forest queen in Hindi Moral Stories by Mister Rakesh books and stories PDF | जंगल की रानी

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जंगल की रानी

**भाग 1: जंगल में छिपा खजाना**

कहानी की शुरुआत एक छोटे से गाँव से होती है, जहाँ एक खूबसूरत लड़की, जिसका नाम राधिका था, अपने माता-पिता के साथ रहती थी। राधिका अपनी सुंदरता और चतुराई के लिए जानी जाती थी। गाँव के लोग उसे "जंगल की रानी" कहते थे। एक दिन, राधिका ने सुना कि जंगल में एक खजाना छिपा हुआ है, जिसे डाकुओं ने छिपा रखा है। राधिका का मन खजाने की खोज करने का कर रहा था।

**भाग 2: डाकुओं का खौफ**

गाँव में डाकुओं का खौफ था। उन्होंने कई बार गाँव को लूटा और लोग उनसे डरते थे। पर राधिका ने तय किया कि वह इन डाकुओं से डरने वाली नहीं है। उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर डाकुओं के ठिकाने की जानकारी इकट्ठा करने की ठानी। राधिका ने अपने साहस और चतुराई का उपयोग करते हुए डाकुओं के बारे में कई जानकारियाँ जुटाईं।

**भाग 3: साहसी योजना**

राधिका ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक योजना बनाई। उन्होंने तय किया कि वे रात में डाकुओं के कैंप में जाकर खजाना खोजने की कोशिश करेंगे। उनकी योजना के अनुसार, राधिका अपने आकर्षण और सुंदरता का इस्तेमाल करेगी ताकि वह डाकुओं के ध्यान को भटका सके। सभी दोस्त उनकी इस योजना में सहयोग करने के लिए तैयार हो गए।

**भाग 4: खजाने की खोज शुरू**

रात का अंधेरा होते ही, राधिका और उसके दोस्त जंगल में दाखिल हुए। उन्होंने सावधानी से डाकुओं के कैम्प की ओर बढ़ना शुरू किया। राधिका ने अपनी सुंदरता का जादू चलाते हुए डाकुओं के बीच जाकर उनसे बातचीत शुरू की, जिससे उसे खजाने की सही लोकेशन पता चल गई।

**भाग 5: खजाना और धोका**

जब राधिका ने खजाने का स्थान जान लिया, तो वह अपने दोस्तों को बुलाने के लिए वापस लौटी। लेकिन डाकुओं ने उसे पहचान लिया और उसे पकड़ लिया। डाकुओं के मुखिया ने उसे सजा देने का फैसला किया, लेकिन राधिका ने अपनी चतुराई से उसे अपनी ओर आकर्षित किया। उसने कहा, "अगर तुम मुझे छोडोगे, तो मैं तुम्हें खजाने का रास्ता दिखा सकती हूँ।"

**भाग 6: डाकुओं की सामंजस्य**

डाकुओं ने राधिका की बात मानी और उसे छोड़ दिया। राधिका ने उन्हें बताया कि खजाना किस दिशा में है। डाकू उसे अपनी योजना का हिस्सा मानने लगे। राधिका ने खुद को डाकुओं की विश्वासपात्र बना लिया और खजाने की ओर यात्रा शुरू की।

**भाग 7: खतरे की घंटी**

जैसे ही वे खजाने के ठिकाने के करीब पहुँचे, राधिका ने देखा कि कुछ गाँव वाले वहाँ डाकुओं का सामना कर रहे थे। राधिका ने तुरंत स्थिति को समझा और गाँव वालों को मदद करने का फैसला किया। उसने डाकुओं से पहले गाँव वालों को सूचना देने का सोचा। उसकी चतुराई ने गाँव वालों को सजग किया।

**भाग 8: युद्ध की गूंज**

गाँव वाले और डाकू आमने-सामने आए। राधिका ने अपनी चतुराई से डाकुओं को भ्रमित करने का प्रयास किया। उसने गाँव वालों को निर्देश दिए कि वे एकजुट होकर डाकुओं का सामना करें। डाकुओं की संख्या तो ज्यादा थी, लेकिन गाँव वालों का साहस उनकी सुंदरता से और प्रभावित हुआ।

**भाग 9: साहस की जीत**

काफी लड़ाई के बाद, गाँव वाले डाकुओं को पीछे हटाने में सफल रहे। राधिका की चतुराई और साहस ने न सिर्फ गाँव वालों को जीत दिलाई, बल्कि डाकुओं को उनकी गलतियों का अहसास दिलाया। डाकुओं ने गाँव को छोड़ने का फैसला किया और खजाना गाँव वालों को लौटा दिया।

**भाग 10: नई शुरुआत**

राधिका की वीरता की कहानी लोगों के बीच फैल गई। गाँव वाले उसे सम्मानित किया और उसे "गाँव की रानी" का दर्जा दिया। डाकुओं ने अपने गलत कामों का प्रायश्चित करने की ठानी और गाँव वालों की सहायता करने का निर्णय लिया। मीडिया में राधिका की सुंदरता और चतुराई की चर्चा हुई। कहानी खत्म होती है गाँव में शांति और प्रेम के साथ, जहाँ राधिका ने हर किसी को यह सिखाया कि साहस और चतुराई से कोई भी मुश्किल हल की जा सकती है।