A story stuck in drafts in Hindi Short Stories by Swagata Chakraborty books and stories PDF | ड्राफ्ट में अटकी एक कहानी

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ड्राफ्ट में अटकी एक कहानी

शिल्पा प्रतिलिपि पर लिखती थी। एक छोटी सी राइटर, पर शब्दों से बड़ी दुनिया बुनती थी।


एक दिन उसके मन में आया, क्यों न प्रतिलिपि के साथ-साथ अपनी कहानियाँ और भी कहीं ले जाऊँ? बस फिर क्या था, वो नए-नए प्लेटफॉर्म ढूँढने लगी। कई जगह उसने लिखा भी, लोग पढ़ते भी थे।


पर एक प्लेटफॉर्म पर आकर उसकी गाड़ी अटक गई।


वो जब भी वहाँ अपनी कहानी डालती, कहानी पब्लिश ही नहीं होती थी। बार-बार सिर्फ 'ड्राफ्ट में सेव' हो जाती। शिल्पा परेशान हो गई। उसने सब करके देख लिया, जो जो उस ऐप ने कहा, जो जो लोगों ने बताया। पर कुछ नहीं हुआ।


आखिर में अपनी एड़ी-चोटी का जोर लगाते हुए वो गूगल क्रोम तक चली गई। सोचा, शायद वहाँ से हो जाए। वहाँ भी जाकर देखा, तो वही हाल। कहानी फिर से ड्राफ्ट में।


तंग आकर शिल्पा ने उस प्लेटफॉर्म को ही फोन से डिलीट कर दिया।


फोन रखते हुए वो सोच रही थी, अब क्या करूँ?


तभी उसे एक आइडिया आया - चलो, एक और नया ऐप ढूँढते हैं।


और किस्मत देखो, उसे मिल भी गया। उसने वहाँ लिखना शुरू किया। और इस बार किस्मत ने साथ दिया। कहानी लिखते-लिखते शिल्पा वहाँ बहुत प्रसिद्ध हो गई। लोग उसके नाम से उसकी कहानियों का इंतज़ार करने लगे।


पर उस नए ऐप में भी एक अजीब समस्या थी। शिल्पा कितनी भी कोशिश करती, उसके प्रोफाइल पर उसकी फोटो लगती ही नहीं थी। इस बात से वो अंदर-अंदर परेशान तो थी, पर सोचती थी, चलो छोड़ो, जब तक मेरी कहानी छप रही है, तब तक ठीक है।


फिर एक दिन अचानक कुछ अजीब हुआ।


उसकी कहानियाँ अपने आप डिलीट होने लगीं। एक, दो, तीन... देखते-देखते उसकी लिखी हुई कई कहानियाँ गायब।


शिल्पा घबरा गई, "ये क्या हो रहा है? ये कैसे हो सकता है?"


वो इधर-उधर भागी, लोगों से पूछा, सपोर्ट को मेल किया, पर किसी को कुछ समझ नहीं आया।


आखिर में उसने अपनी सबसे करीबी दोस्त तृषा को फोन लगाया।


तृषा ने बड़ी ही हमदर्दी से कहा, "डोंट वरी यार, सब ठीक हो जाएगा।"


और फोन रख दिया।


पर फोन रखने के बाद तृषा ने अपना लैपटॉप खोला और एक खतरनाक सी मुस्कान दी।


क्योंकि शिल्पा की जो कहानियाँ डिलीट हो रही थीं, वो कोई और नहीं, तृषा ही कर रही थी।


तृषा शिल्पा से बहुत जलती थी। उसकी प्रसिद्धि, उसके पाठक, सब कुछ उसे खटकता था। जलन में आकर उसने पहले शिल्पा का मोबाइल हैक किया था, और फिर धीरे-धीरे उसकी सारी कहानियाँ डिलीट करने लगी थी।


पर वो एक बात भूल गई थी। जल्दबाजी में उसने गलती से एक सबूत छोड़ दिया था।


और उसी एक सबूत की वजह से उसका सारा किया-धरा उस ऐप के मालिक तक पहुँच गया। मालिक ने सीधा पुलिस में कंप्लेंट कर दी।


जब ये बात शिल्पा को पता चली, तो वो तृषा के पास गई। उसने तृषा की आँखों में देखा और बस इतना कहा -


"मैंने तो कभी तुझसे इतनी जलन नहीं की, मैंने तो हमेशा तेरी मदद की है। और तूने मेरे साथ ये सब किया? आज से हम दोस्त नहीं हैं।"


ये बोलकर शिल्पा वहाँ से चली गई। और तृषा अपना मुँह नीचे करके देखती रह गई, क्योंकि उसके पास इस सवाल का और कोई जवाब ही नहीं था।