Shayri Book in Hindi Poems by Shivam Varshney books and stories PDF | कृषि शायरी बुक

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Welcome all Shayri's Shivam Varshney 



                 इकतरफा मोहब्बत का इजहार 

            कुछ शायरी के अंदाज़ मै और कुछ दर्द 



आज भी तेरी हर बात कानों में घुसती है

आज भी तेरी हर मुस्कुराहट मेरी यादों में रहती है 

काश ही तुझे मैं ये बता पाता कि तू

आज भी मेरे दिल में रहती है 


आशिक खाने से कोई आशिक नहीं बनता 

और एक तरफा प्यार कभी मुकम्मल नहीं होता 


एक बार तुझसे कुछ कहना चाहता हूं

अपने मन की हर बात को तुझे बताना चाहता हूं 

सोचता हूं कैसे कहूंगा तुझसे सब कुछ 

जो इतने सालों से दिल में छुपाए रखा हूं 


दर्द को मेरे कोई एक बार तो देखें 

झूठ ही सही काश कोई एक बार पूछे 

दर्द मेरे दिल में इतना छुपा है कि 

काश कोई मेरे जख्म पर मरहम की पूछ ले 


कभी किसी से मोहब्बत हो जाए 

तो इजहार जरूर करना 

और अगर ना कर सको तो 

एक तरफा मोहब्बत मत करना 


एक झलक को तेरी कैसे हम तड़पते हैं 

हर ख्वाब में अपने तुझे हम देखना चाहते हैं 

सोचता हूं मैं यह हमेशा की एक झलक दिख जाए तेरी 

हर सपने में अपनी तुझे हम सोचना चाहते हैं


की सोच कर तेरे दिल में कोई और तो नहीं होगा 

मैं अपने आप से खफा हो जाता हूं 

बस खुदा से यही चाहता हूं कि 

कभी ऐसा दिन ना आए वह मेरी नजरों के सामने 

उसे किसी और का होते हुए देखू 


कि सालों हो गए तुझे देखे हुए

आज भी तेरी याद में पल-पल मरता रहता हूं

काश वो एक ऐसा दिन आ जाए की 

तू भी मेरी याद में पल पल तड़पती रहे


देख देख कर तेरी तस्वीर को

 अब थक गया हूं मैं 

कैसे बताऊं तुझे मैं की तुझसे 

कितनी मोहब्बत करने लगा हूं


दुनिया भले ही मुझे कुछ भी कहे 

मुझे फर्क नहीं पड़ता 

बस तू मेरे पास रहे साथ रहे 

और मैं कुछ भी नहीं चाहता 


जब जब तू मेरे ख्यालों में

 यूं अचानक चली आती है

ए मोहब्बत पता नहीं आखिर

 तू मुझसे क्या चाहती है


बताऊ मैं कैसे अपने दिल की बात को 

पता नहीं आखिर मेरी कोई समझेगा ख्वाहिश को 


बहुत खुशनसीब होते हैं वह लोग 

जिन्हें अपनी मोहब्बत मिल जाती है

वरना बगैर मोहब्बत के जिंदगी भी

इंसान से मुंह मोड़ लेती है


कि मेरे हर सफ़र मैं तुझे

अपने साथ रखना चाहता हूं मैं

बस तू एक बार हा कर तो सही

बस यही चाहता हूं मैं


 मोहब्बत मैं तेरी जीत लूंगा मैं इस दुनिया को भी

और अगर तू ना मिली खत्म न कर दूं मैं खुद को ही


जब आया मौसम बरसातो का

तब आसमान में वो दिखी मुझे

जब मौसम आया मोहब्बत का

तब दिल मेरा वो ले गई रे


दिल से दिल का हाल मेरा

आज कैसे तुमने पूछ लिया

कहां गए थे तुम अब तक 

जब मरते थे हम तुम पर 


इश्क मुकम्मल होना 

हर किसी के नसीब में नहीं होता 

और हर कहानी में दो लोगों का मिल ही जाना

ये मुमकिन नहीं होता


रईस नहीं हूं मैं इतना की 

तेरी हर ख्वाहिश पूरी कर सकूं 

लेकिन इतना गरीब भी नहीं हूं कि 

तेरी आंखों ने आंसू आने दे सकूं 


लोगों ने मेरी अच्छाई को

 मेरी कमजोरी समझ लिया है

