प्रियांशी मधु नगर में अपनी दादी कमला के साथ रहती थी। उसके परिवार में कमला के अलावा कोई नहीं था। कमला लकड़ी के खिलौने बना कर बेचती थी जिससे उन दोनों का खर्च चल रहा था।
प्रियांशी अपनी दादी की सारी बातें मानती थी और उसकी सिखाई अच्छी बातों को अपने दोस्तों के साथ भी साझा करती थी। उसे जीव जंतुओं से बहुत लगाव था।
एक दिन प्रियांशी स्कूल से घर आ रही थी उसे रास्ते में एक कुत्ते का छोटा सा पिल्ला मिला उस पिल्ले पर किसी ने गाड़ी चढ़ा दी थी वह बुरी तरह घायल था।
प्रियांशी ने उसे गोद में उठाया और नजदीक के अस्पताल में ले गई अस्पताल में इलाज के बाद वह उसे अपने साथ घर ले गई।
दादी, देखो तो मुझे क्या मिला ।
दादी:- क्या है बेटा प्रियांशी ?
दादी ये पिल्ला सड़क पर घायल पड़ा था में इसे घर ले आई।
दादी:- अच्छा किया, हम इसकी अच्छी तरह देखभाल करेंगे तो यह जल्द ही ठीक हो जायेगा।
प्रियांशी:- हा दादी मां मैं इसका बहुत ध्यान रखूंगी।
प्रियांशी ने उस बच्चे की बहुत देखभाल की ठीक होने के बाद वो पिल्ला उसके साथ खेलने कूदने लगा।
प्रियांशी ऐसे ही जीव जंतुओं और बूढ़े लोगों की मदद करती थी।
धीरे - धीरे प्रियांशी बड़ी हो गई अब वह कॉलेज जाने लगी थी। वह पढ़ने में भी बहुत अच्छी थी। उसके सारे अध्यापक उसकी बहुत तारीफ करते थे वह हमेशा कक्षा में प्रथम आती थी।
अनुशासन और पढ़ाई दोनों में ही प्रियांशी की कोई बराबरी नहीं थी।
प्रियांशी की कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी हो गई। अब वह अपने लिए जॉब ढूंढने लगी। क्योंकि दादी की उम्र ज़्यादा होने के कारण अब वो काम नहीं कर पाती थी।
प्रियांशी को एक दिन एक कंपनी से इंटरव्यू के लिए कॉल आया। वह तैयार होकर इंटरव्यू के लिए एक घंटे पहले ही कंपनी के बाहर पहुंच गई।
अभी उसके पास एक घंटे का समय था वह एक दुकान के बाहर बैठ गई। आधे घंटे बाद उसने देखा कि एक बूढ़ा आदमी सड़क पार करने की कोशिश कर रहा था पर ज्यादा ट्रैफिक होने के कारण वह पार नहीं कर पा रहा था।
प्रियांशी उसके पास गई और हाथ पकड़ कर सड़क के दूसरी पार ले आई। बूढ़े आदमी ने कहा
बेटी तुम्हारा बहुत बहुत शुक्रिया तुम्हारा नाम क्या है?
प्रियांशी।
तुम क्या काम करती हो बेटा?
कुछ नहीं बाबा जॉब ढूंढ़ रही हु आज इंटरव्यू है बस उसी के लिए आई हु।
अच्छा बेटा तुम बहुत नेक बच्ची हो तुम्हे जरूर सफलता मिलेगी। बूढ़ा आदमी चला गया।
प्रियांशी ने टाइम देखा और कंपनी के अंदर चली गई। ट्रैफिक ज्यादा होने की वजह से वो उस आदमी की मदद करने के कारण लेट हो गई थी ।
बाहर बैठे हुए एक आदमी ने कहा तुम लेट हो तुम्हारा इंटरव्यू अब नहीं होगा।
प्रियांशी जाने लगी तभी अंदर बैठे आदमी ने बाहर बैठे हुए आदमी से लड़की को अंदर भेजने को कहा।
वह अंदर गई बॉस बोला मैडम आप कल से ज्वाइन कर सकती है प्रियांशी ने पूछा पर मैने तो अभी इंटरव्यू दिया ही नहीं फिर में सेलेक्ट कैसे?
आपका इंटरव्यू हो चुका है अभी आपको बाहर जो बुजुर्ग मिले थे वो इस कंपनी के मालिक मेरे दादाजी थे। ये उनका इंटरव्यू लेने का तरीका था।
आज अपनी दादी की अच्छी सीख के कारण प्रियांशी को जॉब मिल गई वह बहुत खुश थी।