Khamosh ankahe khat in Hindi Letter by Abhishek Sharma books and stories PDF | खामोश अनकहे ख़त

Featured Books
  • Stop Letting Everything Affect You (Book Review)

    मजबूत बनवणारे प्रेरणादायी पुस्तकआजच्या आधुनिक जगात माणसाचे आ...

  • टापुओं पर पिकनिक - भाग 27

    २७. आर्यनला येथे ड्युटी देण्यात आली होती, बाकीच्यांना नंतर क...

  • The Mafia Couple - Chapter - 2

    काही महिने हळूहळू निघून गेले होते.Sanvi आता आधीसारखी राहिली...

  • जोडे

    मिलिंद गाडीतून उतरले. त्यांनी हातात एक box असलेली पिशवी घेतल...

  • पत्र सुमने..

    प्रिय सोना ट्रिप करणे तुझा अगदी आवडीचा छंद होता आपल्या दोघां...

Categories
Share

खामोश अनकहे ख़त

बड़े भाई की एक खामोश चिट्टी अपने छोटे भाई को, बर्थडे गिफ्ट की तरह

छोटे मियां

कल तुम्हारा हैप्पी वाला बर्थडे था, 19 साल पुरे कर लिए। मतलब सरकारी तौर पर समझदार हुए पुरे एक साल हो गया। सोचा तुम्हे कुछ गिफ्ट दिया जाये पर क्या दे,??

तो दिमाग में आया कि जब लिखने ही आता है तो कुछ लिख कर ही देते है तो बस लिख रहे है तुम्हे एक खामोश अनकही चिट्ठी

वैसे तुम्हारे बड़े भाई से तो हप्ते में एक दो बार बात हो जाती है और हर मुद्दे पर बात होती है पर तुमसे इतना नही हो पाती... शायद हमारे ट्यूनिंग अभी इतनी खास नही बन पायी है। बस इसीलिए लिखने बैठ गए। वैसे तो एक साल पहले ही ये सब बोलना था जब तुम आधिकारिक रूप से बालिक हुए थे पर कोई नही।

वैसे बोलने की जरुरत तो है नही क्योंकि आलरेडी बहुत समझदार हो, सब समझते हो, सब जानते हो पर कुछ बाते है जिनमे मैं थोडा अधिक अनुभवी हूँ बस उन्ही को बाटूँगा तुम्हारे साथ।

बोलने के लिए कुछ खास है नही....बड़े हो चुके हो, इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन ले चूके हो यहां तक की फर्स्ट इयर भी कम्पलीट कर लिया है। बहुत कुछ सीखा होगा इस फर्स्ट इयर में और अभी बहुत कुछ सीखोगे आगे बाकि बचे सालो में।

सीखो....एक एक पल को ऐसे जियो कि फिर जिंदगी नही मिलने वाली। और असल बात यही है की सच में नही ही मिलने वाली। जो कुछ है जिंदगी यही चार साल में सिमटी हुई है वरना तो फिर शुरू हो जायेगा कभी न ख़त्म होने वाली एक अनदेखी दौड़ जिसमे चाहो ना चाहो तुम्हे दौड़ना ही पड़ेगा और तुम उसमे अकेले नही दौड़ोगे, तुम्हारे साथ भागेगा तुम्हारे ख्याब, तुम्हारे साथ रहेगा जिम्मेदारी का पहाड़, और इसीतरह रेस चलती रहेगी, एक रेस अपने नींद गवा कर सपनो को पाने की, एक रेस खुद को खुद से मिलाने की, एक रेस बैंक में कुछ जीरो जमा करने की और ऐसी हजारो रेस रोज चलती रहेगी। इस कॉलेज के जिंदगी के बाद जिंदगी रहेगी ही नही वो तो बाद एक रेस ट्रैक हो जायेगी जिस पर तुम चाहो या ना चाहो पर तुम्हे भागना ही पड़ेगा। इसीलिए समझा रहा हूँ जी लो अपनी ज़िन्दगी। ले लो ढेर सारी सेल्फी, ग्रुप पिक्चर्स, दोस्त के साथ, दोस्त के दोस्त के साथ, दोस्त के दोस्त के दोस्त के साथ, चाय वाले के साथ, चाट वाले के साथ, मेट्रो वाले अंकल के साथ और जिस जिस के साथ ले सकते हो ले लो क्योंकि जिस दिन दिवार पर डिग्री टंग जायेगी उस दिन इन्ही फोटोज के सहारे कुछ हसीं पल दुबारा जियोगे।

