Mr. Ms. Fake in Hindi Comedy stories by kajal jha books and stories PDF | Mr. Ms. Fake - एपिसोड 51

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Mr. Ms. Fake - एपिसोड 51

एपिसोड 51: बेटा... मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रहा था
स्क्रीन काली हो चुकी थी।
लेकिन उस आदमी की आवाज अब भी आर्यवीर के कानों में गूंज रही थी—
“आर्यन… बेटा, बहुत साल हो गए।”
आर्यवीर स्क्रीन के सामने बिल्कुल स्थिर खड़ा था।
उसकी आँखें उस काली स्क्रीन पर टिकी थीं, जैसे शायद अगले ही पल वो चेहरा फिर दिखाई दे जाएगा।
साँवी धीरे-धीरे उसके पास आई।
“आर्यवीर…”
उसने कोई जवाब नहीं दिया।
साँवी ने उसका हाथ पकड़ लिया।
इस बार आर्यवीर ने उसकी तरफ देखा।
उसकी आँखों में गुस्सा नहीं था।
सिर्फ एक सवाल था।
“अगर वो सच में मेरे पिता हैं…”
वह कुछ पल रुका।
“तो इतने सालों तक कहाँ थे?”
राजवीर ने नजरें झुका लीं।
आर्यवीर ने तुरंत उसकी तरफ देखा।
“आप उन्हें जानते हैं।”
राजवीर चुप रहा।
“मैंने आपसे पूछा।”
“हाँ।”
“कौन हैं वो?”
राजवीर ने गहरी सांस ली।
“उनका नाम…”
वह रुक गया।
राघव ने बीच में कहा—
“राजवीर, अब सच बताने का समय आ गया है।”
राजवीर ने धीरे से आँखें बंद कीं।
“उनका नाम है…”
तभी—
धड़ाम!
कमरे का दरवाजा जोर से बंद हो गया।
सारी लाइटें बुझ गईं।
नैना घबरा गई।
“फिर से?”
कबीर ने चिंटू को पकड़ लिया।
“भाई, मुझे अब ये जगह बिल्कुल पसंद नहीं आ रही।”
चिंटू बोला,
“आपको कभी पसंद आई भी नहीं थी।”
“चुप रहो!”
अंधेरे में अचानक एक लाल रोशनी जली।
साँवी के हाथ पर बना निशान चमकने लगा।
S-21: PHASE TWO
उसके बाद दीवार पर एक countdown शुरू हुआ।
10…
9…
राघव चिल्लाया—
“सब पीछे हटो!”
8…
आर्यवीर ने साँवी को अपने पीछे कर लिया।
7…
नैना और आरोही एक-दूसरे का हाथ पकड़कर खड़ी हो गईं।
6…
राजवीर ने राघव से पूछा—
“क्या होने वाला है?”
राघव ने जवाब दिया—
“मुझे नहीं पता।”
5…
आर्यवीर ने चारों तरफ देखा।
“कुछ तो करो!”
4…
साँवी का निशान अचानक और चमकने लगा।
3…
उसने आर्यवीर का हाथ पकड़ लिया।
2…
दोनों की हथेलियाँ एक साथ चमक उठीं।
1…
और—
धम!
दीवार का एक हिस्सा खुल गया।
लेकिन वहाँ कोई बम या हथियार नहीं था।
बल्कि एक छोटा-सा कमरा था।
कमरे के बीच में एक कुर्सी।
और उस कुर्सी के सामने एक बड़ा शीशा।
राघव धीरे-धीरे अंदर गया।
“ये क्या है?”
आर्यवीर ने शीशे को देखा।
“ये शीशा नहीं है।”
कुछ सेकंड बाद उस पर एक वीडियो दिखाई देने लगा।
वही आदमी।
जिसने कुछ देर पहले खुद को आर्यवीर का पिता बताया था।
वह कैमरे के सामने बैठा था।
“अगर तुम ये वीडियो देख रहे हो…”
उसने हल्की मुस्कान के साथ कहा,
“…तो इसका मतलब है कि तुमने Phase Two activate कर दिया है।”
आर्यवीर ने गुस्से से कहा—
“सामने आओ!”
