ishq ya junoon 2 in Hindi Love Stories by Anika Ku books and stories PDF | इश्क या जुनून - 2

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इश्क या जुनून - 2

                 


                         "" 5 साल बाद ""

                            



                              " एक फ्लाइट में जो दिल्ली जा रही थी । उसकी इकोनमी क्लास में कुछ लड़कियां अपने फोन से चुपके से एक जोड़ी प्यारे बच्चों की फोटो ले रही थी।"

" छोटे लड़के ने छोटे चेकक्स की शर्ट और उसके साथ ग्रे कलर की जींस पहनी हुई थी। उसकी आंखें बेहद खूबसूरत थी। उसकी छोटी सी और सुंदर नाक के नीचे पतले लाल होठ थे। जो किसी को भी अट्रैक्ट कर ले।"

" उसके बगल में एक डोल जैसी बहुत ही प्यारी छोटी सी लड़की बैठी थी। उसके कमर तक लंबे काले चमकीले बाल थे। बालों में कई सुंदर है पिन लगी थी। रंग एकदम  साफ और आंखें बिल्कुल वैसी ही सुंदर जैसी उस छोटे से लड़के की।  ऐसा लग रहा था मानो वो एक सुंदर सी डोल हो। उसके फीचर्स कमाल के थे। वो लॉलीपॉप खा रही थी। लॉलीपॉप खाने की वजह से उसके फूलते गाल उसे और क्यूट बना रहे थे। दोनों बच्चे इतने क्यूट लग रहे थे कि लोग चाहकर भी अपनी आंखें उनसे ना हटा पाए। इसीलिए कुछ लड़कियां अपने मोबाइल में उन दो सुंदर बच्चों की फोटो ले रही थी।"

"  लड़कियों को चोरी से बिना पूछे अपनी पिक्चर लेते देख उस लड़के ने कहा........  हमारी फोटो लेना आप लोग बंद कीजिए। वरना मुझे गुस्सा आ जाएगा। अपनी महीन आवाज में उसने गुस्से  में बोला।"

"उसकी बात सुनकर उन लोगों ने फोटो लेना बंद कर दिया । एक लड़की ने कहा...... ये बच्चे कितने प्यारे और सुंदर हैं। मन कर रहा है इन्हें चुरा लूं।"

"दूसरी लड़की ने कहा....... देखा नहीं बच्चों के साथ उनकी मां भी बैठी है। वरना मेरा मन भी कर रहा था इन्हें  अपने साथ ले जाऊं। चाहे चुराना ही क्यों ना पड़े। यह कहकर दोनों एक दूसरे की ओर देखकर हंसती हैं।"

" उन क्यूट बच्चों के साथ एक लड़की बैठी थी जो प्लेन की कुर्सी से सिर टिका कर सो रही थी। उस लड़की का रंग साफ था। उसके बाल कमर तक लंबे थे। उसने उन्हें एक साइड करके उनकी एक चोटी बनाई हुई थी। उसने एक लूज ब्लैक टीशर्ट और वाइट कलर के डेनिम शॉट्स पहने हुए थे। चेहरे से वो साफ दिल  की लग रही थी।"

"छोटी लड़की ने अपनी बचकानी आवाज में अपने भाई की ओर देखते हुए पूछा....... भैया क्या मम्मी को उठा देना चाहिए? मम्मी ने अब तक खाना नहीं खाया है।"

"लड़का....... मम्मी को  थोड़ी देर और सोने दो। अभी टाइम है। वो छोटा लड़का उसका बड़ा भाई था। हालांकि वो लड़का अभी भी छोटा था लेकिन उसमें अपनी उम्र से कहीं  ज्यादा मैच्योरिटी थी। वो अपनी बहन से कहीं ज्यादा मैच्योर था। वह आगे बोला....... मम्मी बहुत थकी हुई है। वो पूरी रात सोई नहीं है। अपने भाई से यह सुनकर वो क्यूट सी बच्ची अपनी मां को प्यार भरी नजरों से देखने लगी।"

"आदि ने अपनी छोटी बहन के सिर पर हाथ फेरते हुए किसी बड़े की तरह कहा.......  अभी ! मम्मी को और नाराज मत करना ठीक है ।"