यह दुनिया वालों में वह हीरा हूं 

जो अपनी कमजोरी को ही अपनी ताकत बनाता हूं 


कि मंजिल को अपनी में 

एक दिन हासिल कर लूंगा 

जिस दिन यह हो जाएगा

इतिहास बना के रख दूंगा


तुझको रुलाया है हमने हम ही चुप कराएंगे

और हर दर्द को तेरे हम अपना बनाएंगे


कि एक दर्द है एक बात है 

यादों में मेरे एक शख्स है 

ना कह सकते हैं ना बता सकते हैं 

बस सपनों में तुझे हम याद कर सकते हैं 


कि सोचा था एक सच्चा दोस्त मिले

सोचा था एक दोस्त हर मुश्किल में हमेशा साथ रहे 

लेकिन खुदा को भी अब कहां मंजूर हमारी खुशियां

न दोस्त मिले न हमसफर कोई मिला 


सोचा था मैंने भी

 बहुत कुछ तुम्हारे लिए 

हमको क्या पता था

तुम रातो रात हो जाओगे किसी और के


एक बात है जो दिल पे लगी है

किस्मत की हार हमेशा साथ रही है

किसको सुनाऊंगा नाकामी के वो किस्से मेरे 

जो हमेशा मुझे हार मिली है


एक बात है एक राज है 

दिल में छुपा एक ख्वाब है 

सोचता हूं कि वो पूरा होगा भी कि नहीं

बस मन में दफन कर देता ख्वाब में


एक तरफा प्यार की ताकत वो क्या जाने

जैसे सच्ची मोहब्बत करना आता ना हो 

एक तरफा प्यार दर्द के अलावा कुछ नहीं देता 

यह हमसे बेहतर भला कोई और कैसे जानता


वक्त ने भी ऐसा जख्म दिया 

अपने भी ना अपने लगते हैं

किस्मत में न जाने लिखा है क्या मेरे

जो खुद को तेरा ना बना सके हम


खुशियां देखे मुझे जमाना हो गया 

और सुकून बिना अपना से मैं खफा हो गया


इतना गुस्सा भरा है दिल मैं

कोई बात भी करता है मुझसे मेरा 

उनको ही नाराज कर देता हूं मैं

खुद ही खुद से खफा हो जाता हूं


तेरे बिन मर जाएंगे तेरे संग सवर जायेंगे

और किस्मत ने ना लिखा साथ हमारा तो

तो कसम से तेरे बिन मर जाएंगे


कि जरूरत है तेरी मुझे कोई लत नहीं है

ओर प्यार है तुझसे कोई भूख नहीं है


तू ही दिल मैं तू ही दुआ मै

तू ही मेरी हर ख्वाहिश में 

तू ही शुरुआत तू ही आखिरी 

तू ही मेरी हर याद मैं


मन्नत भी तू जन्नत भी तू

मेरी कहानी का हर पन्ना तू

ख्वाब भी तू जिंदगी भी तू

शुरू और आखिरी बस तू ही तू


एक दिल है एक जान है 

दोनों तुझ पर कुर्बान है

एक दर्द है एक दवा है 

तू मेरे हर जख्म की दवा है


खोया खोया रहता हूं 

ना जाने क्यों मैं रोता हूं 

तरसती रहती है आंखें मेरी 

जिसे मैं ठीक से जानता भी नहीं हूं


मेरा दिल तरसता है ना जाने किसके लिए 

वह शख्स है कौन जो तरसता मेरे लिए 


कहानी भी मेरी कोई 

अब समझ ना पाता है

जख्मी भी मेरे इतने 

के कोई देख ना पता है


कि चाह लू मैं उसे 

कितने ही शिद्दत से

वो मेरी कभी ना होगी 

यह समझ गया मैं तेरी अमीरी से


वह भी ए हसीन काश मुझे चाहती

ए मोहब्बत काश तू आज मेरी होती


कि अपने जख्मों को इतना मत कुरेदो 

कि अपनों को जला दो 

और खुद को इतना मत रुलाओ 

कि अपने भीतर से ही खुद को मार दो


दीवाने की दीवानीयत 

बड़ी खतरनाक होती है

और एक दीवाने के दिल में सिर्फ 

अपने प्यार को पानी की चाहत होती है


पहली ख्वाहिश तू और आखरी भी तू 

पहली मोहब्बत तू और आखिरी भी तू 

और मेरे दिल में सिर्फ तू ही तू 

