Love Story That Started From a Wrong Number in Hindi Fiction Stories by S Sinha books and stories PDF | एक गलत नंबर से शुरू प्रेम कहानी

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एक गलत नंबर से शुरू प्रेम कहानी

 


                                                              एक गलत नंबर से शुरू प्रेम कहानी     


उस दिन राज नाईट शिफ्ट कर के आया था  . स्टील प्लांट की नौकरी और वह भी ब्लास्ट फर्नेस के निकट  . अभी उसकी शादी नहीं हुई थी  . नहा धो कर खुद टोस्टर में टोस्ट बनाया और कॉफ़ी मेकर से एक कप कॉफ़ी  . कॉफ़ी पीते पीते उसने टी वी पर कुछ देर न्यूज़ देखा फिर फोन पर जरूरी मेल चेक किये  . यह सब करते करते सुबह के साढ़े नौ बज चुके थे   .बेडरूम के पर्दे बंद किये  और AC को मीडियम कूल पर रख कर सोने गया  . तभी उसके मोबाइल में किसी का फोन आया  .उसने देखा कि फोन किसी अनजान नंबर से था इसलिए उसे नजरअंदाज कर दिया  . कुछ पल बाद फिर उसी नंबर से फोन आया  . इस बार लेटे लेटे उसने रिसीव कर के ‘ हेलो ‘ कहा  . उधर से किसी लड़की की आवाज आयी “ हेलो रिसेप्शन  ! “ 


“ रॉंग  नंबर  .”  बोल कर राज ने फोन काट दिया 


कुछ सेकंड के बाद फिर उसी नंबर से फोन आया “ हेलो आकाश कंपनी रिसेप्शन ? “ 


“ मैंने कहा न रॉंग नंबर  . आप क्यों मुझे बार बार परेशान कर रहीं हैं ? “  बोलकर झुंझला कर राज ने फोन काट दिया 


एक बार फिर राज का फोन बजा पर इस बार किसी  और नंबर से था  . उसने सोचा कि जिसका भी फोन हो उसे जम कर डाँटेगा क्योंकि बार बार उसके सोने का प्रोग्राम डिस्टर्ब हो रहा था  . इस बार भी आवाज उसी लड़की की थी जिसने पहले भी दो बार फोन किया था  . वह कुछ बोलता उसके पहले लड़की की आवाज आयी “ सर , प्लीज फोन मत काटियेगा  . बहुत ही जरूरी है इसलिए अपनी छोटी बहन के फोन से फोन कर रही हूँ  . “ 


“ बोलिये मुझसे क्या जरूरी काम है आपको ? वैसे मैं आकाश कंपनी के रिसेप्शन से नहीं बोल रहा हूँ बल्कि यह इस गरीब का निजी फोन है  . “ 


“ सर , मुझे ऑफिस वालों ने यही नंबर दिया था ,  यह नंबर  623 xx xxxxx 15 है न ? “  लड़की ने पूछा 


“ सॉरी , आपने गलत नंबर डायल किया है ? मैं नाईट शिफ्ट कर के थका मांदा आया हूँ और कुछ घंटे सोने जा रहा था  . प्लीज मेरे  नंबर पर आगे फोन मत कीजिएगा  . “   कह कर राज ने फोन काट दिया 


लड़की ने राज की नींद में खलल डाल ही दिया था  . उसके मन में आया एक बार लड़की से पूछ कर देखें कि उसे कौन सा जरूरी काम था  . यह सोच कर उसने लड़की के नम्बर पर फोन किया  . उधर से तत्काल जवाब आया “ हेलो सर , क्या यह  623 xx xxxxx 15 नंबर है ? “ 


राज ने कहा “ नहीं यह नंबर नहीं है पर क्या मैं जान सकता हूँ कि आपको कौन सा जरूरी काम है ? मैं श्योर नहीं हूँ पर शायद कुछ मदद कर सकूं  . “ 


“ सर , मुझे आकाश कंपनी में आज ज्वाइनिंग देनी है  .  आज जॉब ज्वाइन करने का लास्ट डेट है  .  ऑफर लेटर में लिखा है कि अगर आज मैं ज्वाइन नहीं करूंगी तो यह ऑफर पैनल में  नेक्स्ट आदमी को दिया जाएगा और मेरा ऑफर रद्द माना जायेगा  . “ 


