्सा हूँ मै...!
तसल्ली से पढ़ा होता तो समझ आ गया होता
बिना पढ़े ही पलट दिया...
आपके ही किताब का वो अभागन पन्ना हूँ मै...!
आपको पाने की तमन्ना नहीं फिर भी खोने का डर है
इतनी शिद्दत से देखा हुआ मोहब्बत का आयाम हूँ मै...!
जिसका क्षेत्रफल आपके सोच पर आधारित है
ऐसा वो शून्य हूँ मैं...!

2.
ज़िंदगी के
किसी ना किसी मोड़ पर
मिलन होगा कभी तो हमारा तुम्हारा

ये जन्मों जन्मों का है बंधन
अपने प्यार की महक से महके सारा उपवन
इसके बिना फिर कहाँ गुज़ारा हमारा तुम्हारा

ये प्यार ही तो
दो दिलों का है सहारा
जो उतर कर फ़लक से चाँद सितारे देखें सारा नजारा

3.
वादे नही करुंगा तुमसे
वादे टूट जो जाते हैं

तुम्हे जीवन के
आखरी पड़ाव तक यूं ही प्रेम

करते रहना
मेरा दृढ़ निश्चय समर्पण हैं

वादा नही करुंगा सातो जन्मों का
बस इस जन्म तक तुम्हे ही

चाहते रहना
बस इतनी सी है चाहत मेरी
हमसफर

4.
पत्थरों से प्यार किया नादान थे हम,
गलती हुई क्योकि इंसान थे हम,
आज जिन्हें नज़रें मिलाने में
तकलीफ होती हैं,
कभी उसी सख्स की जान थे हम...!

5.
काश तू भी जागे रातों को मेरी तरह
और मैं बेफिक्र सो जाऊं तेरी तरह

काश तू मेरे साथ को तरसे मेरी तरह
और मैं तन्हा तुझे कर जाऊं तेरी तरह

काश तु मुझसे बात करना चाहे मेरी तरह
और तुझे वक्त ही ना दूं मैं
तेरी तरह

6.
एक पल भी तुमसे दूर रह ना सकूं मैं
फिर भी पूरा दिन तुम्हारे बगैर गुज़ार दूं मैं

है दीवानगी इस कदर तुम्हारी
एक झलक पे अपनी जान वार दूं मैं

जो तुम किसी और को देखो
तो सेह ना सकूं मैं

ये हवाएं भी क्यूं छू के गुज़रती हैं तुम्हें
बताओ क्या क्या बर्दाश्त करूं मैं...

7.
जमी पर गिरा पड़ा है, असमाँ का चमकता तारा
तड़प ना - समझे दिल की, ये दिल तुम्हे ही पुकारा

पराये से उम्मीद क्या लगाए अपने दे जब धोखा
मीठी - मीठी बातें कर के कर गयी हमे दर किनारा।

8.
बिना कोई सवाल किए
हम खामोशी से
तुमसे इश्क़ किये जा रहे
बिन तुम्हे देखे
हर पल जिये जा रहे हैं
जब से तुमसे इश्क़ हुआ
मिट गए दिल के
फितूर सारे
तेरा साथ मील हरपल
रब से यही दुआ
किये जा रहे हैं...

9.
हमने तो कभी न बदलने
की कसम खाई थी
पर तेरे दिए सन्नाटे इस
कदर तन्हा कर दिया

तुझसे दूर होने के सिवा
कोई रास्ता ही न दिखा
हम तो दे कर गए बार - बार
दस्तक तेरे दिल पर

पर तूने ही न देखा एक
बार भी पलट कर

10.
दफन कर दी हर ख्वाइस ...
उम्मीद के छाया तले
अस्त व्यस्त जिंदगी
आभाषी कभी पास कभी दूर
कभी - कभी बेवक्त हर खुशी
शायद जिंदगी का फलसफा यही
अनगिनत राह दिखाई देते है
चाहता कुछ ओर हूं
इन्ही उधेड़ बुन में जीवन रेंगती
ज्यादा उम्मीद भी नही करता
वक्त के हवाले सब जिंदगी ...!!

11.
आ बैठ मेरे पास क्यों हो उदास ...
धड़कन सुना दूं कहो तो आज
कद वद कुछ नही न हो उदास
सच - सच बोल दूं मन का ख्याल
यादों में खोया बेख्याली का अहसास
सकूं का अहसास हो मेरे पास
हर नजर तुझपे हर नजर ख्वाब
आ बैठ मेरे पास क्यों हो उदास ...!!