वीडियो में आदमी मुस्कुराया।
“बहुत जल्दी गुस्सा करते हो।”
“तुम मेरे पिता हो?”
आदमी कुछ पल चुप रहा।
फिर बोला—
“ये सवाल तुमने बहुत देर से पूछा है।”
आर्यवीर की मुट्ठियाँ भींच गईं।
“मैंने पूछा—क्या तुम मेरे पिता हो?”
आदमी की मुस्कान गायब हो गई।
“हाँ।”
कमरे में सन्नाटा छा गया।
आर्यवीर की आँखें नम हो गईं।
“तो मेरा नाम आर्यन क्यों था?”
“क्योंकि तुम्हारा असली नाम वही था।”
“फिर आर्यवीर?”
“वो नाम तुम्हें बचाने के लिए दिया गया।”
साँवी ने पूछा—
“किससे?”
आदमी ने पहली बार उसकी तरफ देखा।
“तुमसे नहीं…”
उसने कहा।
“…तुम्हारी वजह से।”
साँवी चौंक गई।
“मेरी वजह से?”
“हाँ।”
आदमी ने आगे कहा—
“साँवी, तुम्हें बचाने के लिए आर्यन को तुमसे दूर रखा गया था।”
साँवी ने आर्यवीर की तरफ देखा।
“लेकिन हम बचपन में मिले थे।”
“और उसी मुलाकात ने Project S-21 को बदल दिया।”
आर्यवीर ने पूछा—
“कैसे?”
आदमी ने जवाब दिया—
“तुम दोनों के बीच जो Bond बना…”
वह कुछ पल रुका।
“…वो Project में किसी ने कभी देखा ही नहीं था।”
राघव ने धीरे से कहा—
“Bond Mark…”
आदमी ने उसकी तरफ देखा।
“हाँ।”
फिर स्क्रीन पर एक पुराना diagram दिखाई दिया।
तीन बहनें।
और उनके सामने आर्यवीर।
चारों के बीच चमकती हुई रेखाएँ।
“Project S-21 में तीन Key थीं।”
उसने कहा।
“लेकिन उन्हें activate करने के लिए एक Anchor चाहिए था।”
आर्यवीर ने पूछा—
“और वो मैं था?”
“हाँ।”
साँवी ने धीरे से कहा—
“लेकिन फिर हम दोनों का रिश्ता…”
आदमी ने उसकी बात पूरी की—
“वही रिश्ता Project की सबसे बड़ी कमजोरी बन गया।”
आर्यवीर की आँखें सिकुड़ गईं।
“प्यार कमजोरी कैसे हो सकता है?”
आदमी ने कहा—
“क्योंकि जिसने तुम्हें control करने के लिए बनाया था…”
वह रुका।
“…वो ये भूल गया कि इंसान को control करने से पहले उसके दिल को तोड़ना पड़ता है।”
साँवी ने आर्यवीर की तरफ देखा।
आर्यवीर ने उसका हाथ पकड़ लिया।
आदमी ने दोनों को देखते हुए कहा—
“और तुम दोनों ने एक-दूसरे को टूटने नहीं दिया।”
कुछ पल के लिए उसकी आवाज में अजीब-सी नरमी आ गई।
“यही कारण है कि मैं तुम्हें अलग करना चाहता था।”
आर्यवीर का चेहरा सख्त हो गया।
“तुम?”
“हाँ।”
“तो तुम Founder हो?”
आदमी चुप हो गया।
फिर उसने कहा—
“नहीं।”
आर्यवीर चौंक गया।
“तो कौन हो?”
