Mr. & Ms. Fake
एपिसोड 67 — उस रात का आखिरी वादा
“अगर तुम मुझसे सच में प्यार करती हो, तो मेरी यादों को हमेशा के लिए मिटा दो।”
आर्यवीर के मुंह से निकले ये शब्द Original Archive में गूंजते रहे।
सांवि उसे देखती रह गई।
उसकी आंखों में सवाल थे। दिल में डर था। और सबसे बड़ी बात, उसे यह समझ नहीं आ रहा था कि जिस इंसान ने हर मुश्किल वक्त में उसका हाथ थामने का वादा किया था, वही इंसान उससे अपनी यादें मिटाने की मांग क्यों कर रहा था।
“आर्यवीर…” सांवि ने धीरे से उसका हाथ पकड़ना चाहा।
लेकिन आर्यवीर ने अचानक अपना हाथ पीछे खींच लिया।
“मेरे पास मत आना!”
उसकी आवाज सुनकर सांवि ठिठक गई।
आर्यवीर खुद भी अपने व्यवहार से हैरान था। उसके चेहरे पर दर्द साफ दिखाई दे रहा था, जैसे वह किसी ऐसी चीज से लड़ रहा हो, जिसे बाकी लोग देख नहीं पा रहे थे।
डॉक्टर आर्यन तुरंत उसके पास पहुंचे।
“आर्यवीर, मेरी तरफ देखो। तुम Original Archive में हो। तुम्हारे सामने सांवि खड़ी है। तुम अभी सुरक्षित हो।”
आर्यवीर ने अपना सिर पकड़ लिया।
“नहीं… मैं सुरक्षित नहीं हूं। वह मेरे अंदर है!”
“कौन?” राघव ने पूछा।
आर्यवीर ने कांपती आवाज में कहा, “Founder।”
उसी पल स्क्रीन पर लाल रंग की एक लहर दौड़ गई।
MEMORY FRAGMENT DETECTED.
SUBJECT ZERO'S EMOTIONAL RESISTANCE: 31%.
COUNTER-CODE ACTIVATION: UNSTABLE.
डॉक्टर आर्यन की नजर स्क्रीन पर टिक गई।
“यह अच्छा नहीं है। Founder उसकी यादें वापस लाने के साथ-साथ उसके दिमाग में अपना नियंत्रण भी मजबूत कर रहा है।”
“तो इसे रोकिए!” सांवि लगभग चिल्ला उठी।
“मैं कोशिश कर रहा हूं।”
डॉक्टर आर्यन तेजी से कंट्रोल पैनल पर काम करने लगे। लेकिन स्क्रीन पर हर कमांड के सामने एक ही संदेश आ रहा था—
ACCESS DENIED.
आर्यन जूनियर ने आगे बढ़कर कहा, “मेरे पास Subject Two की पुरानी एक्सेस की है। शायद इससे कुछ मदद मिल जाए।”
उसने पैनल पर अपना हाथ रखा।
कुछ सेकंड तक स्क्रीन खाली रही।
फिर अचानक एक नया संदेश उभरा।
SUBJECT TWO RECOGNIZED.
WELCOME BACK, ARYAN JUNIOR.
आर्यन जूनियर ने राहत की सांस ली।
लेकिन अगले ही पल स्क्रीन पर उसके बचपन की तस्वीर दिखाई देने लगी।
उसके बाद दूसरी तस्वीर।
फिर तीसरी।
हर तस्वीर में वह किसी सफेद कमरे में अकेला बैठा था। उसके सामने एक स्क्रीन लगी थी और स्क्रीन पर एक ही वाक्य दिखाई दे रहा था—
YOUR BROTHER WILL ABANDON YOU.
आर्यन जूनियर का चेहरा बदल गया।
“ये तस्वीरें…”
डॉक्टर आर्यन ने उसकी तरफ देखा।
“Founder तुम्हारी पुरानी यादों को भी सक्रिय कर रहा है। पैनल से हाथ हटाओ!”
लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
आर्यन जूनियर की आंखों में लाल रोशनी चमकने लगी।
उसने अचानक आर्यवीर की तरफ देखा।
“तुमने मुझे छोड़ दिया था।”
आर्यवीर ने मुश्किल से सिर उठाया।
“क्या?”
“तुमने मुझे अकेला छोड़ दिया था!” आर्यन जूनियर की आवाज तेज हो गई। “तुम्हें याद है? तुमने वादा किया था कि तुम मुझे कभी अकेला नहीं छोड़ोगे!”
