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खोज शुरू

ने office में अनन्या की मदद करना जारी रखा। उसकी माँ का treatment चल रहा था और अनन्या अब पहले से ज़्यादा positive थी। तारा ने secretly उसे कुछ financial resources के बारे में बताया था जो company offer करती थी।
शर्मा अंकल के साथ भी तारा ने एक connection बना लिया था। अब वह भी उनके साथ कभी-कभी उन बेघर लोगों के लिए खाना ले जाती थी। शर्मा अंकल को यह देखकर बहुत खुशी हुई थी।
लेकिन एक दिन, सब कुछ फिर से बदल गया।
वह बुधवार की शाम थी। तारा metro से घर लौट रही थी। उसके बगल में एक middle-aged आदमी बैठा था - सूट-टाई में, briefcase लिए। बिल्कुल normal corporate employee की तरह।
तारा phone में कुछ देख रही थी, लेकिन अचानक उस आदमी ने अपना phone निकाला और किसी को बहुत aggressively message करने लगा।
Curiosity में तारा ने उसकी ओर देखा। और जब उसने उसके चेहरे पर focus किया...
"बस एक और दिन। कल सब खत्म हो जाएगा। वे सब समझेंगे कि मुझे इतने सालों तक ignore करने की क्या कीमत है। वह building... वहाँ इतने लोग होंगे... लेकिन मुझे फर्क नहीं पड़ता। वे सब deserve करते हैं।"
तारा को लगा जैसे उसकी साँस रुक गई। यह क्या था? यह आदमी... क्या वह किसी attack की planning कर रहा था?
उसने फिर से concentrate किया। और इस बार और भी स्पष्ट सुनाई दिया:
"Cyber Heights Building। Tomorrow, 2 PM। Meeting room 15th floor। Perfect timing। सब directors होंगे। वह bag... basement parking में छुपा दूंगा। Timer set कर दूंगा। जब तक किसी को पता चलेगा, मैं तो निकल चुका होऊंगा।"
तारा का दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा। Cyber Heights Building! यह तो उसी इलाके में था। और अगर वह 15th floor की बात कर रहा है, तो वहाँ तो corporate offices हैं। कितने लोग होंगे वहाँ!
अगले station पर वह आदमी उतर गया। तारा ने तुरंत उसे follow करने का फैसला किया। वह भी उसी station पर उतर गई।
आदमी तेज़ कदमों से बाहर की ओर जा रहा था। तारा थोड़ी दूरी बनाकर उसके पीछे चल रही थी। उसने अपना phone निकाला और प्रिया को message किया: "Emergency। Call me ASAP।"
वह आदमी एक छोटी सी building में घुस गया। तारा बाहर खड़ी रही। थोड़ी देर बाद उसने प्रिया का call आया।
"Tara! क्या हुआ?"
तारा ने पूरी बात बताई - metro में जो सुना, उस आदमी के विचार, Cyber Heights Building का plan।
"Oh my God! तुझे police को inform करना चाहिए!"
"लेकिन प्रिया, मैं police को क्या बताऊंगी? कि मुझे किसी के मन की बात सुनाई दी? वे मुझे पागल समझेंगे!"
"तो फिर?"
"मुझे खुद पता लगाना होगा। Concrete evidence चाहिए।"
"Tara, यह बहुत dangerous है। अगर वह आदमी सच में terrorist या कुछ है, तो..."
"मुझे कुछ करना होगा। मैं इतने लोगों को खतरे में नहीं छोड़ सकती।"
अध्याय 19: investigation शुरू
तारा ने उस building के बाहर एक घंटे तक wait किया। आखिरकार वह आदमी बाहर निकला और taxi लेकर चला गया। तारा ने building के watchman से casually बात की।
"भैया, यह building में कौन-कौन से offices हैं?"
Watchman ने बताया - "बस कुछ small companies हैं। Consulting firms, startup offices।"
"वो जो अभी निकले थे, suit में - वे किस office में काम करते हैं?"