“मैं…”
वह कुछ पल रुका।
“…तुम्हारा पिता हूँ।”
“और Founder?”
“Founder ने मुझे भी इस्तेमाल किया।”
आर्यवीर की आँखें फैल गईं।
“तुम भी?”
“हाँ।”
“तो तुमने मुझे छोड़ा क्यों?”
उस सवाल पर पहली बार उस आदमी का चेहरा टूटता हुआ दिखाई दिया।
उसने नजरें झुका लीं।
“क्योंकि अगर मैं तुम्हारे पास रहता…”
वह कुछ पल रुका।
“…तो Founder तुम्हें कभी नहीं छोड़ता।”
आर्यवीर की आँखों में आँसू आ गए।
“तुम्हें पता है मैं कितने साल तुम्हें ढूँढता रहा?”
आदमी ने स्क्रीन की तरफ देखा।
“मुझे पता था।”
“फिर भी तुम नहीं आए?”
“मैं आया था।”
आर्यवीर चौंका।
“कब?”
“कई बार।”
“कहाँ?”
आदमी ने कहा—
“जब तुम छोटे थे।”
अचानक स्क्रीन पर कुछ पुरानी तस्वीरें दिखाई देने लगीं।
एक बच्चा स्कूल के बाहर।
एक बच्चा अस्पताल में।
एक बच्चा अपने जन्मदिन पर।
हर तस्वीर में दूर खड़ा वही आदमी दिखाई दे रहा था।
आर्यवीर की सांस रुक गई।
“तुम…”
वह धीरे से बोला।
“…हमेशा मेरे आसपास थे?”
“हाँ।”
“लेकिन सामने क्यों नहीं आए?”
“क्योंकि मैं तुम्हारा पिता था।”
उसने धीमे से कहा।
“और उसी वजह से मैं तुम्हारी सबसे बड़ी कमजोरी भी था।”
साँवी ने आर्यवीर का हाथ पकड़ लिया।
“तुम अकेले नहीं हो।”
आर्यवीर ने उसकी तरफ देखा।
उसकी आँखों से एक आँसू निकल गया।
साँवी ने उसे पोंछ दिया।
“अब नहीं।”
आर्यवीर ने उसका हाथ पकड़ लिया।
दोनों कुछ पल एक-दूसरे को देखते रहे।
लेकिन तभी—
साँवी के हाथ का Phase Two निशान अचानक तेज चमकने लगा।
वह दर्द से कराह उठी।
“आह!”
आर्यवीर ने उसे तुरंत संभाल लिया।
“साँवी!”
उसके कंधे पर सुनहरी रोशनी फैलने लगी।
आर्यवीर ने उसे अपनी बाहों में पकड़ लिया।
“क्या हो रहा है?”
राघव ने कहा—
“Phase Two activate हो गया!”
साँवी ने आँखें बंद कर लीं।
अचानक उसके सामने एक दृश्य आया।
एक विशाल कमरा।
तीनों बहनें वहाँ खड़ी थीं।
आर्यवीर भी उनके बीच था।
लेकिन उनके सामने…
एक महिला खड़ी थी।
साँवी ने उस महिला को देखते ही कहा—
“माँ…”
मीरा।
लेकिन इस बार मीरा अकेली नहीं थी।
उसके पीछे एक आदमी खड़ा था।
साँवी ने उस आदमी का चेहरा देखा।
और अचानक उसका पूरा शरीर कांप उठा।
क्योंकि वह आदमी…
आर्यवीर के पिता था।
मीरा उसके सामने कह रही थी—
“तुम्हें ये करना होगा।”
वह आदमी बोला—
“अगर मैंने किया तो आर्यन मुझसे नफरत करेगा।”
मीरा की आँखों में आँसू थे।
“उसे नफरत करने दो।”
“लेकिन…”
“अगर तुमने आज उसे नहीं छुपाया…”
मीरा ने पीछे खड़े छोटे आर्यवीर की तरफ देखा।
“…तो Founder उसे कभी नहीं छोड़ेगा।”
दृश्य बदल गया।
अब वही आदमी छोटे आर्यवीर को एक जगह ले जा रहा था।
लेकिन वहाँ एक और व्यक्ति पहले से मौजूद था।
उसके चेहरे पर सिर्फ छाया थी।
उसने कहा—
“तुम अपने बेटे को जितना दूर ले जाओगे… मैं उतना ही उसके करीब पहुँचूँगा।”
आर्यवीर के पिता ने पूछा—
“तुम हो कौन?”
