Mr. Ms. Fake - Episode 12 in Hindi Comedy stories by kajal jha books and stories PDF | Mr. Ms. Fake - एपिसोड 12

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Mr. Ms. Fake - एपिसोड 12


Mr. & Ms. Fake
Episode 12 – Couple Dance Challenge
शाम के सात बजे...
सिंह हाउस पूरी तरह रोशनी से जगमगा रहा था।
आज आर्यवीर के ताऊजी की शादी की सालगिरह थी। पूरा परिवार, रिश्तेदार और पड़ोसी घर पर जमा थे।
लॉन में रंग-बिरंगी लाइटें, डीजे और खाने के स्टॉल लगे हुए थे।
दादी खुशी से सबका स्वागत कर रही थीं।
तभी गेट के बाहर एक कैब आकर रुकी।
सान्वी बाहर उतरी।
आज उसने हल्के आसमानी रंग का गाउन पहना था। खुले बाल और हल्की-सी मुस्कान...
कुछ पल के लिए सबकी नज़र उसी पर ठहर गई।
आर्यवीर उसे देखता ही रह गया।
कबीर ने उसके कंधे पर हाथ मारा।
"भाई... अगर ऐसे ही देखते रहे ना, तो सबको पता चल जाएगा कि एक्टिंग कब की खत्म हो चुकी है।"
आर्यवीर झेंप गया।
"चुप कर।"
जैसे ही सान्वी अंदर आई...
दादी ने उसकी नज़र उतारी।
"मेरी बहू तो किसी परी से कम नहीं लग रही।"
सान्वी मुस्कुराकर उनके गले लग गई।
उसी समय चिंटू दौड़ता हुआ आया।
"भाभी... आज आपको डांस करना पड़ेगा।"
सान्वी घबरा गई।
"डांस?"
"हाँ! कपल डांस कॉम्पिटिशन है।"
उसने तुरंत आर्यवीर की तरफ देखा।
आर्यवीर भी उतना ही परेशान था।
दोनों ने एक साथ कहा—
"हमें डांस नहीं आता!"
चिंटू ज़ोर से हँस पड़ा।
डीजे ने माइक उठाया।
"लेडीज़ एंड जेंटलमैन..."
"आज की सबसे मज़ेदार प्रतियोगिता शुरू होने वाली है..."
'बेस्ट कपल डांस चैलेंज!'
सब तालियाँ बजाने लगे।
दादी ने बिना किसी से पूछे आर्यवीर और सान्वी का नाम लिखवा दिया।
"दादी!"
"कोई बहाना नहीं।"
उधर...
रिया भी पार्टी में पहुँच चुकी थी।
वह दूर खड़ी मुस्कुरा रही थी।
"डांस..."
"यही मौका है।"
उसने चुपके से डीजे के पास जाकर कुछ कहा।
डीजे मुस्कुराकर सिर हिलाने लगा।
प्रतियोगिता शुरू हुई।
पहले दो कपल्स ने शानदार डांस किया।
अब एंकर ने आवाज़ लगाई—
"अगला कपल..."
"आर्यवीर और सान्वी!"
तालियों की गड़गड़ाहट गूँज उठी।
दोनों धीरे-धीरे स्टेज पर पहुँचे।
सान्वी ने फुसफुसाकर पूछा—
"अब?"
आर्यवीर बोला—
"जो होगा... साथ में होगा।"
यह सुनकर सान्वी के चेहरे पर अनायास मुस्कान आ गई।
म्यूज़िक शुरू हुआ।
धीमा रोमांटिक गाना बजने लगा।
आर्यवीर ने झिझकते हुए अपना हाथ आगे बढ़ाया।
सान्वी ने कुछ पल उसे देखा...
फिर उसका हाथ थाम लिया।
दोनों धीरे-धीरे डांस करने लगे।
शुरुआत में कदम लड़खड़ा रहे थे...