अच्छा एक और बात...बड़े लोगो से जब भी मिलते होंगे या बात होती होगी तो एक बात जरूर सुनते होंगे "अच्छे बच्चे" बनो। अच्छा बच्चा...!! आज तक समझ नही आया कि इसका क्राईटिरिया क्या होता है पर हर कोई यही सलाह देता रहता है कि यही बनो। पर मैं नही कहता....तुम सिर्फ नार्मल बनो। किसी अच्छे बच्चे की तरह सिर्फ किताबो या कॉलेज के असाइनमेंट में ही पड़े रहो या फिर हर एक लेक्चर में अपना माथा खपाओ। मैं तो कहता हूँ कि कुछ लेक्चर्स बंक करो, दोस्तों के साथ कैंटीन में खूब धमाल करो, फिल्में विल्मे देखने जाओ, कभी किसी दिन मेट्रो में जाते समय किसी की खिंचाई करो और जोर से हँसो पर जब तुम्हारी खिंचाई चल रही हो तो गुस्सा मत होना बल्कि दुगने जोश से हँसना क्योंकि शायद बाद में इन पलो के लिए तरस जाओगे इसीलिए इन सभी को अभी ही जी लो।

और सुनो दिखने में क्यूट हो, पर्सनालिटी भी हीरो जैसी ही है कोई न कोई लड़की तो जरूर तुम्हे अपने सपनो में सोचा करती होगी और तुम भी किसी न किसी को लाइक करोगे फिर भले ही "we r just friend" टाइप पर तुम्हे भी इन गलियों में से गुजरने का मन करेगा तो सुने मेरे भाई ऐसा जरूर करना। ये जो लव सव है ना कम से कम एक बार इनके चक्करो में जरूर पड़ना, जरूर किसी खास के लिए खास हो जाना, जरूर किसी के लिए रात रात भर जाग कर चैटिंग करना, जरूर किसी न किसी के साथ। सभी दोस्तों और घर वालो से छुप कर घूमने जाना और उसे फ़िल्म विल्म दिखाना, जरूर किसी ना किसी के लिए व्हाट्सऐप और फेसबुक पर हाईड मैसेज वाले स्टेटस रखना पर इन फालतू चक्करो में पड़ना जरूर।

.......और ये जो लव सव का झमेला है ना, जिसे दुनिया नौटंकी और बेवकूफी बोलती है इससे ज्यादा दूर रहने की जरुरत नही है, इसमें पड़ो.... इसमें गिरो.....खुद को इसके चक्कर में बर्बाद कर दो! कम से कम एक बार जरूर करो ये नौटंकी, ये बेवकूफी....!!!
ज़िन्दगी में कम से कम एक बार ये झमेला जरूर झेलना।
कम से कम एक बार जरुर किसी की यादो में गिरो।
किसे के लिए अपने सुख चैन का क़त्ल कर दो।
किसी की कल्पना में जीने लगो,एक नयी दुनिया में चले जाओ।
किसी चेहरे को बहुत खास बना दो, इतना खास कि उसके ना रहने पर दुनिया खास लगना बन्द हो जाये।
किसी से रात भर बेवजह चैटिंग के लिये अपनी नींद की कुर्बानी दे दो
हर जगह उसे ही देखने लगो....सोते जागते उठते बैठते हर समय...!!!
दिन रात उसके मैसज का इंतज़ार करो, उसके कॉल पर नर्वसा जाओ
उसके पुराने मैसज पढ़ कर वेवजह पागलो की तरह मुस्कुराओ
किसी के साथ घर वालो और दोस्तों से छुप कर फिल्म विल्म देखो, रेस्टोरेंट में खाना खाओ
टिपिकल फ़िल्मी हीरो जैसे बन जाओ