तेरे बिना ना जीना कबूल 


कि मैं जानता हूं कि तू मुझे कभी ना चाहेगी 

बस एक तमन्ना है कि मेरे मरते समय 

तू एक दफा अपनी आंखों में 

मुझे मेरी मोहब्बत दिखाएगी


पहले जो था मैं वह रहा नहीं 

आसमान का एक तारा में बना नहीं 

ख्वाबों में भी मुझसे छीन लिया 

जो एक सितारा बनना चाहा था कभी


ना वक्त ने साथ दिया ना अपनों ने 

हम तो हमेशा अकेले रहे अपनी मंजिल को पाने में


हम बस तेरे हैं मरते दम तक तेरे रहेंगे 

बिछड़े हम तुमसे कभी तो कसम से हम पागल हो जाएंगे 


एक पल में बर्बाद हो गया 

तुमसे मिलके मेरा ये हाल हो गया 

जब पहली नजर में आई मेरे सामने तुम 

मेरे हाथों से मेरा दिल गिर गया


इस जन्म नहीं हर जन्म तेरे साथ रहना है 

दूर ही सही हमेशा तेरे आसपास रहना है 

कि हर जन्म तेरा बनना चाहते हैं हम 

अपनी जिंदगी में हमेशा तुझे चाहते है हम


कि कहते हैं सब मैं बुरा हूं 

मैं अपने हालातो से भरा हूं 

वक्त ने भी ऐसी ठोकर मारी 

कि खुद से भी मैं बर्बाद हूं


वक्त भी क्या चीज है 

अपनों को भी पराया कर देता है 

मन में एक कड़वाहट भर देता है 

हमको और भी बुरा बना देता है


आज लगा मैंने उसको देखा 

उसकी परछाई ने मुझको छुआ 

वो पल होठों से बयां नहीं कर सकता 

उन लम्हों को बता नहीं सकता 

उन लम्हों को दोबारा महसूस नहीं कर सकता 


शायद मेरी तकदीर में लिखा ही नहीं है 

उस शख्स को कभी अपना बनाना


बारिश की बूंदों ने हमको रुलाया 

यादो ने तेरी अक्सर मुझको सताया 

ख्वाहिश तेरी उन बूंद में बह गई 

मंजिल तुझे पानी की वो अधूरी रह गई


ना खुशी है ना शांति 

मन मेरा की है इतना भारी 


वक्त भी हाथों से छूट गया एक रेत की तरहा

अपनों ने भी साथ छोड़ दिया दुश्मन की तरहा


हाथों की लकीरों पर विश्वास नहीं करता 

खुद से ज्यादा किसी पर विश्वास नहीं करता


बारिशों के इस मौसम में 

ओ भीगती हुई नजर आ गई

पुरानी बातें जहन में मेरे फिर से

न जाने क्यू वापस आ गए


रिश्ते भी हाथों से फिसल जाते हैं 

अपने भी कभी ना कभी पराए हो जाते हैं

जिंदगी में जो होना है वो होकर रहता है 

अपनी किस्मत को भला कौन टाल सकता है


इस दुनिया में हर इंसान सपना देखा है 

लेकिन पूरे वह नसीब से होते हैं 

चाहे कर ले कोई कितनी मेहनत 

ओ उस मंजिल पर मुकद्दर से पहुंचते हैं


तेरा इश्क मेरा हो ना सका 

मेरा दिल तेरा हो ना सका 

शायद होना किस्मत में मेरे तू 

यही नसीब समझकर मैं बैठ गया


किस्मत से ज्यादा खुद पर विश्वास किया है 

हमेशा अपनी हर हार पर हमने एतबार किया है


दिल का दरिया ऐसे बह गया 

जैसे सारे सपने हाथों से छूट गए हो 

आंखों से आंसू ऐसे बह गए 

जैसे कोई मेरा अपना मुझसे बिछड़ गया हो


वक्त भी हाथों से छूट जाता है 

अपनों का साथ भी हाथों से छूट जाता है 

कोई पूछे क्या हो जाता है मुझे 

जब अकेले बैठ कर दिल आंसू बहाता है


दिल पर बनी दरार है 

दरार में एक दर्द है 

दर्द में एक जख्म है 

जख्म के पीछे एक शख्स है


तेरे चेहरे का नूर मुझे सोने नहीं देता 

तुझे चाहने की ख्वाहिश में हर लम्हा ये दिल तड़पता है


