The Seven Doors - 5 in Hindi Horror Stories by Sarvesh Saxena books and stories PDF | The Seven Doors - 5

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The Seven Doors - 5


कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा एंजेल, रशेल और ब्रैवो तीसरे दरवाजे यानी खौफनाक जानवरों की दुनिया में जंगली जानवरों से लड़ते हुए चौथे दरवाजे तक पहुंच जाते हैं l

अब आगे....

एंजेल, रशेल और ब्रैवो तीसरे दरवाजे को पार कर के अब चौथे दरवाजे में आ चुके थे और यह दुनिया थी अंधेरे और काले सायों की दुनिया यहां कभी सुबह नहीं होती थी, हमेशा अंधेरा रहता था, ब्रैवो रोने लगा और बोला कि, "उसे अंधेरे में कुछ दिखाई नहीं पड़ता, यहां पर कुछ उजाला करो लेकिन एंजेल और रशेल ने उसे बहुत समझाया तब जाकर वह चुप हुआ l वह दूर तक अंधेरे में चलते गए चलते गए तभी अचानक उन्हें दो लाल गोले से चमकते दिखाई दिए और बच्चे गोलों की तरफ चल दिये, गोलों के पास पहुंचते ही उनसे कोई टकराया पर टकराने पर उन्हें सामने कुछ भी नहीं दिखा कि तभी एक बूढ़े व्यक्ति की आवाज आई, उसका चेहरा बच्चों को बिल्कुल भी नहीं दिख रहा था l उस बूढ़े व्यक्ति ने कहा, "तुम यहां से भाग जाओ बच्चों, यहां से कोई जिंदा नहीं लौट पाता" तभी एंजेल को छड़ी की याद आई उसने धीरे से छड़ी निकाली और उसे रोशनी करने के लिए कहा छड़ी से तुरंत रोशनी हुई लेकिन बस कुछ ही पल के लिए, उतने में सब ने बूढ़े को देखा तो डर गया क्योंकि बूढ़ा तो था ही नहीं, वह एक काला साया था और ये गोले उस साये की आंखे थीं l बूढ़े ने बताया कि हम अंधेरी दुनिया के लोग ऐसे ही होते हैं, इतना कहकर वह गायब हो गया l

बच्चे भी आगे बढ़ने लगे उन्हें दूर दूर तक सिर्फ अंधेरा दिखता और कभी कभी दो लाल आँखे l काफी देर चलते चलते वो एक जगह रुक गए, वो आगे बढ़ने की कोशिश करते पर वो लोग हिल ही नहीं पा रहे थे तभी उन लोगों ने बुढ़िया को याद किया l

बुढ़िया ने कहा कि, "बच्चों मुझे माफ करना, अब तुम लोग कभी लौट नहीं पाओगे, मुझे माफ करना!! मैं कुछ नहीं कर सकती क्योंकि जो किताब तुम पढ़ रहे थे वो यही तक थी, उसके आगे के पन्ने फट चुके थे और वो कहानी यही तक थी l" बुढ़िया ने कहा कि "अब पांचवा दरवाजा जब तक प्रकट नहीं होगा, जब तक वह पन्ने उस किताब तक नहीं पहुंचते या फिर कोई उस कहानी को समय रहते ही बिल्कुल पहले जैसा पूरा कर दे" यह कहकर बुढ़िया गायब हो गई l

बच्चों ने वापस अपनी दुनिया में लौटने की उम्मीद छोड़ दी और बुढ़िया का पोता जो दस सालों से अब तक यहीं कहीं होगा, उसे भी ढूंढ नहीं पाएंगे ऐसा कहकर वह एक दूसरे को देख कर रोने लगे तभी वहां वह बूढ़ा फिर आ गया और बोला," मैंने कहा था लौट जाओ, पर तुम नहीं माने अब तुम तभी आगे बढ़ोगे जब तुम आगे की कहानी ढूंढ सको जो हमारे राजा के पास है, मैं तुम्हें वहां तक पहुंचा सकता हूं लेकिन इसके जिम्मेदार तुम ही होगे", बच्चों ने हंसकर हां में सर हिलाया l वह बच्चों को लेकर अपने राजा के पास चला आया जहाँ चारों ओर अंधेरा था, सिंहासन बहुत ऊंचा और उसके ऊपर काले साये लटक रहे थे l

राजा के चारों ओर अंधेरी हवा लहरा रही थी, बस चार बड़ी-बड़ी कढ़ाई में तेल गरम हो रहा था जो शायद भोजन की तैयारी हो पर उनकी लकड़ियों में आग की गर्मी तो थी लेकिन आग से जलती लकड़ियों से भी रोशनी की जगह अंधेरा ही निकल रहा था l

बूढ़े ने बताया कि, "राजा के सिंहासन के नीचे एक अंधेरे का बक्सा है, किताब के पन्ने उसी में है, पर जो बक्सा दिखता नहीं उसे तुम कैसे ढूंढोगे"? तभी एंजल बोली, "कोई तो उपाय होगा? आप हमें रास्ता दिखाएं और बताएं कि हम कहानी को कैसे पूरी कर सकते हैं"? इस पर बूढ़े ने उदास होकर कहा, "सिंहासन के नीचे तीन बार में उस बक्से में हाथ ना लगा पाए तो वह किताब हमेशा के लिए नष्ट हो जाएगी,अब जल्दी करो, जाओ"!!!