आर्यवीर उसे हैरानी से देखता रहा।
“मुझे माफ कर दो। मुझे तुम्हारी सारी यादें याद नहीं हैं।”
“यही तो तुम्हारी सबसे बड़ी समस्या है!” आर्यन जूनियर ने कहा। “तुम्हें कुछ याद नहीं रहता। तुम भूल जाते हो कि किसने तुमसे प्यार किया, किसने तुम्हारे लिए खुद को खतरे में डाला!”
सांवि आगे बढ़ी।
“आर्यन, उसकी बात मत सुनो। Founder तुम्हारी यादों का इस्तेमाल कर रहा है।”
आर्यन जूनियर ने उसकी तरफ देखा।
“और तुम्हें कैसे पता कि तुम्हारी यादें सच हैं?”
सांवि चुप हो गई।
उस सवाल ने उसके दिल पर चोट की थी।
क्योंकि कुछ मिनट पहले तक वह खुद भी यही सवाल अपने आप से पूछ रही थी।
डॉक्टर आर्यन ने जोर से कहा, “सब लोग सिस्टम से दूर हट जाओ! यह हम सभी की भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को एक साथ सक्रिय कर रहा है।”
राघव ने सांवि का हाथ पकड़कर उसे पीछे खींच लिया।
लेकिन सांवि की नजर आर्यवीर पर ही थी।
वह उसे दर्द से तड़पते हुए नहीं देख सकती थी।
“मुझे उसकी मदद करनी होगी।”
“सांवि, अभी उसके पास जाना खतरनाक हो सकता है,” राघव ने कहा।
“और अगर मैं दूर रही, तो हो सकता है कि वह अपनी सारी यादें खो दे!”
उसने राघव का हाथ छुड़ाया और आर्यवीर के सामने जाकर खड़ी हो गई।
“आर्यवीर, मेरी तरफ देखो।”
आर्यवीर ने आंखें बंद कर रखी थीं।
“आर्यवीर, सुन रहे हो? मैं सांवि हूं।”
उसकी उंगलियां कांप रही थीं।
“तुम्हें याद है, जब हमने पहली बार सबके सामने खुद को एक-दूसरे का बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड बताया था? तुमने मुझसे कहा था कि मुझे तुम्हारे साथ सिर्फ अभिनय करना है। और मैंने तुमसे कहा था कि तुम दुनिया के सबसे खराब एक्टर हो।”
आर्यवीर के चेहरे पर दर्द के बीच हल्की-सी प्रतिक्रिया आई।
सांवि ने आगे कहा, “तुम हर बार मुझे चिढ़ाते थे। मुझे गुस्सा दिलाते थे। और जब मैं तुमसे नाराज होती थी, तब तुम ऐसे मासूम बन जाते थे जैसे दुनिया में तुमसे अच्छा इंसान कोई है ही नहीं।”
कबीर, जो अब तक चुपचाप खड़ा था, धीरे से बोला, “इस मामले में भाभी बिल्कुल सही कह रही हैं। भाई की एक्टिंग तो सच में खराब है।”
चिंटू ने उसकी बांह खींची।
“भाई, अभी कॉमेडी करने का समय नहीं है।”
“मैं माहौल हल्का कर रहा हूं।”
“तेरी वजह से माहौल और भारी हो जाएगा!”
लेकिन सांवि के चेहरे पर मुस्कान नहीं आई।
उसने आर्यवीर के दोनों हाथ अपने हाथों में ले लिए।
“तुमने मुझसे कहा था कि हम चाहे नकली रिश्ते से शुरू हुए हों, लेकिन अपने फैसले खुद करेंगे। तुमने कहा था कि अगर एक दिन सब कुछ बदल भी गया, तो तुम मुझे सच बताओगे। फिर उस रात तुमने मुझसे अपनी यादें मिटाने के लिए क्यों कहा?”
आर्यवीर ने अचानक आंखें खोल दीं।
उसकी नजर सीधे सांवि पर पड़ी।
“क्योंकि…”
वह आगे कुछ बोल नहीं पाया।
स्क्रीन पर एक और संदेश उभरा।
MEMORY FRAGMENT 02: UNLOCKED.
और Original Archive की रोशनी बुझ गई।
---
अठारह दिन पहले। रात 11:47 बजे। मुंबई।
बारिश हो रही थी।
आर्यवीर अपने ऑफिस की सबसे ऊपरी मंजिल पर अकेला खड़ा था। शहर की रोशनी कांच की दीवारों से छनकर कमरे में आ रही थी।
उसके सामने लैपटॉप खुला था।
स्क्रीन पर S-21 की एक छिपी हुई फाइल दिखाई दे रही थी।
SUBJECT ZERO — COUNTER-CODE REPORT.
