Ek Ladki - 14 in Hindi Love Stories by Radha books and stories PDF | एक लड़की - 14

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एक लड़की - 14

एक दिन जंगल में रहने के बाद अगले दिन सुबह ही सभी स्टूडेंट्स व टीचर वापिस कॉलेज के लिए निकलते है। बस में बैठी पंछी जहाँ पिछ्ली रात की बात को सोच कर मुस्कुरा रह थी वहीं उसके पीछे बैठा हर्ष उदास था और हर्ष के पास बैठे ऋषि की नज़र बार बार पंछी पर जा रही थी और ये बात हर्ष भी नोटिस कर रहा था थोड़ी देर बाद सभी कॉलेज पहुँचते है। और वहाँ से सभी अपने अपने घर चले जाते है पंछी घर पहुँचते ही दीदी दीदी चिल्लाते हुए अपने रूम में जाती है। झील टॉमी को बिस्किट्स खिला रही थी पंछी को ऐसे चिल्लाते हुए आते देख झील भी जोर से बोलती है क्या है , आते ही इतना चिल्ला क्यों रही हैं, क्या हुआ है ??? पंछी रुम में पहुँचती है और झील को गले लगा लेती है और कहती है - दीदी!! आज मैने लव को फील किया है बहुत अच्छी फीलिंग आती है सब कुछ बहुत अच्छा लगता है एक ही पल में सब कुछ अच्छा लगने लगता है पंछी की बात सुन झील को बहुत आश्चर्य होता है कि अचानक से उसकी बहन को क्या हो गया है कैसी कैसी बातें कर रही है। इसी कश्मकश में वो पंछी से पुछती है कि क्या हुआ ???? पंछी झील को बेड पर आराम से बैठा कर जो भी वहाँ जंगल में हुआ था वो सब डिटेल में झील को बता देती है। पंछी बात बताते हुए बहुत उत्साहित लग रहीं थीं लेकिन वहीं झील कहि खो सी जाती है पंछी झील को चुप चाप बैठे देख कहती है - क्या हुआ दी!!आप खुश नही है ?? झील कहती हैं कि - पंछी तू कह रही हैं कि हर्ष से तेरी बहुत अच्छी बनती है वो हमेशा तेरे हर प्रॉब्लम में तेरा साथ देता है और वो तुझसे बहुत प्यार से बात करता है पंछी आश्चर्य से कहती है -हां दी ! पर आप ये सब क्यों बता रही हैं। झील कहती है - वो इस लिये क्योंकि तूने ही कहा था कि हर्ष सब लड़कियों से फ़्लर्ट करता रहता है उसकी बहुत सारी गर्लफ्रैंड भी है । पंछी - हा तो ??? झील - तो फिर तेरे साथ उसका व्यवहार इतना अलग क्यों है।वो उन सब लड़कियों से अलग व्यवहार क्यों करता है। पंछी मुस्कुराते हुए - क्योंकि हम दोस्त हैं दी !! हम बहुत अच्छे दोस्त बन गए हैं । झील - तूने बताया है ना कि जब तुम औऱ ऋषि जंगल से वापिस आ रहे थे तब हर्ष तुम्हारे सामने था शायद तुम दोनों वहा मिले नहीं हो इसलिये वो तुम्हारा तुम दोनो का वैट कर रहा हो। पंछी - दी , आप बिल्कुल डिटेक्टिव की तरह बातें कर रही हो। आप कुछ ज्यादा सोच रही हो। झील - आज तक जितना तुमने हर्ष के बारे मे बताया है उससे तो यही लगता है कि तुम हर्ष के लिए बहुत स्पेशल हो वो तुमसे प्यार करने लगा है। पंछी - आप दी , कैसी बाते कर रही है? ऐसा कुछ नहीं हैं आप बहुत ज्यादा सोच रही है। झील- पंछी एक और बात बताऊ , तुम ज्यादातर यहां बहुत दिलचस्पी से हर्ष के बारे में ही बातें करती थी शायद कही ना कही