वह आदमी मुस्कुराया।
“जिसे तुम Founder कहते हो…”
उसने कहा—
“…वो सिर्फ नाम है।”
दृश्य टूट गया।
साँवी ने आँखें खोल दीं।
वह सीधे आर्यवीर की तरफ देखने लगी।
“आर्यवीर…”
“क्या देखा?”
“तुम्हारे पिता…”
वह रुक गई।
“उन्होंने तुम्हें बचाया था।”
आर्यवीर ने पूछा—
“और?”
साँवी की आँखों में डर उतर आया।
“Founder कोई एक इंसान नहीं है।”
राघव चौंक गया।
“क्या?”
साँवी ने धीरे से कहा—
“Founder…”
उसकी आवाज कांप रही थी।
“…एक पूरा नेटवर्क है।”
कमरे में सन्नाटा छा गया।
तभी स्क्रीन पर आर्यवीर के पिता का चेहरा फिर दिखाई दिया।
उन्होंने कहा—
“अब तुम्हें समझ आ गया है।”
आर्यवीर ने स्क्रीन की तरफ देखा।
“तो इसे खत्म कैसे करें?”
उस आदमी ने पहली बार मुस्कुराकर कहा—
“Founder को खत्म नहीं किया जाता।”
“तो?”
“उसकी जड़ तक पहुँचना पड़ता है।”
“कहाँ?”
आदमी ने एक लोकेशन स्क्रीन पर दिखाई।
MALHOTRA ESTATE — BASEMENT 21
राजवीर का चेहरा बदल गया।
“नहीं…”
राघव ने पूछा—
“क्या हुआ?”
राजवीर ने धीमे से कहा—
“वहाँ…”
वह रुक गया।
“वहाँ Project S-21 शुरू नहीं हुआ था।”
सबने उसकी तरफ देखा।
राजवीर ने कहा—
“वहाँ…”
उसकी आवाज कांप गई।
“…मीरा ने आखिरी बार हमें छोड़ा था।”
साँवी ने पूछा—
“और अब?”
राजवीर ने स्क्रीन की तरफ देखा।
“अब शायद…”
वह धीरे से बोला—
“…वहीं से सब खत्म होगा।”
आर्यवीर ने साँवी का हाथ पकड़ लिया।
साँवी ने उसकी तरफ देखा।
“तैयार हो?”
आर्यवीर ने हल्की मुस्कान दी।
“तुम साथ हो?”
“हाँ।”
“तो फिर…”
उसने उसकी उंगलियाँ थाम लीं।
“…चलो अपने अतीत से मिलने।”
लेकिन स्क्रीन बंद होने से पहले आर्यवीर के पिता की आखिरी आवाज आई—
“एक बात याद रखना, बेटा…”
आर्यवीर रुक गया।
“Malhotra Estate में तुम्हें तुम्हारी माँ मिलेगी…”
कुछ पल की खामोशी।
फिर—
“…लेकिन वहाँ तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन भी तुम्हारा इंतज़ार कर रहा होगा।”
स्क्रीन बंद हो गई।
और उसी पल साँवी के हाथ का निशान बदल गया।
अब वहाँ सिर्फ S-21 नहीं था।
उसके नीचे एक नया शब्द उभर आया—
PHASE THREE
जारी रहेगा…