Crash and Survival - 2 in Hindi Thriller by Shaziya Khan books and stories PDF | क्रैश एंड सर्वाइवल (अमेज़न डायरीज़) - 2

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क्रैश एंड सर्वाइवल (अमेज़न डायरीज़) - 2

एपिसोड 2 (द डार्क स्काई)


: हवा में 35,000 फीट ऊपर, फ्लाइट 402 का केबिन।


विमान बादलों को चीरता हुआ ब्राजील की तरफ बढ़ रहा था। बाहर घना अंधेरा था और खिड़की के शीशों पर बारिश की बूंदें ज़ोर-ज़ोर से टकरा रही थीं। अंदर का माहौल और भी तनावपूर्ण था।


बिजनेस क्लास और इकोनामी क्लास के बीच का पर्दा हटा हुआ था। ऐशली, मैट, रोज़ी, पॉल, बिल और टोनी बिजनेस क्लास की आरामदायक सीटों पर बैठे थे,

जबकि लारा और सोफिया इकोनामी क्लास की पहली पंक्ति में थीं। उनके बीच सिर्फ़ एक छोटी सी दीवार थी।
रोज़ी ने अपनी सीट पीछे झुकाते हुए जानबूझकर ऊंची आवाज़ में कहा, "पॉल! ज़रा वो शैंपेन का ग्लास पास करना। ओह गॉड, मुझे तो सोचकर ही हंसी आ रही है कि कुछ लोग इतनी लंबी फ्लाइट में इकोनामी क्लास की उन तंग सीटों पर कैसे गुज़ारा कर रहे होंगे! उनके तो पैर भी मुड़ नहीं पा रहे होंगे।"


बिल और टोनी ज़ोर से हंसे। लारा ने अपनी किताब कसकर पकड़ ली। सोफिया ने धीरे से कहा, "इग्नोर कर लारा, हमें सिर्फ़ ब्राजील पहुँचने से मतलब है।"


"नहीं सोफिया, बर्दाश्त की एक हद होती है," लारा ने अपनी सीट की बेल्ट खोली और उठकर उस छोटी सी दीवार के पास खड़ी हो गई, सीधे रोज़ी और ऐशली की आँखों में देखते हुए।


"तुम्हें लगता है कि पैसा तुम्हें तमीज़ भी सिखा देता है, रोज़ी? पर अफ़सोस, तुम्हारे पास सिर्फ़ पैसा है, क्लास नहीं। क्लास तो उन लोगों में होती है जो दूसरों की इज़्ज़त करना जानते हैं, चाहे वे अमीर हों या गरीब।" लारा की आवाज़ में एक अजीब सी खनक और आत्मविश्वास था।


बिजनेस क्लास में सन्नाटा छा गया। मैट ने अपना सिर झुका लिया। वह जानता था कि लारा सही कह रही है। ऐशली का चेहरा गुस्से से लाल हो गया।


रोज़ी अपनी सीट से उठ खड़ी हुई, "तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझसे इस तरह बात करने की? तुम जानती नहीं मैं कौन हूँ..."


तभी... अचानक प्लेन को एक ज़बरदस्त झटका लगा। सब अपनी-अपनी सीटों पर गिर पड़े। लाइटें एक पल के लिए बुझीं और फिर जल उठीं।


"अपनी-अपनी सीटों पर बैठ जाइए और बेल्ट बांध लीजिए! मौसम खराब हो रहा है," एयर होस्टेस की घबराई हुई आवाज़ गूंजी।


लारा और रोज़ी ने एक-दूसरे को नफरत और डर से घूरते हुए अपनी-अपनी सीटों की तरफ रुख किया। नफरत का वह तूफान अभी शांत नहीं हुआ था, लेकिन बाहर प्रकृति का एक बड़ा तूफान उनका इंतज़ार कर रहा था।


अमेज़न के जंगलों के ठीक ऊपर, विमान का कॉकपिट और केबिन।


पायलट और को-पायलट घबराए हुए थे। रडार स्क्रीन पर लाल रंग का एक बहुत बड़ा तूफानी बादल दिख रहा था। विमान अमेज़न के घने जंगलों के ऊपर था, जहाँ से हज़ारों मील तक कोई एयरपोर्ट नहीं था।


"सर! हम एक भयंकर सुपरसैल (Supercell) तूफान के बीच में फंस गए हैं। इंजन नंबर 2 में खराबी आ रही है! हमें तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग करनी होगी, लेकिन नीचे सिर्फ़ जंगल है!" को-पायलट की आवाज़ में खौफ था।
केबिन में यात्रियों की चीखें गूंजने लगी थीं। विमान पागलों की तरह ऊपर-नीचे हो रहा था। ऑक्सीजन मास्क नीचे गिर गए थे।


ऐशली मैट का हाथ पकड़कर पागलों की तरह रो रही थी, "मैट! मुझे बहुत डर लग रहा है! हमें बचाओ!" मैट उसे दिलासा देने की कोशिश कर रहा था, पर उसका अपना चेहरा भी डर के मारे सफ़ेद पड़ गया था।


बिल और टोनी एक-दूसरे को पकड़कर चिल्ला रहे थे। पॉल और रोज़ी अपनी सीटों में दुबके हुए थे।


इकोनामी क्लास में, लारा और सोफिया ने एक-दूसरे का हाथ कसकर थाम रखा था। लारा की आँखों में डर तो था, पर एक अजीब सी शांती भी। सोफिया थर-थर कांप रही थी, "लारा, क्या हम मर जाएंगे?"


"नहीं सोफिया, हम ज़िंदा रहेंगे। हमें ज़िंदा रहना ही होगा," लारा ने सोफिया का हाथ सहलाते हुए कहा, पर उसकी अपनी आवाज़ भी कांप रही थी।


अचानक, विमान की खिड़की के बाहर एक बहुत तेज़ रोशनी चमकी। एक आसमानी बिजली सीधे विमान के पंखे से टकराई! एक भयानक धमाका हुआ और इंजन नंबर 1 में आग लग गई। विमान तेजी से नीचे की तरफ गिरने लगा। एयर होस्टेस की आवाज़ गूंजी—"ब्रेस फॉर इम्पैक्ट! (Brace for Impact!) अपनी सीटों को पकड़ लें!"


अमेज़न का घना, काला जंगल विमान की खिड़कियों से साफ़ दिखने लगा था। विमान सीधे पेड़ों की तरफ बढ़ रहा था। आखिरी आवाज़ सिर्फ़ चीखों और धमाके की थी... और फिर सब कुछ काला पड़ गया।( जारी है )
लेखक_ समीर खान