Half Blood -The Hidden Truth - Part 5 in Hindi Horror Stories by Vijay Sanga books and stories PDF | Half Blood -The Hidden Truth - Part 5

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Half Blood -The Hidden Truth - Part 5

जंगल में हो रहे हादसों और रोहन की मौत की इन्वेस्टिगेशन ( Investigation ) के लिए दिल्ली से एक बड़े सीबीआई (CBI ) ऑफिसर को उत्तराखंड में भेजा गया ।
कहा जाता था की वो ऑफिसर जो भी केश हाथ में लेता था वो केश जल्द हो सॉल्व ( solve ) हो जाता था ।
उस ऑफिसर का नाम जोसेफ गोम्स था ।
जोसेफ गोम्स उत्तराखंड आकर सबसे पहले ऑफिसर पवन कुमार से मिला, उसने पवन कुमार से केश की सारी जानकारी ले ली ।
जोसेफ गोम्स – तो पवन कुमार जी, ये केश कहां तक पहुंचा, कुछ पता चला इन हादसों के पीछे कौन है ।
पवन कुमार – नही सर अभी तक तो कुछ पता नहीं चला, पर जिस तरह के हमले हुए हैं, उन्हें देखकर तो ऐसा ही लगता है की
ये किसी नरभक्षी जानवर का काम है ।
जोसेफ गोम्स – ऐसा भी तो हो सकता है ये कोई जानवर नही इंसान हो, जो जानवर का भेष बदलकर लोगो को मार रहा हो ।
हो ना हो ये किसी इंसान का ही काम लगता है, और ये इंसान पक्का साइको ( psycho ) है।
पवन कुमार – हो सकता है सर, पर जब हमने जंगल में मिली लाश की जब फोरेंसिक जांच करवाई तो उसमे इंसान और जानवर दोनो के DNA मिले हैं ।
जोसेफ गोम्स – इंसान और जानवर दोनो के डीएनए ( DNA ) ?
ये सोचने वाली बात है ।
पवन कुमार – सर हमने यहां एक बुजुर्ग से बात की तो उन्होंने बताया की इस जंगल में कई सदियों से एक रहस्यमई जीव रहता है, और हमने गांव के लोगो से जिन्होंने उस जीव को देखा है, उन्हें बुलाकर स्केच बनवाया है, वो स्केच को देखकर तो ऐसा ही लगता है की इस जंगल में एक ऐसा जीव है, जिसके बारे में हम कुछ नही जानते ।
जोसेफ गोम्स – क्या सचमे ! दिखाओ जरा वो स्केच ( Sketch ) ।
मैं भी तो देखूं की वो जीव कैसा लगता है ।
पवन कुमार – सर ये देखिए , कहते हुए पवन कुमार ने स्केच जोसेफ गोम्स को दे दिया ।
जोसेफ गोम्स – ये तो देखने में ऐसा लग रहा है जैसे कोई भालू है, पर इसका फेस ( face ) किसी भेड़िए जैसा लग रहा है ।
मुझे तो लगता है, उन गांव वालो पर किसी भालू ने हमला किया होगा, तुमने बताया था ना की जब इनपर हमला हुआ तब अंधेरा हो रहा था, हो सकता है अंधेरे में भालू ने उनपर हमला किया हो, और ये लोग दर गए हों ,
इसलिए ऐसा स्केच बनवा दिया । ये पक्का किसी इंसान का ही काम है ।
मतलब यहां पर एक साइको किलर खुला घूम रहा है, वो आगे भी ऐसा कर सकता है , इससे पहले की वो किसी और का खून करे उसे पहले हमें उसे पकड़ना होगा ।
एक काम करो तुम अपने बेस्ट ( best ) आदमियों को साथ ले लो, आज रात हम लोग जंगल जाने वाले हैं ।
पवन कुमार – सर जंगल , वो भी रात में !
