Poor friendship - 2 in Hindi Love Stories by Harsh Parmar books and stories PDF | गरीब की दोस्ती - 2

Featured Books
  • Safar e Raigah - 7

    منظر ۔ اچھا تو تم ہسپتال تب سے جانے والے ہو تم بس ایک مُسافر...

  • شائستگی

       آنکھیں ہم آنکھیں ملنے نکلے ہیں۔ ہم کون سا...

  • Safar e Raigah - 6

    باب شاہمیر کی دنیا ہمیشہ سے ہی اس کے اسکول کی کتابوں اور پرا...

  • زندہ

    انتظار کر رہا ہے۔میرے نازک دل کو توڑ کر تم پوچھ رہے ہو میں ک...

  • طلاق شدہ لڑکی (قسط نمبر 2)

    آج پھر وہ آفس سے لیٹ گھر پہنچا تھا....ایسا نہیں تھا کے وہ آف...

Categories
Share

गरीब की दोस्ती - 2

आगे आपने पढ़ा की सिला के साथ क्या क्या हुआ।
जब सिला के पापा ने सिला के साथ किसी अंजान लड़के को देखा । तो वो एकदम से चौक गये और गुस्से हो गए। फिर सिला के पापा ने सिला को बोला ये लड़का कोन है। ये तुमको कही लेकर गया था इसने तेरे साथ कुछ किया तो नही ना ऐसा वैसा सुनाया सिला को । फिर राजू को बिना किसी बजह बहुत सुना दिया और राजू को एक दो थप्पड़ मार दिया। सिला ने अपने पापा को बोला की पापा मेरी बात तो सुनो पहले पर सिला के पापा कोई बात नही सुन रहे थे । सिला ने रोते हुए अपने पापा को बोला की पापा राजू ने मेरे साथ कुछ गलत नही किया है । बल्कि उसने मेरी जान बचाई है । मेरी फ्रेंड ने मुझको चाय मे कुछ पिलाके जंगल मे छोड़ गई थी। वहा मुझको शेर खा जाता अगर राजू वहा ना आता तो । सिला ने अपने पापा को सब बता दिया तब जाकर सबको अच्छा लगा।

सिला के पापा को फिर भी राजू पर शक हो रहा है की इसने कुछ किया है सिला के साथ | फिर वो राजू को गुस्से से देखके अपने कमरे मे चले जाते है | फिर राजू वहा से निकलता है तब सिला उसके पीछे जाती है और बोलती है रुको राजू आप ऐसे नही जा सकते है फिर राजू ने कहा की नही अब मुझे निकलना चाहिए वरना बहुत देर लग जायेगी गॉव पहुँचने मे | फिर राजू वहा से निकलता है और अपने गॉव आ जाता है |

राजू अपने घर आता है तब राजू की माँ बोलती है बेटा सिला को अपने घर तक छोड़ आया फिर राजू ने कहा हाँ माँ सिला को अपने घर छोड़ आया | फिर राजू की माँ खाना लगाती है और राजू को खाना देती है | राजू खाने बैठता है पर उसको सिला के पापा की बात सामने आती है तब राजू को खाने का मन भी नही होता है फिर राजू बिना खाकर ही सो जाता है | राजू की माँ आती है खाने का बर्तन लेने तब राजू की माँ परेसान होती है की राजू बिना खाये ही कैसे सो गया | राजू की माँ ने राजू को जगाया और बोला की बेटा खाना तो खाले राजू ने बोला माँ आज मे बहुत थक गया हु खाने का मन नही है | माँ ने बोला बेटा थोड़ा तो खाले | राजू ने कहा माँ मुझे जरा सी भी भूख नही है | फिर राजू की माँ ने बहुत कोशिश की लेकिन राजू ने खाना नही खाया फिर राजू की माँ परेसान होकर सो गई|

दिन बीत ते गए राजू जंगल मे से लकड़िया काट के अपना और अपने परिवार का खर्चा चलाता | एक दिन की बात है उस दिन राजू जंगल मे से लड़किया काट के बेचने जाता है तब उसे रास्ते मे कुछ हादसा होते हुए देखता है | तब राजू अपनी लकड़िया को नीचे रखके वहा पहुँचता है और देखता है की एक लड़का का अपनी बाइक से एक्सिडंट हुआ है और वो बेहोश हुआ हो गया था | तब उसके आसपास कोई नही था | राजू ने एक रिक्शा वाले को आते हुए देखके रिक्शा रोका और बोला भाई इसका एक्सिडंट हो गया है उसको हॉस्पिटल लेने जाना है रिक्शा वाला भी दिल का अच्छा आदमी था उसने मना नही किया और वो उसको हॉस्पिटल लेकर चले अपने गॉव मे |


