Nakaab aur Tanhaai - 11 in Hindi Thriller by Shaziya Khan books and stories PDF | नकाब और तन्हाई - 11

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नकाब और तन्हाई - 11

किस्त 11: आखिरी इम्तिहान (Season 1 Finale)


शिकागो की रात आज पहले से कहीं ज्यादा स्याह थी। बंदरगाह (Docks) की तरफ से उठते धुएं ने पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया था। जैक, जो अब एली के सामने पूरी तरह खुल चुका था, हवा की रफ्तार से मुकाबला कर रहा था। उसके कानों में अभी भी एली के वो आखिरी शब्द गूँज रहे थे— "इस नकाब के पीछे एक दिल है, जो मेरा है।"


इन शब्दों ने जैक को एक नई ताकत दी थी, लेकिन साथ ही एक डर भी। अब उसके पास खोने के लिए बहुत कुछ था।


बंदरगाह पर पहुँचते ही जैक ने देखा कि शहर के कुछ बड़े अपराधी एक खतरनाक हथियार की तस्करी कर रहे थे। जैक ने बिना वक्त गंवाए हमला कर दिया। जाले हवा में तैरने लगे, मुक्कों की आवाज सन्नाटे को चीरने लगी। लेकिन आज दुश्मन तैयार थे। उन्होंने जैक को चारों तरफ से घेर लिया।


लड़ाई के बीच जैक का ध्यान अचानक एक फोन कॉल पर गया जो उसके नकाब के अंदर लगे हेडसेट पर आया। यह एली थी। उसकी आवाज कांप रही थी।


"जैक! कोई घर के बाहर खड़ा है... वो... वो तुम्हारी तस्वीरें मांग रहे हैं। वो कह रहे हैं कि उन्हें पता है 'डेली न्यूज़' का फोटोग्राफर कहाँ छुपा है!"


जैक के पैरों तले जमीन निकल गई। विलेन ने जैक को नहीं, बल्कि उस 'फोटोग्राफर' को ढूंढ लिया था जिसने उसकी तस्वीरें खींची थीं। वे नहीं जानते थे कि जैक ही वो मसीहा है, लेकिन वे एली के जरिए जैक तक पहुँचना चाहते थे।


जैक ने अपनी पूरी ताकत बटोरी। उसने एक साथ चार जाले फेंके और क्रेन के एक भारी हिस्से को बदमाशों पर गिरा दिया। बिना यह देखे कि वे पकड़े गए या नहीं, वह पागलों की तरह एली के घर की तरफ भागा।


जब वह एली की खिड़की पर पहुँचा, तो देखा कि दरवाजा टूटा हुआ था। अंदर एली जमीन पर बैठी थी, उसकी स्केचबुक फटी हुई थी और कमरे में सामान बिखरा था। हमलावर जा चुके थे, पर वे एक संदेश छोड़ गए थे—दीवार पर लाल रंग से लिखा था:

"तस्वीरें लाओ, या उसे खो दो।"


एली ने जैक को देखा और दौड़कर उसके गले लग गई। नकाब के ऊपर से ही जैक ने उसके माथे को चूमा।


"मुझे माफ कर दो एली... मेरी वजह से तुम पर ये मुसीबत आई,"

जैक की आवाज भारी थी।


एली ने उसके नकाब पर हाथ रखा।

"नहीं जैक। ये तुम्हारी वजह से नहीं, उन अंधेरों की वजह से है जिनसे तुम लड़ते हो। अब हम पीछे नहीं हटेंगे।"


अगली सुबह, शिकागो के सूरज ने एक नया मंजर देखा। जैक ने 'डेली न्यूज़' के दफ्तर जाकर अपनी सारी खींची हुई तस्वीरें जला दीं। उसने नौकरी छोड़ दी। उसने समझ लिया था कि अपनी पहचान को 'बेचना' उसे और एली को खतरे में डाल रहा है।


वह लाइब्रेरी पहुँचा। एली वहां उसका इंतज़ार कर रही थी। जैक ने अपनी डायरी निकाली और इस सीजन की आखिरी पंक्तियाँ लिखीं:


"शहर सुरक्षित है, पर जंग अभी बाकी है,
नकाब सलामत है, पर दास्तां अभी बाकी है।
उसे पाकर मैंने खुद को ढूंढ लिया है,
ये तो बस शुरुआत है, पूरा आसमान अभी बाकी है।"


जैक और एली खिड़की के पास खड़े थे। धूप की एक सुनहरी किरण एली के चेहरे पर पड़ रही थी। जैक ने उसका हाथ थाम लिया। उसे पता था कि दुश्मन अभी भी उसे ढूंढ रहे हैं, उसे पता था कि रात को उसे फिर नकाब पहनना होगा। पर अब वह अकेला नहीं था।
शिकागो की इमारतों के बीच एक साया फिर से उछला और बादलों में ओझल हो गया।

[सीजन 1 समाप्त]