Her Silent Secret - 5 in Hindi Drama by Sonam Brijwasi books and stories PDF | Her Silent Secret - 5

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Her Silent Secret - 5

सुनसान हाईवे – रात

रात काफी हो चुकी थी। संपूर्णा अपनी कार से घर लौट रही थी।
हाईवे लगभग खाली था। तभी अचानक ठक! कार हल्की सी झटके के साथ रुक गई।

संपूर्णा बोली - 
Oh God…

वो नीचे उतरकर देखने लगी। टायर पूरी तरह पंचर था। संपूर्णा परेशान होकर माथा पकड़ लेती है।

संपूर्णा बोली - 
इसे भी अभी धोखा देना था…

ठंडी हवा उसके बालों को उड़ा रही थी। चारों तरफ अंधेरा था।

तभी पीछे से भारी आवाज़ आई—
धोखा… तो अब मिलेगा CEO Madam।

संपूर्णा तुरंत पलटी। कुछ गुंडे उसकी तरफ बढ़ रहे थे। उनकी आँखों में खतरनाक इरादे साफ दिख रहे थे। एक आदमी हंसते हुए आगे आया।

गुंडा बोला - 
क्यों मैडम… हमें expose करने चली थीं?

वो उसके और करीब आया।

गुंडा बोला - 
पता भी है हम MLA के आदमी हैं?

संपूर्णा डरी हुई थी… लेकिन उसकी आवाज़ अब भी मजबूत थी।

संपूर्णा बोली - 
तुम जो भी हो… लेकिन जो किया वो गलत किया।

उसकी आँखों में गुस्सा था।

संपूर्णा बोली - 
Child pornography करके क्या सोचते हो? सच कभी सामने नहीं आएगा?

गुंडों के चेहरे अचानक कठोर हो गए। एक गुंडा गुस्से में डंडा उठाकर उसकी तरफ बढ़ा। लेकिन तभी किसी ने उसका हाथ बीच में ही पकड़ लिया। गुंडा चौंक गया। संपूर्णा ने भी हैरानी से सामने देखा। एक लड़की वहाँ खड़ी थी। काले कपड़ों में…चेहरा आधा अंधेरे में…लेकिन वो बिल्कुल संपूर्णा जैसी दिख रही थी। संपूर्णा की साँस अटक गई। लड़की ने गुंडे का हाथ कसकर पकड़ा हुआ था। उसकी आवाज़ ठंडी थी।

रहस्यमयी लड़की बोली - 
छोड़ दो उसे।

गुंडे पहले एक पल चौंके…फिर जोर-जोर से हंसने लगे।

गुंडा बोला - 
अरे वाह… ये क्या है?

दूसरा हंसते हुए बोला—
जुड़वाँ?

तीसरा आदमी संपूर्णा और उस लड़की को घूरते हुए बोला—
आज तो मज़ा आएगा…

संपूर्णा अब भी उस लड़की को देख रही थी। वो चेहरा…वो आँखें…वो शक्ल…सब कुछ जैसे उसका ही प्रतिबिंब था। लेकिन उस लड़की की आँखों में कुछ और था खतरनाक सन्नाटा। वही सन्नाटा… जो मौत से पहले आता है। हवा अचानक और तेज चलने लगती है। रहस्यमयी लड़की धीरे से अपना सिर उठाती है। उसकी आँखों में ठंडी आग जल रही थी।

रहस्यमयी लड़की (धीरे से) बोली - 
मैं आखिरी बार कह रही हूँ… उसे छोड़ दो।

गुंडे हंसते रहते हैं। लेकिन उन्हें नहीं पता था आज रात…शिकार कौन बनने वाला है।

अगले ही पल रहस्यमयी लड़की ने अचानक हमला कर दिया।
उसकी चाल इतनी तेज थी कि गुंडे संभल भी नहीं पाए। एक आदमी ज़मीन पर गिर पड़ा।दूसरे के हाथ से डंडा छूट गया। संपूर्णा हैरानी से उसे देख रही थी। वो लड़की सिर्फ लड़ नहीं रही थी…जैसे हर वार में उसका गुस्सा उतर रहा था।

लड़की ने एक गुंडे को धक्का देकर पीछे फेंका और जोर से बोली—

रहस्यमयी लड़की बोली - 
भाग जाओ यहाँ से!

संपूर्णा चौंक गई।

संपूर्णा बोली - 
नहीं! मैं तुम्हें मुसीबत में छोड़कर नहीं जा सकती!

वो भी पास पड़ा लोहे का रॉड उठाकर उसके साथ खड़ी हो गई। अब दोनों साथ लड़ रही थीं। एक जैसी शक्लें…एक जैसी आँखें…
लेकिन दो बिल्कुल अलग दुनिया। तभी पीछे से एक गुंडा चुपके से आया।बउसने रहस्यमयी लड़की की gun झटके से छीन ली।

गुंडा (गुस्से में चिल्लाते हुए) बोला - 
बस! बहुत हो गया!

अब बंदूक सीधे उन दोनों की तरफ थी। संपूर्णा और वो लड़की वहीं रुक गईं। गुंडा पागलों की तरह हंसने लगा।

गुंडा बोला - 
पहले ये लड़की मरेगी… फिर CEO Madam!

उसने बंदूक रहस्यमयी लड़की की तरफ तान दी। लड़की की आँखें पहली बार हल्की सी बदल गईं। शायद… उसे अपनी मौत सामने दिख रही थी।

और तभी—
धाँय!!!