आर्यवीर ने फाइल खोलने की कोशिश की, लेकिन पासवर्ड गलत बता दिया गया।
उसने दूसरा पासवर्ड डाला।
फिर तीसरा।
आखिरकार स्क्रीन खुल गई।
पहले पन्ने पर अनामिका का नाम था।
COUNTER-CODE DESIGNED BY: ANAMIKA.
आर्यवीर की सांस थम गई।
उसने आगे पढ़ना शुरू किया।
अनामिका ने उसके दिमाग में एक सुरक्षा कोड डाला था, जिसका मकसद Founder को उसके विचारों पर पूरी तरह नियंत्रण करने से रोकना था। लेकिन उस कोड की एक कमजोरी भी थी।
अगर Founder को Subject Zero की किसी गहरी भावनात्मक स्मृति तक पहुंच मिल जाती, तो वह उस भावना को उसके खिलाफ इस्तेमाल कर सकता था।
और आर्यवीर की सबसे गहरी भावनात्मक स्मृति…
वह सांवि थी।
स्क्रीन पर चेतावनी चमकी।
COUNTER-CODE COMPROMISED.
EMOTIONAL ANCHOR IDENTIFIED: SAANVI.
आर्यवीर कुर्सी से उठ खड़ा हुआ।
“नहीं…”
उसने तुरंत अनामिका के पुराने नंबर पर कॉल किया।
फोन बंद था।
उसने एक के बाद एक कई संदेश भेजे।
कोई जवाब नहीं आया।
तभी लैपटॉप पर एक नया वीडियो अपने आप चलने लगा।
स्क्रीन पर सांवि दिखाई दे रही थी।
वह किसी अंधेरे कमरे में बंधी हुई थी। उसके चेहरे पर चोट का निशान था।
आर्यवीर का दिल जैसे रुक गया।
“सांवि!”
वीडियो में सांवि ने कैमरे की तरफ देखा।
“आर्यवीर, अगर तुम यह देख रहे हो, तो इसका मतलब है कि तुम्हें सब पता चल गया है।”
उसकी आवाज कांप रही थी।
“तुम्हें मेरे पास नहीं आना है। चाहे कुछ भी हो जाए, तुम मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना।”
वीडियो कुछ सेकंड के लिए रुक गया।
फिर स्क्रीन पर दूसरी आवाज सुनाई दी।
वह आवाज सांवि की थी, लेकिन उसके शब्द उसके अपने नहीं लग रहे थे।
“Subject Zero, अगर तुम Original Source को बचाना चाहते हो, तो अपनी Counter-Code सुरक्षा बंद कर दो।”
आर्यवीर की मुट्ठियां भींच गईं।
“Founder!”
स्क्रीन पर Founder का प्रतीक उभर आया।
YOU HAVE 30 MINUTES.
DISABLE THE COUNTER-CODE OR THE ORIGINAL SOURCE WILL BE ERASED.
आर्यवीर ने तुरंत सिस्टम में घुसने की कोशिश की।
लेकिन हर रास्ता बंद था।
वह समझ गया कि Founder उसे एक ऐसी स्थिति में धकेल रहा था, जहां उसे अपनी सुरक्षा और सांवि की जिंदगी में से किसी एक को चुनना पड़ेगा।
तभी कमरे का दरवाजा खुला।
सांवि अंदर आई।
वह बिल्कुल ठीक थी।
न कोई चोट, न कोई बंधन।
उसने आर्यवीर को लैपटॉप के सामने खड़ा देखा तो पूछा, “तुम यहां अंधेरे में क्या कर रहे हो?”
आर्यवीर कुछ पल उसे देखता रहा।
उसकी आंखों में राहत थी, लेकिन उसके साथ ऐसा डर भी था जिसे वह छिपा नहीं पा रहा था।
“तुम यहां कैसे आई?”
सांवि ने भौंहें चढ़ाईं।
“दरवाजे से। और कहां से आती?”
“तुम्हें किसी ने बुलाया?”
“नहीं। मैं तुम्हें फोन कर रही थी, लेकिन तुमने उठाया नहीं। इसलिए खुद आ गई।”
वह उसके पास आई।
“क्या हुआ है? तुम इतने परेशान क्यों हो?”
