एपिसोड 1 : सुबह का वक्त, 'हेवेन डेल' इंटरनेशनल स्कूल का कॉरिडोर।
लॉकर रूम और कॉरिडोर बच्चों की भीड़ से भरा हुआ है। तभी एक तरफ से लारा और सोफिया अपने सादे कपड़ों में, किताबों का ढेर थामे चुपचाप आ रही हैं। वे अपनी ही धुन में बात कर रही हैं।
तभी दूसरी तरफ से वो 6 अमीर दोस्तों का ग्रुप—ऐशली, मैट, रोज़ी, पॉल, बिल और टोनी—पूरी टशन में एंट्री लेता है। रोज़ी और ऐशली के पास महंगे ब्रांडेड बैग्स हैं और लड़के आपस में हंसते हुए आ रहे हैं।
कॉरिडोर में लारा और सोफिया अपनी क्लास की तरफ बढ़ रही थीं। सोफिया ने अपनी किताबों को सीने से सटा रखा था।
तभी सामने से आ रहे टोनी और बिल ने जानबूझकर लारा को कंधा मारा। लारा का संतुलन बिगड़ा और उसके हाथ से कुछ किताबें नीचे गिर गईं।
"ओह! आँखें घर छोड़कर आई हो क्या स्कॉलर?" टोनी ने रुककर अपनी जेब में हाथ डालते हुए मज़ाक उड़ाया।
लारा ने नीचे झुककर अपनी किताबें उठाईं और सीधे टोनी की आँखों में देखा, "रास्ता काफी चौड़ा है टोनी, या फिर अमीर होने के साथ-साथ तुम्हारी आँखों की रोशनी भी कम हो गई है?"
यह सुनते ही रोज़ी और ऐशली आगे आ गईं। रोज़ी के चेहरे पर वही घमंड था। उसने अपने पैर से लारा की गिरी हुई एक डायरी को और दूर खिसका दिया।
रोज़ी बोली, "मुंह संभाल कर बात करो लारा। तुम दोनों यहाँ सिर्फ़ हमारी वजह से पढ़ रही हो, क्योंकि तुम्हारे पेरेंट्स इस स्कूल की फीस का एक हफ़्ते का खर्चा भी नहीं उठा सकते। वैसे, आज रात ऐशली की बर्थडे पार्टी है... तुम दोनों को इनविटेशन तो मिल ही गया होगा? आ जाना, कम से कम अच्छा खाना तो नसीब होगा!"
ऐशली ने रोज़ी की बात पर ताली बजाई और मैट की तरफ देखकर हंसी। मैट को थोड़ा अजीब लगा, उसने धीरे से रोज़ी का हाथ पकड़ा और कहा, "कम ऑन रोज़ी! इतना मज़ाक भी अच्छा नहीं है।"
रोज़ी ने तुरंत झटके से मैट का हाथ झटका और ताना मारते हुए कहा, "क्यों मैट? तुम्हें इन पर कुछ ज़्यादा ही प्यार आ रहा है क्या?"