राज को याद आया कि उसकी कंपनी से आकाश एंड संस रेगुलर स्टील खरीदते हैं  . हालांकि उस कंपनी से डायरेक्ट राज का कोई कांटेक्ट नहीं था न ही उसका नंबर राज को पता था फिर भी उसने लड़की से फोन पर कहा “ मिस , आपने मेरे  नंबर पर कॉल किया है जिसका लास्ट दो डिजिट 15 है  . एक बार आप बाकी सब डिजिट वही रख कर लास्ट में 15 के बदले 50 लगा कर  ट्राई  करें  . कभी कभी नंबर नोट करते समय सुनने में कुछ कन्फ्यूजन से ऐसा होता है  . मेरे साथ भी कई बार ऐसा हुआ है  . लास्ट में 50 लगा कर ट्राई करें  . शायद ट्रिक काम कर जाए  . “ 


“ थैंक्स देखती हूँ  . “  बोल कर लड़की ने फोन काट दिया 


फिर उस लड़की ने राज के बताये नंबर पर फोन लगाया  . इस बार फोन सही जगह पर लग गया  और उसका काम बन गया . कुछ देर बाद लड़की ने फिर राज को फोन कर के कहा “ सॉरी सर , आप सो गए क्या ? “ 


“ नहीं आप सोने देंगी तब न सो पाऊंगा  . खैर जो भी हो , 50 वाला नंबर भी गलत निकला क्या ? “


“ नो सर , बिल्कुल सही निकला और मेरा काम भी बन गया  . आपको थैंक्स कहे बिना मुझे चैन नहीं आता  , इसलिए फिर से आपको फोन किया सर  . “ 


“ आपका काम हो गया , भगवान का शुक्र है  . आप मुझे बार बार सर न कहें , सुनने में बड़ा अटपटा और अनकंफर्टबल लगता है  . मेरा नाम राज है  .  “


“ जी सर  .. सॉरी राज जी  . मेरा नाम चांदनी है  “  लड़की ने कहा 


“ मेरी नींद तो खराब हो ही गयी है  . एक बात पूछूं मिस चांदनी ? “ 


“ श्योर , जितनी बातें करनी हो करें  . “ 


“ आपका  काम हो गया , यह अच्छी बात है पर मेरी नींद ख़राब हो गयी  है ? तीन चार घंटे  सोने के बाद मैं लंच की तलाश में निकलता  . “ 


“ एक सप्ताह पहले मेरे पापा को हार्ट अटैक आया था   . मेरी मम्मी नहीं है  . हम दोनों बहने ही उनकी देखभाल करती हैं  . वैसे आज पापा डिस्चार्ज हो रहे हैं  तो कल मैं ज्वाइन कर सकती हूँ  . बहुत मुश्किल से कंपनी ने एक दिन की मोहलत दी है वरना मैं इस नौकरी से हाथ धो बैठती  .  राज जी आपका बहुत बहुत शुक्रिया  “  चांदनी ने कहा 


“ सॉरी , मुझे आपकी  अर्जेंसी का पता नहीं था  . और अब बार बार जी जी की रट मत लगाओ  . मैं अभी उतना बड़ा भी नहीं हूँ , अभी बैचलर हूँ  .ठीक है , तुम से बात कर बहुत ख़ुशी हुई  . वैसे तुम्हारी आवाज बहुत मधुर है और नाम भी बहुत सुंदर  . शायद कभी किसी मोड़ पर मुलाक़ात हो जाये ?  पर पहचानूंगा कैसे ? “  राज बोला   


“ पर मैं तो आपको पहचान लूंगी  . “ 


“ वह कैसे ? “ 


“ मैंने आपके नंबर पर व्हाट्सएप्प देखा है और उस पर आपके  आइकन में आपके फोटो से मैं आपको पहचान सकती हूँ  . “ 


“ वाह , आजकल लड़कियां बहुत स्मार्ट हो गयी हैं  . पर  तुम्हारे  व्हाट्सएप पर तुम्हारा  कोई आइकन में  फोटो नहीं है  . “  राज ने कहा 


“ इसकी क्या जरूरत है , ये रहा देखिये हमदोनों बहनें और पापा अस्पताल के रूम में  . “   