जोसेफ गोम्स – हां रात में, मैं भी तो देखूं ऐसा कोनसा रहस्यमई जीव है जंगल में ,और हां वन विभाग ( फॉरेस्ट गार्ड ) वालो को भी खबर कर देना, उन्हें जंगल के बारे में अच्छे से पता होता है, हमें उनके होने से मदद मिल सकती है ।
पवन कुमार – जी सर, मैं उन्हें अभी खबर भिजवा देता हूं ।
रात के 8 बज चुके थे , जोसेफ गोम्स ,पवन कुमार और बाकी पुलिस वाले और फॉरेस्ट गार्ड्स के साथ सब जंगल के लिए निकल पड़े ।
कुछ ही देर में वो सब जंगल पहुंच गए ।
वो सब दो दो की जोड़ी में बट गए , और सब अलग अलग दिशा में खोज करने लगे ।
जोसेफ गोम्स और पवन कुमार साथ में थे ।
पवन कुमार – सर क्या रात में हमारा यहां आना सही है , अगर सोचने लोगो की बात सही निकली और सचमे जंगल में ऐसा कोई जीव निकला तो , हम क्या करेंगे सर ।
जोसेफ गोम्स – अगर ऐसा हुआ , सचमे कोई ऐसा जीव है तो हम उसे घायल करेंगे और पकड़ लेंगे , मुझे वो वोकी–टोकी ( voki – toki ) दो जरा ।
सभी लोग ध्यान से सुनो , अगर किसी को कोई अनजाना जीव नजर आता है तो उसे जान से नही मारना है , सिर्फ घायल करना है ।
ढूंढते ढूंढते करीबन रात के 12 बज गए पर किसी को कुछ नही मिला , तभी एक पुलिस वाले ने सिगरेट जलाई और पीने लगा , तभी उसे और उसके साथी को कुछ आहट सुनाई दी ।
एक पुलिस वाला जोसेफ गोम्स को वोकी–टोकी पर संपर्क करने लगा ।
हेलो...हेलो सर क्या आप मुझे सुन पा रहें हैं ?
जोसेफ गोम्स – हेलो...हां मैं तुम्हे सुन पा रहा हूं बोलो क्या हुआ ?
पुलिस वाला – सर हमें यहां एक जीव दिखा है , आप जल्दी आईए ।
जोसेफ गोम्स – हम वहां आ रहें हैं , तुम लोग कुछ गड़बड़ी मत करना ।
पुलिस वाला – जी सर...आप जल्दी आईए ।
जोसेफ गोम्स और पवन कुमार वहां पहुंचे तो देखा की एक पुलिस वाला जख्मी गिरा पड़ा था और दूसरा पुलिस वाला गायब था ।
जोसेफ गोम्स – यहां पर क्या हुआ , और तुम्हारा साथी कहां है ।
पुलिस वाला – सर हम दोनो यहां पेड़ के पीछे छुपे हुए थे , पता नही वो जीव कब हमारे सामने आ गया पता ही नही चला , और हम कुछ करते उससे पहले उसने हम पर हमला कर दिया , सर वो नारायण को खींचकर अपने साथ ले गया ।
जोसेफ गोम्स – सभी लोग ध्यान से सुनो , किसी जानवर ने हमारे एक साथी पर हमला करके उसे अपने साथ ले गया है , हमें किसी भी हाल में उसे ढूंढना होगा , सभी लोग फैल जाओ और उसे ढूंढो , और सभी चौकन्ने रहना वो जानवर कहीं भी हो सकता है , और किसी पर भी हमला कर सकता है ।
सभी लोग जंगल में फैल गए , बहुत ढूंढने पर भी वो पुलिस वाला नही मिला , ढूंढते ढूंढते सुबह हो गई ।
जोसेफ गोम्स – पवन जी आप हेडक्वार्टर में फोन करके मदद बुलवाइये , हमे इस जंगल का चप्पा चप्पा छानना होगा , और किसी भी हालत में उस आदमखोर जानवर को पकड़ना होगा , अगर कहीं वो जानवर शहर की तरफ चला गया तो हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते की कितने लोगो की जान जायेगी , इसलिए इसे जल्द ही पकड़ना होगा ।
पवन कुमार – जी सर अभी खबर करता हूं ।
हेलो..हेलो.. हेडक्वार्टर , यहां हमे बैकअप ( backup ) की जरूरत है , जल्दी से जल्दी यहां कुछ पुलिस वालो को भेजिए ।
कुछ ही देर के बाद वहां 40 से 50 पुलिस वाले आ गए ।