रोज़ी का यह तीखा सवाल सुनकर मैट चुप हो गया। बिल और टोनी पीछे से दबी हुई हंसी हंसने लगे। लारा को साफ़ दिख रहा था कि मैट और बिल दिल के बुरे नहीं हैं, लेकिन इस ग्रुप के प्रेशर (Peer Pressure) और दोस्ती टूटने के डर से वे चुप रह जाते हैं।
सोफिया ने रोते हुए लारा का हाथ खींचा, "चल लारा, इनसे बात करना बेकार है।"
दोनों वहाँ से गुस्से में पैर पटकती हुई निकल गईं, जबकि पीछे से पूरा ग्रुप ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगा। लारा ने मन ही मन सोच लिया था कि वह आज रात की पार्टी में जाकर इन अमीरों के घमंड को बर्दाश्त नहीं करेगी, लेकिन उसे सोफिया के लिए जाना ही था।
ऐशली के बर्थडे की ग्रैंड पार्टी (The Birthday Humiliation)
स्थान: एक आलीशान क्लब/हॉल
माहौल: चारों तरफ तेज़ हॉलीवुड पॉप म्यूज़िक बज रहा था। रंग-बिरंगी लाइट्स थी। स्कूल के सारे अमीर बच्चे हाथ में ड्रिंक्स लिए हंस रहे हैं, डांस कर रहे हैं। ऐशली, मैट, पॉल, बिल और टोनी एक बड़े से चॉकलेट केक के चारों तरफ खड़े हैं। रोज़ी के हाथ में एक कोल्ड ड्रिंक का ग्लास है।
लारा और सोफिया एक कोने में बहुत ही सादे कपड़ों में खड़ी थी, थोड़ी असहज (Uncomfortable) महसूस कर रही थी। वे सिर्फ़ औपचारिकता निभाने आई हैं।
रोज़ी ने कनिंग नज़रों से कोने में खड़ी लड़कियों को देखा और अपनी आवाज़ ऊँची की ताकि सबका ध्यान जाए, "ओह माय गॉड, देखो तो कौन आया है! हमारी स्कूल की दो सबसे बड़ी स्कॉलर—लारा और सोफिया! तुम दोनों यहाँ कोने में क्यों खड़ी हो? आओ, केक खाओ!"
लारा ने मना करने के लिए हाथ उठाया, लेकिन रोज़ी ने बिना सुने ज़बरदस्ती आगे बढ़कर सोफिया का हाथ पकड़ा और उसे खींचते हुए केक के पास ले आई। सोफिया लगातार पीछे हटने की कोशिश कर रही थी।
सोफिया ने घबराते हुए कहा, "नहीं रोज़ी, इट्स ओके... मैं केक नहीं खाती..."
रोज़ी के चेहरे पर एक नकली और मतलबी मुस्कान आ गई, "कम ऑन सोफिया, ऐशली का बर्थडे है, इतनी बेइज़्ज़ती तो मत करो!"
और इससे पहले कि सोफिया कुछ समझ पाती, रोज़ी ने केक का एक बड़ा सा टुकड़ा उठाया और सोफिया के मुंह पर ठूसने के बहाने उसके पूरे चेहरे पर बहुत बुरी तरह मल दिया!
सोफिया की आँखों में आँसू आ गए। पूरी पार्टी में एक सेकंड के लिए सन्नाटा छाया, और फिर मैट, पॉल, बिल और टोनी ज़ोर-ज़ोर से ठहाके मारकर हंसने लगे। ऐशली ने अपनी जीभ बाहर निकालकर तालियाँ बजानी शुरू कर दीं।
रोज़ी ने बड़े ड्रामेटिक अंदाज़ में अपने गाल पर हाथ रखा, "ओह! माय बैड! (मेरी गलती!)"
सोफिया रोते हुए अपना चेहरा साफ़ करने की कोशिश कर रही थी कि तभी लारा गुस्से में आगे बढ़ी और सोफिया को संभालते हुए चिल्लाई, "स्टॉप इट रोज़ी! यह क्या बकवास है? तमीज़ नहीं है क्या तुम्हें?"
रोज़ी थियेट्रिकल अंदाज़ में दो कदम पीछे हटी, "रिलैक्स लारा! मैं तो बस उसे केक खिला रही थी। वैसे, तुम दोनों इस पार्टी के लायक ही नहीं हो। तुम दोनों के जूतों का स्टाइल देखा है? ऐसा लगता है किसी कचरे के डिब्बे से उठाकर पहनी हो।"
अपमान की हद यहीं खत्म नहीं हुई। लारा गुस्से में सोफिया का हाथ पकड़कर वहाँ से निकलने लगी, लेकिन तभी रोज़ी ने जानबूझकर अपना पैर आगे बढ़ाया और अपने हाथ का कोल्ड ड्रिंक का पूरा ग्लास उन दोनों के जूतों पर उड़ेल दिया!
रोज़ी हंसते हुए बोली, "ओह... सॉरी! अब तुम्हारे ये सड़े हुए जूते थोड़े और 'क्लासी' लग रहे हैं!"
मैट और टोनी पीछे से चिल्लाए— "यो! व्हॉट ए शॉट!"