बर्बाद हैं तो बर्बाद ही सही 

जिंदगी में दर्द है तो दर्द ही सही 

वो मुझसे दूर है तो वो भी सही 

बर्बाद है दिल तो बर्बादी ही सही


याद आती है तेरी 

तुझे यादों में सोच कर

वह चाहती है किसी और को 

बर्बाद हो गया मैं ये सोचकर


अब ख्वाब भी मुझको आते कहा है

यादों में मेरे वो अब रहते कहां है

दोनों एक दूसरे से बिछड़े हैं ऐसे 

पता नहीं वह अब रहते कहां है


वक्त भी अपना ,अपना नहीं है

उसे पर भी नाम किसी और का है 

ऐसे जिंदगी में खुशी रहती कहां है 

उस पर भी हक किसी और का है


दिल मेरा तोड़ कर इतनी आसानी से बैठे हैं

किसी की जिंदगी बर्बाद करके वो खुश कैसे रहते हैं


सिर्फ एक के लिए दिल लाखों से लड़ जाता है 

पर अपने प्यार के सामने हार जाता है 

इश्क में सुकून है तो दर्द भी है 

वरना गम और दर्द जिंदगी से कहां जाता है


सुकून चुरा के उसने मेरा 

रातों की नींद भी तोड़ी है 

सांसों से ज्यादा भी चाहा जिसे 

वो ख्वाब मेरे क्यों तोड़ती है


इंतजार करते-करते थक गया हूं मैं 

वो वापस नहीं आई इसलिए टूट गया हूं मैं


अपने भी पढ़ाई से लगते हैं 

किस्मत के हारे हुए लगते हैं 

जिंदगी में खुशी नहीं है कोई 

इसलिए खोये खोये से रहते हैं


पल भर भी ऐसा नहीं 

जब वो मेरी यादों में नहीं 

जिंदगी मेरी भी ऐसी 

जो वो किस्मत में नहीं


चांद तारे तोड़ने वालों में से नहीं हूं मैं 

मोहब्बत में झूटेदावे करने वालों में से नहीं हूं मैं 

जो मोहब्बत के नाम पर बातें करते हैं ऐसी 

उन ऐसे खुदगर्ज मैं से नहीं हूं मैं


इश्क में एक तरफा मोहब्बत की बात अलग है 

उसके दर्द में भी बहुत सुकून और खुशी मिलती है


नजर भी नजर से मिल जाती है 

आंखें भी आंखों में खो जाती हैं 

किसको पता है नशा उनकी आंखों का 

जो हर किसी को उन आंखों का दीवाना बना देती है


मंजिल भी तुम मेरा ख्वाब भी तुम 

अरमान भी तुम सुकून भी तुम 

मेरी दुनिया तुम मेरी जिंदगी भी तुम 

मेरे हर ख्वाब और खुशी की वजह भी तुम


कि तेरी हर बात मानूंगा 

तू जैसा कहेगी वैसा करूंगा 

बस एक बार माफ कर मुझे 

तेरी हर ख्वाहिश को सरखों पर रखूंगा


मोहब्बत भी किसी को रास आती कहां है

चाहत किसी को पाने की मुकम्मल होती कहां है 


तुझे प्यार है और रहेगा हमेशा 

शायद तुझे पा न सकूं पर चाहूँगा हमेशा


तेरे दर्द भी मेरे तेरे जख्मी भी मेरे 

मेरी कहानी का हर पन्ना है तुझसे

तुझसे ही शुरुआत और तुझ पर ही खत्म है

मेरी हर कहानी का हर मोड भी तू है


जिसको भी चाहता हूं उससे दूर हो जाता हूं 

अपनी हर चीज से हमेशा अलग हो जाता हूं 

बस अब मैं अपनी बर्बादी भी बेमिसाल चाहता हूं 

ना ख्वाब ना खुशी बस अपनी तबाही बेमिसाल चाहता हूं


झुकी हुई तेरी नजरे भी 

तेरी तरह बेवफा निकली 

दिल टूटने का दर्द इतना की 

खुशियां भी तेरी तरह बेवफा निकली 


तेरी बातों में न जाने क्यू मैं उलझ जाता हूं 

तेरी आंखों में फिर ना जाने क्यू खो जाता हूं 

तेरी यादें हमेशा मुझे सताती रहती हैं 

फिर भी मेरी यादों से तू आखिर क्यूं नहीं जाता


किस्मत ने मेरी हर ख्वाहिश तोड़ी है मेरी

हर बात नाकाम रही है मेरी

