Nakaab aur Tanhaai in Hindi Thriller by Shaziya Khan books and stories PDF | नकाब और तन्हाई - 8

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नकाब और तन्हाई - 8

किस्त 8: कैमरे का लेंस और एक नई उलझन


शिकागो की सुबह आज कुछ ज्यादा ही शोर भरी थी। जैक 'डेली न्यूज़' के ऊंचे दफ्तर की दहलीज पर खड़ा था। उसके हाथ में उसका पुराना कैमरा था, जिसे उसने अपने पिता की आखिरी निशानी के तौर पर सहेज कर रखा था।


दफ्तर के अंदर फाइलों का ढेर और टाइपराइटरों की गूँज थी। न्यूज़ एडिटर ने जैक को ऊपर से नीचे तक देखा।


"तो तुम हो वो लड़का जो कहता है कि वो उस 'मसीहा' की तस्वीरें ला सकता है? याद रखना जैक, हमें धुंधली तस्वीरें नहीं चाहिए। हमें वो चाहिए जो शहर के इस रहस्य का पर्दाफाश कर सके।"


जैक ने सिर हिलाया। उसे पता था कि उसे किसी और की नहीं, बल्कि अपनी ही तस्वीरें खींचनी हैं। यह एक अजीब सा खेल था—खुद का पीछा खुद ही करना।
नौकरी पक्की हो गई थी। जैक को कुछ पैसे एडवांस में मिले, जिससे उसने सबसे पहले अपनी फूफो के लिए दवाइयाँ और घर का कुछ राशन खरीदा। लेकिन उसके दिल में एक बोझ था। उसे लगा कि वह अपनी शक्तियों का सौदा कर रहा है।


शाम को वह फिर उसी लाइब्रेरी के पास से गुजरा। उसका मन नहीं था, पर उसके कदम खुद-ब-खुद उस खिड़की की तरफ बढ़ गए जहाँ एली बैठती थी। उसने देखा कि एली वहां थी, लेकिन आज वह स्केच नहीं बना रही थी। वह खामोश बैठी बाहर की सड़क देख रही थी।


जैक उसके पास जाकर खड़ा हो गया।

"आज रंगों ने हाथ छोड़ दिया क्या?"


एली ने पलटकर देखा। उसकी आँखों में कल वाली नाराजगी तो नहीं थी, पर एक दूरी ज़रूर थी।

"रंग तब तक साथ देते हैं जैक, जब तक सामने वाली तस्वीर साफ़ हो। धुंधली तस्वीरों पर रंग नहीं चढ़ते।"


जैक ने अपना नया आईडी कार्ड मेज़ पर रखा।


"शायद अब तस्वीरें साफ़ हो जाएं। मैंने डेली न्यूज़ में फोटोग्राफर की नौकरी शुरू की है। अब मेरा काम ही सड़कों पर छिपे सच को ढूंढना है।"


एली ने कार्ड देखा और फिर जैक को।

"सच को ढूंढना आसान है जैक, पर उसे पहचानना मुश्किल। उम्मीद है तुम्हारा कैमरा वो देख पाएगा जो तुम्हारी आँखें छुपाती हैं।"


जैक वहां से चला आया, पर एली के शब्द उसके कानों में गूँज रहे थे। रात होते ही जैक ने अपना नकाब पहना। आज उसे सिर्फ लोगों को बचाना नहीं था, बल्कि उसे ऐसी जगह कैमरा फिट करना था जहाँ से वह अपनी 'एक्शन' वाली फोटो खींच सके।


वह एक ऊँची मीनार पर चढ़ा। हवा के थपेड़े उसके नकाब से टकरा रहे थे। उसने अपना कैमरा एक गारगोयल (पत्थर की मूर्ति) के पीछे छुपाकर टाइमर पर सेट किया। तभी उसे नीचे की सड़क पर कुछ संदिग्ध हलचल दिखी। कुछ लोग एक काले रंग की वैन में जबरदस्ती किसी को ले जा रहे थे।


जैक ने छलांग लगाई। हवा में कलाबाजी खाते हुए उसने जाले फेंके। कैमरा 'क्लिक-क्लिक' की आवाज़ के साथ तस्वीरें खींच रहा था। जैक ने बदमाशों को तो धूल चटा दी, लेकिन लड़ाई के दौरान वह भूल गया कि एली का घर इसी गली के नुक्कड़ पर था।


जैसे ही उसने वैन का दरवाज़ा उखाड़ा, उसने देखा कि अंदर कोई और नहीं, बल्कि एली का एक करीबी दोस्त था जिसे वह अपनी पेंटिंग्स में अक्सर दिखाती थी।


जैक घबरा गया। अगर वह अभी वहां रुका तो पुलिस आ जाएगी और कैमरा उसकी तस्वीरें ले लेगा। लेकिन अगर वह भागा, तो एली का दोस्त खतरे में रहेगा।
उसी वक्त, गली के कोने पर एली खड़ी थी। उसने अपनी आँखों से उस 'मसीहा' को लड़ते देखा, और फिर उसकी नज़र उस दीवार पर पड़ी जहाँ जैक ने अपना कैमरा छुपाया था। (जारी है)
लेखक _समीर खान