बोल कर चांदनी ने  वीडियो ऑन  कर कैमरा पापा और बहन की तरफ घुमाया  . जब  राज ने उसके पापा को नमस्ते अंकल कहा तब वे बोले “ तुम्हारा बहुत शुक्रिया बेटे जो तुम्हारी सूझबूझ से चांदनी की नौकरी बच गयी  . मैं तो दो साल में रिटायर करूंगा और दोनों बेटियों की शादी करनी बाकी है  . कभी हमारे घर जरूर आना  .  “ 


“ जी, कोशिश करूंगा  . “ 


तब चांदनी की बहन की नजर राज पर पड़ी तो उसने  उसे नमस्ते कहा  और राज ने हाय कहा . 


चांदनी ने कहा “ पापा आज शाम तक डिस्चार्ज हो जायेंगे  . जब भी जी करे  आ कर उनसे जरूर मिलें , उन्हें बहुत ख़ुशी होगी  . “ 


“ ओके , विल ट्राई  . अब तो सोने दो . “ 


“ एक शर्त पर , जल्द ही मिलने का वादा करें , आई मीन पापा से  . “ 


“ कहा न ओके  . पर मेरी भी एक शर्त है  . ये आप आप का झुनझुना बजाना बंद करो  .और फोन रखो अब  “  राज बोला 


कुछ दिनों के बाद एक सुबह चांदनी ने फोन कर के राज से कहा “ पापा ने अपने स्वस्थ होने की ख़ुशी में आज शाम एक छोटी सी पार्टी रखी है  . इसे पार्टी नहीं एक गेट टुगेदर समझो , चंद ख़ास लोगों के लिए  . उन्होंने खास कर तुम्हें बुलाया है  .  “


“ पर मैं कैसे समझूँ कि पापा ने कहा है या किसी और ने ? “


“ ठीक है , तुम्हें मुझ पर भरोसा नहीं है तो मैं फोन पापा को दे देती हूँ  . उन्हीं से सुन लो  . वैसे अपना पता मेसेज कर देती हूँ  .  “ 


“ सॉरी , नहीं मुझे तुम पर पूरा भरोसा है  . पापा को आराम करने दो , मैं आऊंगा  . “  राज ने कहा 


उसी दिन कुछ देर बाद चांदनी की बहन ने राज को  फोन कर के कहा “ आज दीदी का बर्थडे  . आप शाम को आ रहे हैं न ? “

“ आप बुलाएं और हम न आएं , ऐसा हो नहीं सकता है  .पर बुरा न मानो तो बताओ तुम्हारी दीदी का कौन सा बर्थडे है  .  “ राज ने हँसते हुए कहा   


“ छिः , आपको शर्म नहीं आती है  .  लड़कियों से  उम्र नहीं पूछा जाता है   .  “  बोलकर उसने फोन काट दिया   


फिर उसने सोचा कि हो न हो चांदनी ने पापा का नाम ले कर अपने बर्थडे पर मुझे बुलाया होगा  . राज ने F N P ( फ़र्न एंड पेटल्स ) को एक अच्छा सा फूलों का बुके और बर्थडे केक का आर्डर दिया और उस पर चांदनी को हैप्पी बर्थडे लिखने का आर्डर देकर ठीक शाम 7 बजे चांदनी के पते पर डिलीवर करने को कहा  . साथ ही डिलीवरी कार्ड  पर भेजने वाले का एक छद्म नाम लिखने को कहा  .केक के साथ  राज ने एक स्पेशल बर्थडे कार्ड का भी आर्डर दिया था  .  इनके अलावा चांदनी और उसकी बहन के लिए अलग अलग गिफ्ट भी ले लिए थे  . 


उस दिन शाम सात बजने के पहले ही राज चांदनी के घर पहुँच गया  . चांदनी और उसकी बहन ने उसका स्वागत किया  . उसके पापा उस समय बेडरूम में थे  . राज की आवाज सुन कर वे भी ड्राइंग रूम में आये  . राज ने देखा कि कोई ख़ास पार्टी नहीं थी  . गेस्ट के नाम पर उसे लेकर पांच  लोग थे  . बाकी चार  लड़कियां थीं , शायद चांदनी और  उसकी बहन की फ्रेंड्स हों  . राज ने जब गिफ्ट्स चांदनी को दिया तब वह आश्चर्य से देखने लगी और बोली “ यह किसके लिए और क्यों लाये हो ? “ 


“ पहली बार किसी के यहाँ खाली हाथ जाना अच्छा नहीं लगता है न ! “ राज ने कहा 


चांदनी ने ‘ थैंक्स ‘ कहा और दोनों पैकेट बहन को रखने के लिए दिया  . 