बात करूं इश्क़ की भी तो 

वो मोहब्बत भी नाकाम रही है मेरी 


गमों के पन्ने लाखों छुपाए 

हमेशा नसीब को अपनी किस्मत बनाए 

जिंदगी में भी हमेशा नाकाम रहे 

इसलिए जिंदगी भर हमने अपने गम छुपाए


गम तेरे इश्क का मुझे 

चैन से जीने नहीं देता 

तेरे साथ बिताए कुछ पल 

सुकून से सोने नहीं देता


मेरी मोहब्बत का हर कतरा कतरा 

 कमबख्त मुझे मरने नहीं देता

जुदाई तेरे इश्क की सनम 

मुझे चैन से रोने भी नहीं देता 


वह दर्द ही क्या जो तोड़े ना मुझे

वह गम ही क्या जो मरे ना मुझे


एक शाम अपनी कहानी लिखूंगा

उसमें अपनी मोहब्बत का भी जिक्र करूंगा 

और अपनी कलम से तेरे दिल पर अपना नाम लिखूंगा 

तुझे चाहने की हर नाकामी को अपनी ताकत बनाऊंगा


टूटा दिल 

जिसने तोड़ा वह सुकून से जीता 

टूटा आदमी 

जिसका दिल टूटा वो पल पल मरता


कभी किस्मत पर भरोसा ना करो 

क्योंकि होता वही है जो नसीब में है 

कभी किसी से दिल ना लगाओ

क्योंकि आखिर में दिल टूटता ही है 


रातों में रोज पल-पल तड़पता हूं 

जमीन पर गिरे रोज अपने आंसू देखता हूं 

जिंदगी के जख्म बड़े गहरे होते हैं 

इसलिए जिंदगी से कोई उम्मीद नहीं रखता हूं


तुझसे इश्क किया है कोई जुर्म नहीं 

तुझसे प्यार किया है कोई पाप नहीं 

हम जानते हैं हम तेरे लायक नहीं 

इसलिए हमारा इजहार करना भी मुमकिन नहीं


आज उसकी बहुत याद आ रही है 

तेरे साथ बिताए हर पल में याद आ रही है 

इस नाकाम जिंदगी में वही कुछ पल है मेरे 

जो खाश भी और यादगार भी है


इश्क मोहब्बत दिल मे जिसके

वो क़यामत बनकर आता है

आंसू से भरे एक दिल मे

इश्क सैलाब बनकर आता है


कि कातिल सी तेरी आँखें

हम पर खंजर का काम करती है

और तेरी हर अदा मुझे

तुझमे डूब जाने को कहती है



सिर् यादों मैं नहीं सांसों मैं है वो

सिर्फ बातों मैं नहीं दिल मैं है वो 

और इससे ज्यादा अपने प्यार का क्या दूंगा सुबूत मैं

अब क्या मर मिट जाने को ही कहते हो इश्क तुम


आसमान में तारों की तरहा चमकना चाहता हूं 

अपने सपने को हकीकत बनाना चाहता हूं  

इतने बड़े आसमानमै उड़ना चाहता हूं 

आसमान मैं सितारों की तरहा चमकना चाहता हूं


इस दुनिया को अपना बनाना है

यहा रहकर एक मुकाम पाना है

लोगो के दिल पर राज करना है

अपने शिद्दत से एक मुकाम हासिल करना है


एक वक्त था हम भी खुश थे

आज सिर्फ दर्द है इसलिए टूटे है


तेरा ख्याल दिल से जाता नहीं

तुझे भुलना हमको आता नहीं

तुझे अपनी जिंदगी से दूर करना चाहते है

मगर तेरे बिन रहना हमको आता नहीं


समंदर की लहरों में तेरा एहसास होता है

तेरी याद मैं ये दिल बेपनाह रोता है


कि सोता हूं या रोता हूं

अपने आंसू मैं तेरा अक्स पाता हूं 

कि जलता हूं और तड़पता हूं

अपने हर जख्म का तुझे मरहम समझता हूं


बरसो हो गए तुझे देखे हुए

तुमको आज भी याद करते है

तुझको याद भी हम है या नहीं

जो हम इतना तुझपे मरते है


आईना ना दिखाओ हमने आईना देखा है

हमने अपने आप से ज्यादा आईने में तुम्हे देखा है


कि बातों मैं अपनी तुमने फसाया था हमको

ओर अब वो मैं ना रहा जो मिले हम तुमको


कि रोता है दिल मेरा

