episode 6 in Hindi Drama by Priya Chaudhary books and stories PDF | अनकहा जुनूँ - 6

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अनकहा जुनूँ - 6

(धड़कते हुए दिल की आवाज़ जो धीरे-धीरे एक भारी सन्नाटे में बदल जाती है। बियर के भारी सांस लेने की आवाज़)
नरेटर: बियर के कमरे का तापमान अचानक शून्य से नीचे गिर गया। उसने अपने शरीर पर अपनी उंगलियों को चलते हुए महसूस किया, लेकिन उन उंगलियों पर उसका कोई नियंत्रण नहीं था। वो निकी की उंगलियां थीं, जो अब बियर की त्वचा का इस्तेमाल करके अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही थीं। बियर की रूह अपने ही शरीर के अंदर एक कोने में सिमट गई थी, जैसे कोई कैदी अपनी कोठरी की खिड़की से बाहर की दुनिया को देख रहा हो। उसे सब दिख रहा था, सब समझ आ रहा था, पर वो बेबस था।
निकी (बियर के शरीर से, आवाज़ में एक साथ कई गूँज): "बियर... देखो, तुम्हारी आँखें कितनी सुंदर हैं। अब ये आँखें मेरी दुनिया देखेंगी। तुम्हारा ये शरीर... अब मेरी रूह का नया घर है।"
नरेटर: बियर ने अपने मन में चिल्लाने की कोशिश की, पर उसकी आवाज़ नहीं निकली। तभी, उसके दिमाग में एक विचार बिजली की तरह कौंधा—साधक की कही हुई बात। उसने कहा था, 'उसे उसी स्थान पर वापस भेज दो जहाँ से तुमने उसे निकाला था।' बियर को याद आया कि वह खिलौना कहाँ से मिला था। वह सिर्फ एक दुकान नहीं थी, वह एक 'लिम्बस' (Limbo) था—दो दुनियाओं के बीच का एक नर्क। अगर वह उस खिलौने को नष्ट कर दे, तो शायद वह उस ऊर्जा को वापस खींच सके जो निकी को यहाँ बाँधे हुए है।
लेकिन खिलौना तो मेज पर रखा था, और बियर का शरीर निकी के नियंत्रण में था। तभी, निकी ने बियर के हाथ से एक चाकू उठाया। वह बियर के सीने पर उसे टिकाते हुए हंसने लगी। उसे बियर की रूह को पूरी तरह से मिटाकर अपने कब्ज़े को पक्का करना था।
(साउंड: चाकू की धार की खनक और बियर के दिमाग में तेज़ गूँजता हुआ सस्पेंस म्यूज़िक)
बियर ने अपनी पूरी ताकत एक जगह जमा की। वह निकी की इस ऊर्जा के खिलाफ लड़ने लगा। उसने कल्पना की कि वो अपने शरीर के भीतर एक आग जला रहा है—एक ऐसी आग जो निकी के साये को जलाकर राख कर दे। उसने अपने हाथ को ज़ोर से हिलाया, और निकी के कब्ज़े से लड़ते हुए उस चाकू को अपने सीने से दूर कर दिया। निकी चौंक गई। उसके शरीर में एक कंपन हुआ।
निकी (गुस्से में): "तुम मुझे हरा नहीं सकते! मैंने अपनी मौत के बाद भी इस शरीर के लिए इंतज़ार किया है!"
नरेटर: बियर ने लड़खड़ाते हुए कदम बढ़ाए और मेज पर रखे उस जादुई खिलौने को अपने हाथ में उठा लिया। खिलौना अब पहले जैसा नहीं था; वह अब पत्थर की तरह ठंडा और भारी हो गया था। जैसे ही बियर ने उसे छुआ, उसके दिमाग में सैकड़ों चीखें गूँजने लगीं। वह उन सभी लोगों की चीखें थीं जो निकी के जुनून का शिकार बने थे। खिलौने की आँखों से अब काली रोशनी निकल रही थी।
बियर ने उसे ज़मीन पर पटकने की कोशिश की, लेकिन निकी ने बियर के दूसरे हाथ को हवा में जकड़ लिया। दोनों के बीच एक अदृश्य जंग छिड़ गई थी। एक तरफ निकी की हठधर्मी और उसका कभी न खत्म होने वाला जुनूँ था, और दूसरी तरफ बियर का अपनी पहचान बचाने का आखिरी संघर्ष।
(साउंड: कमरे के सामान के गिरने की आवाज़, बियर के शरीर का फर्श पर पटकने का शोर)
बियर फर्श पर गिर गया, लेकिन उसका हाथ खिलौने पर जमा रहा। उसने अपनी पूरी ताकत लगाकर उस खिलौने के सिर को दीवार पर दे मारा। एक बार... दो बार... तीसरी बार में, खिलौने के अंदर से एक कान फाड़ देने वाली चीख निकली। उस चीख ने पूरे कमरे के शीशों को चकनाचूर कर दिया। बियर को लगा जैसे उसके अपने अंदर से कोई भारी बोझ निकलकर बाहर गिर गया हो। उसका शरीर फिर से हल्का होने लगा था।
निकी (चीखते हुए): "नहीं! तुम ये नहीं कर सकते! हम साथ रहने वाले थे!"
नरेटर: बियर ने एक आखिरी बार खिलौने को अपने पैरों के नीचे कुचला। जैसे ही खिलौना पूरी तरह चूर-चूर हुआ, निकी का वो काली धुंआ, जो उसके शरीर से चिपका था, धीरे-धीरे कम होने लगा। कमरा अब पहले से अधिक शांत था। बियर ज़मीन पर लेटा हुआ हाफ रहा था। उसकी अपनी साँसें वापस लौट आई थीं। लेकिन, उस कमरे में अब भी एक अजीब सी उदासी थी। खिड़की के बाहर, वह साया जो पिछले कई दिनों से खड़ा था, अब वहां नहीं था।
बियर को लगा कि वो जीत गया है। उसने अपनी आँखें बंद कीं और गहरी सांस ली। पर तभी, उसे एक और आहट सुनाई दी। मेज पर पड़ा खिलौने का टूटा हुआ टुकड़ा—उसकी आँख—अभी भी बियर की तरफ देख रही थी। और उस आँख के अंदर, अभी भी वही नफरत और वही जुनूँ चमक रहा था।
नरेटर: बियर को लगा कि खेल खत्म हो गया है, पर उसने शायद गौर नहीं किया कि उसने केवल खिलौना तोड़ा है, उस 'श्राप' को नहीं। क्या निकी सच में चली गई, या वह अब बियर की रूह के उस हिस्से में छिप गई है जहाँ से वह कभी बाहर नहीं निकल सकती?
अगले एपिसोड की झलक (अंतिम एपिसोड):
"बियर का डर अब और भी गहरा हो गया है। क्या उसने वास्तव में उस शैतानी जुनून को खत्म कर दिया है, या अब वह खुद ही एक नया श्राप बन चुका है? 'अनकहा जुनूँ' का 7वां और अंतिम एपिसोड—जुनूँ का अंजाम।"
"सीरीज के अंतिम और रोमांचक एपिसोड को जानने के लिए, 'फॉलो' बटन पर क्लिक करना न भूलें! 🎧🌑🎭"