ishq ya junoon 5 in Hindi Love Stories by Anika Ku books and stories PDF | इश्क या जुनून - 5

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इश्क या जुनून - 5

                    

                    "" मेनका की चाल ""

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                                     "काजल मेनका के पीछे-पीछे चल दी। बाहर एग्जिट गेट के साइड में जाकर मेनका खड़ी हो गई।"

" आसपास किसी और को ना देखकर मेनका ने काजल को लताड़ते हुए कहा....... तुम जानबूझकर आज ही के दिन यहां आई ताकि मुझे परेशान कर सको। है ना? क्या तुम्हें पता नहीं आज मेरा जन्मदिन है? देखो कितने बड़े-बड़े लोग आज यहां आए हैं। तुम वापस क्यों आई और वो भी इतने घटिया कपड़े पहन कर आई हो। तुम लोगों को क्या दिखाना चाहती हो कि मेरी छोटी बहन के पास पार्टी में पहनने लायक कपड़े भी नहीं। इस पार्टी में तुम एक भिखारी जैसी लग रही हो।"

"यह सुनकर काजल को बहुत बुरा लगा। लेकिन उसने जवाब में मेनका को कुछ भला बुरा नहीं कहा। उसने शांति से कहा........ अगर मेरे यहां होने से तुम्हारी इंसल्ट हो रही है तो मेरी मां का सामान मुझे लौटा दो। मैं चली जाऊंगी। मैं खुद यहां रुकना नहीं चाहती।"

" मेनका....... कितने साल हो गए। मुझे तो पता भी नहीं कि अब वो टूटी फूटी चीजें घर में है भी कि नहीं।"

" काजल ने कहा ........मैं ढूंढने में हेल्प करती हूं।"

" मेनका ने अपने दोनों हाथ आपस में बांधते हुए कहा.......... मैं फ्री नहीं हूं। तुम देख नहीं सकती क्या? कितने मेहमान हैं यहां। मुझे सबको अटेंड करना है। वो काजल की उसकी मां के सामान को ढूंढने में कोई मदद नहीं करना चाहती थी।"

" काजल ने कहा .......मैं यहां से अपनी मां का सामान लेकर ही जाऊंगी।"

" 5 साल पहले उसे इतनी जल्दी में यह शहर छोड़ना पड़ा कि वो अपनी मां का सामान अपने साथ नहीं ले जा पाई थी। अब जब वो वापस आ गई है। अपनी मां की चीजें अपने साथ ले जाना चाहती थी।"

" मेनका....... काजल! क्या तुम मुझे धमकी दे रही हो? अब चीजें बदल गई है। देखो अब मैं क्या हूं और तुम क्या हो? तुम्हारी औकात तो मेरी जूते उठाने की भी नहीं है। तुम मुझसे ऊंची आवाज में बात करने का सोच भी कैसे सकती हो?मेरी एक आवाज में मेरे बॉडीगार्ड तुम्हें किसी कचरे की तरह उठाकर बाहर फेंक देंगे।"

" बहुत सी वजह थी जिसके चलते मेनका काजल को बिल्कुल पसंद नहीं करती थी। लेकिन उनमें से एक ऐसी वजह थी जिसके चलते वो काजल से सख्त नफरत करती थी और वो वजह थी 5 साल पुराने होटल का वो इंसिडेंट। मेनका जानती थी कि काजल के साथ उस रात अरमान ने रात गुजारी थी।  काजल के वापस आने से उसे डर सता रहा था कि कहीं यह बात बाहर ना आ जाए।"

" वहीं काजल को हैरानी हो रही थी कि इतने साल बाद मिलने पर भी मेनका उससे कितनी बुरी तरह पेश आ रही है। यह 5 साल भी उसमें कोई बदलाव लाने में नाकामयाब रहे। काजल ने कहा........ मुझे फर्क नहीं पड़ता तुम क्या हो। मुझे बस मेरी चीजें वापस चाहिए।काजल के चेहरे पर अब गुस्सा नजर आ रहा था। एक तो वह चीजें उसकी मां की थी। दूसरा वो यह चीजें अपनी बेटी काजल के लिए छोड़कर ही गई थी। काजल के लिए वो चीजें अनमोल थी। वो उन्हें किसी कीमत पर भी नहीं खो सकती थी।"

"मेनका काजल पर हंसना चाहती थी। तभी उसकी आंखों में कार की फ्लैश लाइट पड़ी। उसने गेट के सामने आकर रुकते हुए अरमान की कार को देखा। अरमान कार से बाहर निकला। उसे देखकर मेनका का चेहरा खिल गया। उसे जरा भी उम्मीद नहीं थी अरमान खुद आएगा।"

" मेनका के दिमाग में कोई प्लान आया। उसने काजल को गुस्सा दिलाने के लिए उसके और करीब जाकर गुस्से से कहा....... हां मुझे पता है तुम्हारी मां की वो मनहूस चीजें कहां है। लेकिन मैं तुम्हें वो वापस नहीं दूंगी। अच्छा होता कि तुम यहां नहीं आती। तुमने वापस आकर मुझे सब पिछला याद दिला दिया। तुम्हारी वजह से मेरे भाई की टांगे आज भी पूरी तरह ठीक नहीं हुई। मेरा बस चलता तो तुम्हारा गला दबा देती और तुम मेरे घर से कुछ सामान ले जाना चाहती हो। ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। कल मैं उन चीजों को बाहर निकालूंगी और उनमें आग लगा दूंगी।"

" मेनका के मुंह से अपनी मां के सामान को जला देने की बात सुनकर काजल भड़क गई। अब तक वो मेनका की हर बात को शांत रहकर नजरअंदाज करने की कोशिश कर रही थी। लेकिन अपनी मां के सामान को जला देने की बात सुनकर गुस्से में उसने अपने दोनों हाथों में मुट्ठी बांधी और अपने गुस्से को कंट्रोल करने की कोशिश की।"





आगे की कहानी जानने के लिए पढें भाग.......6