"Arora साहब? वे 3rd floor पर Maximus Consulting में काम करते हैं।"
कम से कम अब तारा को एक नाम मिल गया था - Arora। और company का भी नाम पता चल गया।
घर पहुंचकर तारा ने laptop खोला और Google पर search किया - "Maximus Consulting Arora"।
कुछ results आए। LinkedIn पर उसे एक profile मिली - "Vikram Arora, Senior Analyst at Maximus Consulting"।
Photo match कर रही थी। यही वह आदमी था।
तारा ने उसकी profile carefully देखी। 15 years का experience, कई companies में काम किया, लेकिन पिछले दो सालों से Maximus में था।
फिर उसने और search किया - "Vikram Arora news", "Maximus Consulting controversy"।
और तभी उसे एक पुरानी news article मिली - 6 महीने पहले की। Headline था: "Maximus Consulting employee alleges discrimination and harassment"।
Article में लिखा था कि एक employee ने company पर allegations लगाए थे कि उसके साथ discrimination हुआ और उसे unfairly निकाल दिया गया। Company ने allegations को deny किया था।
क्या यह Vikram Arora ही था? Article में नाम नहीं था, लेकिन timing match कर रही थी।
तारा ने और गहराई से search किया। उसे Vikram Arora का एक पुराना Twitter account मिला (अब deleted, लेकिन cached pages में कुछ tweets visible थे)।
वहाँ के tweets disturbing थे:
"System is broken. Nobody listens."
"They think they can just throw people away. They will pay."
"Justice delayed is justice denied."
तारा का दिल बैठ गया। यह सब बहुत serious लग रहा था।
उसने फिर से Cyber Heights Building के बारे में search किया। उसमें कई companies के offices थे, including Maximus Consulting का head office भी।
तो यह revenge था! Vikram Arora को लगता था कि Maximus Consulting ने उसके साथ गलत किया, और अब वह बदला लेना चाहता था।
अध्याय 20: मदद की ज़रूरत
तारा ने पंडित जी को call किया।
"पंडित जी, मुझे एक बहुत serious situation का सामना करना पड़ रहा है।"
उसने पूरी बात बताई।
पंडित जी कुछ देर चुप रहे। फिर बोले, "बेटी, यह matter बहुत गंभीर है। तुम्हें police को inform करना चाहिए।"
"लेकिन पंडित जी, मेरे पास कोई concrete proof नहीं है। बस मेरी शक्ति से जो मैंने सुना..."
"तुम्हारी शक्ति genuine है, लेकिन police को समझाना मुश्किल होगा। तुम्हें evidence चाहिए।"
"मैं क्या करूं?"
"सबसे पहले, शांत रहो। Panic मत करो। फिर, अगर तुम्हें लगता है कि Vikram कल 2 PM पर कुछ करने वाला है, तो तुम्हारे पास लगभग 20 घंटे हैं। इस समय का सही इस्तेमाल करो।"
"कैसे?"
"पहले तो तुम्हें Cyber Heights Building को anonymous tip दे सकती हो। Security alert कर सकती हो। दूसरा, तुम police को भी anonymous tip दे सकती हो। भले ही उन्हें complete विश्वास ना हो, लेकिन कम से कम वे alert तो रहेंगे।"
"और अगर फिर भी कुछ हो गया तो?"
"तब तुम्हें खुद कुछ करना पड़ेगा। लेकिन सावधानी से। अपनी जान को खतरे में मत डालो।"
Call खत्म करने के बाद तारा ने सोचा। उसे एक plan बनाना था।
सबसे पहले, उसने Cyber Heights Building की security को एक anonymous email भेजा:
"Dear Security Team,
This is to inform you that there might be a security threat to your building tomorrow (Thursday) around 2 PM. Please check all suspicious packages, especially in the basement parking and 15th floor. This is not a prank. Please take this seriously.
Concerned Citizen"
फिर उसने police की cyber crime website पर भी एक anonymous complaint file की, same information के साथ।
लेकिन तारा को पता था कि यह enough नहीं था। अगर Vikram सच में कुछ खतरनाक plan कर रहा था, तो उसे और concrete evidence चाहिए था।
अध्याय 21: रात की तैयारी
उस रात तारा को नींद नहीं आई। वह बार-बार घड़ी देख रही थी। कल सुबह से उसे action में आना था।
उसने अपना plan finalize किया:
सुबह 8 बजे Vikram Arora की building के बाहर wait करना
उसे follow करना और देखना कि वह क्या करता है
अगर वह कुछ suspicious करे, तो तुरंत police को inform करना
अगर ज़रूरत पड़े, तो खुद Cyber Heights Building जाकर security को personally warn करना
सुबह 6 बजे तारा उठी। उसने जल्दी से तैयार हुई और निकल पड़ी। उसने office में leave का message भेज दिया - कह दिया कि वह बीमार है।
7:45 AM पर वह Vikram की building के पास पहुंच गई। उसने एक छोटी सी café में बैठकर building की entry को monitor करना शुरू किया।
8:30 AM पर Vikram दिखाई दिया। वह एक बड़ा backpack लेकर आया था। तारा ने ध्यान से उसे देखा। वह normal दिख रहा था - कोई suspicious behavior नहीं।
Vikram building में गया। तारा ने wait किया।
9:15 AM पर वह फिर से बाहर निकला। इस बार backpack नहीं था, लेकिन उसके हाथ में एक छोटा सा bag था।
तारा ने तुरंत café से payment किया और उसके पीछे चल पड़ी। Vikram metro station की ओर जा रहा था।
Metro में चढ़कर Vikram एक corner में खड़ा हो गया। तारा ने दूसरी तरफ खड़े होकर उसे observe किया।
उसने फिर से concentrate करके उसके विचार सुनने की कोशिश की...
