Blood in Hindi Women Focused by कमल चोपड़ा books and stories PDF | खून

Featured Books
  • જીવન પથ ભાગ-64

    જીવન પથ-રાકેશ ઠક્કરભાગ-૬૪             ‘જ્ઞાનની શરૂઆત કોઈ એવી...

  • જીવનની સાચી સંપત્તિ

    જીવનની સાચી સંપત્તિ “એક માછીમારે સમુદ્રને જીત્યો, એક કરોડપતિ...

  • ઘોસ્ટ રિસોર્ટ

    ઘોસ્ટ રિસોર્ટ: ચોર મચાયે શોર, ભૂત માંગે મોરલેખક : રૂપેન પટેલ...

  • કરુણા - 4

    આ કરુણા નો ચોથો ભાગ છેઆ પહેલા ત્રણ ભાગ પ્રકાશિત થઈ ચૂક્યા છે...

  • બાળપણની એ રફનોટ - 5

    પ્રકરણ ૫: શનિવારની સાંજ અને સપનાની વિકેટ ​શનિવારે બપોરે બાર...

Categories
Share

खून

खून
कमल चोपड़ा​

     फिर वही हुआ था जिसका उसे डर था। उसके दर्द शुरू हो गई थी और टांगों के बीच से खून रिसने लगा था। पति कहीं बाहर गया हुआ था। पड़ोसी की मदद से वह किसी तरह हस्पताल पहुंच गई थी। ब्लीडिंग रुक ही नहीं रही थी और बच्चा गिर ही गया।​बुरी तरह रोने लगी थी वह। डॉक्टर सरला ने उसे सांत्वना देते हुए कहा, "हौसला रखो... क्या तुम्हारी पहली प्रेग्नेंसी... यानी पहला बच्चा था?"​"पहला कहां, यह तो मेरा चौथा-पांचवां बच्चा था। क्या करूं बच्चा ठहरता है फिर ढाई-तीन महीने में गिर जाता है! मेरी किस्मत की खराब है।"​बैड के पास पड़ी फाइल में लगी रिपोर्ट्स पर नजर डालते हुए डॉ. सरला ने कहा, "तुम्हारा हीमोग्लोबिन सिर्फ पांच है। अंदर बच्चे को ऑक्सीजन की पूरी मात्रा पहुंच नहीं पाती और बच्चे की ग्रोथ रुक जाती है और मिसकैरिज हो जाता है और हारमोनल बैलेंस भी गड़बड़ है। मैं हैरान हूं तुम चल-फिर कैसे रही हो? थकावट सुस्ती महसूस होती होगी? जरा से काम से सांस फूल जाती होगी?"​— "वो तो मैं बर्दाश्त कर लेती हूं! बच्चा तो हो जाए...!"— "उम्र कितनी है तुम्हारी?"— "साढ़े सतरह हो गई है! पंद्रह साल की उम्र में शादी हुई थी, उसके बाद इसी तरह तीन-चार बार बच्चा ठहरता फिर गिर जाता है। एक बच्चा हो जाता तो मेरे सास-ससुर और पति कितने खुश होते?"​आंखें खुली रह गईं डॉ. सरला की। अभी अठारह वर्ष की भी नहीं हुई और पांच बार प्रेग्नेंसी...? पेशेंट की मनोदशा का ख्याल करके डॉ. सरला ने अपने गुस्से और झुंझलाहट पर काबू पाकर फिर नरम स्वर में कहा, "इस तरह तुम्हारी जान को भी खतरा है! दो-चार साल के लिए बच्चा-वच्चा भूल जाओ!"​अपने केबिन में जाकर डॉ. सरला ने उस महिला के पति को बुलाया। दो घंटे बाद वह आया और अपने रोने लगा, "मेरी तो किस्मत ही खराब है जी... मेरी पहली बीवी के बच्चा ही नहीं हुआ। बच्चे के लिए यह दूसरी शादी की तो इसमें बच्चे को गर्भ में नौ महीने रख ले जाने की क्षमता ही नहीं! मैं तो इससे शादी ​करके पछता रहा हूं!... भेड़ ली ऊन को, उल्टा चरे कपास। लेने के देने पड़ गए मुझे तो...!"   ​भड़क उठी डॉक्टर, "किससे... किस बात के लेने थे? वो मासूम नाबालिग लड़की क्या दे तुम्हें? दहेज दे! तुम्हारे घर के काम करे? बच्चा दे? शादी की है या...? जानवर है या मशीन? कच्ची मिट्टी का बर्तन है वह! बहुत गंभीर हालत है उसकी और तुम...? उसे बार-बार प्रेग्नेंट करके उसकी जान लोगे?"​डॉक्टर सरला ने उसे एक पर्चा थमाते हुए कहा, "ये दवाइयां लेकर आओ, फिलहाल उसे इलाज की जरूरत है! खून भी चढ़ाना पड़ेगा! उसकी ब्लीडिंग अभी रुकी नहीं है! तीन-चार बार पहले भी बच्चा तो गिर चुका है।"​"कोई नई बात नहीं? कुछ नहीं होगा। इलाज-विलाज की क्या जरूरत है?"​"...ताकि वह मर जाए और तुम तीसरी शादी कर सको? खूनी हो तुम?" जवाब में वह बेशर्मी और बेरहमी से हंसने लगा। डॉक्टरनी की आंखों में लाल खून का जाला उतर आया। गुस्से में डॉक्टरनी ने पुलिस को फोन मिलाया और सूचना दी, यहां नाबालिग लड़की से शादी करने... उसे बार-बार प्रेग्नेंट करके उसे मारने की कोशिश करने... अटैम्प्ट टू मर्डर का केस है, आकर तुरंत कार्रवाई कीजिए!" तभी नर्स ने आकर डॉक्टर से कहा, "उस पेशेंट पुष्पा के ब्लीडिंग फिर से शुरू हो गई है!" डॉक्टर वार्ड की तरफ लपकी।