गोली चल गई। लेकिन उसी पल…संपूर्णा अचानक दौड़कर उस लड़की के सामने आ गई। गोली सीधे संपूर्णा को लगी।एक पल के लिए…जैसे पूरी दुनिया रुक गई। संपूर्णा की आँखें फैल गईं। उसके होंठ कांपे…और फिर उसका शरीर धीरे-धीरे नीचे गिरने लगा। रहस्यमयी लड़की ने तुरंत उसे पकड़ लिया। उसकी आँखों में पहली बार डर दिखा। सचमुच का डर।बसंपूर्णा के आसमानी रंग की साड़ी पर खून फैलने लगा। उसकी साँसें टूट रही थीं।

रहस्यमयी लड़की काँपती आवाज़ में बोली—
तुम… मेरे सामने क्यों आई?

संपूर्णा दर्द में भी हल्का सा मुस्कुराने की कोशिश करती है।

संपूर्णा (टूटती आवाज़ में) बोली - 
क्योंकि… मैं किसी को… अपनी वजह से मरते नहीं देख सकती…

दूर कहीं पुलिस सायरन की आवाज़ सुनाई देने लगी। गुंडे घबराकर भागने लगे। लेकिन रहस्यमयी लड़की वहीं बैठी थी…संपूर्णा को अपनी बाँहों में लिए। उसके हाथ खून से भर चुके थे। और पहली बार…उसकी आँखों से एक आँसू गिरा।

संपूर्णा रहस्यमयी लड़की की बाँहों में थी। उसकी आसमानी साड़ी अब खून से भीग चुकी थी। साँसें हर पल कमजोर होती जा रही थीं।

रहस्यमयी लड़की घबराकर चीखने लगी—
कोई ambulance बुलाओ!

उसकी आवाज़ वीरान सड़क पर गूंज रही थी।

रहस्यमयी लड़की बोली - 
कोई तो police को बुलाओ… please!

लेकिन वहाँ कोई नहीं था। दूर सुनाई देने वाले पुलिस के सायरन भी अब हवा में खो चुके थे। आज… पहली बार वो लड़की बेबस लग रही थी। संपूर्णा समझ चुकी थी। अब उसके पास ज्यादा वक्त नहीं था। उसकी धुंधली आँखें उस लड़की को देख रही थीं…जो बिल्कुल उसी जैसी दिखती थी।

संपूर्णा दर्द से काँपती आवाज़ में बोली—
त… तुम… मेरे जैसी… दिखती हो ना…

रहस्यमयी लड़की की आँखें भर आईं। वो बस सिर हिला पाई।

संपूर्णा ने बहुत मुश्किल से अपना काँपता हाथ आगे बढ़ाया।

संपूर्णा (टूटती साँसों में) बोली - 
प्लीज़… मेरा एक काम कर दो…

रहस्यमयी लड़की तुरंत उसका हाथ पकड़ लेती है।

रहस्यमयी लड़की बोली - 
कुछ नहीं होगा तुम्हें… तुम ठीक हो जाओगी…

संपूर्णा हल्का सा मुस्कुराई। जैसे उसे सच पता था। उसकी आँखों में अब सिर्फ अपने परिवार की तस्वीर थी।

संपूर्णा बोली - 
मेरे पति… और मेरे बच्चे का… ख्याल रखना…

उसकी साँस और टूटने लगी।

संपूर्णा बोली - 
वो लोग… मेरे बिना… नहीं रह सकते…

रहस्यमयी लड़की की आँखों से आँसू गिर पड़े। संपूर्णा ने उसका हाथ कसकर पकड़ लिया।

संपूर्णा बोली - 
वादा करो…

कुछ पल के लिए वो लड़की बिल्कुल चुप रह गई। फिर उसने काँपते हाथों से अपना हाथ संपूर्णा के हाथ पर रख दिया।

रहस्यमयी लड़की (धीरे, टूटती आवाज़ में) बोली - 
वादा करती हूँ…

संपूर्णा की आँखों में हल्की शांति उतर आई। जैसे उसे अब सुकून मिल गया हो।

उसके होंठ बहुत धीरे से हिले—
वि…रा…ट…

और अगले ही पल उसका हाथ ढीला पड़ गया। उसकी आँखें हमेशा के लिए बंद हो गईं। संपूर्णा… जा चुकी थी। 

वो लड़की बोली - 
Hey..look at me.... उठो! तुम ऐसे नहीं जा सकती....

पर जब उसे एहसास हुआ  तो कुछ सेकंड तक रहस्यमयी लड़की बिल्कुल जड़ बनी बैठी रही। फिर अचानक वो जोर से चीख पड़ी।

वो चीखी -
नहीं........

ऐसी चीख… जिसमें दर्द, गुस्सा और बेबसी सब था। उसने संपूर्णा को अपने सीने से कसकर लगा लिया। उसकी आँखों से लगातार आँसू गिर रहे थे। लेकिन उस रात…सिर्फ एक औरत नहीं मरी थी।
किसी का घर…किसी का प्यार…किसी बच्चे की दुनिया… सब खत्म हो गया था।

हवा तेज चल रही थी। संपूर्णा का हाथ धीरे से नीचे गिरा…और उसकी उंगली में पहनी शादी की अंगूठी चाँदनी में चमक उठी।
रहस्यमयी लड़की उसे देखती रही। उसकी आँखों में अब सिर्फ एक चीज़ बची थी एक अधूरा वादा।