डेविड: सोचो, इस समय तुम्हारी माँ घर पर अकेली होगी। अगर इस समय तुम्हारे घर में कोई घुसकर तुम्हारी माँ पर हमला कर दे, तो?
रिया: तुम मुझे धमका रहे हो?
डेविड: इसके लिए तुमने ही मुझे मजबूर किया है। अगर तुम खाना खा लोगी, तो मैं ऐसा कुछ नहीं करूँगा। वैसे, मैं तुम्हारी माँ की बहुत इज़्ज़त करता हूँ।
रिया (मन में): इस इंसान का कोई भरोसा नहीं है। इस समय गुस्सा करने की जगह मुझे समझदारी से काम लेना होगा।
रिया डेविड के हाथ से प्लेट लेकर खाना खाना शुरू कर देती है।
डेविड: यह हुई न अच्छी बात!
रिया (मन में): मुझे यहाँ से बाहर निकलने का जल्द से जल्द कोई रास्ता निकालना होगा।
डेविड: तुम खाना खत्म करो। मैं नहाकर आता हूँ।
रिया (मन में): कहाँ फँस गई हूँ मैं! अब कमरे की चाबी कैसे निकालूँ? Mere पास मेरा फोन भी नहीं है। मैं पुलिस को भी कॉल नहीं कर सकती।
कुछ देर बाद डेविड बाथरूम से बाहर आता है। वह रिया के पास जाता है फिर वह बेड की दूसरी तरफ जाकर लेटने लगता है।
उसे ऐसा करते देखकर रिया तुरंत बेड से खड़ी हो जाती है।
रिया: यह तुम क्या कर रहे हो?
डेविड: सो रहा हूँ, और क्या?
रिया: तुम यहाँ सोओगे? इसी बेड पर?
डेविड: हाँ, बिल्कुल!
रिया (गुस्से में): मैं और तुम एक साथ इस बेड पर सोएँ, ऐसा सोचना भी मत। बिल्कुल भी नहीं!
डेविड बेड से उठता है और धीरे-धीरे रिया की तरफ अपने कदम बढ़ाता है। रिया डर के मारे पीछे हटने लगती है। तभी डेविड उसका हाथ पकड़कर उसे अपनी तरफ खींचता है और दूसरे हाथ से दराज़ खोलकर उसमें से एक टाई निकालता है।
डेविड अचानक रिया को अपनी बाँहों में उठाकर बेड पर ले जाता है। फिर वह टाई से उसके हाथ बाँध देता है। इसके बाद लाइट बंद करके बेड पर लेट जाता है।
रिया तुरंत टाई खोल देती है।
इस बार David फिर से टाई उठाता है और रिया का हाथ अपने हाथ के साथ बाँध लेता है। फिर वह उसका हाथ कसकर पकड़ लेता है, ताकि रिया कहीं भाग न जाए।
रिया सड़क पर दौड़ती हुई मदद के लिए इधर-उधर देखती है। वह टैक्सी ढूँढ़ने की कोशिश करती है, लेकिन काफी देर तक इंतज़ार करने के बाद भी उसे कोई टैक्सी नहीं मिलती। आखिरकार, थक-हारकर रिया खुद ही पैदल घर जाने का फैसला करती है।
वह बिना रुके सड़क पर चलती रहती है और आखिरकार अपने घर पहुँच जाती है।
जैसे ही रिया को लगता है कि वह घर पहुँच गई है, वह राहत की साँस लेती है और धीरे-धीरे घर की तरफ बढ़ती है। लेकिन आगे बढ़ते ही उसके कदम अचानक रुक जाते हैं।
वह देखकर हैरान रह जाती है कि डेविड पहले से ही वहाँ खड़ा है।
डेविड कार लेकर सीधे अपने घर पहुँचता है और घर के बाहर कार रोक देता है।
डेविड रिया को घसीटते हुए घर के अंदर ले जाता है। फिर उसे सीढ़ियों से ऊपर घसीटते हुए कमरे तक ले जाता है। दरवाज़ा खोलकर वह रिया को सीधे बेड पर पटक देता है और कमरे से बाहर चला जाता है।
कुछ देर बाद डेविड वापस कमरे में आता है। उसके हाथ में एक लोहे की चेन होती है। वह सीधे रिया के पास जाता है और चेन से उसका पैर बाँध देता है। चेन का दूसरा सिरा वह बेड के किनारे से बाँध देता है।
डेविड (गुस्से में): तुमने मुझे यह सब करने के लिए मजबूर किया है।
रिया: तुम यह क्या कर रहे हो? तुम मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकते! इसे खोलो, प्लीज़!
