अपने सारे मन में चल रहे विचारों को साइड रखते हुए मान्या सोफे पर बैठ जाती है... रिया जल्दी से मान्या के लिए पानी लाती है... थोड़ी देर में लंच करने के बाद तीनों आपस में बैठकर बातें करने लगते हैं। मान्या की बॉन्डिंग रिया और रेनू जी के साथ बहुत अच्छी थी। मान्य बिल्कुल उन्हें अपनी मम्मी की तरह मानती थी।
इधर दूसरी तरफ... रनवे पर एक प्राइवेट जैट landing करता है । उसमें से एक बेहद ही रॉयल पर्सनैलिटी का शख्स बाहर आता है। उसकी आंखों पर ब्लैक सनग्लासेस लगे हुए थे।
नीली crisp shirt, "ब्लैक blazer,black pant " चमचमाते काले शूज तो इतने चमक रहे थे कि कोई इंसान अपनी सकल ही देख ले । स्टाफ उसके पीछे-पीछे सामान लेकर चल रहा था।
आगे.....
वो था अविनाश ठाकुर... उसकी चाल में एक रॉयल अंदाज था । इंडिया का जाना माना बिजनेसमैन इंडिया की टॉप कंपनी ठाकुर इंडस्ट्री का CEO ओर ऑनर अविनाश ठाकुर ।
बिजनेस वर्ल्ड के अलावा इनकी एक और पहचान थी... जिससे फिलहाल अभी सभी अनजान थे । लेकिन बिजनेस वर्ल्ड में लोग इन्हें Mr cruel के नाम से भी जानते थे । अविनाश एयरपोर्ट से बाहर आता है एयरपोर्ट के बाहर बहुत सारी गाड़ियां लाइन से खड़ी होती है उनमें से एक चमचमाती ब्लैक रोल्स रॉयल्स जो... उन गाड़ियों की सबसे बीच में खड़ी थी मैं जाकर बैठ जाता है उसकी गाड़ी में बैठते ही एक गार्ड आकर कर दरवाजा बंद करता है । सारी गाड़ियां ठाकुर विला के लिए निकल गई ।
ठाकुर विला...
करीब शाम के तीन बजे थे । फिलहाल अंश घर आ गया था क्योंकि उसका कॉलेज टाइम पूरा हो गया था । लेकिन आहना नहीं आई थी वो एक डॉक्टर थी । आहना अपने हॉस्पिटल से शाम 6 :00 बजे ही आने वाली थी ।
लिविंग एरिया ...
लिविंग एरिया में सेंटर में सोफे पड़े थे। इन सोफे में से एक पर जश्न जी बैठे थे उनके बाजू में हो कविता जी बैठी थी सामने सिंगल सोफे पर अंश अपना सिर पीछे सोफे से टिकाए बैठा था उसकी आंखे बंद थी ।
"आज में डेड छे बात नहीं kalunga " miku ने मुंह बनाकर कहा .... और चेहरा दूसरी तरफ फेर लिया ।
आज Miku सुबह से ही नहीं सोया था क्योंकि आज उसके पापा आने वाले है। वो भी 3 दिन की बिजनेस ट्रिप के बाद आखिरकार आज वो अपने डेड को देखने के लिए कितना एक्साइटेड था ये तो उसका चेहरा ही बता रहा था ।
"वो तो miku ही जानता है बाकी तो उसके डैडी को आ जाने दो हम तो तभी बताएंगे"। कविता जी ने एक प्यारी सी मुस्कुराहट के साथ miku को अपनी गोद में लेते हुए कहा...
"Noi... दादी नहीं kalunga ... Miku ने अपनी एक अंगुली को ना में हिलाकर कहा" ... अपना चेहरा गुस्से से कविता जी के सीने में छिपा लिया । छोटे से miku की छोटी सी नाक गुस्से लाल हो गई थी । O my god .. वो तो उसमें और भी क्यूट 🥰 लग रहा था ।
"ओके जब भैया आयेंगे तो में उनसे कह दूंगा मीकू तो अब आपसे बात नहीं करने वाला तो सारी चॉकलेट मुझे ही दे दें।"
अंश ने अपनी अधखुली आंखों से miku से कहा ... तो miku उसे घूरने लगा । "अरे... बस भी करो छोटे शहजादे अब ज्यादा मत घूरो उसे ... " मीकू के घूरने पर जश्न जी हस कर बोले ...