"सब set है। Backpack में device है। Timer 1:45 PM पर set किया है। 15 minutes पहले मैं building से निकल जाऊंगा। Perfect plan। आज वे सब समझेंगे कि मुझे निकालने की क्या कीमत है।"
तारा को confirm हो गया। यह एक bomb था! Vikram ने अपने office में या किसी storage में bomb रख दिया था!
उसे तुरंत कुछ करना था। लेकिन क्या?
अध्याय 22: दौड़ समय के साथ
Vikram Cyber Heights station पर उतरा। तारा भी उतर गई। Vikram building की ओर जा रहा था।
तारा ने तुरंत 100 number (police emergency) dial किया।
"Hello, police station?"
"हाँ, कहिए?"
"मुझे Cyber Heights Building में bomb की information मिली है। कृपया immediately जाएं!"
"Madam, आप कौन हैं? और आपको यह information कैसे मिली?"
"मैं... मैं वहाँ काम करती हूँ। मैंने एक suspicious person को देखा। Please, आप जल्दी आइए। 1:45 PM पर bomb explode हो सकता है!"
"Madam, हम immediately team भेज रहे हैं। लेकिन आपको भी वहाँ रुकना होगा। हमें statement चाहिए।"
"जी, मैं यहीं हूँ।"
Call खत्म करके तारा ने देखा कि Vikram building में घुस चुका था। अब 10:30 AM हो चुका था। Bomb 1:45 PM पर explode होना था - यानी अभी 3 घंटे 15 मिनट बाकी थे।
तारा building के reception पर गई।
"Excuse me, मुझे आपकी security head से मिलना है। बहुत urgent है।"
Receptionist ने surprised होकर पूछा, "किस बारे में?"
"Security threat। Please, बहुत urgent है।"
Receptionist ने phone उठाया और किसी से बात की। दो मिनट बाद एक सख्त चेहरे वाला आदमी आया - security head, Mr. Rathore।
"जी, आप कौन हैं? और क्या problem है?"
तारा ने उसे एक तरफ ले जाकर धीरे से कहा, "Sir, मुझे information मिली है कि इस building में bomb है। Basement या किसी floor पर। Aur यह 1:45 PM पर explode हो सकता है।"
Mr. Rathore का चेहरा serious हो गया। "आपको यह information कैसे मिली?"
"Sir, मैं explain करूंगी, लेकिन पहले please building evacuate कराइए। और bomb squad को बुलाइए।"
"Madam, मुझे आपकी identity चाहिए। और proof भी कि यह कोई prank नहीं है।"
तारा frustrate हो रही थी। समय बर्बाद हो रहा था।
"Sir, मेरा नाम Tara Sharma है। और यह कोई prank नहीं है। जो व्यक्ति bomb रखना है, उसका नाम Vikram Arora है। वह Maximus Consulting का ex-employee है। उसका office 15th floor पर है। उसने आज सुबह एक backpack यहाँ लाया था।"
इतनी specific details सुनकर Mr. Rathore को गंभीरता समझ आ गई।
"ठीक है। मैं immediately action लेता हूँ। आप यहीं रुकिए।"
अगले पंद्रह मिनट में बहुत कुछ हुआ। Police की team आ गई। Bomb squad alert किया गया। Building evacuate करने की घोषणा की गई।
लोग confused और scared होकर building से बाहर निकलने लगे। Vikram भी भीड़ में था। तारा ने उसे देखा - वह थोड़ा nervous लग रहा था, लेकिन बाहर निकल रहा था।
तारा ने तुरंत एक police officer को बताया, "वो देखिए, grey shirt में - Vikram Arora। वही suspect है।"
Police ने Vikram को पकड़ लिया। वह चिल्लाने लगा, "यह क्या हो रहा है? मुझे क्यों पकड़ रहे हैं?"
