my list wish in Hindi Horror Stories by Gavit Dipesh books and stories PDF | मेरी आखिरी इच्छा

Featured Books
Categories
Share

मेरी आखिरी इच्छा

मैं एक ऐसी दुनिया में हूँ जहाँ सिर्फ़ मोह-माया है। मैं एक ऐसी लड़की हूँ, और मेरा जन्म ऐसे समय में हुआ जो मेरे लिए तो नहीं होना चाहिए था। 
हमारी दुनिया में जब कोई अपनी शक्ति को समझ लेता है, तो वह ह्यूमन वर्ल्ड का जाने का एक रचुअल कर सकते है। हमें ह्यूमन वर्ल्ड में चुड़ैल कहा जाता है। लेकिन हम हमें विच कहते हे। 
                   हम इंसानों को अपना भोजन मानते हैं। इंसानों में अलग-अलग प्रकार का भावना होता है, जैसे गुस्सा, प्यार या नफ़रत। हम सोचते हैं कि इंसान सिर्फ़ हमारे लिए खाना हैं और कुछ नहीं। हम वहाँ जाते हैं, शिकार करते हैं और उन्हें खाकर अपनी दुनिया में वापस चले जाते हैं।
विच को मारने के लिए इंसानों ने कई संगठन बनाए, पर इंसानो को विचो न इस कदर कुचला कि उन्हें संभलने में ही कई साल लग गए। हमारी दुनिया में ऐसा नहीं है कि हर कोई अपनी शक्ति बढ़ा सके। केवल कुछ विच ही अपनी शक्ति बढ़ा सकती हैं।
मैं एक विच हूँ। मेरा नाम माया है। हमारी दुनिया, ह्यूमन वर्ल्ड के मुकाबले तीन गुना छोटी है।
मैं जहाँ रहती हूँ, वह लो-क्लास विचों का एक गाँव है। अभी की विच क्वीन बहुत क्रूर है। उन्होंने ह्यूमन वर्ल्ड में जाने के लिए सख्त नियम बनाए हैं। वह मानती हैं कि इंसान विचों का कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते। कई वर्षों से यही होता आ रहा है। इंसान को विच पैरों तले कुचल देती हैं—कम से कम मुझे भी यही लगता था, जब तक मैं ह्यूमन वर्ल्ड नहीं गई थी।
जब मेरी शक्तियाँ जागृत हुईं, तो मैं अपने क्षेत्र की पहली लड़की बनी जो ह्यूमन वर्ल्ड जाने लायक इतनी शक्ति जुटा सकी।
जब मेरा समय आया, तब मुझे अपनी दुनिया से ह्यूमन वर्ल्ड जाने के लिए एक रिचुअल करना था। इसके लिए सामान को इकट्ठा करना पड़ता है । कई विच सामान को इकट्ठा करने में।
इसमें कई दिन लगते हैं।
हम अपनी शक्ति को "माना" कहते हैं। हमारी दुनिया में कुछ भी खरीदना हो, तो माना लगता है। वैसे तो हम ह्यूमन वर्ल्ड जाने के रिचुअल को करने जितना माना इकट्ठा कर लेते हैं, लेकिन वह काफ़ी नहीं होता।
माना बढ़ाने से हमें वह ताकत मिल जाता है जिससे हम अपनी शक्ति को सौ गुना तक बढ़ा सकते हैं।
इसके लिए हमें कई दिनों तक रिचुअल करना पड़ता हैं।
और उसके बाद हमारा माना इतना हो जाता है कि हम ह्यूमन वर्ल्ड में जा सकते हैं।
मैंने कई दिनों तक माना इकट्ठा किया। यह रिचुअल 45 दिनों का होता है।
मुझे सामान इकट्ठा करने में 1 महीना और 17 दिन लगे। मेरे गुरु का नाम लिवीनोया है। वह क्वीन की सबसे बेहतरीन मैजिकल टीचर विच हैं।
जब मैं 7 साल की थी, तबसे मैंने अपने गुरु के साथ रिचुअल करती थी। आमतौर पर किसी रिचुअल के दौरान किसी और के आने से उसमें समस्या हो जाती है, लेकिन मेरे गुरुजी खास हैं।
रिचुअल करने के लिए ऐसी जगह चाहिए जहाँ सूर्य की रोशनी न पहुँच सके—एक अंधेरी गुफा में...।
                  वैसे तो रिचुअल एक दिन में 10 घंटे करना होता है। जो समय बचता है, उसमें सामान को रिचुअल की जगह पर रखना, आराम करना और बाकी सारे काम उसी घंटों में ही पूरे करने होते हैं।
जब मैंने पहला दिन शुरू किया, तो मुझे अच्छा लग रहा था। ह्यूमन वर्ल्ड जाने के बारे में सोचकर मैं बहुत ज़्यादा उत्साहित हो गई थी।
जब 35 दिन पूरे हुए, तो मुझे अपनी बॉडी बहुत कमज़ोर महसूस होने लगी। मुझे लगने लगा कि मैं आगे नहीं कर पाऊँगी। जैसे-तैसे मैंने अपने ऊपर काबू किया और 44 दिन पूरे किए। उस दिन मैं और भी ज़्यादा कमज़ोर और दुबली हो गई थी। अपनी भूख को नियंत्रित करके मैंने एक दिन और पूरा किया।
आख़िरी दिन मुझे लगा कि मेरा माना इतना हो गया है कि मैं ह्यूमन वर्ल्ड जा सकूँ।