अभी वो कुछ आगे बोलते उससे पहले ही बाहर से गाड़ियों की आवाज आई वो समझ गए कि कौन आया है ? अंश भी जल्दी से उठ फ्रेश होने चला गया। छोटा सा miku कविता जी की गोद से उठकर entrance गेट की तरफ भागा ... उसकी आंखों में तो 440 वोल्ट की चमक आ गई थी ।
Miku जल्दी से एंट्रेंस गेट की तरफ भागते हुए आता है । सामने से एक लंबा चौड़ा आदमी जो फोन पर बात करते हुए आ रहा था । उसकी चेहरे पर गंभीर भाव थे । जैसे ही वो घर के अंदर एंट्री लेता है वैसे ही दो छोटे छोटे हाथ उसके पैरों से लिपट जाते है । ये महसूस करते ही उसके चेहरे पर प्यारी सी स्माइल आ जाती है । वह जल्दी से अपने फोन को जेब के हवाले करता है और miku को अपनी गोद में उठाकर....
कैसा है मेरा बच्चा रोया तो नहीं मेरा स्ट्रांग चाइल्ड ... अविनाश जो अभी अभी एयरपोर्ट से सीधे घर आया था .. miku को अपने सीने से लगा कहा ... उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा सकून था आखिरकार उसका प्यार सा बेटा उसकी जान ...
"मैं अपछे नालाज़ हूं डैडी" ... Miku ने मुंह फुलाकर कहा .. "ओ... तो मेरा बच्चा नाराज है तो बतायें हम उनकी नाराजगी खत्म करने के लिए क्या करें..." अविनाश ने मुस्कराकर miku के गाल पर किस करते हुए कहा ...
Miku अपने गाल पर उंगली रखकर कुछ सोचने लगता है फिर अपनी क्यूट सी आवाज में कहता है ... मुदे आज एग्रीमेंट पालक (एम्यूजमेंट पार्क ) जाना है" .... उसकी इस बात पर अवि कुछ देर सीरियस होकर उससे कहता है "पापा को आज कुछ जरूरी काम है ".... वहीं उनसे कुछ दूरी पर खड़ी कविता जी जो मुस्कराते हुए अपने बेटे को बड़े प्यार से देख रही थी । जल्दी से आगे आती हुई कहती है ... "अवि क्या है ये... आखिरकार कभी कभी तो वो तुमसे बाहर जाने को बोलता है तुमसे... " अब देखो तुमने इसे कितना नाराज़ कर दिया दोनों बाप बेटे ही एक से हो ... उनके इतना कहने पर अवि अपना चेहरा घुमाकर अपने प्यारे से शहजादे को देखता है जो मुंह फुलाकर नीचे किए हुए था उसे देखकर लग रहा था जैसे अभी रो जाएगा ।
" ठीक है हम शाम को चलते है "... अवि ने एक गहरी सांस लेकर कहा ... "मोम मैं रूम में जा रहा हूं" । इतना कहकर वो miku को अपनी गोद में लेकर चला जाता है ।
इधर दूसरी तरफ ... शाम का वक्त ... विशी घर आ गई थी। दोनों दोस्त आपस में बातें करते हुए हस रही थी । मान्या को इस तरह खुलकर बातें करते देख विशी का पूरा परिवार खुश था क्योंकि मान्या की मां विशी की मां की दोस्त थी । उनकी डेथ तब ही हो गई थी जब मान्य तीन साल की थी और उसके पापा ने दूसरी शादी कर ली मगर वो अपनी बेटी को ही भूल गए ।
उसकी सौतेली मां और बहन मिलकर उसे बहुत टॉर्चर करते थे । पर मजाल थी उसके पापा उस पर विश्वास करते । मान्या की आंखों में हल्की हल्की नमी आ गई ये सोचने भर से कि उसके खुद के घर अगर वो थोड़ी देर आराम से बैठ भी जाती तो उसकी सौतेली मां उसका क्या हाल करती इनफैक्ट वो तो उसके पापा से कहकर उस पर डांट लगवाती... हद तो तब हो गई जब उसके पापा उसकी सौतेली मां के कहने पर उस दिन मान्या पर हाथ उठाने के लिए तैयार थे ।