ठीक सात बजे राज का आर्डर किया बुके और केक भी आया  .  इस बार चांदनी और उसकी बहन दोनों आश्चर्य से कभी एक दूसरे का तो कभी राज का मुंह देखने लगी थीं  . राज ने धीरे से कंधे उचकाते हुए मुंह बिचकाया मानो उसे कुछ पता नहीं हो  . 

“ ये किसने आर्डर किया था ? “  चांदनी ने पूछा 


पापा ने कहा “   जिसने भी भेजा हो ,  चलो अब पार्टी शुरू करो  . “


केक भेजने वाले का नाम ‘ चंदा ‘ लिखा देख चांदनी , उसकी बहन और पापा सभी आश्चर्यचकित थे  . चांदनी ने केक काट कर बर्थडे की अन्य औपचारिकताएं निभायीं  . 


राज ने बर्थडे कार्ड को देख कर चांदनी से कहा ‘ इसे खोलो तो सही “  .  कार्ड खोलते ही उसके अंदर से रंग बिरंगे LED लाइट जल उठे और ‘ हैप्पी बर्थडे ‘ गाना भी बजने लगा  . चांदनी ने सभी को  केक खिलाया  . 


पापा ने कहा “ मुझे समझ में नहीं आ रहा है यह सब तैयारी किसने की है ? “ 


चांदनी भी बोली “ मेरे  बर्थडे की बात सिर्फ मेरी बहन और पापा जानते हैं  . बीच में  यह चंदा कहाँ  से आ गयी  ? “ 


“ यह जरूर चांदनी की बहन चंदा का काम होगा  . “ राज ने हँसते हुए कहा 


पापा ने कहा “  चंदा नाम की चांदनी की कोई बहन नहीं है  . उसकी एकमात्र बहन का नाम निशा है  . “


राज बोला “ ओह , मैंने सोचा कि  शायद चांदनी की बहन का नाम चंदा होना चाहिए , मुझे किसी ने उसका नाम बताया ही नहीं था  . तो बस यूं समझ लीजिये ये तैयारी चंदा नहीं निशा का किया  है  .  “ 


“ अच्छा तो यह  निशा और राज की मिली जुली करतूत है  . “  पापा बोले और फिर उन्होंने ही आगे कहा “ जो भी हो , बहुत दिनों के बाद चांदनी की  बर्थडे पार्टी में मजा आया है  . थैंक्स राज  . “ 


कुछ देर में जब पार्टी समाप्त हुई और अन्य गेस्ट चले गए हुई तब चांदनी ने कहा “ मैंने तो जानबूझ कर तुम्हें कुछ नहीं बताया था  . वैसे भी मेरे लिए  इतने तामझाम करने की क्या जरूरत थी ? “ 


“ लाइफ में कभी कभी एन्जॉय करना चाहिए वरना मेरी लाइफ तो वैसे ही नीरस है  . “ 


“ क्यों ? तुम तो बहुत जॉली लड़के हो  . “ 


“ हाँ , कोशिश करता हूँ  .  “ 


कुछ देर के बाद राज ने कहा “ थैंक्स फॉर होस्टिंग मी , अब चलना चाहिए  . “ 


“  आज के गेस्ट और होस्ट दोनों तुम्हीं हो  . मिलते जुलते रहना , तुमसे मिलना अच्छा लगता है  . “ चांदनी ने कहा 


“ सच , दिल से बोल रही हो ? “ 


“ बिल्कुल सच  . “ 


“  मुझे भी तुम सभी बहुत अच्छे लगते हो और खास कर तुम  . शायद एक रॉंग नंबर कॉल से हमारी जिंदगी की नयी कहानी शुरू हो  . बाय , तुम भी कॉल करना  . “ 


और इस तरह उनकी प्रेम कहानी एक रॉंग नंबर कॉल से शुरू हुई  . 


समाप्त 

                                      xxxxx 


नोट - यह कहानी पूर्णतः काल्पनिक है