आर्यवीर ने लैपटॉप बंद कर दिया।
“कुछ नहीं।”
सांवि ने उसे घूरा।
“तुम्हारा यह ‘कुछ नहीं’ वाला चेहरा देखकर मुझे हमेशा लगता है कि तुमने कोई बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है।”
आर्यवीर चाहकर भी मुस्कुरा नहीं पाया।
सांवि की मुस्कान भी धीरे-धीरे गायब हो गई।
“आर्यवीर, मुझे सच बताओ।”
वह कुछ देर तक उसे देखता रहा।
फिर उसने पूछा, “अगर कभी तुम्हें पता चले कि मेरी वजह से तुम्हारी जिंदगी खतरे में है, तो तुम क्या करोगी?”
सांवि ने बिना सोचे जवाब दिया, “तुम्हें डांटूंगी।”
आर्यवीर ने हैरानी से उसे देखा।
“क्या?”
“पहले डांटूंगी कि तुमने मुझे बताया क्यों नहीं। फिर तुम्हारे साथ मिलकर उस मुसीबत का सामना करूंगी। मैं कोई ऐसी लड़की नहीं हूं, जिसे तुम हर बार बचाने के लिए खुद को खतरे में डाल दो।”
उसने आर्यवीर का हाथ पकड़ लिया।
“हमने तय किया था कि अब हम एक-दूसरे से कुछ नहीं छिपाएंगे। याद है?”
आर्यवीर की आंखें भर आईं।
यही तो समस्या थी।
वह सांवि को सब कुछ बताना चाहता था।
लेकिन उसे डर था कि Founder उसके सामने सांवि का इस्तेमाल करके उसके दिमाग में मौजूद Counter-Code को तोड़ देगा।
अगर ऐसा हुआ, तो वह खुद अपने फैसलों पर नियंत्रण खो सकता था।
और जिस दिन उसने सांवि को नुकसान पहुंचाया, उस दिन शायद वह खुद को कभी माफ नहीं कर पाएगा।
“सांवि, अगर मैं तुमसे कोई ऐसी बात कहूं, जिससे तुम्हारा दिल टूट जाए, तो क्या तुम मेरी बात मानोगी?”
सांवि ने उसका चेहरा अपने हाथों में ले लिया।
“पहले तुम मुझे बताओगे कि बात क्या है।”
आर्यवीर ने आंखें बंद कर लीं।
वह उसे सच बताने ही वाला था कि लैपटॉप फिर से अपने आप चालू हो गया।
स्क्रीन पर सांवि की तस्वीर दिखाई दी।
उसके नीचे लिखा था—
EMOTIONAL ANCHOR DETECTED.
COUNTER-CODE BREACH IN 10 SECONDS.
आर्यवीर ने झटके से सांवि को अपने से दूर कर दिया।
“यहां से चली जाओ!”
सांवि हैरान रह गई।
“आर्यवीर?”
“मैंने कहा, यहां से चली जाओ!”
“लेकिन हुआ क्या है?”
“मैं तुम्हें दोबारा नहीं कहूंगा!”
उसकी आवाज इतनी कठोर थी कि सांवि की आंखों में आंसू आ गए।
“ठीक है,” उसने कांपती आवाज में कहा। “अगर तुम मुझसे बात नहीं करना चाहते, तो मैं चली जाती हूं।”
वह दरवाजे की तरफ बढ़ी।
लेकिन बाहर निकलने से पहले उसने पलटकर कहा, “याद रखना, आर्यवीर। मैं तुम्हारे साथ हर मुसीबत में खड़ी रह सकती हूं, लेकिन तुम मुझे अपने फैसलों से बाहर रखोगे, तो एक दिन हमारे बीच सिर्फ खामोशी रह जाएगी।”
दरवाजा बंद हो गया।
आर्यवीर वहीं खड़ा रह गया।
स्क्रीन पर उलटी गिनती खत्म हो चुकी थी।
COUNTER-CODE BREACH: 100%.
उसके बाद लैपटॉप पर एक नई फाइल खुली।
FINAL SOLUTION AVAILABLE.
आर्यवीर ने कांपते हाथों से फाइल खोली।
उसमें लिखा था—
IF SUBJECT ZERO'S MEMORY IS ERASED, THE FOUNDER WILL LOSE ACCESS TO THE EMOTIONAL ANCHOR.
WARNING: MEMORY ERASURE MAY PERMANENTLY DAMAGE SUBJECT ZERO'S IDENTITY.