"Mr. Arora, आपको questioning के लिए station चलना होगा।"
उधर bomb squad की team building के अंदर गई। उन्होंने systematic search शुरू की।
तारा बाहर खड़ी थी, दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था। क्या वे bomb find कर पाएंगे?
अध्याय 23: सच्चाई सामने आती है
30 मिनट के tense wait के बाद, bomb squad का एक officer बाहर आया।
"हमें एक suspicious device मिला है। 3rd floor पर, एक storage room में। Backpack के अंदर। हम इसे defuse कर रहे हैं।"
सबकी जान में जान आई। तारा की आँखों में आँसू आ गए - relief के।
Vikram को police van में बिठाया जा रहा था। तारा ने उसकी ओर देखा। एक आखिरी बार उसने उसके विचार सुनने की कोशिश की...
"कैसे पता चल गया? मैंने तो इतनी carefully planning की थी। अब सब बर्बाद हो गया। लेकिन... शायद यही सही है। मैं इतना गिर गया था कि innocent लोगों को मारने की सोच रहा था। शायद यह divine intervention था।"
तारा को थोड़ा आश्चर्य हुआ। Vikram के मन में regret था।
एक senior police officer, Inspector Malhotra, तारा के पास आए।
"Ms. Sharma, आपको हमारे साथ station चलना होगा। हमें पूरी detailed statement चाहिए।"
"जी, ज़रूर।"
Police station में तारा से detailed questioning हुई। उसने carefully सोचकर अपनी story बनाई:
"Sir, मैं कल metro में थी। Vikram Arora भी वहाँ था। उसका behavior बहुत strange था। वह अपने phone में aggressively कुछ type कर रहा था। मुझे accidentally उसके phone की screen दिख गई - वहाँ लिखा था 'Cyber Heights, tomorrow, revenge'। मुझे शक हुआ तो मैंने उसे follow किया और जहाँ वह रहता था, वहाँ पता लगाया। फिर मैंने investigation की और पाया कि उसकी Maximus Consulting के साथ कुछ problems थीं।"
"आपने बहुत brave काम किया है, Ms. Sharma। आपने शायद सैकड़ों लोगों की जान बचाई है," Inspector Malhotra ने कहा।
तारा को अजीब लग रहा था। हाँ, उसने लोगों की जान बचाई थी। लेकिन उसे खुशी नहीं, बल्कि एक अजीब सी भारीपन महसूस हो रही थी। एक इंसान की ज़िंदगी बर्बाद हो गई थी।
अध्याय 24: aftermath
अगले दो दिन media में यही news थी - "Young woman saves hundreds of lives by alerting police about bomb plot"।
तारा की photo newspapers में छप गई। उसे "hero" बताया जा रहा था। Company ने उसे bravery award के लिए nominate किया।
लेकिन तारा को यह सब uncomfortable लग रहा था। उसने तो बस अपनी शक्ति का इस्तेमाल किया था। वह कोई hero नहीं थी।
प्रिया ने कहा, "Tara, तू इतनी down क्यों है? तूने amazing काम किया है!"
"प्रिया, मुझे Vikram के बारे में सोचकर बुरा लग रहा है। हाँ, उसने गलत सोचा था। लेकिन वह इतना desperate कैसे हो गया? किसने उसे इस हद तक पहुंचाया?"
"तू overthink कर रही है। वह एक criminal था। तूने सही किया।"
लेकिन तारा satisfied नहीं थी। उसने decide किया कि वह Vikram की पूरी story जानेगी।
उसने police records access करने की कोशिश की, लेकिन वह possible नहीं था। फिर उसने social media पर search किया। उसे Vikram की wife का profile मिला - Anjali Arora।
तारा ने हिम्मत करके उसे एक message भेजा:
"Dear Mrs. Arora,
I am Tara Sharma. I was involved in the recent incident with your husband. I know this must be an extremely difficult time for you. I wanted to reach out and understand what led to this situation. I don't want to intrude, but I feel there's more to this story.
If you're willing, I'd like to meet you.
Regards,
Tara"
दो दिन बाद जवाब आया:
"Ms. Sharma,
I don't know if I should be angry with you or grateful. You saved many lives, but you also destroyed what was left of my family. Still, I understand you did what you thought was right. I'm willing to meet you. Maybe it will help me understand what happened to my husband.