डेविड खड़ा होता है और रिया के पास जाता है।
डेविड: मैं तुमसे आराम से पेश आ रहा हूँ। मुझे कुछ और करने पर मजबूर मत करो।
इतना कहकर डेविड कमरे से बाहर चला जाता है और बाहर से दरवाज़ा लॉक कर देता है।
डेविड सीढ़ियों से नीचे उतरता है और घर की नौकरानी को आवाज़ देकर बुलाता है।
डेविड: ज़रा यहाँ आइए।
नौकरानी उसके पास आती है।
डेविड: मैं अभी ऑफिस जा रहा हूँ। रिया को समय पर खाना दे देना और उसका पूरा ध्यान रखना। अगर तुमने रिया को भागने में किसी भी तरह की मदद की, तो याद रखना, मुझे तुम्हें गायब करने में एक मिनट भी नहीं लगेगा।
नौकरानी सिर हिलाकर जवाब देती है—
नौकरानी: जी, सर।
डेविड वहाँ से दूसरे कमरे में जाता है, तैयार होता है और ऑफिस के लिए घर से निकल जाता है।
दूसरी तरफ, कमरे में रिया
रिया खुद को जंजीरों से छुड़ाने की पूरी कोशिश करती है। इस दौरान उसके पैर में थोड़ी चोट लग जाती है।
तभी कमरे का दरवाज़ा खुलता है और नौकरानी रिया के लिए खाना लेकर आती है। जैसे ही वह रिया को खाना देने जाती है, उसकी नज़र रिया के घायल पैर पर पड़ती है।
वह तुरंत बाहर जाती है और रिया के लिए दवाई लेकर वापस आती है। फिर वह रिया के पास जाती है।
रिया: प्लीज़, आंटी! मेरी मदद कीजिए। मुझे यहाँ से निकलने में मदद कर दीजिए। प्लीज़, मैं आपके हाथ जोड़ती हूँ।
नौकरानी: सॉरी, मैं आपकी इस मामले में कोई मदद नहीं कर सकती।
रिया (रोते हुए गिड़गिड़ाकर): मैं आपके हाथ जोड़ती हूँ। प्लीज़, मेरी मदद कीजिए। अगर आप मेरी मदद नहीं कर सकतीं, तो कम से कम मुझे मेरा फोन दे दीजिए या फिर अपना फोन ही दे दीजिए। बस इतनी-सी मदद कर दीजिए। आपकी बहुत बड़ी मेहरबानी होगी।
नौकरानी रिया की बातों को अनदेखा करते हुए कहती है—
नौकरानी: आप ही दवाई लगा लीजिए। आपके पैर में चोट लगी है।
नौकरानी: आप दवाई लगा लीजिएगा और अब खाना खा लीजिए। मैं चलती हूँ।
रिया उसी समय खाने की प्लेट भी ज़मीन पर फेंक देती है।
रिया (गुस्से में ऊँची आवाज़ में): मुझे कोई खाना नहीं खाना! निकल जाइए अभी यहाँ से!
नौकरानी कमरे से बाहर निकल जाती है और दरवाज़ा बाहर से लॉक कर देती है।