तुम्हे भी हर्ष अच्छा लगता है । और रही बात ऋषि की तो वो भी तुमसे प्यार करता होगा लेकिन तुम जंगल की एक घटना की वजह से कैसे कह सकती हो कि तुम भी ऋषि को पसंद करने लगी हो, हो सकता है कि उस समय खुद के लिए उसके दिल में प्यार देख तुम्हे भी ऐसा लगा हो कि तुम भी उनसे प्यार करने लग गयी हो, ऐसा भी तो हो सकता है कि ये सिर्फ उसके प्रति खिंचाव हो। पंछी - दी, अब तो बहुत ज्यादा हो गया है आप पहले तो ऋषि की साइड लेती थी और अब हर्ष की साइड ले रही हों। आप मानो या ना मानो लेकिन मैं ऋषी को पसन्द करती हूं। झील- ठीक है पंछी लेकिन इतनी जल्दी में कोई फैसला मत लेना वरना इस कश्मकश में फ़स जाएगी। पंछी - ठीक है दी। औऱ आप भी इतना सोचना बन्द कर दो ऐसा कुछ नहीं है। झील मुस्कुराते हुए - ठीक है लेकिन तू अपना ध्यान रखना । पंछी - ठीक है अब चले ...खाना खाते हैं बहुत भूख लगी है। और झील और पंछी दोनों खाना खाने चले जाते है । अगले दिन पंछी तैयार होकर टॉमी को सिर पर किश करके कॉलेज के लिए निकल जाती है। रास्ते में उसे ऋषि मिलता है वो कॉलेज से अपनी बाइक में वापिस आ रहा होता है ऋषि पंछी को रोक कर बताता है कि किसी वजह से आज हमारी क्लासेज नहीं लगेगी इसलिए मैं भी वापिस जा रहा हूँ। मेरा घर पास ही मे है चलो ना, कॉफी पी कर अपने घर चली जाना। पंछी मान जाती है थोड़ी देर बाद दोनों उसके घर पहुँचते है ऋषि उसे हॉल में बैठा कर नोकर से कॉफी लाने के लिए कहता है।और दोनो वहीं बातें करने लगते है पंछी - वाह..... ऋषी, तुम्हारा घर तो बहुत सुंदर है और बड़ा भी। ऋषि - थैंक यू , थैंक यू। पंछी- तुम्हारे पास तो सब कुछ होगा ना । ऋषि - सिवाय एक चीज़ के जो मेरे दिल के सबसे ज्यादा करीब है ( ऋषि पंछी की बात कर रहा था ) पंछी - फिर भी तुममें घमंड तो बिल्कुल नहीं है। ऋषी - क्या करूँ , घमंड करने का कोई रीज़न ही नही मिला। पंछी - तुम भी ना, वैसे तुम्हारा रुम कहा है वो भी बहुत बड़ा होगा ? ऋषी - चलो ना, तुम्हे अपना रूम दिखाता हूं, मतलब मेरा रूम।। आज ऋषि बहुत फ़्लर्ट कर रहा था जो पंछी ने भी महसूस किया था। थोड़ी देर बाद दोनों ऋषि के रूम में पहुँचते है लेकिन तभी उसे कोई आवाज़ लगाता है और ऋषि 2 मिनट का बोल कर चला जाता हैं पंछी उसका रूम देखने लगती हैं जो बहुत अच्छा लग रहा था इतने में पंछी की नज़र सोफे पर पड़ती है जिस पर छोटा सा ड्रैगन रखा हुआ होता है। ड्रैगन को देख उसे याद आ जाता है कि ये वहीं ड्रेगन है जो उसने बचपन में ऋषि को दिया था लेकिन उसे ये पता नहीं था कि ये वही बचपन वाला ऋषि है तभी वहां ऋषि आ जाता है ऋषि को देख पंछी ऋषि से गुस्से में पुछती है - तुम मुझे जानते थे?? लेकिन तुमने मुझे बताया क्यों नहीं?? ऋषि - सॉरी पंछी, मैं तुम्हें बताने वाला था पर क्या बताता की मैं तुम्हे बचपन से पसन्द करता हूँ ?? और क्या तुम मान जाती ?? मुझे पता था तुम्हें पता चलेगा तो तुम मुझसे बात भी नही करती इसलिये