Anjali"
अध्याय 25: Vikram की कहानी
तारा ने Anjali से एक quiet café में मुलाकात की। Anjali 35 के करीब की थी, थकी और उदास दिख रही थी।
"Thank you for meeting me," तारा ने कहा।
"I don't know why I agreed। शायद मुझे भी किसी से बात करने की ज़रूरत थी," Anjali ने कहा।
तारा ने carefully पूछा, "Mrs. Arora, आप मुझे Vikram के बारे में बता सकती हैं? वह ऐसे क्यों बन गए?"
Anjali की आँखों में आँसू आ गए।"Vikram हमेशा से अच्छा इंसान था। Hardworking, honest, caring। हमारे दो बच्चे हैं। वह उनका बहुत ख्याल रखता था।"
"फिर क्या हुआ?"
"दो साल पहले वह Maximus Consulting join किया। Initially सब ठीक था। लेकिन फिर उसके boss के साथ कुछ conflicts शुरू हुए। Vikram को लगता था कि उसके साथ unfair treatment हो रहा है - उसकी hard work का credit दूसरे ले रहे थे।"
Anjali ने अपनी coffee की cup पकड़ी, hands trembling थे।
"उसने HR को complain की। Company ने investigation की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। बल्कि, उसके boss ने उसे और target करना शुरू कर दिया। Finally, 6 महीने पहले उसे बिना proper reason के निकाल दिया गया।"
"और उसके बाद?"
"उसके बाद सब कुछ बिगड़ गया। Vikram को कोई नई job नहीं मिली। Maximus ने उसके बारे में ऐसी negative references दी होंगी कि कोई उसे hire नहीं कर रहा था। हमारी financial situation बहुत खराब हो गई। EMIs, बच्चों की school fees... सब problem हो गया।"
Anjali रोने लगी। "लेकिन सबसे बुरा था Vikram का mental state। वह depressed हो गया। दिनभर घर में बैठा रहता, कुछ नहीं करता। मैंने उसे psychiatrist के पास le जाने की कोशिश की, लेकिन उसने मना कर दिया।"
तारा का गला भर आया। इस पूरी story में Vikram villain नहीं था - वह एक victim था जो टूट गया था।
"पिछले दो महीनों में उसका behavior बहुत strange हो गया था। घर से बाहर जाता, देर रात वापस आता। मुझसे बात नहीं करता। मुझे लगा शायद वह किसी चीज़ में involved हो गया है, लेकिन मुझे नहीं पता था कि यह इतना serious है।"
"Mrs. Arora, मुझे बहुत खेद है," तारा ने कहा।
"आपको खेद की ज़रूरत नहीं है। आपने सही किया। Vikram ने जो सोचा था, वह बिल्कुल गलत था। इतने innocent लोगों को मारना... नहीं, चाहे उसके साथ जो भी हुआ हो, यह justify नहीं होता।"
"लेकिन system ने भी उसे fail किया।"
"हाँ। यही सबसे tragic part है। अगर company ने उसकी complaints seriously ली होती, अगर उसे mental health support मिला होता, तो शायद यह दिन नहीं आता।"
दोनों कुछ देर चुप रहीं।
"अब क्या होगा?" तारा ने पूछा।
"Vikram को jail होगी। मेरे बच्चों को यह जानना होगा कि उनके papa ने क्या करने की कोशिश की। हमारी ज़िंदगी... मुझे नहीं पता कैसे rebuild होगी।"
तारा ने Anjali का हाथ पकड़ा। "अगर आपको कभी किसी help की ज़रूरत हो, तो please मुझे बताइएगा। मैं... मैं कुछ करना चाहती हूँ।"
Anjali ने आँसू पोंछे। "आप अच्छी इंसान हैं, Ms. Sharma। मुझे पता था कि आप सिर्फ headlines की hero नहीं हैं। आपको सच में फर्क पड़ता है।"
अध्याय 26: बड़ा सवाल
उस मुलाकात के बाद तारा कई दिनों तक disturbed रही। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह खुश हो या दुखी।
एक तरफ, उसने सैकड़ों लोगों की जान बचाई थी। लेकिन दूसरी तरफ, एक already टूटे हुए इंसान की ज़िंदगी और बर्बाद हो गई थी।
वह फिर से पंडित जी के पास गई।
"पंडित जी, मैं confused हूँ। मैंने सही किया या गलत?"
पंडित जी ने गहरी साँस ली। "बेटी, तुमने absolutely सही किया। Vikram का plan रोकना ज़रूरी था। लेकिन तुम्हारी यह empathy, यह उसके