अब पूछोगे कि इससे होगा क्या...!!! ऐसा करने से मिलेगा क्या
तो जवाब है कि कुछ नही....!!!
अमा होगा कुछ नही, होने को तो वो भी तुम्हारी नही हो सकेगी...वो भी किसी और की प्रेजेंट बनेगी जो कभी तुम्हारा पास्ट थी और जिसके साथ तुमने अपना फ्यूचर देखा था।
वो भी किसी और के बच्चे की माँ बनेगी और वो बच्चा भी आपको मामा मामा ही बोलेगे
पर
इन सब से ये होगा कि तुम समझदार हो जाओगे
किसी की ख़ुशी के लिए जीने मारने लगोगे
किसे को हँसाने के लिए कई दर्द पीना सीख जाओगे
अपने इमोशन्स को अपने अंदर ही दबा कर दुनिया के हिसाब से जीने की आदत डाल लोगे
कुछ दर्द को बिना किसी सहारे के झेल सकोगे
ज़िन्दगी की असली समझ आ जायेगी
कुल मिला कर इंसान बन जाओगे और ये सारी बाते तुमको कोई नही सीखा सकता, कोई भी नही.......ना ही IIT और ना ही कोई NIT और ना ही कोई दूसरी बड़ी यूनिवर्सिटी।
ये तो सिर्फ एक ही चीज सीखा सकती है और वो चीज है.......झमेला, बेवकूफी या फिर जिसे कहते है इश्क़......!!!

ऐसा नही है कि ये सब करने से तुम्हे वो मिल ही जाये पर एक बात तो तय है भाई तुमको एक नया जन्म मिलेगा, समझदारी, जिम्मेदारी और दुनिया के साथ तालमेल बिठाने का एक नायाब तरीका मिल जायेगा जो दुनिया का कोई भी कॉलेज या कोई भी टीचर तुम्हे नही सीखा सकता ये तो बस तुम खुद ही सीखोगे और हाँ गलती से भी कभी बहुत ज्यादा frustrate हो जाओगे ना तब उसी के साथ की गयी रात भर की चैटिंग ही एक कूलिंग का काम करेगी।

पर इन सब बातो में ये कभी मत भूलना की मम्मी पापा ने भी कुछ ख्याब देखे हुए है तुम्हारे लिए, और उनके उन ख्याबो को पूरा करने की जिम्मेदारी तुम्हारी ही है क्योंकि उन ख्याबो को जीने की एक उम्मीद मात्र में ही उन दोनों ने ना जाने अपने कितने ख्यावो को पैदा ही नही होने दिया। लोग बड़ा समझायेंगे कि जो मन में आये वो करना, जो बनना हो वो बनना पर मैं कहता हूँ वहीँ करना जो मम्मी पापा कहे क्योंकि उनका अनुभव और उनका प्यार दोनों ही तुमसे ज्यादा है।

और सबसे जरुरी बात इस चिट्टी को पढ़ कर फाड़ देना (डिलिट कर देना) वरना गलती से भी किसी बड़े और समझदार इंसान के हाथ लग गयी तो तुम्हे बाद में पर मुझे सबसे पहले कुटेगा। हाँ चाहो तो अपने दोस्तों को सुना सकते तो पर किसी बड़े के हाथ ना लगने पाये।

ढेर सारा प्यार और बहुत बहुत आशीर्वाद।

तुम्हारा "भैया"