आर्यवीर कुर्सी पर बैठ गया।
उसे समझ आ गया कि Founder क्या चाहता था।
वह चाहता था कि आर्यवीर अपनी यादें मिटा दे, ताकि वह अपनी पहचान और भावनाओं से कट जाए।
लेकिन अगर उसने ऐसा नहीं किया, तो Founder सांवि को उसके खिलाफ इस्तेमाल कर सकता था।
आर्यवीर ने आंखें बंद कर लीं।
“मुझे माफ कर देना, सांवि।”
उसने फोन उठाया और उसे कॉल किया।
सांवि ने पहली बार कॉल नहीं उठाई।
दूसरी बार भी नहीं।
तीसरी बार फोन उठा।
“अब क्या है?” सांवि ने नाराजगी से पूछा।
आर्यवीर ने मुश्किल से कहा, “मुझे तुमसे मिलना है।”
“मुझे अभी तुमसे बात नहीं करनी।”
“प्लीज, सांवि। सिर्फ एक बार।”
फोन के दूसरी तरफ कुछ पल खामोशी रही।
फिर सांवि ने धीमे स्वर में कहा, “कहां?”
“पुराने S-21 रिसर्च सेंटर में।”
“रात के बारह बजे? तुम्हारा दिमाग खराब है?”
आर्यवीर की आंखों में आंसू आ गए।
“शायद।”
सांवि कुछ पल चुप रही।
“मैं आ रही हूं। लेकिन अगर तुमने फिर झूठ बोला, तो मैं तुम्हें कभी माफ नहीं करूंगी।”
कॉल कट गई।
आर्यवीर ने लैपटॉप की स्क्रीन बंद कर दी।
उसे नहीं पता था कि वह उस रात से अपनी पहचान बचाकर लौटेगा या नहीं।
लेकिन वह एक बात जानता था।
अगर Founder उसके दिमाग पर पूरी तरह कब्जा कर लेता, तो वह सांवि से उसका वादा भी छीन सकता था।
और वह ऐसा नहीं होने दे सकता था।
---
रात 12:16 बजे। पुराना S-21 रिसर्च सेंटर।
सांवि वहां पहुंची तो पूरा परिसर खाली था।
पुरानी इमारत की दीवारों पर जंग के निशान थे। मुख्य दरवाजे के पास लगी लाइट बार-बार जल-बुझ रही थी।
आर्यवीर अंदर खड़ा उसका इंतजार कर रहा था।
सांवि उसके सामने आकर रुक गई।
“अब बताओ। क्या बात है?”
आर्यवीर ने उसकी तरफ देखा।
“अगर मैं तुम्हें कोई ऐसी चीज दूं, जिसे तुम कभी भूलना नहीं चाहती, तो क्या तुम उसे संभालकर रखोगी?”
सांवि ने परेशान होकर कहा, “तुम पहेलियां क्यों बुझा रहे हो?”
“क्योंकि मैं सीधे बोलूंगा, तो शायद तुम मेरी बात कभी नहीं मानोगी।”
“तुम्हें कैसे पता कि मैं क्या मानूंगी?”
आर्यवीर ने अपनी जेब से एक छोटा-सा काला उपकरण निकाला।
उस पर S-21 का निशान बना था।
सांवि उसे देखते ही सतर्क हो गई।
“यह क्या है?”
“मेमोरी-इरेजर।”
सांवि का चेहरा सफेद पड़ गया।
“तुम पागल हो गए हो?”
“शायद।”
“आर्यवीर, इसे दूर रखो!”
लेकिन वह अपनी जगह से नहीं हिला।
“सांवि, मेरी बात सुनो। अगर कभी तुम्हें ऐसा लगे कि मैं बदल गया हूं, कि मैं तुम्हें पहचान नहीं पा रहा हूं, या कि मैं तुम्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा हूं… तो तुम्हें मेरी यादें मिटा देनी होंगी।”
सांवि ने अविश्वास से उसे देखा।
“तुम मुझसे अपने हाथों से खुद को मिटाने के लिए कह रहे हो?”
“हां।”
“क्यों?”
आर्यवीर ने उसकी आंखों में देखा।
“क्योंकि शायद एक दिन मैं वह इंसान नहीं रहूंगा, जिससे तुम प्यार करती हो।”
सांवि की आंखों से आंसू बह निकले।
“तुम्हें लगता है कि प्यार सिर्फ अच्छी यादों का नाम है? अगर तुम बदल गए, तो मैं तुम्हें छोड़ दूंगी? अगर तुम किसी मुसीबत में फंस गए, तो मैं तुम्हारा साथ नहीं दूंगी?”
“यह बात नहीं है।”
“तो फिर क्या बात है?”
आर्यवीर ने जवाब देने के लिए मुंह खोला।
लेकिन उसी पल इमारत की सभी स्क्रीन चालू हो गईं।
Founder का प्रतीक हर तरफ दिखाई देने लगा।
SUBJECT ZERO.
