नीम का पेड़ (पार्ट 6) in Hindi Short Stories by किशनलाल शर्मा books and stories Free | नीम का पेड़ (पार्ट 6)

नीम का पेड़ (पार्ट 6)

20---माँ का दर्द
उस औरत को गाय से चिढ़ थी।गाय को देखते ही वह डंडा लेकर उसे मारने के लिए दौड़ पड़ती।उस औरत के हाथ मे डंडा देखते ही गाय भाग जाती।औरत की पहुंच से दूर।लेकिन उसका बछड़ा पीछे रह जाता।वह औरत भागकर बछड़े को एक दो डंडे जड़ ही देती।ऐसा प्रायः रोज ही होता था।।मां के सामने बच्चा पिटे तो मां को दर्द होगा ही।उस गाय को भी होती थी।पर क्या करे?
एक दिन गाय रोज  की तरह खाने की तलाश में कॉलोनी में घूम रही थी।तभी उसकी नज़र कोठी के बाहर खेलते उस औरत के बच्चे पर पड़ी।बच्चे को। देखते ही गाय के मन मे औरत को सबक सिखाने का विचार मन मे आया।वह बच्चे  के पास गई और सींग मारकर भाग गयी।
बच्चा रोने लगा।बच्चे को रोता देखकर वह तड़प उठी।
21---रोटी
कॉलोनी मे घूम रही गाय की नज़र एक कोठी के बाहर पड़ी रोटियों पर पड़ी।जैसे ही वह रोटी खाने को हुई एक कुत्ता भोंकता हुआ चला आया।उस कुत्ते की आवाज सुनकर कॉलोनी के दूसरे कुत्ते भी  भोंकते हुए दौड़े  चले आये।कुत्तो ने गाय को चारों तरफ से घेर लिया।कुत्तो से बचने के लिए गाय कभी आगे,कभी पीछे,कभी दांये कभी बांये होने लगी।कुत्ते भोंकते हुए उसके करीब  आ जाते।बड़ी मुश्किल से वह सींग हिलाकर उन्हें पीछे धकेलती।
गाय समझ गयी अगर वह कमजोर पड़ी तो कुत्ते उसे नोच खाएंगे।उसने कुत्तो से मुकाबला करने का फैसला किया।जो कुत्ता सबसे पहले आया था।गाय उसे सींग मारने के लिए भागी।कुत्ता गाय से बचने के लिए भागा। कुत्ता आगे गाय पीछे।जैसे तैसे कुत्ता अपनी जान बचाकर भाग छुटा।उस कुत्ते को भागता देखकर दूसरे कुत्ते भी भाग गए।
गाय आराम से रोटी खाने लगी।
22--प्रस्ताव
"मिस मैं आपसे एक डील के लिए मिलना चाहता हूँ।"
"आप कौन बोल रहे है और मुझसे कैसी डील करना चाहते है?"प्रभा उस आदमी की बात सुनकर बोली।
"फोन पर समझाना मुश्किल है।आप समय निकालकर होटल मिनर्वा आ जाइये।आमने सामने बैठकर बात हो जाएगी।"
उस आदमी की बात सुनकर प्रभा ने कुछ देर सोचा।फिर बोली,"ठीक है।"
और प्रभा होटल मिनर्वा पहुंच गयी थी।
"मेरा नाम रमाकांत है।"उस आदमी ने प्रभा को अपना परिचय दिया था।
"किस डील की बात कर रहे थे।"प्रभा ने बात की शुरुआत की थी।
"मैं फ़िल्म और टी वी की  हिरोइनों के लिए कॉर्डिनेटर  का काम करता हूँ।"
"कॉर्डिनेटर मतलब?"प्रभा को रना कांत की बात का मतलब समझ मे नही आया।
"कॉरपोरेट जगत और राजनीतिक लोगो मे फिल्मी कलाकारों की बहुत डिमांड है।वे लोग एक रात के चंद घण्टो के लिए पांच  से दस लाख रुपये तक देने के लिए तैयार रहते है।"
"तो क्या तुमने मुझे  कॉलगर्ल समझ रखा है।"रमा  कांत की बात का आशय समझ मे आने पर प्रभा उखड़ गयी।
"आप अभी फ़िल्म लाइन में नयी आयी है इसलिए मेरी बात सुनकर नाराज हो रही है।"रमा कांत कुछ फिल्मी हीरोइन और साइड हीरोइनों के नाम बताते हुए बोला,"मैं सब के लिए काम करता हूँ।आप मेरे से डील कर लेगी तो छः महीने में ही मालामाल हो जाएगी।"
"चले जाओ वरना मैं पुलिस
"पुलिस की ज़रूरत नही।मैं जा रहा हूँ,"रमा कांत  बोला,"विचार जरूर करना मेरी बात पर
प्रभा ने सुना था।काम नही मिलने पर कुछ  हीरोइन ऐसा भी करती है।आज उसे यकीन हो गया था

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S Nagpal

S Nagpal 3 weeks ago