जब खुद को आईने में देखता हूं 

खुद पर तरस आता है

जब खुद को तुमसे जुदा पता हूं


कभी मिलोगी रास्ते मैं तुम -2

हो सके तो मेरे प्यार को समझना

वरना मुझे नज़र अंदाज कर देना


जब से देखा है तुम्हे 

समझो नींद सी उड़ गई

और जब से दर्द मिला है

समझो जिंदगी सी उजड़ गई


मुझमे कुछ अधूरा सा है

तेरे बिन दिल अकेला सा है

जिंदगी भी तेरे बिन अधूरी सी है

तुमसे प्यार बेहद और बेशुमार सा है


खुदा पहले ख्वाब दिखाता है

फिर उससे जुदा कर देता है

वो फिर हमें सहारा देता है

वो फिर अपना हाथ छुड़ा लेता है


बर्बादी के इस सफ़र पे चल दिए हम

अपनी हर खुशी को खुद से दूर कर दिये हम

नसीब का लिखा मिटाना बस मैं नहीं हमारे

इसलिए सब कुछ छोड़कर अकेले रह गए हम


दिल तोड़कर तुमने शिवम वार्ष्णेय का

क्यू जीते जी मार दिया

क्या बिगाड़ा था उसने तुम्हारा

जो तुमने उसके साथ ऐसा किया


तोड़ तोड़ कर दिल उसने मेरा

अब क्या ही मुझमें छोड़ है

अब मौत से भी डर लगता नहीं है

क्योंकि जिंदगी में सिर्फ दर्द लिखा है


जब जब आंसू की बूंद

आँख से गिरती है

तब तब एक तरफा मोहब्बत के

दर्द मैं तड़पे है हम


कि खामोश ऐसे रहो ना कभी 

तेरी आंखों से आंसू बहे न कभी

तेरी यादों मैं भी हम बसे है या नहीं 

हम तेरी ज़िंदगी में कुछ मायने रखते है या नहीं



कि जा अब तू 

हम तेरे पीछे नहीं आयेंगे 

कि तुझे जिसका भी होना है हो जा

हम तुझे नहीं रोकेंगे


क्या ही पा लिया मैने

हमारे लिए दुनिया से लड़कर

न ही तू मिली ना खुशी 

बस अब हम खामोश हैं बिखर कर 


ना सोने देता है ना ही रोने देता है

ना जीने देता है ना मरने देता है 

कमबख्त ये मोहब्बत है ही ऐसी चीज

खुश होना भी चाहो तो रोना आता है 


कि तेरी नजरों में उलझकर

ऐसे मर जाते है

कि करके एक अंजान से 

एक तरफा मोहब्बत में लुट जाते है 


उनकी नजरों मैं इतना न डूबों

कही सच मैं डूब कर मर न जाओ


कि आया सैलाब जब 

जब उनकी आंखों से मोहब्बत हो गई 

हमको पता भी ना चला 

उनकी आंखों में डूबे पूरी जिंदगी गुज़र गई


सिर्फ तेरी तस्वीर देखकर 

दिल मेरा बैचेन हो जाता है 

सोचता हूं जिस दिन तुम सामने आओगी

कही मेरी जान ही ना निकल जाए 


तुम गए तो सारे अरमान टूट गए 

तुम गए तो गए मेरी जान क्यू ले गए 


हर दफा ये क्या होता है

ये मुझे रोना क्यू आता है 


अश्क गिरते है जब मेरे जमीन पर

तब तब अपना हर दर्द कहता हूं 

एक कागज पर अपनी कलम से 

दिल का सारा दर्द लिखता हूँ 


कि शायर तो नहीं हूं मैं 

बस दिल का दर्द लिखता हूं 

अब समझे मुझे जो भी ये दुनिया

मैं तो सिर्फ अपना दिल हल्का करता हूं 


आते है आते हैं- पर मन नहीं चाहता 

लेकिन... हम तत्काल आते है 

तुम कही तो जाते है मन भी यही चाहता है 

हम कभी लौटना नहीं चाहते है 


तू इबादत भी है मेरी

तू ख्वाहिश भी है मेरी 

तू जिंदगी है मेरी 

तू चाहत है मेरी 


हमें जलना है हमें और तड़पाओ 

हमें उड़ना है हमें और जलाओ 

हमें इतना जलाओ हम सूरज की तरह चमके 

हमको इतना जलाओ हमको इतना तड़पाओ 


जलते हुए सूरज की तरह 

रोज दर्द से जलता हूं 