"अभी...... ओके! मैं ठीक से रहूंगी , मम्मी को ज्यादा तंग नहीं करूंगी उसने शरारत के साथ कहा । "

"आधे घंटे बाद प्लेन दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुआ।"

"आदि...... मम्मी !प्लेन से उतरने का समय हो गया है। उस छोटे से बच्चे ने अपना छोटा हाथ बढ़ाया। धीरे से काजल की बाहों को पकड़ कर हिलाया और फिर उसके कान में फुसफुसाया।"

" काजल ने आंखें खोली। प्लेन की खिड़की से बाहर देखा। प्लेन लैंड हो चुका था। बाकी के लोग अपनी सीट से खड़े हो चुके थे। उसने अपनी आंख को हल्के से मला और फिर अपने दो प्यारे छोटे बच्चों को देखा।"

" काजल....... सॉरी बच्चों। मम्मी बहुत थक गई थी, इसलिए सो गई। तुम दोनों ने कुछ खाया? काजल ने माफी मांगते हुए अपने बेबी अभी और अपने क्यूट बोय आदि को देखा और धीरे से पूछा।"

"अवि......  हमने सैंडविच खा लिया और दूध भी पी लिया। मम्मी क्या आपको भूख लगी है? आपके लिए सैंडविच रखा है हमने। अभी ने मुस्कुराते हुए पूछा।वो बहुत ही क्यूट थी।"

" काजल ने उसके सिर पर प्यार से हाथ फेरते हुए कहा...... थैंक यू। पर मुझे अभी भूख नहीं है। चलो  चले।"

" दोनों बच्चों की सीट बेल्ट खोलने के बाद काजल ने एक हाथ से लगेज को पकड़ा और दूसरे हाथ से वो अभी को पकड़ने जा ही रही थी कि आदि और अभी को एक दूसरे का हाथ पकड़ा देखकर वो अपने पास्ट में कहीं खो सी गई। ..."

".....!! 5 साल पहले जब उसे पता चला वो प्रेग्नेंट है। उसने तय कर लिया था। कि वो हॉस्पिटल जाकर अपना अबॉर्शन करा लेगी। उसकी उम्र ही तब क्या थी? वो यह जिम्मेदारी उठाने के लिए फिजिकली और मेंटली दोनों तरह  से ही तैयार नहीं थी। लेकिन उसके टेस्ट करने के बाद डॉक्टर ने उसे बताया कि उसके केस में कुछ कॉम्प्लिकेशंस हैं। अगर वो अभी अबॉर्शन कराती  है, तो शायद फ्यूचर में वो कभी भी मां नहीं बन पाएगी। काजल के लिए डिसीजन लेना बहुत मुश्किल था। खैर उसने अबॉर्शन नहीं कराया और समय आने पर दो बेहद खूबसूरत जुड़वा बच्चों को जन्म दिया।"

"अपना सामान कलेक्ट करने के लिए खड़ी काजल को अभी ने हाथ हिलाकर होश में लाया। अवि....... मम्मी देखो हमारे बैग्स आ गए।"

" काजल ने अपना सामान उठाकर ट्रॉली में रखा और दोनों बच्चों से कहा........ चलो आंटी के घर जाने का टाइम आ गया। काजल इस बार अपने काम की वजह से वापस आई थी। एक मशहूर डिजाइन कंपनी को उसके आइडियाज काफी पसंद आए थे और वो चाहते थे काजल उनके लिए काम करें।"

"जब काजल बाहर थी, उसके पास पिता का दिया पैसा ज्यादा नहीं बचा था। वो चाहते हुए भी अपनी आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाई।  अब वो अकेली नहीं थी। उसे अपने बच्चों के बारे में भी सोचना था। अपने बच्चों को पालने के  लिए वो नौकरी करने लगी।"

" काजल की आंटी के दोनों बच्चे अब उनके साथ नहीं रहते  थे। उनके दोनों बच्चे पढ़ाई और काम के चलते बाहर सेटल हो गए थे। वो अब घर में अकेली रहती थी। जब उन्हें पता चला काजल काम के चलते दिल्ली वापस आ रही है। तो उन्होंने उसे अपने पास रुकने के लिए कहा ताकि काजल  जब काम पर बाहर जाए तो वो उसके बच्चों की देखभाल कर सके।"

