Sirf Tumhara
Part 10
अंश के हाथ काँप रहे थे। लॉकर में मिला थ्रेट नोट अभी भी उसकी आँखों के सामने घूम रहा था। रुद्र ने नोट पढ़ा और उसकी आँखें आग की तरह जल उठीं। उसने अंश को सीने से लगा लिया, एक हाथ से उसकी पीठ सहलाते हुए।
"कोई कुछ नहीं कर सकता। मैं तुम्हारी हर सांस की हिफाजत करूँगा," रुद्र की आवाज़ में गुस्सा था लेकिन अंश के लिए प्यार भी। उसने अंश के माथे पर किस किया, फिर गालों पर, और आखिर में होंठों पर। किस इतना गहरा था कि अंश की सारी चिंता पल भर के लिए भूल गई।
"रुद्र... सब ठीक तो हो जाएगा ना?" अंश ने रुद्र की छाती पर सिर रखते हुए पूछा।
"हो जाएगा। क्योंकि हम साथ हैं," रुद्र ने दृढ़ता से कहा।
कॉलेज के लॉन में पूरा ग्रुप जमा था। कबीर ने नोट देखा और बोला, "ये सिंहानिया वाले बहुत नीचे गिर गए हैं।"
विहान ने गुस्से में कहा, "अब तो इनकी असली औकात दिखानी पड़ेगी।"
कबीर ने विहान की तरफ़ देखा, "तुम आजकल बहुत प्रोटेक्टिव हो गए हो अंश के लिए।"
"वो मेरा कज़िन है," विहान ने जवाब दिया, लेकिन उसकी नज़र कबीर पर रुकी रही। दोनों के बीच की टेंशन अब कुछ और बनती जा रही थी।
अयान और रेयांश शांत बैठे थे। रेयांश ने अयान का हाथ थामा, "हम लोग भी मदद करेंगे।"
देव और अरमान भी आ चुके थे। देव ने नोट देखा और बोला, "मैंने कुछ कनेक्शन से बात की है। सिंहानिया वाले कल एक पार्टी में होंगे। वहाँ हम उन्हें काउंटर कर सकते हैं।"
अरमान ने देव के कंधे पर हाथ रखा। "लेकिन सावधानी से।"
देव ने अरमान को देखा और मुस्कुराया। उनकी केमिस्ट्री अब ग्रुप का हिस्सा बन चुकी थी — खतरनाक लेकिन मजबूत।
शाम को रुद्र ने अंश को अपने फार्महाउस ले जाया। दोनों पूल के किनारे बैठे थे। रुद्र ने अंश को अपनी गोद में बिठाया। सूरज की आखिरी किरणें पानी पर पड़ रही थीं।
"तुम डर गए थे ना आज?" रुद्र ने अंश के बालों में उँगलियाँ फिराते हुए पूछा।
अंश ने हाँ में सिर हिलाया। "तुम्हें कुछ हो जाएगा तो मैं..."
"कुछ नहीं होगा," रुद्र ने उसे चुप कराते हुए कहा और फिर से किस किया। इस बार किस धीमा और भावुक था। अंश ने रुद्र की गर्दन में हाथ डाल दिए। दोनों देर तक एक-दूसरे में खोए रहे। रुद्र की उँगलियाँ अंश की कमर पर थीं।
"तुम मेरी सबसे बड़ी कमज़ोरी और सबसे बड़ी ताकत हो," रुद्र ने फुसफुसाया।
अंश की आँखें नम हो गईं। "और तुम मेरे सब कुछ।"
रात को दोनों बेडरूम में थे। रुद्र ने अंश को बाहों में ले रखा था। "कल पार्टी में जाना है। लेकिन तुम पास रहना।"
"हाँ," अंश ने कहा और रुद्र की छाती पर सिर रख दिया।
दूसरे दिन ग्रुप तैयार हुआ। पार्टी एक बड़े हॉल में थी। सिंहानिया वाले वहाँ थे। रुद्र ने अंश का हाथ थामा हुआ था। देव और अरमान भी साथ थे।
पार्टी में टेंशन था। सिंहानिया के हेड ने रुद्र को देखकर ताना मारा, "कमज़ोरी साथ लेकर आए हो?"
रुद्र ने शांत लेकिन तेज़ जवाब दिया। देव ने बीच में दखल दिया और कुछ फैक्ट्स रखे जो सिंहानिया को बैकफुट पर ले गए।
अरमान ने देव को साइड में खींचा, "सावधानी से।"
देव ने अरमान का हाथ पकड़ा, "तुम हो तो चिंता नहीं।"
कबीर और विहान भी एक कोने में थे। विहान ने कहा, "ये सब बहुत खतरनाक है।"
कबीर ने विहान का हाथ थामा, "हम साथ हैं।"
अयान और रेयांश सबको शांत रख रहे थे।
पार्टी के बाद रुद्र ने अंश को गले लगाया। "आज हमने अच्छा मुकाबला किया।"
लेकिन घर पहुँचकर एक और झटका लगा। रुद्र के पिता का फोन आया — "एक बड़ा लीगल नोटिस आ गया है।"
रुद्र ने साँस ली। "हम लड़ेंगे।"
अंश ने उसे हग किया। "साथ में।"
ग्रुप चैट पर सब एक-दूसरे को सपोर्ट कर रहे थे।
रुद्र ने अंश को चूमते हुए कहा, "सिर्फ तुम्हारा हूँ।"
To Be Continued...
Thankyou 🥰