हालांकि उसे कोई फर्क नहीं पड़ता इतनी रोज रोज डांट खाने के बाद उसने खुद को काफी मजबूत जो बना लिया था मगर उसे अपने पापा से ऐसी कोई उम्मीद नहीं थी । "मान्या चल क्यों न आज हम बाहर घूमने जाए वैसी भी तू इतने दिनों बाद आई है ... तो घूमना तो बनता है ।"
मान्या जब अपने ख्यालों से भर आई तब विशी उसे पकड़कर हिलाते हुए उससे कह रही थी ... जल्दी से आपने आंखों के आशु साफ कर बोली ... "हां चल चलते है मेरा भी मन है" .. "और में भी तुम दोनों के साथ चलूंगी"। रिया ने कहा ... तो आपको किया लगा हम अकेली जाने वाले है भाभी जी" ... विशी ने उन्हें साइड से गले लगाते हुए कहा ... सब उन दोनों की बॉन्डिंग देख मुस्करा दिए ... थोड़ी देर में सभी अपने अपने रूम में चले गए क्योंकि वे तीनों बाहर जो जाने वाली थी ...
इधर ठाकुर विला में ... अबतक अविनाश शावर लेकर फिलहाल "बालकनी में खड़ा, उसकी निगाहें" एक जगह पर ही टिकी हुई थी... जहां दो कपल अपनी छोटी सी बच्ची के साथ मस्ती कर रहे थे । उन्हें देख गहराई से कुछ सोच रहा था अंदर miku किंग साइज बेड पर सो रहा था।
तभी रूम का दरवाजा एक आवाज के साथ खुलता है ... "तुम जानते हो अवि आज miku ने मुझसे क्या पूछा" ... कविता जी अंदर आते हुए कहती है उनके हाथ में काफी की ट्रे थी । "हम्म " जनता हूं " ... अविनाश ने सामने देखते हुए कहा ... "तो क्या सोचा है तुमने ..." कविता जी ने कहा .. फिर कुछ पल रुककर "मुझे लगता है तुम्हें अब शादी के लेनी चाहिए अवि ..."
उन्होंने सामने देखते हुए अपनी बात जारी रखी ... "क्या तुम्हे नहीं लगता उसे इस उमर में एक मां की जरूरत है ? क्या सच में तुम उसे एक मां का प्यार दे पाओगे ? जब वो बार बार पूछता है जवाब क्यों नहीं देते ?" थोड़ी देर शांत रहने के बाद "आगे तुम्हारी मर्जी ... " ये बात उन्होंने miku को देखते हुए कही थी ... इतना कहने के बाद वो कमरे से चली जाती हैं .. उनके जाने के बाद अवि मुड़ता है।
खाली दरवाजे को देखते हुए अपनी आँखें बंद करता है... उसकी आंखों के सामने एक लड़की का मुस्कुराता हुआ चेहरा आता है ... वह झट से अपनी आँखें खोलता है ... कैसे ... कैसे कर लूं दूसरी शादी उसकी यादें मुझे बाहर आने ही नहीं दे रही... वो सोते हुए miku को देखता है अपनेआप ही उसके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है.... ।
आखिरकार कौन है? वो लड़की ... कौन है? miku की मां और कहां है ? क्या होगा जब अविनाश और मान्या होंगे आमने सामने? कैसी होगी इनकी पहली मुलाकात ? क्या होगा आगे ? आगे जानने के लिए पढ़ते रहिए।
दोस्तो आपने कमेंट जरुर शेयर करना और बताना इनकी पहली मुलाकात कैसी होनी चाहिए ? ...
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