इंटरनेट वाला लव - 7 in Hindi Love Stories by Mehul Pasaya books and stories Free | इंटरनेट वाला लव - 7

इंटरनेट वाला लव - 7

"नमश्कार गुड मॉर्निंग कल रात 9 बजे एक ऐक्सीडेंट मे दो लोग मरे गय है और एक बेहोश पडे है हॉस्पिटल मे और जहा ऐक्सीडेंट हुआ वहा से पता चला है की यह ऐक्सीडेंट हुआ नही है करवाया गया है और वहा उस टाईम पे कोई भी नही था शोक ने वाली बात यह है की उस वक़्त कोई नही था जिस वक़्त ऐक्सीडेंट हुआ फिर भी हम हमारे लिये और आम जनता के लिये पुलिस बैठी है और पुलिस वहा जा पहुची है और भी चान भीन कर रहे है"

"गुड मॉर्निंग हितेश बेटा और येह कौनसी जगह पे ऐक्सीडेंट हुआ है"

"हा मम्मा ये जगह ना सिटी की है और येह सिटी हमारि कंपनी के दो किलोमिटर्स दूर आगे है बस ये ऐक्सीडेंट वहा हुआ है"

"अच्छा सुनो बेटा तुम जाओ ना तो संभाल के जाना क्यू की ऐसे ऐक्सीडेंट का कोई भरोसा नही"

"रिलैक्स मम्मा ऐसा कुच नही होता बस सब रुल फोल्लॉव नही करेंगे तो यही होगा ना हर एक दिन नया ऐक्सीडेंट आते है न्यूज़ मे और जहा तक टीवी मे बताया जा रहा है की येह ऐक्सीडेंट करवाया गाया है हुआ नही है"

"हा बेटा ये तो है लोग ना रुल नही फोल्लॉव करेंगे तो यही हालत होगी देखोना तुरंत इन्सान की जान चली गय दो लोगो की"

"हा मम्मा पर क्या करे लोगोको ना ध्यान नही रेहता खुद्का तो केसे चलेगा खुद्की भी कोई कोई परवाह होती है ऐसे केसे हर कोई ऐक्सीडेंट मे जान गवाह बैठेगा पर ये ना लोगोको समझ कहा आता है पर मम्मा रिलैक्स जो मर गय है वोह तो वापस आ नही सकते ना बस वोह एक इन्सान हॉस्पिटल मे है वोह ठीक हो जाये तो बहुत अच्छा है"

"इश्वर करे ऐसा ही हो ओके बेता तुम अब चाय कॉफ़ी पी लो"

"हा मम्मा लाओ और हा आज थोडा जल्दी निकल ना है ऑफ़िस ओके क्यू की एक जरुरी काम है हमे तो नाश्ता भी बना देते तो अच्छा रेहता और हा मे कॉल करके समीर को बुला लेता हू ठीक ही मम्मा"

"हा और नाश्ता भी हम ने बना दिया है आओ वोह भी कार्लो तुमको लेट होगा"

"हा भाई भाई बस ठीक आपके सामने देखो"

"अरे समीर तुम्हे ही कॉल कर रहा था आओ साथ मे नाश्ता करके ऑफ़िस निकल ते है ओके"

अरे नही भाई हम नाश्ता करके आये है बस आप कार्लो तो हम चलेंगे"

"अरे नही तुम भी बैठो चलो नाश्ता कर्लो चलो चलो  बैठो थोडा सा कर्लो ओके"

"ओके भाई"

"अरे समीर बेटा अब ज्यादा बोलो मत और शुरु करो नाश्ता तुम लोगो को लेट हो रहा है ना पर हा। आराम से वरना ऐसा ना हो की जल्दी जल्दी मे खाना गले के अन्दर फश जाये ओके सो तुम लोग जाना हम आते है बहार देखना पडेगा हो क्या रहा है"

"ओके मम्मा"

"जी आंटी"

"और हा जब हम वापस आयेंगे तो मस्त खाना बना के रखना ओके मम्मा"

"ठीक है बेटा बना देंगे पर तुम लोग आ जाओगे तब क्यू पहले से ही बना रखेंगे तो खाना ठंडा हो जायेगा"

"ओके आंटी जी अब हम चलते है चलो भैया हो गया अपका"

"हा समीर हो गया"


To be continue...


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