" एक बार फिर काजल को सब कुछ पटरी पर आते हुए दिख रहा था। जब काजल घर से दूर थी  तब कितनी बार उसका मन हुआ कि वह अपने शहर वापस आए। अपने रिश्तेदारों से मिले। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। खैर 5 साल बाद अब एक बार फिर वो अपने शहर लौट आई थी।"

" उसके दोनों बच्चे अब 4 साल के हो गए थे। जब काजल अपने दोनों बच्चों के साथ एयरपोर्ट से बाहर निकल रही थी। उसने देखा लोग उसके दोनों बच्चों को एक टक देख रहे हैं। आखिर वो थे ही इतने खूबसूरत। जो उन्हें देखता देखता ही रह जाता।"

"....कितने खूबसूरत हैं। मन कर रहा है इन्हें हग कर लूं। क्या ये किसी सेलिब्रिटी के बच्चे हैं? इतने खूबसूरत बच्चे  मैंने कभी नहीं देखे। दोनों गुड्डा गुड्डी कितने प्यारे हैं। काजल अपने आसपास मौजूद उन लोगों की बातें सुन पा रही थी जो उसके बच्चों के बारे में बात कर रहे थे। उन लोगों की बात सुनकर काजल भी अपने दोनों बच्चों को देखने से खुद को नहीं रोक पाई। एक खूबसूरत मुस्कान उसके चेहरे पर खिल गई। सच में मेरे बच्चे बहुत सुंदर है। इन्हें देखकर लगता है जैसे किसी सांचे में डालकर इन्हें बनाया गया है। दोनों के नैन नक्श एक जैसे। बस एक ही अंतर था। एक लड़का था तो दूसरी लड़की। उसका बेटा जहां हैंडसम था वहीं उसकी बेटी बहुत स्वीट और क्यूट। उन दोनों में कोई एक कमी निकाल कर भी नहीं बता सकता। उनकी आंखें, उनकी नाक, होंठ, फीचर सब मानो एकदम परफेक्ट।"

" जब काजल अपने बच्चों के साथ बाहर निकलती है, लोग उनसे बातें करने की कोशिश करते। हर कोई उन बच्चों को और पास से देखना चाहता। उन्हें छूना चाहता। कुछ लोगों ने तो दोनों बच्चों को एडवर्टाइजमेंट में लेने की पेशकश भी की। काजल ने अभी के गालों को प्यार से  थपथपाया।"

" उनके फीचर्स में काजल का अक्ष कहीं नजर नहीं आता था। बच्चे शायद अपने पापा की तरह ज्यादा दिखते थे। उनके पापा को याद करके काजल का शरीर ठंडा पड़ गया। माथे पर पसीने  की बूंदे उभर आई। वो रात और वो दर्द काजल आज भी महसूस कर सकती थी जैसे कल की  ही बात हो।"

"आदि....... मम्मी क्या सोच रही हो? हमें अब टैक्सी करनी चाहिए ना? आदि की प्यारी आवाज ने काजल को बोला।"

" वो उसकी ओर देखकर मुस्कुराई। और झुक कर उसकी शर्ट की कॉलर ठीक करी। फिर अभी के सिर पर हाथ रख कर पूछा। याद है ना? तुम्हें मैंने क्या सिखाया था?"

" अभी....... हां मम्मी सब याद है। आपकी आंटी से मिलने पर हमें उन्हें हेलो कहना है।"

"अभी की बात पर आदि हंसा और बोला......  मम्मी इसे अभी सब याद है। जब टाइम आएगा यह भूल जाएगी।"

" काजल ने एक टैक्सी रोकी और अपने दोनों बच्चों को लेकर टैक्सी की ओर चल पड़ी। अपने दोनों बच्चों को टैक्सी में बिठाकर खुद उनके साथ बैठ गई। टैक्सी एयरपोर्ट से निकलकर काजल के बताए पते की ओर चल पड़ी।"

" टैक्सी के आगे बढ़ने पर काजल खिड़की से बाहर देखने लगी। 5 साल बाद वो अपने शहर जो आई थी अचानक काजल की नजर सड़क के किनारे लगे एक बड़े से बैनर पर गई। उसे बैनर पर जाना पहचाना चेहरा नजर आया। यह तो मैनका है।"

आगे की कहानी जानने के लिए पढें भाग........3