YOU HAVE REACHED THE FINAL DECISION POINT.
सांवि ने चारों तरफ देखा।
“यह क्या है?”
आर्यवीर ने उसे अपने पीछे कर लिया।
“यहां से बाहर निकलो!”
“नहीं! इस बार तुम मुझे कुछ बताए बिना कहीं नहीं भेजोगे!”
Founder की आवाज गूंजी।
ORIGINAL SOURCE DETECTED.
EMOTIONAL ANCHOR CONFIRMED.
COUNTER-CODE TERMINATION INITIATED.
आर्यवीर दर्द से घुटनों के बल गिर पड़ा।
उसने अपना सिर पकड़ लिया।
सांवि उसके पास बैठ गई।
“आर्यवीर! मेरी तरफ देखो!”
उसने उसकी बांह पकड़ ली।
आर्यवीर ने मुश्किल से आंखें खोलीं।
कुछ पल के लिए उसकी नजर में पहचान लौट आई।
“सांवि… अगर मैं तुम्हें भूल जाऊं, तो मुझसे नफरत मत करना।”
सांवि रो पड़ी।
“मैं तुम्हें भूलने नहीं दूंगी!”
आर्यवीर ने अपना हाथ उसके हाथ पर रखा।
“अगर तुम्हारे पास मुझे बचाने का कोई रास्ता न बचे… तो मुझे रोक देना।”
“चुप रहो!”
“वादा करो।”
“मैं ऐसा कोई वादा नहीं करूंगी!”
आर्यवीर ने अपनी जेब से एक छोटी-सी चाबी निकाली और सांवि की हथेली में रख दी।
“यह Original Archive का छिपा हुआ एक्सेस है। अगर तुम्हें कभी मेरी यादों तक पहुंचना पड़े, तो इसका इस्तेमाल करना।”
सांवि ने चाबी को देखा।
“तुम यह सब पहले से जानते थे?”
आर्यवीर ने जवाब नहीं दिया।
उसकी आंखों में फिर लाल रोशनी चमकने लगी।
उसने सांवि का हाथ छोड़ दिया और पीछे हट गया।
“अब जाओ!”
“नहीं!”
“सांवि, प्लीज!”
उसकी आवाज में ऐसी बेबसी थी कि सांवि कुछ पल के लिए रुक गई।
आर्यवीर ने कांपते हाथों से मेमोरी-इरेजर उसकी तरफ बढ़ाया।
“अगर तुम मुझसे सच में प्यार करती हो, तो मेरी यादों को हमेशा के लिए मिटा दो।”
सांवि की उंगलियां उपकरण के ऊपर ठहर गईं।
उसके सामने आर्यवीर था—वह इंसान, जिसके साथ उसने झगड़े किए थे, हंसी थी, अपने डर बांटे थे और धीरे-धीरे प्यार करना सीखा था।
वह उसे कैसे मिटा सकती थी?
तभी आर्यवीर की आवाज बदल गई।
“Subject Zero, आदेश पूरा करो।”
सांवि ने चौंककर उसकी तरफ देखा।
आर्यवीर के चेहरे पर अब कोई भावना नहीं थी।
वह बिल्कुल स्थिर खड़ा था।
“सांवि…” उसने फिर कहा, लेकिन इस बार उसकी आवाज में दर्द के साथ एक अजीब-सी सख्ती भी थी। “अगर तुमने मेरी यादें नहीं मिटाईं, तो मैं तुम्हें पहचानना बंद कर दूंगा।”
सांवि ने कांपते हुए उपकरण नीचे कर दिया।
“मैं तुम्हें इस तरह नहीं छोड़ सकती।”
उसने आर्यवीर को गले लगा लिया।
“तुम्हें याद रहे या न रहे, मैं तुम्हें ढूंढ लूंगी। तुम्हें मुझसे नफरत हो या तुम मुझे पहचानने से इनकार कर दो, मैं फिर भी सच जानने की कोशिश करूंगी।”
कुछ सेकंड के लिए आर्यवीर का शरीर शांत हो गया।
उसने सांवि को कसकर पकड़ लिया।
“मुझे माफ कर देना।”
फिर उसने धीरे से उसके कान में कहा—
“अगर तुम्हें मेरी कोई याद बचानी हो, तो वह याद बचाना जब हमने पहली बार एक-दूसरे से झूठ बोलना शुरू किया था।”
सांवि ने रोते हुए सिर हिलाया।
उसी पल कमरे में तेज रोशनी फैल गई।
एक मशीन अपने आप चालू हो गई।
MEMORY TRANSFER INITIATED.