हॉस्पिटल मे लेकर आने के बाद केस बारी पे गया और बोला साहब केस लिखना है तो केस लिखने वाले ने कहा केस लिखने के लिए पैसे 500 रुपये लगेगे | तब राजू ने अपने घर के लिए थोड़े पैसे बचाये थे उस मे से 10 रुपये की नोट थी वो सब निकाली और केस लिखने वालो को बोला भाई इस मे से रखलो | केस लिखने वाला भी राजू को देखके बोला भाई इतनी 10 की नोट नही ले सकता राजू ने कहा साहेब मेरे पास यही है और कुछ नही है फिर उसने 10 की जितनी नोट थी वो गिना तो करीब 800 रुपये थे उस मे से 500 रुपये ले लिया और बाकी के 300 रुपये राजू को दे दिया फिर केस लिख दिया | फिर डॉक्टर ने उस लड़के का ईलाज करना सुरु किया | रिक्सा वाला भी वही पर था रिक्शा वाले ने राजू को बोला भाई अब मे चलता हु और मुझे रिक्सा का भाडा नही चाहिए राजू ने अपनी जेब से 10 रुपये की 5 नोट निकाली और कहा भाई रखलो रिक्शा वाले ने मना कर दिया फिर रिक्शा वाला वहा से चला गया | राजू लड़के के पास मे खडा था | लड़के को अभी भी होश नही आया था | डॉक्टर ने ईलाज किया फिर डॉक्टर राजू के पास आये और बोले लड़के के पैर मे फेक्चर हो गया है उसको साम तक होश आ जायेगा | फिर डॉक्टर ने कहा लड़के को होश आये उसके बाद मे उसको हल्का सा खाना खिलाना जैसे दाल चावल राजू ने बोला साहेब ठीक है |

फिर राजू ने सोचा होश आने मे टाइम लगेगा तो उसने कम्पाउंडर को बोला साहेब मे खाना लेकर आता हु आप उसका ध्यान रखना कम्पाउंडर ने कहा ठीक है पर जल्दी आना राजू ने कहा साहेब जल्दी आ जाऊंगा खाना लेकर | फिर राजू सीधा हॉस्पिटल से अपने घर आकर माँ को बोलता है माँ दाल और चावल बनादो जल्दी मुझे हॉस्पिटल जाना है माँ ने कहा की हॉस्पिटल क्यु बेटा तो राजू ने सब बात बताई फिर माँ ने जल्दी से खाना बनाया और राजू खाना लेकर हॉस्पिटल आ गया |

लड़के को अभी तक होश नही आया था 1 घंटे बाद लड़के को होश आया तब राजू उसके पास मे बैठा था राजू ने लड़के का हाथ पकड़ कर बोला भाई आपको जल्दी ठीक हो जायेगा | लड़के ने बोला आप कोन हो भाई राजू ने कहा मे यही गॉव मे रहता हु और मे लड़किया लेकर बेचने जा रहा था तब रास्ते मे आपका एक्सिडंट हुआ था | लड़के ने राजू को हाथ जोड़ा और भाई का धन्यवाद माना राजू ने कहा भाई मुझे हाथ जोड़के सर्मिंदा ना करो मेरा फर्ज था वो निभाया है मैने |
फिर राजू ने उसको खाना खिलाया फिर उसको आराम करने को बोला | लड़के ने कहा मे घर पे कोल कर लेता हु फिर आराम कर लेता हु लड़का अपने पापा को कोल करके बताता है की पापा मेरा एक्सिडंट हो गया है और मे इस हॉस्पिटल मे हु वो बताया फिर उसने कोल कट करदी |



आगे के पार्ट के लिए थोड़ा इंतजार कीजिये 🙏🙏

स्टोरी अच्छी लगी हो तो कृपया रेटिंग और कंमेंट् जरूर दीजीयें 🙏🙏