जोसेफ गोम्स – सभी लोग ध्यान से सुनिए , इस जंगल में एक आदमखोर जानवर है , जो लोगो को मारकर खा रहा है , रात में उस जानवर ने हमारे एक साथी पुलिस वाले पर हमला करके उसे अपने साथ ले गया , किसी भी हालत में हमें उस जानवर को पकड़ना है , जिंदा या मुर्दा ।
ध्यान रहे ये जंगल उसका घर है वो कहीं से भी किसी भी वक्त हमला कर सकता है, जरा सी लापरवाही से आपकी जान जा सकती है , तो सभी ध्यान से और चौकन्ने रहिएगा ।
सभी लोग जंगल में फैल गए , और तलाश शुरू हो गई ।
5 से 6 घंटे की तलाश के बाद जोसेफ गोम्स के पास खबर आई की पुलिस वालो को एक आधी खाई हुई लाश मिली है ।
वर्दी देखकर पता चलता है की ये वही पुलिसवाले की लाश है जिसपर रात में आदमखोर जानवर ने हमला किया था और अपने साथ ले गया था ।
जोसेफ गोम्स को खबर मिलते है वो थोड़ी देर में वहां पहुंच गए ।
जोसेफ गोम्स और पवन कुमार ने जब लाश को देखा तो हैरान थे , उस पुलिस वाले का आधा शरीर गायब था , और लाश को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे उसे बीच में से फाड़ दिया हो ।
पवन कुमार – जोसेफ सर मुझे नही लगता की वो आदमखोर जानवर हमें दिन में मिलेगा , क्योंकि सर अभी तक जितने भी हमले हुए हैं रात में हुए हैं , एक भी हमला दिन में नही हुआ ।
जोसेफ गोम्स – तुम सही बोल रहे हो , तुम्हारे हिसाब से हमे क्या करना चाहिए ।
पवन कुमार – सर मुझे लगता है हमे उस आदमखोर की तलाश दिन में ना करके रात में करनी चाहिए , और सर मुझे नही लगता वो आदमखोर इतनी आसानी से हमे मिलेगा , उसके लिए हमें एक्सपर्ट्स ( experts ) की मदद लेनी पड़ेगी , जो ऐसे आदमखोर जानवरो को पकड़ने में माहिर हो ।
जोसेफ गोम्स – तुम्हारी नजर में है कोई ऐसा जो इस काम में माहिर हो !
पवन कुमार – जी सर मैं एक ऐसे इंसान को जानता हूं जो इस काम में माहिर है ।
जोसेफ गोम्स – कौन है वो ?
पवन कुमार ने अपनी जेब से फोन निकाला और किसी को फोन करने लगे ।
पवन कुमार – हेलो.. सूर्यकांत , मैं पवन कुमार बोल रहा हूं , तुमसे काम है , तुम जितनी जल्दी हो सके मुझसे आकर मिलो ।
सूर्यकांत आजतक बोहोत से आदमखोर जानवरो को पकड़ चुका है या तो मार चुका है , वो इस काम में बोहोत माहिर है ।
अगले दिन सूर्यकांत , पवन कुमार से मिलने आया ।
सूर्यकांत – कहिए पवन कुमार जी , आपने इतने समय बाद कैसे याद किया ।
आपने याद किया है तो बात सीरियस होगी , बताइए क्या बात है ।
पवन कुमार – सूर्यकांत तुमने तो सुना ही होगा यहां जो हादसे हो रहें उनके बारे में ।
उस आदमखोर को पकड़ना बोहोत जरूरी हो गया है , और तुमसे बेहतर इस काम को कोई नहीं कर सकता ।
सूर्यकांत – ठीक है मैं अपने लोगो को आज ही बुला लेता हूं , और तैयारी शुरू कर देता हूं ।
दूसरी तरफ विक्रांत रोज की तरह कॉलेज आया और अपनी क्लास में जाकर बैठ गया ।
लेक्चर अटेंड करने के बाद विक्रांत कैंटीन में जाकर बैठ गया और खाने के लिए सैंडविच और साथ में कॉफी ( coffee ) लेकर एक टेबल पर आकर बैठ गया ।
वो जैसे ही सैंडविच खाने जा रहा था की उसके पास दो लड़कियां आकर बैठ गई ।
हेलो मेरा नाम तान्या है और ये मेरी दोस्त काजल है ।
विक्रांत – हेलो मेरा नाम विक्रांत है ।
तान्या – अकेले अकेले सैंडविच खा रहे हो हमें कुछ नही खिलाओगे !