नही बताया । पंछी - कुछ भी हो तुम्हें एक बार मुझे बताना चाहिए था ऋषी - सॉरी पंछी । पंछी - मैं तुम्हें बुद्धू लगती हूँ क्या , जो मुझे बताना भी जरुरी नही समझा तुमने मुझसे छुपा कर मुझे तकलीफ दी है ऋषि। और पंछी घर से बाहर चली जाती हैं ऋषि समझाने की कोसिस करता है लेकिन पंछी अनसुना करके चली जाती है। अगले दिन पंछी कॉलेज पहुँचती है जैसे ही कॉलेज में प्रवेश करने वाली होती हैं उसका पैर फूलों की पंखुड़ियों पर पड़ता है वो वहाँ से पैर हटा कर अंदर आती है अंदर आकर मैन गेट पर देखती है कि ऋषि सीढ़ियों पर खड़ा है और उसके सामने उसके जूनियर नीची गर्दन किये हुए खड़े थे ऋषि सब को ऑर्डर दे रहा था और स्काउट के लिए गाइड कर रहा था ऋषि जो भी बोल रहा था सब उसको रीपीट कर रहे थे। पंछी दूर से ही देख रही थीं। ऋषि उसे देख लेता है और मुस्कुरा जाता है और अनदेखा कर देता है पंछी सीढ़ियों के किनारों से होकर जाने लगती है 2 - 3 सीढियो चढ़ती है जितने मैं ऋषि स्टूडेंट्स से कहता है - उससे बोलो गुड मॉर्निंग।
सभी स्टूडेंट्स को आश्चर्य होता है की ऋषि क्या बोल रहा है और ऊपर देखते हैं फिर पंछी को देख कर एक साथ बोलते हैं - गुड मॉर्निंग ।
पंछी - गुड मॉर्निंग।
ऋषी बोलता है - आई एम सॉरी ।
सभी स्टूडेंट्स - आई एम सॉरी ।
पंछी कुछ नहीं बोलती है और नज़रे चुराने लगती हैं।
ऋषि -शायद सुना नही है, उससे फिर बोलो की आई एम सॉरी। सभी स्टूडेंट्स जोर से बोलते हैं - आई एम सॉरी ।
इस बार पंछी को भी बोलना पड़ता है और नज़रे चुराते हुए बोलती है- ठीक है।
ऋषी - उससे कहो कि सच में माफ कर दिया ना?
सभी स्टूडेंट्स - सच में माफ कर दिया दिया ना?
पंछी - हां।
ऋषि - उससे बोलो कि खाना खा लिया क्या ?
सभी स्टूडेंट्स - खाना खा लिया क्या?
पंछी - नहीं।
ऋषि - उससे बोलो कि आज ऋषि के साथ ही खाना खाना है इंतज़ार करना ।
सभी स्टूडेंट्स- आज खाना ऋषि के साथ ही खाना है ।
सभी स्टूडेंट्स को ये सब देख कर बहुत मज़ा आ रहा था वे इंटरेस्ट ले रहे थे और ऋषि भी मुस्कुरा रहा था।
ऋषि - 9:30 कैन्टीन में ।
सभी स्टूडेंट्स - 9:30 कैन्टीन में।
पंछी धीरे से बोलती है - ठीक है। और जाने लगती है इतने मैं ऋषि बोलता है - उससे कहो कि ऋषि तुमसे बहुत प्यार करता है।
सभी स्टूडेंट्स जोर से पंछी की और देख कर प्यार से बोलते हैं - ऋषि तुमसे बहुत प्यार करता है।
पंछी ये सुन कर चौक जाती है क्योंकि उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि अभी अभी ऋषि ने उसे प्रोपोज़ किया है। फिर वो बहुत खुश होती है लेकिन सब के सामने बिना कोई रिएक्शन दिए जाने लगती है ऋषि दुबारा कहता है - उससे कहो - ऋषि लव्स यु। सभी स्टूडेंट्स - ऋषी लव्स यु। और ऋषि भी हँसने लगता है और पंछी की तरफ देखता है। पंछी चुपके से मुस्कुराते हुए चली जाती है। अंदर आते ही वो खुल कर हँसने लगती है और रास्ते में जो भी मिल रहा था उसे gm बोलते हुए क्लास की ओर जा रही थीं।