लारा का हाथ गुस्से से कांपने लगा, लेकिन सोफिया रोते हुए उसे खींचकर पार्टी से बाहर ले गई।
पार्टी से लौटने के बाद लारा ने अपने सड़े हुए जूते एक कोने में फेंक दिए थे। सोफिया का रो-रोकर बुरा हाल था, और वह लारा के कमरे के बिस्तर पर बैठी अपना चेहरा साफ रही थी। लारा के घर में शांति थी, क्योंकि उसके माता-पिता जल्दी सो जाते थे और वहाँ काफी पाबंदियाँ थीं।
लारा कमरे में चक्कर काट रही थी, उसका गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा था।
लारा ने गुस्से में अपनी मुट्ठियाँ भींची और फुसफुसाते हुए बोली, "बस बहुत हुआ सोफिया! हम कब तक उन अमीर जाहिलों की बकवास सहते रहेंगे? आज रोज़ी ने जो किया, वह मज़ाक नहीं था। वह हमारी आत्मा को कुचलना चाहती थी।"
सोफिया ने सिसकते हुए अपना चेहरा पोंछा, "पर लारा, हम कर भी क्या सकते हैं? उनके माता-पिता के पास पैसा है, पावर है। अगर हमने स्कूल में शिकायत की, तो वे हमारा स्कॉलरशिप ही कैंसिल करवा देंगे। हमारी तो ज़िंदगी ही इस मिडिल-क्लास पाबंदी में फंसी है। कहीं आने-जाने से पहले भी हमें घर पर दस झूठ बोलने पड़ते हैं।"
"पाबंदी..." लारा के दिमाग में अचानक एक बात कौंधी। उसने अपनी आँखें चमकाते हुए सोफिया की तरफ देखा, "सोफिया, वो जो इंटरनेशनल एजुकेशनल कैंप का फॉर्म आया था ना? जिसके लिए हमारे कॉलेज से सिर्फ़ दो टॉपर्स चुने जाने थे?"
सोफिया ने चौंककर देखा, "हाँ, ब्राजील वाले प्रोजेक्ट के लिए? पर हमने तो घर के डर से मना कर दिया था ना कि मम्मी-पापा कभी इतनी दूर अकेले नहीं जाने देंगे?"
लारा सोफिया के पास बैठी और उसका हाथ पकड़कर बोली, "अब हम जाएंगे सोफिया! हम अपने-अपने घर पर झूठ बोलेंगे कि यह कॉलेज का एक बेहद ज़रूरी और कंपल्सरी (Strict) प्रोजेक्ट है, जिसके बिना हमें फाइनल डिग्री नहीं मिलेगी। घरवाले मान जाएंगे क्योंकि वे हमारी पढ़ाई के बीच में कभी नहीं आते। हम इस घुटन से दूर, उस इंटरनेशनल ट्रिप पर जाएंगे। हमें अपने दिमाग को शांत करने के लिए इस शहर से दूर जाना ही होगा।"
सोफिया ने डरते हुए लारा की आँखों में देखा, पर लारा का आत्मविश्वास देखकर उसने भी गहरी सांस ली और हामी भर दी। दोनों ने तय किया कि वे अगले दो दिन में सारे पेपर्स तैयार कर लेंगी और घर पर 'कॉलेज प्रोजेक्ट' का बड़ा झूठ बोलकर ब्राजील के लिए निकलेंगी। उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि किस्मत उनके इस झूठ का कितना भयानक इम्तिहान लेने वाली थी।
दो दिन बाद, 'हेवेन डेल' इंटरनेशनल एयरपोर्ट का आलीशान लाउंज।
मौसम बहुत खराब था। आसमान में काले बादल छाए थे और रह-रहकर बिजली कड़क रही थी। इसलिए फ़्लाइट लेट थी।लारा और सोफिया अपने साधारण से बैकपैक लटकाए, फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट के चेकिंग काउंटर की तरफ बढ़ रही थीं। वे खुश थीं कि वे अपने घरों में झूठ बोलकर इस सफर पर निकलने में कामयाब हो गईं।
लेकिन तभी, वीआईपी लाउंज के दरवाज़े से खिलखिलाने और ऊंची आवाज़ में बात करने की आवाज़ें गूंजीं। लारा के पैर वहीं जम गए।
सामने से वही 6 अमीर दोस्तों का ग्रुप—ऐशली, मैट, रोज़ी, पॉल, बिल और टोनी—अपने महंगे ट्रॉली बैग्स घसीटते हुए आ रहे थे। वे सब भी अपने घरों में यह झूठ बोलकर निकले थे कि वे किसी वीआईपी कॉलेज ट्रिप पर जा रहे हैं, जबकि असल में वे ऐशली के बर्थडे के बाद एक सीक्रेट वेकेशन मनाने ब्राजील जा रहे थे!