ए खुदा मुझ पर रहम कर 

मैं रातों मैं भी रोता हूं


तुम्हे भूलना चाहता हूं 

पर क्या करूं भुला नहीं पाता 

तुम्हें पाना भी चाहता हूं 

पर तुमसे इजहार नहीं कर पाता


चलते-चलते इतना आगे चले गए

कि एक अंजान रास्ते पर चल पड़े

धक्के खा खा कर ऐसे गिर गए

कि गिरकर कोई उठाने वाला ना मिला 


जख्म ए दिल का तुझे क्या बताऊं 

अपने आंसू तुझे मैं क्या दिखाऊं 

जो दर्द है मेरी किस्मत का क्या तुझे बताऊं 

एक नाकाम जिंदगी की कहानी मैं क्या सुनाऊं


बहुत सुना बहुत कहा 

बहुत किया बहुत देखा 

बहुत जलाया बहुत रुलाया 

लेकिन बस अब बहुत हुआ 

अब सब कुछ खत्म हुआ


आंसू छलक रहे हैं मेरे

मैं छलकाना नहीं चाहता 

यार मेरे में अपना गम 

किसी को सुनाना नहीं चाहता


हमको आज पता चला 

हम बर्बाद हो चुके हैं 

रात दिन आपकी यादों में

लिपटे जो रहते है 


उनकी पहली नजर ने 

हमको दीवाना बना दिया 

अब तो उनके बिना 

अधूरी सी लगती है जिंदगी


फना भी हो जाते हम तेरे इश्क में 

अगर तू लिखी हुई होती मेरी किस्मत में


माना तुझे इश्क करते हैं हम 

मगर इतना भी नहीं कि तुम खुदगर्ज हो जाओ


लिपटा रहता हूं मैं अपने दर्द में 

क्योंकि जिंदगी से नाराज सा रहता हूं


कि ये दिल मेरा सुकून क्यों नहीं पता

ए खुदा मुझे तू कुछ खुशियां क्यू नहीं देता


कि इस जमाने से कौन डरता है 

हमको तो तुझे खोने का डर लगता है


कि ख्वाब तोड़े ना जाने कितने दिल तोड़े

कि राज खोले न जाने कितने बर्बाद हुए

उस बेवफा की फितरत ही ऐसी है 

आदमी सिर्फ उनके साये पर फना हो जाए 


उसकी खूबसूरती पे हम फना हो गए

उसकी अदा पे हम फिदा हो गए 

कितनी जहरीली आंखें है उनकी

हर अजनबी उन पर फ़ना हो गए


वो पीछे से बुला रही हैं मुझे 

वो नाम लेकर मेरा पुकार रही है मुझे

आज बड़ी उलझन में सोच रहा हूं मैं

वो मुझसे नफरत करने के बावजूद पुकार रही है मुझे


हमने दौलत कमाई तुझे पाने के लिए 

सोहरत गवाई तुझे बुलाने के लिए 

हमारा एक होना शायद कायनात को मंजूर नहीं 

हमारी बर्बादी में खुदा खुश है तो वो ही सही


अब सहा नहीं जाता 

दर्द दिल का बयान नहीं कर पाता 

चेहरे पर खुशी की जगह कुछ और हैं 

मेरे चेहरे पर आंसुओं की भीड़ है 


जिनके ख्वाब मुकम्मल नहीं होते ना 

वो बड़े दर्द में जीते हैं 

उनके पास अपने ख्वाब नहीं होते 

वह दूसरों के ख्वाब मुकम्मल करके जीते है 


मेरा हर सफ़र अधूरा है 

मंज़िल है मगर ठिकाना नहीं

खुदा से भी विश्वास लड़खड़ाया है 

ओर खुद से भी मै खफा हूं 


पल भर किसी की आंखों में खोये

आज तक होश में ना आ सके है

आज भी उन ही आंखों में खोये है 

जिनसे हम आज भी रिहा नहीं हुए है


खुद को उन पर फ़ना कर दिये

जीते जी बर्बादी अपने गले लगा लिए 

बगैर डर के मौत को भी गले लगा लिए 

ओर इस दिल के हाथों तबाह हो गए


हाल ना पूछो मेरे इस दिल का

पता नहीं ये कहा भटक रहा है 

ये रहता नहीं है मेरे काबू में 

क्योंकि दिल जो ये लगा बैठा है


                                'गजले 

                                 

                                    (1)