विक्रांत – में तो आप लोगो को जानता भी नहीं , फिर कैसे !
तान्या – अरे उसमे क्या है , हममें इंट्रो हुआ , बात शुरू हुई , हो गई पहचान और क्या चाहिए ।
विक्रांत – ठीक है बोलो क्या लोगी ?
तान्या – हम दोनो के लिए एक एक सैंडविच और पेप्सी ।
विक्रांत –ठीक है , मैं लेकर आता हूं ।
विक्रांत कैंटीन वाले से – भैया दो सैंडविच और दो पेप्सी de दीजिए ।
तान्या – यार ये कितना डफर है , हमने कितनी आसानी से इसे उल्लू बना दिया ।
विक्रांत – ये लो तुम दोनो के लिए सैंडविच और पेप्सी ।
तान्या – विक्रांत तुम अपने बारे में कुछ बताओ ।
विक्रांत – मेरे बारे में बताने के लिए कुछ खास नहीं है , मैं यहां अकेला रहता हूं , छोटा सा घर है , और कुछ खास नहीं है बताने को ।
तान्या – मुझे तो लगा तुम किसी अमीर परिवार से हो , मगर तुम तो फटीचर निकले , चल काजल हमने फालतू में अपना टाइम वेस्ट किया ।
विक्रांत समझ नही पाया कि ये क्या था , पर उसे पता लग गया की ये दोनो भी बाकी स्टूडेंट्स की तरह ही थीं ।
वो कैंटीन से जाने हो वाला था की वहां सुप्रिया आ गई ।
सुप्रिया – अरे अचानक कहां चले ! अभी तो मैं आई हूं , और तुम जा रहे हो , क्या हुआ ! तुम्हारा मूड ठीक नही लग रहा बात क्या है ?
विक्रांत – अरे कुछ नही यार मैं यहां बैठकर सैंडविच खा रहा था की तभी दो लड़कियां आईं और यहां बैठ गई , मैने उनके लिए सैंडविच और पेप्सी मंगवाया पर जैसे ही उन्हें पता चला की मैं अमीर नही हूं तो फटीचर बोलकर चली गईं ।
सुप्रिया विक्रांत की खिंचाई करते हुए – तो क्या तुम्हे उनमें से कोई पसंद आ गई क्या ?
विक्रांत – अरे नही यार तुम भी क्या सोच रही हो , ऐसा कुछ नही है ।
सुप्रिया – तो फिर ऐसा फेस क्यों बना रखा है चिल्ल करो । चलो बाहर कहीं चलते हैं , आज कहीं घूमने का मन कर रहा है ।
विक्रांत – मैं नही जा सकता यार , मुझे पढ़ाई करना है , उसके बाद कुछ काम भी करने हैं तो मैं फिर कभी चलूंगा ।
सुप्रिया – अरे यार मूड खराब मत करो , तुम्हे चलना है मतलब चलना है बस ।
विक्रांत – अरे यार जिद मत करो , मुझे सचमे कुछ जरूरी काम है आज , नही तो तुम्हारे साथ जरूर चलता ।
सुप्रिया – ठीक है यार , पर अगली बार पक्का तुम्हे चलना ही पड़ेगा ।
विक्रांत – ठीक है अगली बार पक्का चलूंगा ।
फिर सुप्रिया वहां से चली गईं ।
दूसरी तरफ जोसेफ गोम्स के कहने पर पवन कुमार जी ने सूर्यकांत और उसके लोगो को मिलने के लिए बुलवाया ।
सूर्यकांत अपने लोगो को लेकर जोसेफ गोम्स और पवन कुमार जी से मिलने के लिए पहुंच गया ।
जोसेफ गोम्स – आओ सूर्यकांत , पवन कुमार जी ने तुम्हारे बारे में बताया था मुझे ।
सूर्यकांत – हेलो सर.. जैसे की पवन कुमार जी ने कहा था , मैं अपनी टीम के साथ तैयार हूं , ये सब अपने अपने काम में माहिर हैं ।
पवन कुमार – सूर्यकांत..ये स्केच है , जो हमने गांव वालो के बताए अनुसार बनवाया है , तुम ये देखकर बताओ तुम्ही ये कोनसा जानवर लगता है ।