District Kurukshetra in Hindi Moral Stories by Guri baba books and stories PDF | जिला कुरुक्षेत्र

Featured Books
  • विलक्षण - 1

    विलक्षण १ जानेवारी २०२५जानेवारीचा महिना हवेत खुप गारवा होता....

  • आसरा

    आज त्याचा वाढदिवस होता अप्पाना माहित होते की, आज तो येणार भे...

  • पत्र सुमने..तुझी खास वाक्ये भाग ६

    प्रिय सोनाआपले शेजारी वर्षातील बरेच दिवस बाहेरगावी असतघरी आल...

  • मोफत मिळालं की महान

    मोफत मिळालं की महान: मानवी मानसिकतेवर एक शुद्ध विनोदी प्रहार...

  • Marine Drive

    आज Marine Drive ला भेटायचं ठरलं होतं. संध्याकाळी सात वाजता भ...

Categories
Share

जिला कुरुक्षेत्र

यह वह भूमि है जिस पर महाभारत की लड़ाई लड़ी गई थी और भगवान कृष्ण ने अर्जुन को ज्योतिसर में कर्म के दर्शन का उचित ज्ञान दिया था।
कुरुक्षेत्र एक महान ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का स्थान है जिसे वेदों और वैदिक संस्कृति के साथ जुड़े होने के कारण सभी देशों में श्रद्धा के साथ देखा जाता हैं
हिंदू पौराणिक कथाओं में गहराई से जुड़ा कुरूक्षेत्र भारत के हरियाणा राज्य का एक प्राचीन शहर है। भारत के कई राजवंश इस ऐतिहासिक भूमि पर सम्मानपूर्वक राज कर चुके हैं। मौर्य साम्राज्य के दौरान कुरुक्षेत्र एक अध्यन केंद्र के रूप में भी उभरा था। श्रीमद्भागवत गीता का जन्मस्थान कुरूक्षेत्र मुख्य रूप में भारत के सबसे ऐतिहासिक युद्ध महाभारत के लिए जाना जाता है, ये वो महायुद्ध था जो एक ही वंश के दो शक्तिशाली परिवारों (कौरवो और पांडवो) के मध्य लड़ा गया था।
कुरूक्षेत्र भ्रमण की शुरूआत आप जिले के धार्मिक स्थानों से कर सकते हैं। थानेसर में स्थित पवित्र ब्रह्मा सरोवर भारत के चुनिंदा खास पौराणिक जलाशयों में गिना जाता है। यह विश्व प्रसिद्ध स्थल है जिसका जिक्र 12 वीं शताब्दी के विद्वान अलबरूनी ने अपनी भारत यात्रा के बाद किया था। ऐसी मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान इस पवित्र सरोवर में डुबकी लगाने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।

इसलिए इस दौरान यहां देशभर से आए श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा लगता है। सरोवर की उत्तरी दिशा में भगवान शिव का एक मंदिर भी है, पौराणिक किवदंती के अनुसार मंदिर में शिवलिंग की स्थापना स्वयं भगवान ब्रह्मा ने की थी।

धार्मिक स्थलों के अलावा आप यहां के ऐतिहासिक स्थलो की सैर का भी प्लान बना सकते हैं। कोस मीनार मध्ययुगीन मील का पत्थर हैं जो कुरुक्षेत्र के विभिन्न कस्बों में मौजूद हैं। इतिहास के पन्ने बताते हैं कि इन मीनारों का इस्तेमाल मुगल साम्राज्य के दौरान सड़कों की दूरी को चिह्नित करने के लिए किया जाता था।

आज भी आप हरियाणा में ऐसी मीनारों को देख सकते हैं, वर्तमान समय में हरियाणा में 49 ऐसी कोस मीनारें सुरक्षित हैं, जिनमें से कुछ को कुरूक्षेत्र यात्रा के दौरान देखा जा सकता है। भारतीय इतिहास के कुछ पहलुओं को आप इन मीनारों के माध्यम से समझ सकते हैं।
ऐतिहासिक स्थानों में आप शेखचिल्ली का मकबरा देख सकते हैं। इस प्राचीन स्थल पर महान सूफी संत शेख चिल्ली के अवशेष शामिल हैं। इस स्थल पर आप खूबसूरत मुगल गार्डन, मस्जिद, संग्रहालय और संत शेखचिल्ली की पत्नी को समर्पित एक छोटा सा मकबरे को भी देख सकते हैं।

मकबरे परिसर के भीतर संग्रहालय में भारतीय सभ्यताओं के विभिन्न युगों के आस-पास के पुरातात्विक कलाकृतियों को संग्रहित किया गया है। उत्तर भारतीय इतिहास को और बेहतर रूप से समझने के लिए आप इस प्राचीन स्थल की सैर का प्लान बना सकते हैं।
ज्योतिसर जिले के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है जहां भगवान कृष्ण ने महाभारत युद्ध से पहले अर्जुन को गीता का पाठ पढ़ाया था। इस स्थान पर बरगद का पेड़ भी है, पौराणिक मान्यता के अनुसार इस बरगद के पेड़ के नीचे श्रीकृष्ण ने अर्जुन को शिक्षा दी थी और अपना विराट रूप दिखाया था।

भारत के पौराणिक इतिहास को समझने के लिए आप यहां की यात्रा कर सकते हैं। हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा यहां समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिसके अंतर्गत महाभारत के कुछ हिस्सों को मनोरंजक रूप से वर्णित किया जाता है।