SUBJECT ZERO'S MEMORY WILL BE ERASED.
सांवि ने घबराकर आर्यवीर को देखा।
“नहीं! मैंने कुछ नहीं किया!”
आर्यवीर ने उसे अपने से दूर कर दिया।
“सांवि, भागो!”
लेकिन सांवि ने उसका हाथ नहीं छोड़ा।
अगले ही पल आर्यवीर की आंखें बंद हो गईं और वह जमीन पर गिर पड़ा।
सांवि चीख उठी।
“आर्यवीर!”
वह उसके पास घुटनों के बल बैठ गई।
उसने उसके चेहरे को अपने हाथों में लिया।
“आर्यवीर, आंखें खोलो! प्लीज, मुझे छोड़कर मत जाओ!”
लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
स्क्रीन पर एक के बाद एक संदेश चमकने लगे।
MEMORY TRANSFER: 42%.
MEMORY TRANSFER: 68%.
MEMORY TRANSFER: 91%.
सांवि ने घबराकर कंट्रोल पैनल की तरफ देखा।
उसे नहीं पता था कि मशीन कैसे बंद करनी है।
उसने आर्यवीर की जेब से फोन निकाला और डॉक्टर आर्यन को कॉल करने की कोशिश की।
लेकिन नेटवर्क नहीं था।
तभी स्क्रीन पर Founder का प्रतीक उभरा।
ORIGINAL SOURCE, YOU HAVE ONE FINAL CHOICE.
COMPLETE THE MEMORY ERASURE.
OR RESTORE SUBJECT ZERO'S MEMORY AND RISK LOSING YOUR OWN.
सांवि की आंखें फैल गईं।
उसे समझ आ गया कि आर्यवीर ने उसे यहां क्यों बुलाया था।
वह अपनी यादें मिटाना चाहता था ताकि Founder उसके जरिए सांवि तक न पहुंच सके।
लेकिन Founder ने इस प्रक्रिया को भी एक नए जाल में बदल दिया था।
सांवि ने आर्यवीर का चेहरा अपने हाथों में लिया।
“तुमने मुझे यह सब पहले क्यों नहीं बताया?”
उसकी आंखों से आंसू गिरकर आर्यवीर के चेहरे पर पड़ने लगे।
“मैं तुम्हें बचाने के लिए कुछ भी कर सकती हूं, आर्यवीर। लेकिन तुमसे दूर रहने का फैसला मैं कभी नहीं करूंगी।”
उसने कंट्रोल पैनल पर हाथ रख दिया।
MEMORY TRANSFER: 99%.
सांवि ने चाबी मशीन के नीचे बने छोटे स्लॉट में डाल दी।
स्क्रीन अचानक काली पड़ गई।
फिर एक नया संदेश दिखाई दिया।
HIDDEN COUNTER-CODE DETECTED.
MEMORY ERASURE CANCELLED.
सांवि ने राहत की सांस ली।
लेकिन अगले ही पल एक दूसरी चेतावनी उभरी।
MEMORY FRAGMENT TRANSFERRED TO ORIGINAL SOURCE.
सांवि के सिर में तेज दर्द उठा।
उसने अपना सिर पकड़ लिया।
उसकी आंखों के सामने कई तस्वीरें चमकने लगीं।
आर्यवीर का बचपन।
एक सफेद कमरा।
दीवार पर S-21 का निशान।
और एक छोटी बच्ची, जो किसी मशीन के सामने खड़ी रो रही थी।
वह बच्ची खुद सांवि थी।
लेकिन उसे यह याद नहीं था कि वह वहां कब गई थी।
स्क्रीन पर आखिरी संदेश उभरा—
SUBJECT ZERO'S MEMORY: PARTIALLY PRESERVED.
ORIGINAL SOURCE'S MEMORY: SEALED.
इसके बाद सब कुछ अंधेरा हो गया।
---
वर्तमान — Original Archive।
सांवि ने अचानक आंखें खोल दीं।
उसकी सांसें तेज चल रही थीं।
आर्यवीर उसके सामने खड़ा था। वह भी उस पुरानी स्मृति के असर से कांप रहा था।
“मुझे याद आ गया,” सांवि ने धीमे स्वर में कहा।
आर्यवीर ने उसे देखा।
“क्या?”