लेकिन कुछ ही सेकंड बाद दोनों एक-दूसरे की लय पकड़ने लगे।
पूरा परिवार मुस्कुराते हुए उन्हें देख रहा था।
दादी की आँखें खुशी से चमक रही थीं।
तभी...
रिया ने अपने फोन से डीजे को इशारा किया।
अचानक रोमांटिक गाना बंद हुआ।
उसकी जगह तेज़ पंजाबी बीट बजने लगी।
पूरा माहौल बदल गया।
आर्यवीर और सान्वी घबरा गए।
"अब क्या करें?" सान्वी ने धीरे से पूछा।
आर्यवीर ने हँसते हुए कहा—
"अब तो भगवान ही बचाए।"
दोनों ने जैसे-तैसे तेज़ बीट पर डांस करने की कोशिश की।
पहले ही स्टेप में आर्यवीर का संतुलन बिगड़ गया।
वह गिरने ही वाला था कि सान्वी ने उसका हाथ पकड़ लिया।
लेकिन खुद भी घूमते-घूमते उसके साथ नीचे बैठ गई।
पूरा लॉन दो सेकंड के लिए शांत हो गया।
फिर...
चिंटू सबसे पहले हँसा।
"वाह! नया डांस स्टेप!"
पूरा परिवार ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगा।
आर्यवीर और सान्वी ने भी एक-दूसरे को देखा...
और खुद भी हँस पड़े।
अब दोनों ने परफेक्ट डांस करने की कोशिश छोड़ दी।
वे बस खुलकर मस्ती करने लगे।
कभी गलत स्टेप...
कभी हँसी...
कभी एक-दूसरे को घुमाने की कोशिश...
कभी खुद ही घूम जाना...
उनकी सच्ची मुस्कान और मस्ती देखकर पूरा परिवार तालियाँ बजाने लगा।
डांस खत्म हुआ।
एंकर ने रिज़ल्ट घोषित किया।
"आज का बेस्ट कपल..."
"...वो नहीं जिसने सबसे अच्छा डांस किया..."
"...बल्कि वो जिसने सबसे ज़्यादा सबको हँसाया और खुश किया।"
"विजेता हैं..."
"आर्यवीर और सान्वी!"
पूरा लॉन तालियों से गूँज उठा।
दादी खुशी से मंच पर चढ़ गईं।
"मुझे पता था... मेरी बहू और मेरा पोता ही जीतेंगे।"
उन्होंने दोनों को गले लगा लिया।
दूर खड़ी रिया यह सब देख रही थी।
उसकी योजना फिर नाकाम हो चुकी थी।
लेकिन इस बार उसके चेहरे पर गुस्सा नहीं था...
बल्कि एक रहस्यमयी मुस्कान थी।
उसने धीरे से कहा—
"हँस लो..."
"बहुत जल्दी तुम्हारी ये हँसी रुकने वाली है।"
उसी समय उसके मोबाइल पर एक कॉल आया।
"हाँ... सब तैयारी हो गई?"
फोन के दूसरी तरफ़ से जवाब आया—
"जी मैडम... जैसा आपने कहा था।"
रिया ने कॉल काटा और सिंह हाउस की तरफ़ देखते हुए मुस्कुराई।
"अब खेल सच में शुरू होगा।"
दूसरी तरफ...
स्टेज से उतरते समय सान्वी का पैर हल्का-सा मुड़ा।
वह गिरने ही वाली थी कि आर्यवीर ने तुरंत उसे अपनी बाँहों में थाम लिया।
दोनों की नज़रें मिलीं।
कुछ पल के लिए आसपास की सारी आवाज़ें जैसे गायब हो गईं।
दोनों कुछ कहना चाहते थे...
लेकिन कह नहीं पाए।
शायद...
उनके दिल वह बात समझने लगे थे, जिसे उनके होंठ अब तक स्वीकार नहीं कर रहे थे।