"ओह माय गॉड! रोज़ी, देखो तो सही किस्मत कितनी मेहरबान है! इस घटिया मौसम में भी हमारे स्वागत के लिए यहाँ कौन खड़ा है!" ऐशली ने काले चश्मे को नाक से नीचे खिसकाते हुए लारा और सोफिया की तरफ इशारा किया।
रोज़ी ने खिलखिलाकर मैट का हाथ पकड़ा, "अरे वाह! तो हमारी क्लास की दोनों 'पुअर स्कॉलर्स' भी यहाँ हैं? तुम दोनों यहाँ एयरपोर्ट पर झाड़ू-पोछा लगाने का पार्ट-टाइम जॉब शुरू कर चुकी हो क्या?"
बिल और टोनी ने पीछे से हाई-फाई किया और ठहाका मारकर हंसने लगे। लारा ने अपने बैग के स्ट्रैप को इतनी ज़ोर से पकड़ा कि उसकी उंगलियाँ सफ़ेद पड़ गईं। वह बिना कुछ बोले आगे बढ़ने लगी, लेकिन पॉल ने जानबूझकर अपनी ट्रॉली लारा के पैर के पास अड़ा दी।
"रास्ता देखकर चलो स्कॉलर! यह तुम्हारी कॉलोनी की सड़क नहीं है, इंटरनेशनल टर्मिनल है," पॉल ने अकड़कर कहा।
सोफिया डर के मारे लारा के पीछे छुप गई। लारा ने सीधे ऐशली और रोज़ी को घूरते हुए कहा, "हमें तुमसे बात करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। अपने इस अमीर घमंड को अपनी जेब में रखो।"
"अरे-अरे! गुस्सा देखो इसका!" टोनी हंसा। तभी लाउंज में अनाउंसमेंट हुई—"फ्लाइट नंबर 402, ब्राजील के लिए तैयार है। सभी यात्री बोर्डिंग गेट की तरफ बढ़ें।"
रोज़ी का मुंह खुला का खुला रह गया, "वेट... क्या? तुम दोनों भी उसी फ्लाइट में हो जिसमें हम जा रहे हैं? फर्स्ट क्लास में तो तुम बैठ नहीं पाओगी, इकोनामी क्लास की सीटों पर बैठकर हमारा सिर मत खाना!"
मैट ने पीछे से रोज़ी को टोकते हुए कहा, "चलो रोज़ी, फ्लाइट का टाइम हो रहा है, अब बहस बंद करो।" मैट ने एक बार लारा की तरफ देखा, उसकी आँखों में एक अजीब सी झिझक और अफ़सोस था, लेकिन ग्रुप के प्रेशर में उसने लारा से सीधे कुछ नहीं कहा।
दोनों गुट एक-दूसरे को नफ़रत से घूरते हुए बोर्डिंग गेट की तरफ बढ़े। आसमान में बिजली और तेज़ी से कड़की। फ्लाइट नंबर 402 के पहिए ज़मीन से ऊपर उठने वाले थे, और इसी के साथ इन 8 लोगों की किस्मत हमेशा-हमेशा के लिए एक ऐसे खौफनाक जाल में फंसने जा रही थी, जहाँ से वापस लौटने का रास्ता किसी को नहीं पता था... (जारी है )
लेखक _समीर खान