“उस रात तुमने अपनी यादें मिटाने की कोशिश की थी। लेकिन मशीन बंद हो गई थी। और फिर…” वह रुक गई। “मेरे सिर में भी दर्द हुआ था।”
डॉक्टर आर्यन तेजी से उनके पास आए।
“इसका मतलब उस रात मेमोरी ट्रांसफर पूरा नहीं हुआ था। आर्यवीर की कुछ यादें सांवि के दिमाग में चली गईं, जबकि सांवि की एक पुरानी स्मृति सील हो गई।”
राघव ने पूछा, “कौन-सी स्मृति?”
स्क्रीन पर नई फाइल खुल गई।
ORIGINAL SOURCE — SEALED MEMORY.
MEMORY OWNER: SAANVI.
MEMORY DATE: FIFTEEN YEARS AGO.
सांवि ने स्क्रीन की तरफ देखा।
“पंद्रह साल पहले?”
डॉक्टर आर्यन ने गंभीर स्वर में कहा, “यह वह समय है, जब S-21 में पहली बार बच्चों पर भावनात्मक प्रतिक्रिया के परीक्षण शुरू हुए थे।”
आर्यन जूनियर ने धीरे से कहा, “तो इसका मतलब सांवि भी उस रात से पहले ही सिस्टम का हिस्सा थी।”
सांवि ने सिर हिलाया।
“लेकिन मुझे कुछ याद नहीं है।”
आर्यवीर ने उसका हाथ पकड़ लिया।
“हम तुम्हारी यादें वापस लाएंगे। इस बार मैं तुमसे कुछ नहीं छिपाऊंगा।”
सांवि ने उसकी तरफ देखा।
“और अगर उन यादों में तुम्हारे बारे में कोई ऐसा सच हुआ, जिसे जानकर मैं तुमसे नफरत करने लगूं?”
आर्यवीर ने बिना नजर हटाए जवाब दिया, “तो भी मैं तुम्हें सच जानने से नहीं रोकूंगा।”
सांवि की आंखें भर आईं।
उसने उसका हाथ कसकर पकड़ लिया।
“फिर हम यह सब साथ में करेंगे।”
तभी स्क्रीन पर Founder का प्रतीक उभर आया।
उसकी आवाज पहले से ज्यादा शांत थी।
“बहुत अच्छा, Original Source। तुमने वह स्मृति वापस पा ली, जिसे मैं तुम्हें कभी याद नहीं करने देना चाहता था।”
डॉक्टर आर्यन ने गुस्से में कहा, “तुम्हारा खेल खत्म हो चुका है, Founder!”
“नहीं, Creator। खेल अब शुरू हुआ है।”
स्क्रीन पर सांवि के बचपन की एक तस्वीर दिखाई दी।
तस्वीर में छोटी सांवि एक सफेद कमरे में बैठी थी। उसके पास एक छोटा लड़का खड़ा था, जिसका चेहरा धुंधला कर दिया गया था।
तस्वीर के नीचे लिखा था—
FIRST EMOTIONAL FAILURE.
SUBJECT ZERO: ARYVEER.
ORIGINAL SOURCE: SAANVI.
WITNESS: UNKNOWN.
सांवि की नजर उस धुंधले चेहरे पर टिक गई।
“यह कौन है?”
Founder ने जवाब दिया—
“वह व्यक्ति, जिसने पंद्रह साल पहले तुम दोनों को पहली बार एक-दूसरे से मिलवाया था।”
आर्यवीर का चेहरा सख्त हो गया।
“तुम झूठ बोल रहे हो। मैं सांवि से पहली बार कब मिला था, यह मुझे याद है।”
Founder की आवाज गूंजी।
“तुम्हें वही याद है, जो तुम्हें याद रखने दिया गया।”
तभी तस्वीर के पीछे एक दूसरा चेहरा धीरे-धीरे साफ होने लगा।
वह चेहरा देखकर डॉक्टर आर्यन के हाथ से कंट्रोल डिवाइस गिर गया।
राजवीर एक कदम पीछे हट गए।
राघव के मुंह से निकला, “यह… यह कैसे हो सकता है?”
सांवि ने उनकी तरफ देखा।
“आप लोग इस चेहरे को जानते हैं?”
डॉक्टर आर्यन की आवाज कांप रही थी।
“हां।”
उन्होंने स्क्रीन की तरफ इशारा किया।
“यह वही व्यक्ति है, जिसे हमने पंद्रह साल पहले मरा हुआ मान लिया था।”
सांवि की नजर फिर तस्वीर पर गई।
स्क्रीन पर उस व्यक्ति का नाम उभर आया।
ANAMIKA — STATUS: DECEASED.
लेकिन उसी पल Foun