तीनों बच्चे अलग अलग होकर चुपके से राजा और उनके अंधेरे सैनिकों की चमकती लाल आंखों से बचकर आगे बढ़ने लगे तभी पीछे से अंधेरे सैनिकों ने आकर रशेल और एंजेल को पकड़ लिया और अंधेरे राजा के पास ले गए l ब्रैवो छोटा था इसलिए उसे अंधेरे सैनिक देख नहीं पाए, वो वही चलता जा रहा था, अब कुछ घंटे बाकी थे दूसरी दुनिया में जाने के लिए, रशेल और एंजेल को बांध दिया गया l उन्होंने अपनी छड़ी निकाली और सारी अंधेरी दुनिया में आग लगाने को कहा पर छड़ी से रोशनी के बजाय और अंधेरा निकलने लगा, राजा हंसने लगा और बोला, "तुम दोनों मेरी शक्ति का अंदाजा भी नहीं लगा सकते, मुझे मारने आए हों हाहाहा, अब मरने के लिए तैयार हो जाओ, सैनिकों इन दोनों को उबलते तेल में डाल दो" l

बच्चे घबरा गए और कुछ देर बाद बोले, "अगर तुम इतने ही बलशाली हो तो यहां आकर हमसे लड़ो पर अकेले", राजा हां करके आगे बढ़ा, उसका सिंहासन खाली हो गया और जब तक ब्रैवो सिंहासन के नीचे बक्सा ढूंढने लगा l उसने पहली बार हाथ डाला एक अंधेरा बक्सा प्रकट हुआ, जिसे खोलते ही उसमे हीरे मोती चमक उठे, घबराते हुए उसने दूसरा बक्सा ढूंढ़ निकाला तो उसमें से हजारों चमगादड़ निकलने लगे और इधर उधर उड़ने लगे l अब ब्रैवो भगवान को सच्चे दिल से याद करने लगा l

उधर एंजेल और रशेल राजा का ध्यान भटकाने के लिए बारी बारी से वार करते और छुप जाते तभी राजा ने ब्रैवो को देख लिया और उसकी ओर दौड़ा, ब्रैवो राजा को देखकर और घबरा गया और उसने फिर से सिंहासन के नीचे तीसरी बार हाथ रखा तो देखा किताब के बाकी पन्ने एक बक्से में प्रकट हो गए l वो चिल्लाया, मिल गया... उसने सारे पन्ने एंजेल की ओर फेंक दिए तभी रशेल ने बुढ़िया को याद किया क्योंकि वक्त कम था l बुढ़िया प्रकट हो गई और जैसे ही बुढ़िया ने मंत्र पढ़ा पन्ने हवा में चमकने लगे, तेज रोशनी हो गई सारे अंधेरे सैनिक रोशनी पड़ते ही मरने लगे l राजा ने ब्रैवो को पकड़ लिया और मारने लगा l बुढ़िया गायब हो गई, पन्ने भी गायब होने लगे और राजा फिर से बलशाली होने लगा तभी एंजेल और रशेल ने मिलकर दोनों ने छड़ी को जलने के लिए कहा, छड़ी एकदम जली और ऊपर जाकर घूमने लगी, राजा को छोड़कर सब मर गए छड़ी राजा के ऊपर जैसे ही गई वैसे ही बुझ गई और वापस आ
गई l

राजा ने कहा, "अब तुम लोग इस लड़के को नहीं बचा सकते हा हा हा, एंजेल और रशेल ब्रैवो को छुड़ाने के लिए भागे तभी ब्रैवो चिल्लाया," दरवाजा... दरवाजा... वो देखो..., वक्त बहुत कम था पर दोनों बच्चे पहले ब्रैवो को बचाना चाहते थे पर ब्रैवो मना करता रहा कि तुम लोग दरवाजे में जाओ पर वो दोनों नहीं माने तभी चौथा दरवाजा प्रकट हुआ और उसमें से तेज लाल रोशनी होने लगी और राजा कमजोर होने लगा लेकिन वक्त हाथों से रेत की तरह फिसलता जा रहा था इसलिए एंजेल और रशेल चौथे दरवाजे की ओर भागे तभी अंधेरे राजा ने जोर जोर से हंसते हुए ब्रैवो को उबलते तेल की कढ़ाई में डाल दिया, ब्रैवो चीख चीख कर रोने तड़पने लगा और तुरंत जलकर मर गया तभी दरवाजा भी धीरे-धीरे बंद होने लगा, बच्चे तेजी से दरवाजे की ओर भागने लगे और दरवाजा बंद होने ही वाला था वो दोनों दरवाजे में घुस गए और अंधेरे का राजा लकड़ी से उठते अंधेरे में घुसकर गायब हो गया दोनों बच्चे बहुत रो रहे थे, उनका छोटा प्यारा दोस्त मर गया, जिससे वह अपने साथ ले जाना चाहते थे और बहुत प्यार करते थे पर अब क्या हो सकता था जो होना होता है वह तो हो ही जाता है l बच्चों ने उदास मन से ब्रैवो को अलविदा कहा और इश्वर से उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और अगली दुनिया यानी पांचवें दरवाजे में प्रवेश कर गए l

आगे की कहानी अगले भाग में....



कहानी पढ़ने के लिए आप सभी मित्रों का आभार l
कृपया अपनी राय जरूर दें, आप चाहें तो मुझे मेसेज बॉक्स मे मैसेज कर सकते हैं l

?धन्यवाद् ?

? सर्वेश कुमार सक्सेना