वो शायद मुझे जा रही है छोड़कर

वो आखिरी बार मुझसे मिलने आ रही है


लगता है वो हमें चाहती नहीं है

इस लिए हमसे मुंह मोड़ रही है 


वो मेरे दिल की छलिया कही

मुझसे बेवफाई तो नहीं कर रही है


जिसके लिए रातों दिन हमने दुआ मांगी

वो दिन पे दिन बेवफा हो रही है


उसके वास्ते सब कुछ कुर्बान कर दिया

वो फिर भी अपना नहीं बना रही है


उसकी हर ख्वाहिश को हमने अपना बनाया

वो फिर भी मुझे पसंद नहीं करती है 


जलते सूरज से पूछो जलना किसे कहते है

कोई हमसे पूछो तड़पना किसे कहते है


उनकी आंखों में देखकर भटक गया हूं मैं 

कोई बचा ले मुझे वो तड़पा रही है मुझे 


उसने कल मुझसे कहा कि वो मुझे चाहती है 

ए बेवफा मुझे वो धोखे से बर्बाद कर रही है 


ना हम थे ना कोई हमारा था

मंज़िल थी उसके बिन अधूरी थी

ख्वाब थे मुकम्मल नहीं थे 

जीते ही थे पर जिंदगी नहीं थीं


सिमट नहीं पाते वो एहसास-ए-पल हमारे

भुला नहीं पाते वो गम हमारे

बिखर सा गया हूं आज अंधेरो में फिर 

अपनी छोटी छोटी खुशियों को हम जी नहीं पाते


एक डूबी हुई कस्ती पर बैठे है

जो हमारा नहीं उसे पकड़े बैठे हैं 

इसलिए वो दर्द-ए-गम देता है मुझे

मगर ये दिल कमबख्त उसे भूलता ही नहीं है


सिमट नहीं पाता है अब ये दिल मेरा 

आंसू भी मेरे रुकते नहीं क्यू है भला

साँसे भी जब बंद होंगी हमारी

जो खुद से हारा हो डर उसे क्या मौत का भला


वो वक़्त भला कैसे थमे 

जिसमें हमने तुझको देखा

वो दर्द भला कैसे थमे

जो तूने मुझे दिया


उसे खबर नही मेरी मोहब्बत की

उसे फिकर भी नहीं मेरी चाहत की


तुझको जब से देखा सब कुछ फीका लगता है

तेरे सिवा मुझको न कोई और भाता है

तुझको यादों मैं सुबह शाम सोचा करता हूं मैं 

जबसे पहली बार बारिश में तुमको देखा था हमने


कभी मेरी चौखट पे तुम्हारा गलती से आना हो जाए

जब हम दोनों आमने सामने हो जाए

ए खुदा तभी उसे मुझसे मोहब्बत हो जाए 

तड़प रहे है हम उसके इंतजार में 

काश वो मुलाकात मोहब्बत में बदल जाए


तेरे बिन कटता नहीं वक़्त भी मेरा 

तेरे बिन दिल खाली लगता है मेरा

तुझे महसूस करता हूं कभी अपनी सांसों मैं 

तेरे बिन अकेला रहता हूं अंधेरों मे 


सितारों के बीच एक बड़ा सितारा

बड़े सितारों में दिखा उस शख्स का चेहरा 


उसे करना था बर्बाद मुझे

उसे तड़पाना भी था मुझे

उसने जल भी दिया घर मेरा

ये आग तो कोई भुजाएँ


अब सब कुछ खाक हो गया

जो कुछ था वो जलकर राख हो गया

जो यादें समेटी थी उस घर में हमने

उस आग मैं सब खाक हो गया 


नहीं बचा कुछ कहने को

नहीं बचा कुछ सुनाने को 

यादों के साथ हम भी राख हो गए 

अब रहा ही नहीं कुछ कहने को


उनके जाने के बाद रो लिया हूं

रोकर ओर भी जल रहा हूँ में 

पर उन यादों को कैसे भूलूंगा

उसे भूलाकर आगे कैसे बढूंगा 


कि किसी के आने से हम बदल जाते है 

उनके जाने पर बिखर जाते है

अगर साथ हो उसका दुनिया जहांन जीत लेंगे

वो बिछड़ गये तो सब होते हुए भी हार जाते है 


जादू है उनकी आंखों का हम पर

उनकी यादें सवार है मेरे दिल पर 


उनके हुस्न से भी इश्क है हमें

पर हमारी सच्ची मोहब्बत से ज्यादा नहीं


हमने बहुत कोशिश की हमे उससे मोहब्बत ना हो 

शायद इसलिए कि मोहब्बत नाम से डरता हूँ मैं


इश्क़ ने जलाकर राख कर दिया हमें

उस गम ने गला गला कर बर्बाद क